वर्ष 2025 में अनेक विदेशी मेहमान आए लेकिन राहुल गांधी केवल पुतिन से मिलने को क्यों पगलाया; लगता है Deep State, ट्रंप, पाकिस्तान और चीन ने सुपारी दी राहुल को कि मोदी पुतिन की यारी में अड़ंगा डाल दो

सुभाष चन्द्र 

राहुल गांधी राष्ट्रीय पर्वों पर विपक्ष का नेता होने के नाते कभी शामिल नहीं होता अभी हाल ही में जस्टिस सूर्यकांत के चीफ जस्टिस पद की शपथ ग्रहण में भी राहुल गांधी गायब था। इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी वह नदारद था

जो तथाकथित LoP राहुल 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय समारोह का बहिष्कार कर रहा हो उसे LoP तो क्या किसी भी नगर निगम से लेकर लोकसभा तक किसी भी सदन में नहीं घुसने देना चाहिए। किन महामूर्खों ने इसे LoP बनाया और वोट दिया? हकीकत है कि बुजुर्गों का कहना है जैसा खाए अन्न वैसा हो जाए मन कोई गलियों में गिल्ली-डंडा खेल कर नहीं बनाई बल्कि जीवन के अनुभव से।  

दूसरे, कांग्रेस, इसके समर्थक पार्टियां और गाँधी परिवार को इस कड़वी सच्चाई को समझना होगा कि अब यूपीए का राज नहीं जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से पहले किसी विदेशी की सोनिया गाँधी से मुलाकात करवाई जाती थी, अब बीजेपी का राज है।      

राहुल गाँधी, प्रियंका वाड्रा और कांग्रेस जो LoP को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से न मिलवाने के लिए चीखा-चिल्ली कर रहे हैं राहुल को Leader of Opposition बनने के लिए स्कूल में भेजें वो तो Leader of Pakistan बना घूम सबको पागल बना रहा है। एयर स्ट्राइक हो सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर Operation Sindoor इस Leader of Opposition ने वही रोना रोया जो पाकिस्तान रो रहा है , वहां मीडिया की Breaking News और Headlines बनने वाले क्यों LoP कह जा रहा है? 

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इतना ही नहीं जो LoP fight against Nation की बकवास करता हो लोकसभा अध्यक्ष पता नहीं क्यों चुप हैं, पता नहीं क्यों हाथ में चूड़ियां पहने बैठे हैं? पता नहीं क्यों कार्यवाही नहीं की जाती? यह बहुत गंभीर और संगीन सवाल है। ऐसे सदस्य का सदन में होना बाहरी दुश्मन से ज्यादा खतरनाक है। अगर विपक्ष सदन में शोर-शराबा करता है तो मार्शल किस लिए है? संसद से बाहर फेंकों और कार्यवाही चालू रखो। इन उपद्रवियों की वजह से कार्यवाही नहीं रुकनी चाहिए। उसने तो  Leader of Opposition की गरिमा तक को कलंकित कर रखा है। फिर भी कांग्रेस और INDI गठबंधन इस Leader of Opposition को पता नहीं क्यों ढो रहे हैं? इस बंदे में Leader of Opposition बनने का एक भी गुण नहीं। जो अपनी हरकतों से कांग्रेस ही नहीं अपनी सहयोगी पार्टियों तक को डूबने में लगा है देश को कैसे बचाएगा? टीवी पर परिचर्चाओं में बेशर्मों की तरह चले आते है राहुल राहुल करने।         

पुतिन मोदी की शिखर वार्ता में भारत रूस मित्रता मजबूत करने के लिए कुछ खास समझौते होने थे जिनका प्रभाव अमेरिका, पाकिस्तान और चीन पर पड़ सकता है, इसलिए लगता है राहुल गांधी के अमेरिकी अब्बा हुजूर जॉर्ज सोरोस, डीप स्टेट, ट्रंप, पाकिस्तान और चीन ने मिलकर हमेशा भारत के विरोध में रहने वाले राहुल गांधी को सुपारी दी थी कि किसी भी तरह पुतिन की यात्रा के दौरान रायता फैला दो और मोदी पुतिन की दोस्ती में दरार पैदा कर दो जो कि संभव नहीं है

वर्ष 2025 में कितने ही विदेशी मेहमान भारत आए लेकिन राहुल गांधी ने कभी किसी से मिलने की इच्छा जाहिर नहीं की परंतु पुतिन में इतनी दिलचस्पी का क्या मतलब है, यह रहस्य की बात है 

इस वर्ष आए मेहमानों में शामिल थे ➖

State and official visits

January 14–18: State Visit by President Tharman Shanmugaratnam of Singapore.

January 25–26: State Visit by President Prabowo Subianto of Indonesia, as the Chief Guest for India's 76th Republic Day.

April 21–24: Official Visit by Vice President J.D. Vance of the United States.

May 2–4: Official Visit by President João Manuel Gonçalves Lourenço of Angola.

Other visits

March 8: Prime Minister Christopher Luxon of New Zealand.

May 29–30: Visit by Deputy Prime Minister and Minister of Foreign Affairs Winston Peters of New Zealand.

September 1–3: Visit by Foreign Minister Johann Wadephul of Germany.

October 29–31: Visit by the Minister of Foreign Affairs of the Republic of Cyprus.

November 2–3: Visit by the Minister of Foreign Affairs of the Kingdom of Bahrain.

November 3–5: Official visit by the Minister of Foreign Affairs of the State of Israel.

November 8–13: State visit of India’s President to Angola and Botswana. 

अवलोकन करें:-

क्या करेगा राहुल गांधी पुतिन से मिलकर? पुतिन से शिकायत करनी है क्या कि मोदी मुझे घास नहीं डालता?
क्या करेगा राहुल गांधी पुतिन से मिलकर? पुतिन से शिकायत करनी है क्या कि मोदी मुझे घास नहीं डालता?
 

इन सभी की यात्राओं के समय राहुल गांधी ने किसी से मिलने की चाहत नहीं दिखाई। लेकिन पुतिन से मिलने फिर क्यों आतुर था, इस बात का स्पष्ट कारण राहुल को बताना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि जब से वह LoP बना है, किस किस देश की गुप्त यात्रा पर वह गया और किस किस्से मुलाकात की विदेशों में। 

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