अलकायदा भी पड़ा नूपुर शर्मा के पीछे, ‘ईशनिंदा की सज़ा’ देने के लिए भारत के मुस्लिमों को उकसाया: ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े

                                                                                                                                   प्रतीकात्मक
खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा भी अब नूपुर शर्मा के पीछे पड़ गया है। उसने भारत के मुस्लिमों को उकसाते हुए कहा है कि वो नूपुर शर्मा को ईशनिंदा की सज़ा दें। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी करने के आरोप लगने के बाद से ही नूपुर शर्मा पर जिहादी ख़तरा बढ़ गया है। अब अलकायदा के इस परिदृश्य में सामने आने के बाद ख़ुफ़िया एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। अलकायदा ने अपने मुखपत्र के जरिए नूपुर शर्मा को ‘सज़ा’ दिलाने का ऐलान किया है।

जिस तरह नूपुर शर्मा के पीछे अब अल कायदा के भी मैदान में कूदने पर सबसे पहले भाजपा के मुस्लिम (अल्पसंख्यक) प्रकोष्ठ और संघ को अपने राष्ट्रीय मुस्लिम मंच को कट्टरपंथियों के विरुद्ध सड़क पर लाकर जनता को यह समझाना होगा कि "नूपुर ने जो कहा वह हमारी इस्लामिक किताबों में भी लिखा है फिर अपमान किस बात का?" अगर नहीं आते उस स्थिति में भाजपा और संघ को अपने इन प्रकोष्ठों को तुरंत बंद कर देना चाहिए, ताकि जनता इन भ्रमित प्रकोष्ठों से गुमराह न होने पाए। भारत में सोशल मीडिया के अलावा केवल News Nation ऐसा चैनल है जिसने TRP की परवाह न करते हुए "इस्लाम क्या कहता है" शो शुरू किया हुआ है, जिसमें इस्लाम छोड़ चुके मुस्लिम किस तरह मौलवियों और मौलानाओं को बेनकाब कर रहे हैं। मौलानाओं को पसीने पोंछते देखा गया है; कुरान की आयतें ठीक से न पढ़े जाने पर डांटते हुए देखा जाता है। दूसरे, जनता को उन कपटियों से सावधान रहना चाहिए जो टीवी पर 'सर तन से जुदा' को किसी इस्लाम या धर्म के विरुद्ध तो बोलते हैं लेकिन सड़क पर आकर उनके सामाजिक बहिष्कार एवं कानून के हवाले करने की आवाज़ बुलंद नहीं कर सकते। इन लोगों की असलियत को पहचानना होगा। जो परदे के पीछे बैठ देश में अशांति और अराजकता फैलाकर अपनी किसी निजी स्वार्थ को पूरा कर रहे हैं। 

अलकायदा के इस मुखपत्र का नाम ‘नवा-ए-घवा-ए-हिन्द’ है, जिसमें नूपुर शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी कर के ईशनिंदा की है। इस पत्रिका के ताज़ा अंक में आतंकी संगठन ने भारतीय मुस्लिमों से कहा है कि वो नूपुर शर्मा से बदला लें। साथ ही मुस्लिमों को उकसाते हुए उन्हें हथियार इकट्ठा करने और इसे चलाना सीखने के लिए भी कहा गया है। अलकायदा ने इसे ‘बचाव वाला जिहाद’ नाम दिया है।

इसके साथ ही भारतीय मुस्लिमों से कहा गया है कि उनके सबसे नजदीक में कश्मीर में जिहाद हो रहा है, जिसमें उन्हें हिस्सा लेना चाहिए। अमेरिका में जिस तरह से इस्लामी कट्टरपंथियों ने लेखक सलमान रुश्दी को निशाना बनाया, उसके बाद से अब नूपुर शर्मा की सुरक्षा को लेकर ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इससे पहले जून में अलकायदा ने नूपुर शर्मा से बदला लेने के लिए आत्मघाती हमलों का ऐलान किया था।

उस समय अलकायदा ने भड़काते हुए लिखा था कि अगर मुस्लिमों ने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का बदला नहीं लिया तो उनका बुरा हाल होगा। ‘अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS)’ का मुखिया असीम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने भी नूपुर शर्मा पर खतरे को देखते हुए उन पर दर्ज सारे FIR को दिल्ली ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया। पड़ोस में अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अलकायदा ने अपना गढ़ बना रखा है, जिस कारण भारत के लिए वो एक खतरा बना हुआ है।

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