दिल्ली : ‘नसरूल अंकल ने अपनी सू-सू मेरी सू-सू में डाला’: 4 साल की बच्ची की आपबीती, पुलिस पर पीड़ित परिवार की पिटाई के आरोप

                                                             थाने के बाहर प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली के गीता कालोनी थाना क्षेत्र में एक 4 साल की नाबालिग बच्ची के साथ रेप की घटना सामने आई है। आरोप नसरूल नाम के एक 30 वर्षीय व्यक्ति पर है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने गीता कॉलोनी थाने के आगे प्रदर्शन किया है। पुलिस ने आरोपित नसरूल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पर पीड़ित परिवार के लोगों की भी पिटाई का आरोप है। घटना 20 जनवरी की है।

दिल्लीवासियों ने फ्री के लालच में जिस अरविन्द केजरीवाल के हाथ में दिल्ली सौंपी है, हिन्दुओं पर निरंतर अपराधों में वृद्धि हुई है। विकासपुरी में डॉ नारंग की हत्या से लेकर लाल कुआँ आदि स्थानों पर मंदिरों पर हमले और अब गीता कॉलोनी में 4 साल की बच्ची का बलात्कार आदि की एक लम्बी सूची है। CAA के विरोध में हिन्दुत्व विरोधी नारेबाजी होने पर भी हिन्दू इनका साथ दे रहा है। अगर हिन्दुत्व की बजाए स्थिति विपरीत होती प्रदर्शनकारी ही CAA विरोध को त्याग नारेबाजों की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे होते। अगर अभी भी हिन्दुओं ने अपनी आंखें नहीं खोली, फिर कब जागेगा?

भाजपा शासित राज्यों में अपराध होने पर शोर मचाने वाला दिल्ली का मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल उन्ही घटनाओं के दिल्ली में होने पर क्यों चुप्पी साधे रहता है? क्या दिल्ली के हिन्दुओं ने फ्री के लालच में अपना अपमान होने के लिए सत्ता दी है?

पीड़िता की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक, “घटना दोपहर लगभग 1.30 की है। मेरी बेटी घर के बाहर खेल रही थी। मैंने उसे आवाज लगाई तो वह घबराई हुई मेरे पास आई। वह मेरे लगे लग कर लम्बी – लम्बी साँसे लेने लगी। मेरे सवाल करने पर बेटी ने बताया कि मास्टर अंकल (नसरूल) ने अपनी सू-सू मेरी सू-सू में डाला और मेरी पेंटी में भी सू-सू डाला। मैंने यह बात अपने पति को बताई। मेरे पति मास्टर अंकल को पकड़ लाए। मेरी बेटी ने मास्टर अंकल को पहचान लिया। फिर हम थाने आ गए। मैंने अपनी बेटी की जाँच अस्पताल में करवाई। मास्टर अंकल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।”

                                                                            FIR

पीड़िता की काउंसलिंग भी करवाई गई। आरोपित नसरूल सफेदा झुग्गी, गीता कालोनी, शाहदरा का रहने वाला है। पुलिस ने नसरूल पर 376 AB IPC के साथ 6 पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई की है। इस केस की जाँच महिला सब इंस्पेक्टर शिल्पी गुप्ता को सौंपी गई है।

पीड़ित बच्ची के पिता ने ऑपइंडिया को अपने साथियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के बारे में बताया

इस घटना के विरोध में घटनास्थल से तमाम लोग थाने के आगे जमा हो गए। वो पुलिस से नसरूल पर FIR दर्ज में देरी का कारण पूछने लगे। जब काफी देर तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला तब गीता कॉलोनी थाने के आगे नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान कुछ लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया। जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में पीड़ित पक्ष के कुछ लोगों को चोटें आईं। पीड़िता के पिता ने इस बात की जानकारी ऑपइंडिया को घटना के दिन रात में लगभग 8 बजे देते हुए कहा, “मैं ट्रांसपोर्ट का काम करता हूँ। मेरी बेटी लगभग 4 साल की है। मेरी मदद के लिए कोई भी नहीं आया। आरोपित मोहम्मडन है। वो मास्टर जी के यहाँ रहता था। उसका नाम नसरूल इस्लाम है। आरोपित मेरे घर के पास में रहता है। मेरे सपोर्ट में जितने लोग आये हैं उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मेरी मम्मी को भी मारा गया।”

सफेदा झुग्गी गीता कॉलोनी के राजकुमार प्रधान ने पुलिस पर लगाया पिटाई का आरोप

पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों में राजकुमार भी शामिल थे। राजकुमार ने ऑपइंडिया को बताया, “मेरे पड़ोस की बच्ची थी ये। लड़की मेडिकल करवाने गई थी। उस समय कुछ स्थानीय लोग आक्रोशित हुए। उसके बदले SHO साहब ने अपने पुलिस स्टाफ को ले कर हमें पीटना चालू कर दिया। हमारे बेटे को भी अंदर ले जा कर 10-20 थप्पड़ मारे गए। हमें अंदर घसीटा गया पर मेरा शरीर भारी होने के कारण हमें यहीं छोड़ दिया। मुझ से पूछा गया कि यहाँ से जाने का क्या लेगा? मुझ पर पब्लिक को भड़काने का आरोप लगाया गया। आरोपित को बच्ची के परिवार वाले ही पकड़ कर दिए हैं। नसरूल सिलाई का काम करता है। बच्ची को इंजेक्शन आदि दिया गया है।”

आम आदमी पार्टी के विधायक पर लगाया राजनैतिक दबाव बनाने का आरोप

घटना की सूचना पर मौके पर गए आम आदमी पार्टी के विधायक एस के बग्गा को पीड़ित परिवार का भारी विरोध झेलना पड़ा। उनके द्वारा वहाँ लोगों से की जा रही अपील बेअसर रही। मौके पर मौजूद लोग उनके खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दिए। पीड़ित परिवार और वहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने ऑपइंडिया को बताया, “आप विधायक बग्गा राजनैतिक दबाव बना रहे हैं हम पर। वो हमें यहाँ से जाने और खुद सब देख लेने की बात कह रहे हैं। वो हमें यहाँ से हटाना चाह रहे हैं लेकिन हम कार्रवाई होने तक कहीं नहीं जाने वाले।”

ACP ने कहा बच्ची मर गई क्या ?

मौके पर प्रदर्शन कर रहे जनसमूह में से भारत चौहान नाम के स्थानीय व्यक्ति और कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि उनकी नाराजगी ACP के बयान से है। ये आरोप लगाने वालों में बच्ची के मामा भी शामिल हैं। आरोपित पर कार्रवाई की माँग के दौरान ACP ने ‘बच्ची मर गई क्या’ जैसी बातें बोलीं। भीड़ बार-बार बोल रही थी कि जब तक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो जाती तब तक हम नहीं जाने वाले। साथ ही वहाँ इसी गुस्से में ‘दिल्ली पुलिस हाय-हाय’ के भी नारे लग रहे थे। मौके पर मौजूद जनसमूह ‘नसरूल को फाँसी दो’ की माँग कर रहा था।

प्रदर्शनकारी कह रहे थे ‘हमें चाहिए योगी आदित्यनाथ’

ऑपइंडिया की कवरेज के दौरान थाने के आगे जमा प्रदर्शनकारी योगी-योगी के नारे लगाते दिखाई दिए। उनमें से कई युवा ‘दिल्ली में भी योगी आदित्यनाथ’ को को लाने की बात कहते सुनाई दिए। वो दिल्ली का CM योगी को बनाने के नारे भी लगा रहे थे।

पुलिस ने पीड़ितों को ही लाठी दिखा कर कहा, “देखता हूँ कि ये कैसे नहीं मानते हैं”

गीता कॉलोनी थाने का स्टॉफ पीड़ित के परिजनों को धमकाता हुआ
ऑपइंडिया के पास मौजूद एक वीडियो में पुलिसकर्मी हाथों में डंडा लिए दिखाई दे रहा है। वह बाकी पुलिसकर्मियों से कह रहा है कि, “देखता हूँ कि ये कैसे नहीं मानते हैं।’ यह चेतावनी पीड़ित के परिजनों को तब दी जा रही थी जब वो सड़क पर जाम लगाने की कोशिश कर रहे थे। इसी के बाद पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया।
दिल्ली प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस ने इस घटना पर संज्ञान लिया है। इस मामले में उनके एक प्रतिनिधि मंडल ने गीता कॉलोनी थाने में पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात की है। 21 जनवरी (शुक्रवार) को मुलाक़ात की है।

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