कहते हैं देर आए दुरुस्त आए, अगर 10 नवंबर को दिल्ली ब्लास्ट नहीं हुआ होता केंद्र सरकार से लेकर कौन-सी राज्य सरकार ने शोभा यात्राओं और मन्दिरों पर हो रही पत्थरबाज़ी और हमलों के समय ही सचेत हो गयी होती, ब्लास्ट टल सकता था। क्यों नहीं सरकारों ने पुलिस को इन उपद्रवियों या कहा जाए आतंकवादियों के Sleeper cells को गिरफ्तार कर सख्ती से कार्यवाही की गयी होती संभव है इन आतंकियों के सुराग मिल जाते। शोभा यात्राओं पर पत्थरबाज़ी और मन्दिरों पर होते हमलों से चिंगारियां छोड़कर सुरक्षा के पैमाने को मापा जा रहा था। सरकार से लेकर अदालतों को इस बात का संज्ञान लेना था कि घरों और मस्जिदों में क्या इतना पत्थर एकदम आया था? नहीं यह पहले से सुनियोचित षड़यंत्र था।
दिल्ली में लाल किला ब्लास्ट को लेकर चल रही जाँच के बीच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (1 दिसंबर 2025) को दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया है। NIA की टीम ने कई जिलों में तलाशी अभियान चलाया है।
दिल्ली में हुए आतंकी धमाके के सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कश्मीर घाटी के काजीगुंड समेत कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। दिल्ली ब्लास्ट के आरोपी डॉ. अदील, डॉ. मुजफ्फर और आरोपी जसिफ उसी इलाके के हैं जहां रेड चल रही है।
काजीगुंड में डॉ. अदील और जासिर बिलाल के घर, शोपियां में मौलवी इरफ़ान के घर, पुलवामा के कोइल में डॉ. मुझम्मिल के घर और सांबूरा, पुलवामा में आमिर रशीद के घर की तलाशी ली जा रही है। इन सभी स्थानों की पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस और SIA द्वारा भी तलाशी ली जा चुकी है, जो जैश के अंतरराज्यीय व्हाइट कॉलर कॉलर मॉड्यूल की साज़िश की जांच कर रही है।
यह बड़ा एक्शन तब आया है जब हाल ही में एक अंतर्राज्यीय "व्हाइट-कॉलर" आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था। इस मॉड्यूल से जुड़े लोगों के पास से, मुख्य रूप से हरियाणा के फरीदाबाद से, अमोनियम नाइट्रेट सहित लगभग 3,000 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया था।
इससे पहले, दिल्ली में 10 नवंबर को हुए धमाके और "व्हाइट कॉलर" मॉड्यूल से जुड़े हथियारों की बरामदगी के मद्देनजर, पुलिस ने पिछले हफ्ते सोमवार को जम्मू और कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर जिलों में अस्पतालों के लॉकरों का औचक निरीक्षण किया था। NIA की यह ताजा कार्रवाई, घाटी में सक्रिय आतंकवादी तत्वों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनआईए लगातार कर रही है छापेमारी
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी मॉड्यूल को तह तक उजागर करने में जुटी NIA अब जांच को कई राज्यों में विस्तार दे चुकी है। शुरुआती सुरागों के आधार पर एजेंसी डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद लेकर गई, जहां उसके पुराने नेटवर्क, बैकअप सपोर्ट और संभावित सुरक्षित ठिकानों की गहराई से गहराई से पड़ताल की गई।
जांच को आगे बढ़ाते हुए NIA ने लखनऊ, कानपुर, सहारनपुर, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर को ‘कोर ज़ोन’ चिह्नित किया है। इन इलाकों में हाई-इंटेंसिटी रेड, इंटेलिजेंस ऑपरेशन और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क मैपिंग का काम जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शोपियाँ जिले के नदिगाम इलाके में NIA की टीम ने मौलवी इरफान, डॉक्टर अदील और डॉक्टर मुजम्मिल के आवास पर तलाशी ली। इस दौरान सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। NIA की जाँच टीम ने घर के भीतर कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच की।
#BREAKING: The NIA carried out raids at Nadigam in Shopian, searching the residence of Irfan Maulvi in connection with the Delhi blast case, with simultaneous operations conducted in Pulwama. pic.twitter.com/bR9Xv40q65
— IANS (@ians_india) December 1, 2025
शनिवार (29 नवंबर 2025) को ही कोर्ट ने इन तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। ये सभी दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद गिरफ्तार किए गए थे।
इसके साथ ही पुलवामा में भी एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले में संदिग्ध नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की तलाश के लिए की जा रही है।
Shopian, Jammu & Kashmir: NIA raids are underway in parts of South Kashmir, with searches being conducted in Pulwama and Shopian as part of an ongoing investigation. pic.twitter.com/SDP929izJi
— IANS (@ians_india) December 1, 2025
हालाँकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छापेमारी के दौरान किसी को हिरासत में लिया गया है या नहीं। NIA की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के बाद से एजेंसी देशभर में कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही है और आतंकी नेटवर्क की संलिप्तता की जाँच कर रही है।
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