‘अगर एक थप्पड़ चुभता है तो साहिबजादों का इतिहास देखो’: स्वर्ण मंदिर पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वालों को सिखों की खुली चुनौती, बोले- अब कोई वजू करके दिखाए

              गोल्डन टेंपल सरोवर में कुल्ला करने वालों को निहंगों की खुली चुनौती (साभार : Dainikbhaskar)
अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (दरबार साहिब) के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले आरोपित सुब्हान रंगरेज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब पुलिस उसे गाजियाबाद से अमृतसर ले आई है, जहाँ बुधवार (28 जनवरी 2026) को कोर्ट ने उसे 3 दिन की रिमांड पर भेज दिया। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जंग छिड़ गई है।

एक तरफ एक मुस्लिम व्यक्ति ने सुब्हान की माफी का समर्थन करते हुए इसे ‘नफरत न फैलाने’ की सलाह दी है, तो वहीं दूसरी तरफ निहंग विक्की थॉमस ने इसे धर्म की मर्यादा का अपमान बताते हुए खुली चुनौती दी है कि अब कोई ऐसी हरकत करके दिखाए।

वजू और पवित्रता पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद एक मुस्लिम व्यक्ति ने सुब्हान का बचाव करते हुए कहा कि हम लोग वजू उसी पानी से करते हैं जो पाक (पवित्र) होता है। मुस्लिम व्यक्ति ने सुब्हान को थप्पड़ मारने और जबरन माफी मँगवाने का विरोध किया।

इस पर निहंग विक्की थॉमस बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने दोटूक कहा कि हर धर्म के अपने नियम होते हैं और दरबार साहिब की मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि अगर एक थप्पड़ चुभ रहा है, तो साहिबजादों की शहादत को याद करो।

क्या था पूरा मामला?

 यह घटना 13 जनवरी की है, जब दिल्ली का रहने वाला सुब्हान गोल्डन टेंपल पहुँचा था। आरोप है कि उसने सरोवर किनारे बैठकर कुल्ला किया और वहीं थूका, जिसका वीडियो उसके साथी ने सोशल मीडिया पर डाल दिया।

24 जनवरी को गाजियाबाद में निहंगों ने उसे ढूँढ निकाला और पुलिस को सौंपा। SGPC ने स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता सर्वोपरि है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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