मौलाना साजिद रशीदी ने फिर दिया विवादित बयान
हिंदुओं और राम मंदिर के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के लिए कुख्यात ‘ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन’ के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। कर्नाटक के कॉलेजों में चल रहे बुर्का और हिजाब विवाद पर बयान देते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने 10 फरवरी को कहा कि हिजाब इस्लाम का ड्रेस कोड है और महिलाओं को खुद को सुरक्षित और समाज में संरक्षित रखने के लिए पर्दे में रहना चाहिए। उन्होंने सभी मुस्लिम महिलाओं से बुर्का पहनना जारी रखने की अपील की और मुस्लिम पुरुषों से कुर्ता और जालीदार टोपी (Skull Cap) सहित पारंपरिक मुस्लिम पोशाक अपनाने को कहा।
मौलाना साजिद रशीदी ने कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों पर भारतीय संविधान का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मजहब (इस्लाम) का पालन करना मुस्लिमों का मौलिक अधिकार है और हिजाब पहनना ‘इस्लाम का अभिन्न अंग’ है।
Maulana Sajid Rashidi की जुबान फिसली और अंदर छिपे हुए गंदे विचार सामने आ गए...#hijab #HijabControversy #hijabnahikitaabdo#womenwearinghijab #MaulanaSajidRashidi #NewVideoAlert
— Amber Zaidi 🇮🇳 (@Amberological) February 9, 2022
देखिए पूरा वीडियोः-https://t.co/7RD4u7GzYX pic.twitter.com/U13lepCyi8
Even then, who goes backless to schools 😅😅
— Nilam (@nilam70466676) February 9, 2022
I think he got confused with topless beaches 😂😂
बेतुके सवालों में PhD कर के ही मानोगे बड़े मियाँ…
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) February 9, 2022
तुम्हारी लिबरल गैंग से पूछ के बताना नमाज़ अदा करनी हो तो भगवा गमछा डालूँ कि ये जो पहना है सही है… https://t.co/QtcFQPFGSI
Ok ❤dayhttps://t.co/M0vXkc6yK8
— Robin1 (@Robin124256763) February 10, 2022
एक्टिविस्ट अंबर जैदी से खास बातचीत में रशीदी ने कहा, “महिलाएँ टॉपलेस होकर कॉलेज, स्कूल जाती हैं तो कोई उनसे सवाल नहीं करता, फिर हिजाब और बुर्का पहनने वाली लड़कियों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है।” विवादास्पद मौलवी ने कहा, “जीन्स पहनना, स्कूलों में टॉपलेस होना इस्लाम में अच्छा नहीं माना जाता है। महिलाओं को पर्दा करना चाहिए और पुरुषों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उसे टाइट कपड़े नहीं पहनने चाहिए और समाज में पुरुषों के सामने अपने शरीर के अंगों को उजागर नहीं करना चाहिए।”
जब अंबर जैदी ने पूछा कि स्कूल और कॉलेज में टॉपलेस होकर कौन जाता है, तो रशीदी ने जवाब दिया कि बहुत सारी लड़कियाँ ऐसा करती हैं। उन्होंने कहा कि वह कॉलेज जाकर लड़कियों को टॉपलेस और अभद्र कपड़े, जींस पहनकर घूमते हुए देख सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को कॉलेजों में जींस पहनने का मौलिक अधिकार है तो उन्हें भी बुर्का पहनने का मौलिक अधिकार है।
मौलाना ने अपने सभी विचार को कुरान पर आधारित बताया। उन्होंने बताया कि इस्लाम का सिद्धांत पूरी तरह से कुरान, हदीस से लिया गया है और जो महिलाएँ हिजाब या बुर्का नहीं पहनती हैं उन्हें इस्लाम का पालन नहीं माना जाता है।
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