हिंदुओं को लौटाई जाएं मंदिर तोड़कर बनाई गई मस्जिदें: शिया वक्फ बोर्ड


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अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में जारी सुनवाई के बीच उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने फरवरी 28 को कहा कहा कि मंदिर गिराकर बनाए गई मस्जिदों को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए। रिजवी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के चेयरमैन मौलाना राबे हसन नदवी को लिखे पत्र में मुस्लिम बोर्ड से राम मंदिर सहित नौ धार्मिक विवादित स्थलों को हिंदुओं को सौंपने का अनुरोध किया है। 
रिज़वी तो 9 मस्जिदों के लिए बोल रहे हैं, जबकि विश्व हिन्दू परिषद् प्रारम्भ से ही अयोध्या, काशी और मथुरा हिन्दुओं को वापस करने के बदले 5997 मस्जिदों, कब्रिस्तान(ताज महल आदि) और दरगाहों को छोड़ने की बात कह रही है, अन्यथा समस्त 6000 लेकर ही रहेंगे। हकीकत यह है कि कुछ कट्टरपंथी अपनी चौथराहट के कारण समस्त मुस्लिम समाज को भ्रमित कर माहौल ख़राब करने में व्यस्त हैं। जिनके पास सिवाए मस्जिद चिल्लाने के कुछ भी सबूत नहीं। 
अवलोकन करें:--

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार अक्सर अपने लेखों में स्पष्ट लिखता रहा हूँ कि अयोध्या, काशी और मथुरा मुद्दे पर उग्र रूप...
NIGAMRAJENDRA28.BLOGSPOT.PE
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक रिजवी ने अपने पत्र में कहा है कि इस्लामिक कानूनों के तहत जबरन ली गई भूमि या दूसरे धर्म के स्थलों को नष्ट कर मस्जिदों का निर्माण करना अवैध है।
रिजवी ने अपने पत्र में देश भर में विवादित नौ धार्मिक स्थलों का जिक्र किया है। रिजवी ने दावा किया है कि इतिहास का अध्ययन करके उन्होंने उक्त मस्जिदों का उल्लेख किया है जिन पर विवाद है। रिजवी ने कहा, 'इतिहास गवाह है कि मुगल बादशाहों और उनसे पहले हिंदुस्तान आए सुल्तानों ने हिंदुस्तान को लूटा, यहां हुकूमत की और तमाम मंदिरों को तोड़ा, कुछ मंदिरों को तोड़ कर वहां मस्जिदें बनवा दीं।'
रिजवी ने अपने पत्र में उन 9 मस्जिदों का जिक्र किया है जिन पर विवाद है- 
1. राम मंदिर- अयोध्‍या, यूपी
2. केशव देव मंदिर- मथुरा, यूपी
3. अटाला देव मंदिर- जौनपुर, यूपी
4. काशी विश्‍वनाथ मंदिर- वाराणसी, यूपी
5. रुद्रा महालय मंदिर- बटना, गुजरात
6. भद्रकाली मंदिर- अहमदाबाद, गुजरात
7. अदीना मस्‍ज‍िद- पंडुवा, पश्चिम बंगाल
8. विजया मंदिर- विदिशा, मध्‍य प्रदेश
9. मस्‍जिद कुवतुल इस्‍लाम- कुतुब मीनार, दिल्‍ली
इसके पहले, उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने प्रस्ताव पेश किया कि राम मंदिर का निर्माण विवादित स्थल पर और मस्जिद का निर्माण लेखनऊ में किया जाए। 

स्‍वामी ने श्रीदेवी की मौत का कनेक्‍शन दाऊद इब्राहिम से जोड़ा


सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने श्रीदेवी की मौत का कनेक्‍शन दाऊद इब्राहिम से जोड़ा
आर.बी.एल.निगम, फिल्म समीक्षक 
एक कहावत है "Death has no calendar", लेकिन कुछ मौतें अपने पीछे अनसुलझे प्रश्न छोड़ जाती हैं। भारतीय फिल्म जगत में एक से बढ़ एक भयानक मौत हुई है,लेकिन इतनी चर्चा नहीं हुई, जितनी श्रीदेवी की। भारत से लेकर दुबई तक एक के बाद एक आए बयानों के कारण ही मौत पर संदेह होने प्रारम्भ होना स्वाभाविक है। फिर श्रीदेवी पहली नायिका नहीं है, जो दुबई गयी। पहले भी गयी होंगी, परन्तु अचानक हुई मौत ने पर्दा ही गिरा दिया। कुछ वर्ष पूर्व तक जब मीडिया इतना सशक्त नहीं था। खैर इतिहास के पृष्ठ खोलने की जरुरत नहीं, बात निकलेगी तो बहुत दूर तक जाएगी, न जाने कितनों का आत्मसम्मान कलंकित हो जायेगा। वैसे भी डॉ स्वामी की बात में बहुत दम है।  
श्रीदेवी की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनकी मौत दुर्घटनावश बाथटब में गिरकर डूबने से हुई है. साथ ही उनके ब्लड में अल्‍कोहल की मात्रा भी पाई गई है. पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट के बाद से ही कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए हैं. इसी कड़ी में अब बीजेपी सांसद और प्रसिद्ध वकील सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने भी श्रीदेवी के मौत पर सवाल उठाते हुए नया मोड़ दे दिया है. एएनआई के अनुसार स्वामी ने इस मामले पर बयान दिया है, 'हमें इंतजार करना चाहिए कि प्रॉसिक्‍यूशन क्‍या तथ्‍य सामने रखते हैं. मीडिया में आ रहे तथ्‍य भरोसे लायक नहीं हैं. वह हार्ड लिकर नहीं लेती थीं, तो वह उनके शरीर में कैसे पाया गया? सीसीटीवी कैमरों का क्‍या हुआ? डॉक्‍टर अचानक मीडिया के समाने आ गए और उन्‍होंने कह दिया कि उनकी मौत कार्डिएक अरेस्‍ट से हुई है.'
सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने इस मामले पर अंडरवर्ल्‍ड डॉन दाऊद का भी नाम लिया है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार उन्‍होंने कहा, 'सिनेमा एक्‍ट्रेसेस के दाऊद से जो रिश्‍ते हैं, हमें उस पर भी थोड़ा ध्‍यान देना चाहिए.'




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Cinema actresses aur Dawood ke jo rishte hain, naajayaz rishte hain us par hamein thoda dhyaan dena padega: Subramanian Swamy

बता दें कि दुबई पुलिस ने श्रीदेवी की मौत का केस दुबई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को ट्रांसफर कर दिया है. दुबई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने श्रीदेवी के परिवार से पूछताछ भी की है. बता दें कि 54 वर्षीय अभिनेत्री दुबई में अपने भांजे की शादी में गईं थी, जहां उनकी मौत हो गई. सोमवार शाम को जारी की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत बाथटब में डूबने की वजह से हुई जिसके बाद इस केस को दुबई पब्लिक प्रोसिक्यूशन (डीपीपी) को सौंप दिया गया है. अब इस मामले की जांच डीपीपी द्वारा की जा रही है. इस मामले में डीपीपी बोनी कपूर के बयान के बाद मोहित मारवाह के परिवार से भी बयान ले सकता है.
लम्बी कानूनी प्रक्रिया के कारण देरी -- नवदीप सूरी, युएई में भारतीय राजदूत 
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की डैड बॉडी दुबई से कब तक मुंबई आएगी ये कहना अभी मुश्किल है। यूएई में भारत के एम्बेसडर नवदीप सूरी का कहना है कि दुबई पुलिस से मंजूरी मिलने के बाद ही श्रीदेवी की बॉडी फैमिली को सौंपी जाएगी। उनकी डैड बॉडी को दुबई से मुंबई लाने में लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण देरी हो रही है। मौत पर लगाई जा रही अटकलों को किया खारिज
एम्बेसडर नवदीप सूरी ने बीती रात ट्वीट कर श्रीदेवी की मौत की वजहों को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही है उन्हें खारिज किया है। उन्होंने लिखा कि श्रीदेवी की अचानक हुई मौत को मीडिया ज्यादा दिलचस्प बनाकर पेश कर रहा है। लेकिन इस तरह की अटकलें लगाने से कोई मदद नहीं मिलेगी। गलती कर रही है मीडिया। उन्होंने लिखा ध्यान रहे, हम स्थानीय प्रशासन से मिलकर कोशिश कर रहे हैं कि श्रीदेवी की डैड बॉडी को कैसे जल्दी से जल्दी इंडिया भेजी जा सके। इतना ही नहीं हम श्रीदेवी की फैमिली के साथ रेग्यूलर संपर्क में हैं। उन्होंने लिखा कि कुछ ऐसे ही पिछले केसों के अनुभव से पता चलता है कि पूरी प्रक्रिया होने में करीब 2-3 दिन का वक्त लगता है। उन्होंने आखिर में ये भी लिखा कि मौत के कारणों का पता लगाने का काम एक्सपर्ट्स का है, ये उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए।
बाथटब में डूबने से हुई मौत
Sridevi Death Mystery: ये 10 सवाल बोनी कपूर के लिए खड़ी करेंगे मुसीबत
श्रीदेवी की पार्थिव देह फरवरी 27 को मुंबई लाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट में सोमवार को खुलासा हुआ कि उनकी मौत कार्डिएक अरेस्ट से नहीं बल्कि बाथटब में डूबने से हुई। इसके बाद, अब मामला पुलिस ने पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया गया है। उनकी परमिशन के बाद ही बॉडी को भारत भेजा जाएगा। उधर, यह भी खबर आ रही है कि श्रीदेवी की मौत के वक्त बोनी कपूर होटल के रूम में मौजूद थे। मामले में उनसे भी पुलिस ने पूछताछ की है। 
बोनी कपूर के लिए सिरदर्द बन सकते हैं ये प्रश्न :--
सवाल 1- बोनी कपूर अपने भांजे की शादी में वाइफ और छोटी बेटी के साथ दुबई गए थे। लेकिन शादी खत्म होते ही वो वापस मुंबई आ गए। आखिर वो एक दिन के लिए श्रीदेवी को छोड़कर वापस क्यों चले गए? फिर वापस श्रीदेवी को सरप्राइज देने के लिए दुबई क्यों गए?
सवाल 2- डॉक्टर्स ने सवाल उठाया है कि अगर बाथटब में गिरने से मौत हुई है तो श्रीदेवी की बॉडी पर खरोंच के निशान क्यों नहीं हैं?
सवाल 3- आखिर श्रीदेवी ने कितनी शराब पी रखी थी कि उनका खुद पर कंट्रोल नहीं था? क्योंकि उनके फैमिली फ्रेंड अमर सिंह ने बयान दिया है कि श्रीदेवी कभी भी हार्ड ड्रिंक (शराब) नहीं लेती थीं, हालांकि पब्लिकली कभी-कभार वाइन का सेवन कर लेती थीं।
सवाल 4- तो क्या ये संभव है कि किसी ने श्रीदेवी को फोर्सफुली शराब पिलाई हो और बाथटब में फेंक दिया हो?
सवाल 5- बाथरूम में श्रीदेवी के घुसने से पहले ही बाथटब पानी से क्यों भरा था? क्या जानबूझकर बाथटब पानी से भरा गया?
सवाल 6- जांच में पता चला कि बोनी कपूर ने सबसे पहले डॉक्टर्स को फाेन लगाने के बजाय दोस्त को कॉल किया था। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया?
सवाल 7- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाथटब में डूबने से मौत की बात समझ से परे है। क्योंकि वो बाथटब था, कोई स्वीमिंग पूल नहीं, जिसमें एक नॉर्मल इंसान गिरकर उठ न पाए।
सवाल 8- भांजे की शादी खत्म होने के बाद श्रीदेवी अपनी बहन के साथ दुबई में ही रुक गई थी। वो अपनी बहन के साथ कुछ समय बिताना चाहती थीं। लेकिन मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि श्रीदेवी बीते 48 घंटे से होटल से बाहर ही नहीं निकली थीं।
सवाल 9- जब रात 9 बजे श्रीदेवी के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया था, तो फिर सारी दुनिया को ये खबर आधी रात के बाद क्यों बताई गई?
अब तक नहीं मिले इन सवालों के जवाब...
मौत के 72 घंटे बाद मुंबई पहुंचेगी श्रीदेवी की बॉडी, नहीं मिले इन सवालों के जवाबसवाल 1- बोनी कपूर अपने भांजे की शादी में वाइफ और छोटी बेटी के साथ दुबई गए थे। लेकिन शादी खत्म होते ही वो वापस मुंबई आ गए। आखिर वो एक दिन के लिए श्रीदेवी को छोड़कर वापस क्यों चले गए? फिर वापस श्रीदेवी को सरप्राइज देने के लिए दुबई क्यों गए?
सवाल 2- डॉक्टर्स ने सवाल उठाया है कि अगर बाथटब में गिरने से मौत हुई है तो श्रीदेवी की बॉडी पर खरोंच के निशान क्यों नहीं हैं?
सवाल 3- आखिर श्रीदेवी ने कितनी शराब पी रखी थी कि उनका खुद पर कंट्रोल नहीं था? क्योंकि उनके फैमिली फ्रेंड अमर सिंह ने बयान दिया है कि श्रीदेवी कभी भी हार्ड ड्रिंक (शराब) नहीं लेती थीं, हालांकि पब्लिकली कभी-कभार वाइन का सेवन कर लेती थीं।
सवाल 4- तो क्या ये संभव है कि किसी ने श्रीदेवी को फोर्सफुली शराब पिलाई हो और बाथटब में फेंक दिया हो?
सवाल 5- बाथरूम में श्रीदेवी के घुसने से पहले ही बाथटब पानी से क्यों भरा था? क्या जानबूझकर बाथटब पानी से भरा गया?
सवाल 6- जांच में पता चला कि बोनी कपूर ने सबसे पहले डॉक्टर्स को फाेन लगाने के बजाय दोस्त को कॉल किया था। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया?
सवाल 7- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाथटब में डूबने से मौत की बात समझ से परे है। क्योंकि वो बाथटब था, कोई स्वीमिंग पूल नहीं, जिसमें एक नॉर्मल इंसान गिरकर उठ न पाए।
सवाल 8- भांजे की शादी खत्म होने के बाद श्रीदेवी अपनी बहन के साथ दुबई में ही रुक गई थी। वो अपनी बहन के साथ कुछ समय बिताना चाहती थीं। लेकिन मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि श्रीदेवी बीते 48 घंटे से होटल से बाहर ही नहीं निकली थीं।
सवाल 9- जब रात 9 बजे श्रीदेवी के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया था, तो फिर सारी दुनिया को ये खबर आधी रात के बाद क्यों बताई गई?

सवाल 10 - होटल स्टाफ ने बातचीत में बताया है कि करीब रात 10.30 बजे श्रीदेवी ने पानी ऑर्डर किया था। सर्वर करीब 15 मिनट में रूम पर पहुंचा। उसने डोर बेल बजाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका के चलते उसने होटल का अलार्म बटन दबा दिया और दरवाजा तोड़ा। श्रीदेवी बाथरूम फ्लोर पर गिरी पड़ी थीं। उनकी पल्स चल रही थी। उस समय 11 बज रहे थे। ऐसे में होटल स्टाफ का बयान एक नई मिस्ट्री को जन्म देता है। इस पूरे बयान में बोनी कपूर गायब हैं।

पुलिस ने खंगाली कॉल डिटेल्‍स, होटल के रूम नंबर 2201 की हुई दोबारा जांच

श्रीदेवी की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही पुलिस ने होटल जुमेराह अमीरात टॉवर के रूम नंबर 2201 में घटनाओं के उस क्रम को दोबारा गढ़ने की कोशिश की, जिनके चलते श्रीदेवी की मौत हुई. इसके साथ ही श्रीदेवी की कॉल डिटेल्‍स को खंगाला गया है और होटल स्‍टाफ से पूछताछ की गई है. उस वक्‍त मौजूद श्रीदेवी के परिजनों के भी बयान लिए जाने की खबरें हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दुबई पुलिस पोस्‍टमार्टम के बाद उठे सवालों की जांच के लिए ऐसा कर रही है. सारे सवालों का जवाब तलाशने के बाद ही संभवतया  बॉडी भारत भेजी जाएगी.
पुलिस इतनी गहन जांच इसलिए भी कर रही है क्‍योंकि दुबई के नियमों के मुताबिक किसी भी व्‍यक्ति की मौत यदि अस्‍पताल के बाहर होती है तो उस मामले की पूरी जांच की जाती है, भले ही मौत के नेचुरल कारण हों. होटल के कमरे की जांच के बाद उसको सील कर दिया गया है. जांच पूरी होने तक श्रीदेवी की बॉडी अल कुसैस मुर्दाघर में रहेगी.
मौत के मामले में नया मोड़
इससे पहले रूपहले पर्दे की खूबसूरत अभिनेत्री श्रीदेवी की आकस्मिक मौत के मामले को नाटकीय मोड़ देते हुए दुबई की सरकार ने सोमवार को कहा कि उनकी मौत होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने से हुई. पहले ये कहा जा रहा था कि कार्डिएक अरेस्‍ट की वजह से उनकी मौत हुई. उसके बाद दुबई सरकार ने ट्विटर पर लिखा कि पुलिस ने मामला 'दुबई लोक अभियोजन' को सौंप दिया है जो इस तरह के मामलों में अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगा.
दुबई सरकार के मीडिया अधिकारी ने ट्विटर पर कहा, ''पोस्टमार्टम विश्लेषण होने के बाद दुबई पुलिस मुख्यालय ने बताया कि भारतीय अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत उनके होटल के कमरे में बाथटब में बेहोश होने के बाद डूबने से हुई.'' अभिनेत्री का शव लाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए भारतीय दूतावास एवं वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रयास कर रहे हैं.
बड़ा सवाल
अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि 54 वर्षीय अभिनेत्री किस कारण से बेहोश हुईं और क्या दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत की शुरूआती खबर सच है. उनकी मौत से पूरे देश में उनके प्रशंसक और फिल्म जगत हैरान हैं. दुर्घटनावश डूबने की खबर से श्रीदेवी की मौत को लेकर बना रहस्य और गहरा गया है. उनके परिवार ने अभिनेत्री की मौत के बाद दिए गए शुरूआती बयान के बाद से कुछ नहीं कहा है और मीडिया से दुख के इस समय में उन्हें अकेला छोड़ देने का अनुरोध किया है. श्रीदेवी के परिवार में उनके पति फिल्म निर्माता बोनी कपूर और दो बेटियां हैं.
दुबई के अखबार गल्फ न्यूज ने एक खबर में यह भी कहा कि श्रीदेवी की मौत नशे की हालत में दुर्घटनावश बाथटब में डूबने से हुई. अखबार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर यूएई सरकार की फोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी. रिपोर्ट में मौत की वजह दुर्घटनावश डूबना बताई गई है. पोस्ट के साथ फोरेंसिक रिपोर्ट की एक कॉपी भी लगाई गई है, जिस पर यूएई स्वास्थ्य मंत्रालय और दुबई के निवारक दवा निदेशक की मुहर लगी है.
अखबार ने अपनी खबर में एक्‍ट्रेस का पूरा नाम ''श्रीदेवी बोनी कपूर अय्यपन'' उनके पासपोर्ट का नंबर, हादसे की तारीख और मौत की वजह बताई है.
गल्फ न्यूज ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ''फोरेंसिक रिपोर्ट में केवल डूबने की बात कही गयी है, इसलिए हादसे से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने की अब भी कोशिश की जा रही है.'' यह पूछे जाने पर कि शव कब देश लाया जा सकता है, सूरी ने कहा कि कोई समय सीमा देना मुश्किल है क्योंकि यूएई के अधिकारी अपनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं.

रामू ने खोले श्रीदेवी की जिंदगी के राज, 'बोनी की मां ने सरेआम मारा था पेट में घूंसा'

 श्रीदेवी की पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनकी मौत दुर्घटनावश बाथटब में डूबने से हुई है. इसके साथ ही उनकी मौत पर कई दिग्‍गजों ने सवाल उठाए हैं. ऐसे में अब राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी को फैन्‍स के नाम एक लव-लेटर लिखा है. इस लेटर में राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी की जिंदगी से जुड़े कई निजी तथ्‍य भी सामने रखे हैं. राम गोपाल वर्मा ने अपने इस पत्र में लिखा, 'बोनी की मां ने श्रीदेवी को दुनिया के सामने घर तोड़ने वाली औरत के तौर पर दिखाया और उन्‍हें बोनी की पहली पत्‍नी के साथ गलत करने के लिए एक पांच सितारा होटल की लॉबी में सबके सामने पेट में घूंसा मारा.'

मां के गलत फैसलों ने श्रीदेवी को किया था कंगाल
अपने इस पत्र के एक हिस्‍से में राम गोपाल वर्मा ने लिखा, 'उस दौरान एक्‍टर्स को केवल ब्‍लैकमनी ही मेहनताने के तौर पर मिलती थी. और टैक्‍स रेड्स के डर से कैसे श्रीदेवी के पिता ने दोस्‍तों और रिश्‍तेदारों पर भरोसा कर पैसे लुटाए और उनके पिता की मौत के बाद हर किसी ने उन्‍हें धोखा दे दिया. इसके साथ ही उनकी मां ने पैसा इनवेस्‍ट करने को लेकर कई गलत फैसले लिए, और इन सारे गलत फैसलों ने श्रीदेवी को कंगाल बना दिया. इस दौरान उनकी जिंदगी में बोनी आए. हालांकि वह खुद भी कर्ज में डूबे हुए थे और श्रीदेवी को सिर्फ सहारे का कंधा ही दे सकते थे.' अपने इस पत्र में राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी की जिंदगी के कई राज लिखे हैं.

'श्रीदेवी एक नाखुश महिला थीं'- राम गोपाल वर्मा
इस पूरे समय के दौरान सिर्फ 'इंग्लिश विंग्लिश' के कुछ समय को छोड़कर, वह एक नाखुश महिला थीं. भविष्‍य की अनिश्‍चितताएं, निजी जिंदगी में आने वाले कई उतार-चढ़ाव जैसी चीजों ने उनकी जिंदगी में कई गहरे निशान छोड़ दिए थे, जिसके बाद वह कभी शांति से नहीं रहीं. बचपन में ही इस इंडस्‍ट्री का हिस्‍सा बनने की वजह से वह कई परेशानियों से गुजरीं, जिंदगी उन्‍हें कभी बढ़ने और शांत रहने का मौका नहीं दे पाई. बाहरी शांति से ज्‍यादा उनके भीतर की शांति काफी अहम थी, जो उन्‍हें नहीं मिली.'

धोखों ने बनाया था श्रीदेवी को वहमी
उन्‍होंने अपने इस लेटर में लिखा, 'श्रीदेवी दरअसल महिला के शरीर में जकड़े एक बच्‍चे की तरह थीं... वह एक व्‍यक्ति के तौर पर काफी मासूम थीं, लेकिन अपने बुरे अनुभवों के चलते वह काफी वहमी भी हो गई थीं. उनकी मौत पर लगाए जा रहे कयासों को एक तरफ रखते हुए, मैं अक्‍सर किसी की मौत पर 'आत्‍म को शांति मिले' नहीं कहता हूं, लेकिन उनके मामले में यह कहना चाहता हूं क्‍योंकि मैं यह मानता हूं कि आखिरकार अब जाकर उन्‍हें अंतिम शांति मिलेगी, जैसी उन्‍हें जीते हुए कभी नहीं मिली.'



अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा, चेहरे पर चोट के निशान और सूजन

दिल्‍ली: मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा, चेहरे पर चोट के निशान और सूजन
दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश की
मेडिकल रिपोर्ट में उन्‍हें चोटें लगने की बात सामने आई 
दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर कथित तौर पर मारपीट के मामले में यह बात सामने आई है कि इस हाथापाई के दौरान चीफ सेक्रेटरी को चोटें आईं. मंगलवार देर रात उनका मेडिकल टेस्ट कराया गया था, जिसमेें खुलासा हुआ है कि उनके शरीर पर चोट के निशान हैं. मेडिकल रिपोर्ट में अंशु के माथे के दाएंं तरफ चोट के निशान, दोनों कानों के पीछे सूजन, होठों पर चोट के निशान, दाएं गाल पर सूजन की बात कही गई है. 
इस मामले के सामने आने के बाद दिल्‍ली पुलिस ने मंगलवार देर रात आप विधायक प्रकाश जरवाल को गिरफ्तार कर लिया, जबकि ओखला से विधायक अमानतुल्‍ला खान ने बुधवार को खुद जामिया नगर थाने में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उन्‍हें भी गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जा रहा है कि दिल्‍ली पुलिस दोनों विधायकों को तीस हजारी कोर्ट में पेश करेगी.
प्रकाश जरवाल को मंगलवार देर रात  उनके देवली स्थित घर से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उनसे सिविल लाइंस पुलिस स्‍टेशन में पूछताछ की गई थी. 
Anshu Prakash
दिल्‍ली के मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश
 की मेडिकल रिपोर्ट
केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन से भी पूछताछ
इस मामले में पुलिस नेे सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन से भी पूछताछ की. दिल्ली पुलिस कमिश्‍नर ने इस मामले को लेकर गृह सचिव से मुलाकात की. वहीं, IAS एसोसिएशन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने का वक्त मांगा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि आईएएस एसोसिएशन राष्ट्रपति से मुलाकात कर किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं.
एलजी से मिले शीला दीक्षित और अजय माकन
उधर, गृह मंत्रालय ने इस पूरे मामले को लेकर दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल अनिल बैजल से रिपोर्ट मांगी है. इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. इस प्रकरण को लेकर दिल्‍ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्‍यक्ष अजय माकन और दिल्‍ली की पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित ने आज एलजी से मुलाकात की.
दिल्‍ली पुलिस ने दर्ज की थी आप विधायकों पर एफआईआर
दरअसल, दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया था कि सोमवार रात मुख्यमंत्री के आवास पर एक बैठक के दौरान आप विधायक अमानतुल्ला खान और अन्य ने उन पर हमला किया था. प्रकाश की शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने खान और अन्य के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी.
मुख्‍य सचिव ने जातिसूचक टिप्पणियां कीं- विधायक जरवाल और अयज दत्‍त का दावा
इससे पहले, देवली के विधायक जरवाल और अंबेडकर नगर के आप विधायक अजय दत्त ने दावा किया कि नौकरशाह ने जातिसूचक टिप्पणियां कीं. उन्होंने उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में एक शिकायत भी दर्ज कराई है. आप के अंबेडकर नगर के विधायक अजय दत्त ने अंशु प्रकाश के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी करने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि प्रकाश ने यह टिप्पणी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर बैठक के दौरान की. प्रकाश का आरोप है कि इसी बैठक में उनके साथ मारपीट की गई थी. दत्त ने अपनी शिकायत में कहा है कि मुख्य सचिव ने सोमवार रात हुई बैठक में दुर्व्यवहार किया और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया.
If this is letter from CS is authentic and if the account is even half true, then it is one of the lowest moments in our democratic governance. CS being assaulted in CMs house in his presence! Responsibility cannot be limited to some MLAs, the CM should also be held responsible.
योगेंद्र यादव ने लिखी चिट्ठी
'लाभ के पद' मामले में 20 आप विधायकों को निर्वाचन आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए जाने की सिफारिश को स्वराज इंडिया ने कानूनी तौर पर सही बताते हुए इसे देर से आया सही निर्णय बताया है. पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि विधायकों की यह अवैध नियुक्ति संवैधानिक नियमों का तकनीकी उल्लंघन मात्र नहीं, बल्कि केजरीवाल के राजनीतिक भ्रष्टाचार और अनैतिकता का भी परिचायक है. इसके साथ ही पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने एक चिट्ठी लिखी है.
Related imageकेजरीवाल माफी मांगें, नहीं तो अधिकारी किसी भी बैठक में नहीं होंगे शामिल- ऑफिसर्स एसोसिएशन
मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कुछ आप विधायकों के कथित हमले को लेकर नाराज नौकरशाहों ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस घटना को लेकर माफी नहीं मांगेंगे तब तक वे केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगियों द्वारा बुलाई जाने वाली बैठकों का बहिष्कार करेंगे. अधिकारियों की तीन एसोसिएशनों... आईएएस (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस), डीएएनआईसीएस (दिल्ली अंडमान एंड निकोबार आईलैंड्स सिविल सर्विस) तथा डीएसएसएस (दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सलेक्शन बोर्ड) ने मंगलवार रात एक बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया है. प्रस्ताव में कहा गया है कि वे आम आदमी पार्टी के मंत्रियों के साथ लिखित में संवाद बनाए रखेंगे ताकि लोक सेवा आपूर्ति में कोई व्यवधान न हो.
केजरीवाल के सामने मारपीट की गई, कोई बचाने नहीं आया- मुख्‍य सचिव अंशु प्रकाश
उल्‍लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि आम आदमी पार्टी(आप) के विधायक अमानतुल्लाह खान और एक अन्य विधायक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने उनके सरकारी आवास में उनसे मारपीट की थी. उन्होंने कहा कि वह मारपीट करने वाले एक अन्य विधायक की पहचान कर सकते हैं. आम आदमी पार्टी (आप) ने हालांकि इन आरोपों से इंकार किया है और कहा कि मुख्य सचिव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं. प्रकाश ने मंगलवार को पुलिस शिकायत में कहा, "विधायक अमानातुल्लाह खान और मेरी बाई तरफ खड़ा विधायक/व्यक्ति, जिसकी पहचान मैं कर सकता हूं, ने मेरी तरफ से बिना किसी उकसावे के मुझे पीटना शुरू कर दिया. उन्होंने मुझे मेरे सिर और कनपटी पर कई बार मारा." प्रकाश ने कहा, "इस दौरान मेरा चश्मा जमीन पर गिर गया और मैं पूरी तरह 'सदमे की स्थिति' में पहुंच गया." उन्होंने कहा, "घटना के बाद मैं किसी तरह कमरे से बाहर जाने, अपने आधिकारिक कार में बैठने और मुख्यमंत्री आवास को छोड़ने में सफल हुआ." मुख्य सचिव ने अपनी शिकायत में कहा कि कमरे में उपस्थित किसी ने भी मुझे बचाने का प्रयास नहीं किया.

आधी रात को सीएम ने विधायकों और चीफ सेक्रेटरी को क्यों घर बुलाया, क्या थी इमरजेंसी

सड़क से लेकर सियासी हलके में यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि आखिर ऐसी क्या जरूरत पड़ गई थी कि मुख्यमंत्री ने रात 12 बजे मुख्य सचिव को अपने घर तलब कर लिया. न तो आपातकालीन स्थिति है और न ऐसा कोई मामला जिसमें तुरंत निर्णय लेने की जरूरत थी. इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के 11 विधायकों को बुलाने के बाद मुख्य सचिव को भी वहां पहुंचने का फरमान क्यों जारी कर दिया.
आप के विधायकों पर मारपीट का आरोप लगा है. इसलिए सरकार की मंशा पर सवाल भी उठने लगे हैं. गौरतलब है कि केजरीवाल का अधिकारियों के साथ शुरू से विवाद रहा है. सत्ता में आने पर पहले मुख्य सचिव डीएम स्पोलिया, एमएम कुट्टी, कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गैमलिन के अलावा धर्मपाल, अश्वनी कुमार, केशव चंद्रा, केआर मीणा से भी विवाद रहा है. केशव चंद्रा और अश्वनी कुमार ने उपराज्यपाल को लिख कर भी दे दिया था कि उन्हें सरकार से हटा दिया जाये. वहीं अब अंशु प्रकाश के साथ विवाद के बाद विपक्ष ने मुख्यमंत्री केजरीवाल की मंशा पर सवाल उठाया है और बैठक के सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग की है.
अपनी सरकार के प्रचार के लिये मुख्य सचिव को किया था तलब
वहीं दिल्ली सरकार के साथ ही आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अपने बचाव में यह सफाई दे रहे हैं कि बैठक राशन वितरण की समस्या पर थी, लेकिन इस सफाई पर विपक्ष को विश्वास नहीं हो रहा है. उनका कहना है कि अदालत के दिशा-निर्देश का उल्लंघन कर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का प्रचार कराने के लिये मुख्य सचिव को तलब किया था. अब सरकार अपनी करतूत छिपाने के झूठे बहाने बना रही है. विपक्ष व अधिकारियों का कहना है कि यदि राशन वितरण का मामला था तो उस विभाग से संबंधित अधिकारी और मंत्री को बुलाया जाना चाहिए था.
मुख्य सचिव के साथ मारपीट थी पूर्व नियोजित
अंशु प्रकाश ने भी थाने में जो शिकायत की है उसके अनुसार भी बैठक केजरीवाल सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर टीवी चैनलों को विज्ञापन देने को लेकर थी. दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि यह केजरीवाल सरकार का आतंक है. मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट पूर्व नियोजित थी. इतनी रात को मुख्य सचिव को अपने आवास पर बुलाने की जरूरत क्यों पड़ी. इसलिए इस हिंसक घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. केजरीवाल को बैठक से जुड़ी सीसीटीवी की रिकॉर्डिग सार्वजनिक करनी चाहिए. यह एक तरह का सरकारी आतंक है.
नाकामियों को लेकर चार मार्च को आंदोलन करने जा रही है कांग्रेस
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन का कहना है कि सरकार प्रत्येक मोर्चे पर नाकाम रही है. सरकार की नाकामियों के खिलाफ कांग्रेस चार मार्च को आंदोलन करने जा रही है. इसे लेकर सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई थी. इसके दबाव में आकर सरकार को देर रात बैठक बुलानी पड़ी.
कपिल ने सिसोदिया को घेरा
आम आदमी पार्टी के बागी विधायक व पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सुबह एक ट्वीट कर हड़कंप मचा दिया. कपिल मिश्र ने न केवल केजरीवाल बल्कि मनीष सिसोदिया को भी कठघरे में खड़ा कर दिया. उन्होंने सूचना एवं जन संपर्क के सचिव डॉ. जयदेव सारंगी का 15 दिसंबर 2017 का एक पत्र भी अपने ट्विटर पर जारी किया जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि मुख्य सचिव के सामने मनीष सिसोदिया ने उनको कहा था कि सारंगी तुम्हारा जीना हराम कर दूंगा. यही नहीं सारंगी ने पत्र में अपने ऊपर जान का खतरा भी बताया था. उन्होंने अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए पद से हटने की भी बात पत्र में लिखी थी. यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग के विज्ञापन से जुड़ा था. सारंगी ने पत्र में लिखा था कि मैं विभिन्न पोस्ट पर रहा और मुझे माफिया से धमकी मिली,  लेकिन पहली बार एक उच्च पदासीन व्यक्ति से धमकी मिली जिसके लाखों समर्थक हैं.
इन धाराओं में दर्ज किया केस
मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, सरकारी कर्मचारी के सरकारी कामकाज काम में बाधा पहुंचाने, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान चोट पहुंचाने, मारपीट करने, कमरे में बंधक बनाने व कई लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. इनमें दो धाराएं गैर जमानती हैं. यानी आरोपियों को गिरफ्तार करने पर उन्हें कोर्ट से ही जमानत मिल सकती है.
प्रकाश जारवाल ने मुख्य सचिव के खिलाफ की शिकायत
वहीं देवली से आप विधायक प्रकाश जारवाल ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के खिलाफ थाना संगम विहार और एससी-एसटी आयोग में भी शिकायत दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सोमवार रात मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर बुलाई गई बैठक के दौरान अंशु ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे और हाथापाई भी की.
त्वरित परिणाम के लिए जाने जाते हैं अंशु प्रकाश
मालूम हो कि दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का नाम नौकरशाही में महत्वपूर्ण फैसलों के लिये जाना जाता है. वह अपने विनम्र स्वभाव के लिए जाने जाते हैं. अरुणाचल-गोवा-मिजोरम एवं केंद्र शासित प्रदेश कैडर के 1986  के आईएएस अधिकारी अंशु प्रकाश दिल्ली की केजरीवाल सरकार आने के बाद चौथे मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले वह केंद्र सरकार के अधीन ग्रामीण विकास विभाग में अतिरिक्त सचिव के तौर पर कार्य कर रहे थे. वह दिल्ली के एकीकृत निगम में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. दिल्ली की पूर्ववर्ती सरकार शीला दीक्षित के समय में वह स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव भी रहे हैं. वह अंडमान निकोबार में भी स्वास्थ्य सचिव थे.
भारत सरकार में भी काम कर चुके हैं अंशु प्रकाश
अंशु प्रकाश के साथ कार्य करने वाले अधिकारी बताते हैं कि वह बहुत ही त्वरित परिणाम देने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सह सचिव रहते हुए मानसिक स्वास्थ्य समेत कैंसर, मधुमेह, आपातकालीन स्वास्थ्य लाभ और आपदा प्रबंधन समेत जन स्वास्थ्य को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम किया है. इन्हीं के कार्यकाल में मानसिक स्वास्थ्य बिल को भी संसद से मंजूरी मिली थी.
Image result for arvind kejriwal with anshu prakashसहयोगियों का रखते हैं ख्याल
अंशु प्रकाश के साथ नगर निगम में काम कर चुके अतिरिक्त आयुक्त (सेवानिवृत्त) दीपक हस्तीर बताते हैं कि अंशु प्रकाश को अपने सहयोगियों से कार्य लेना आता है. बात उन दिनों की है जब मैं जोन उपायुक्त था तो उस समय अंशु प्रकाश मेरे वरिष्ठ अधिकारी थे. वह न केवल अधिकारियों की परेशानी समझते थे, बल्कि किसी काम को कैसे किया जा सकता है उसके उपाय भी बताते थे. अगर देर शाम की बैठक में कोई महिला अधिकारी हिस्सा लेती थीं तो सुनिश्चित करते थे कि कोई निगम के कर्मचारी उन्हें घर तक सुरक्षित छोड़कर आये.
अवलोकन करें :--

दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ आप के विधायकों द्वारा हाथापाई किए जाने का मामला सामने आया है. दिल्ली की अरव....
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वहीं आप विधायक प्रकाश जारवाल ने मुख्‍य सचिव पर गाली-गलौच और जातिसूचक शब्‍द कहने का आरोप लगाया है. आप नेता आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि सचिवालय में लोगों ने उनसे मारपीट की है. उन्होंने बताया कि भीड़ ने मंत्री इमरान हुसैन को भी घेर लिया था. सचिवालय में लगातार 'मारो-मारो' के नारे लगाए जा रहे थे. आशीष खेतान ने दिल्ली पुलिस को भी फोन कर इसकी शिकायत की, जिसके बाद पर मौके पर आई पुलिस ने मामले को शांत कराया. वहीं आप नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि आज लोग सचिवालय में घुस गए, मारपीट की जा रही है. बीजेपी जिंदाबाद के नारे लग रहे हैं. यह सारी चीज़ें यही इशारा करती है कि यह सब सुनियोजित है.

Image result for arvind kejriwal with anshu prakashकेजरीवाल के सामने मुख्य सचिव के साथ मारपीट! मनोज तिवारी बोले-'यह आतंक है'

दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा, 'मुझे यह लगता है मुख्य सचिव के साथ हुई मारपीट पूर्व नियोजित थी। मुख्य सचिव को 12 बजे रात में बुलाने की क्या जरूरत थी। इस हिंसक घटना की शीर्ष स्तर पर जांच होनी चाहिए। केजरीवाल सरकार को बैठक से जुड़ी सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए। ये एक तरह का आतंक है।' भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, 'दिल्ली के इतिहास में यह काला दिन है और यहां संवैधानिक संकट पैदा हो गया है।'
टाइम्स नाउ को सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में आप के सभी विधायक मौजूद थे और केजरीवाल की मौजूदगी में यह मुख्य सचिव के साथ बदसलूकी की गई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कम से कम दो विधायकों ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट की। इनमें से एक विधायक ने मुख्य सचिव का कॉलर पकड़ा और उन्हें धक्का दिया। बताया जा रहा है कि हमला करने वाले दोनों विधायक केजरीवाल के सहयोगी अमानतुल्लाह खान के करीबी हैं। 

एक भाई जेल में तो दूसरा जेम्‍स बॉन्‍ड को खिला रहा पान मसाला

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
रोटोमैक ब्रांड के नाम से कलम बनाने वाली कंपनी के प्रवर्तक विक्रम कोठारी के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है। कोठारी तथा उनकी कंपनी के खिलाफ सीबीआई के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय ने अलग-अलग मामले दर्ज किये हैं। ये मामले 2008 से सात बैंकों के साथ कुल 3,695 करोड़ रुपए के कर्ज में धोखाधड़ी करने से संबंधित हैं। सीबीआई ने बैंक आफ बड़ौदा से कानपुर की रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड उसके निदेशक विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी साधना कोठारी और उनके बेटे राहुल कोठारी तथा अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायत के बाद मामला दर्ज किया। शुरू में अनुमान था कि यह घोटाला 800 करोड़ रुपए का हो सकता है। लेकिन सीबीआई की कंपनी के खातों की जांच शुरू होने के बाद यह पाया गया कि कंपनी ने कथित रूप से बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक आफ इंडिया, इलाहबाद बैंक तथा ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स से ज्यादा कर्ज लिए और और यह गड़बड़ी इससे कहीं अधिक की है।
किसी को गिरफ्तार नहीं किया
सीबीआई का कहना है कि इन आरोपियों ने सातो बैंकों से प्राप्त 2,919 करोड़ रुपए के लोन की हेराफेरी की है। केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि उन पर ब्याज समेत कुल बकाया राशि 3,695 करोड़ रुपए है। मामला दर्ज करने के तुरंत बाद सीबीआई ने कानुपर में तीन ठिकानों की तलाशी ली। इसमें कोठारी के निवास और कार्यालय परिसर शामिल हैं। सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा कि अब तक मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि कोठारी, उनकी पत्नी और बेटे से जरूर पूछताछ की गयी है। 
लोन का उपयोग अन्य कार्यों में किया
जांच एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार कंपनी ने कथित रूप से 2008 से सात बैंकों के समूह से लिये गये कर्ज की हेराफेरी को लेकर दो तरीके अपनाये। कंपनी को जो कर्ज दिये गये, उसका उपयोग निर्यात आदेश को पूरा करने के बजाए अन्य कार्यों में किया गया। सीबीआई का आरोप है कि निर्यात आर्डर के लिये जो कर्ज मंजूर किये गये, उसे विदेश में दूसरी कंपनी को हस्तांतरित किया गया और बाद में कानपुर की कंपनी ने बिना निर्यात आर्डर को पूरा किये उसे वापस मंगा लिया। दूसरे मामलों में बैंकों ने निर्यात के लिये वस्तुओं की खरीद को लेकर कर्ज दिये। इसमें भी कोई निर्यात आर्डर को पूरा नहीं किया गया। यह कोष का गबन, अमानत में खयानत और फेमा (विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून) का उल्लंघन है।
ईडी ने भी मामला दर्ज किया
कंपनी के अधिक सौदे खरीदरों, समूह की विक्रेताओं कंपनियों तथा अनुषंगी इकाइयों के साथ किये गये और इनकी संख्या बहुत ज्यादा नहीं थी। सीबीआई का आरोप है कि कंपनी स्थानीय तथा विदेशी मुद्रा वाले कर्जों पर ब्याज में अंतर का फायदा उठाने के लिए काम करती थी और उसने बैंकों से कर्ज के लिये कई बार फर्जी दस्तावेज जमा किये गये। वहीं वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कंपनी के प्रवर्तकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ईडी ने भी 3,695 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में विक्रम कोठारी, उनके परिवार के सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने सीबीआई की प्राथमिकी देखने के बाद मामला मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया है। पंजाब नेशनल बेंक में 11,400 करोड़ रुपए के कर्जों की धोखाधड़ी के बाद यह दूसरा वित्तीय घोटाला है।


एक भाई जेल में तो दूसरा जेम्‍स बॉन्‍ड को खिला रहा पान मसाला

कोठारी बदर्स: एक भाई जेल में तो दूसरा जेम्‍स बॉन्‍ड को खिला रहा पान मसालारोटोमैक पेन के मालिक विक्रम कोठारी को सीबीआई ने सोमवार को ही अरेस्‍ट कर लिया। उनके ठिकानों पर मंगलवार को भी छानबीन जारी रही। विक्रम कोठारी पर अलग-अलग बैंकों का करीब 3700 करोड़ रुपए के गबन के आरोप हैं। विक्रम कोठारी कि पिता एमएम कोठारी को कानपुर के एक नामी आदमी थे। पूरा शहर उन्‍हें बाबूजी के नाम से जानता था। बेहद मेहनत और लगन से उन्‍होंने पान मसाला और स्‍टेशनरी का कारोबार स्‍टैबेलिस्‍ट किया। उनकी मौत के बाद बिजनेस दो भाइयों में बंट गया। आज एक भाई सीबीआई की गिरफ्त में है, ज‍बकि दूसरा जेम्‍स बॉन्‍ड को पान मसाला खिला रहा है। 
छोटे से गांव में पैदा हुए थे विक्रम के पिता 
यूं तो विक्रम कोठारी से काफी लग्‍जरी लाइफ जी, ले‍किन उनके पिता एमएम कोठारी का जन्म एक छोटे से गांव निराली में हुआ था। मामूली सी नौकरी से उन्‍होंने अपना कॅरियर शुरू किया था। अपने कॅरियर का आगाज करने वाले मनसुख भाई ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया और वह पान मसाले के कारोबार में एक बड़ा नाम बनकर सामने आए। बाद में उन्‍होंने स्‍टेशनरी कारोबार में भी हाथ आजमाया और इसमें भी सफल हुए। खासकर कंपनी के पेन रोटोमैक ने काफी शोहरत बटोरी। 90 वर्ष उम्र में उनकी मौत हुई। मनसुख के दो पुत्र विक्रम और दीपक व एक पुत्री रीता हैं। दीपक और विक्रम ने बिजनेस बांट लिया। 

ऐसे हुआ बंटवारा 
दीपक कोठारी और विक्रम कोठारी के बीच बंटवारा उनके पिता एमएम कोठारी के जाने के बाद हुआ। कोठारी ब्रदर्स ने तय किया पान पराग और रोटोमैक दो हिस्सों में बटेगा। दीपक कोठारी ने कोठारी प्रोडक्ट्स फ्लैगशिप में 22.5 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीदी ली। दीपक ने इसके लिए भाई विक्रम को शेयर के पैसे दे दिए। इसके बाद विक्रम कोठारी ने रोटोमैक इंडस्ट्री में कदम जमाया, जिसमें उन्होंने पेन, स्टेशनरी और ग्रीटिंग्स कार्ड्स इत्यादी बनाने चालू किए। एमएम कोठारी हालांकि यह तय कर गए थे कि 
कोठारी प्रोड्क्टस में दोनों भाई बराबर के चेयरमैन रहेंगे, लेकिन विक्रम कोठारी समेत उनकी पत्नी साधना कोठरी ने बोर्ड छोड़ दिया। उस समय एक अंग्रेजी अखबार को उन्होंने कहा था कि यह फैसला उन्होंने आपसी सहमति से लिया है। 
रोटोमैक ब्रांड तो बना, पर विक्रम हुए फेल 
विक्रम कोठारी ने स्टेशनरी बिजनेस को अपनाया तो वहीं दीपक ने पान मसाला बिजनेस को संभाले रखा। ऐसा नहीं है कि विक्रम कोठारी को सबकुछ संपत्ति के बतौर मिला हो। उन्होंने बराबर मेहनत की और अपनी कंपनी रोटोमैक ग्रुप को बड़ा नाम दिया। 2000 के दौर में उन्‍हें तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें सम्मानित भी किया। बाद में कंपनी ने सलमान खान को अपना ब्रांड एंबेसेडर भी बनाया। मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि विक्रम बाद में इसपर ध्‍यान नहीं दे पाए और बिजनसे को डायर्सिफाई करने के चक्‍कर में कोर बिजनेस भी डूब गया। नतीजा यह हुआ कि आज वह सीबीआई की गिरफ्त में हैं। 
पर भाई बढ़ता रहा 
दूसरी तरफ भाई दीपक कोठारी पान पराग की बदौलत दिन दौगुनी रात चौगुनी तरक्की करते गए। 'पान पराग' आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ऐसे एक तरफ दीपक बिजनेस की दुनिया में बड़ा नाम बनता चला गया और दूसरी तरफ विक्रम इसी दुनिया में डूबता चला गया।
अब तक कुल कर्ज बैंक कर्जा
फिलहाल, इंडियन ओवरसीज बैंक ने रोटोमैक ग्रुप के मालिक विक्रम कोठारी के करीब 650 करोड़ रुपये के डिपॉजिट (एफडीआर) जब्त कर लिए हैं। बैंक ने यह कार्रवाई 1400 करोड़ रुपये का कर्ज न चुका पाने की वजह से की है। विक्रम कोठारी का इसी बैंक पर अब भी 750 करोड़ रुपये बकाया है। रकम की वसूली के लिए अब बैंक डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (ऋण वसूली अधिकरण) जाने की तैयारी कर रहा है।