पहले नारा लगता था हर घर से अफजल निकलेगा, अब नारा लग रहा है, “हर घर से नसरल्लाह निकलेगा” तो फिर “हर घर में मरेगा नसरल्लाह”; आतंकियों के साथ खड़े लोगों की नागरिकता ख़त्म हो और उनका बहिष्कार हो

सुभाष चन्द्र

ऐसे घटिया नारे लगाने वाले ये भूल रहे हैं कि यदि देश में कोई म्यांमार का “विराथु” पैदा हो गया तो बहुत मुश्किल हो जाएगी और अब हिंदुओं को “विराथु” खड़ा करने के लिए उकसाया जा रहा है, महबूबा मुफ़्ती, उसकी बेटी, उमर अब्दुल्ला एक स्वर में बेंजामिन नेतन्याहू को जल्लाद, हिटलर, criminal और न जाने क्या क्या कह रहे हैं जिसकी वजह से औरतें और बच्चे मारे जा रहे हैं। कश्मीर में जलूस निकल रहे हैं और नारे लग रहे हैं “हर घर से नसरल्लाह निकलेगा” लखनऊ में शियाओं ने 3 दिन का शोक मनाने के लिए बाजार बंद कर दिए हैं

लेखक 
चर्चित YouTuber 
उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस और महबूबा नेतन्याहू पर ऊँगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांके और बताएं कि 1989-90 में तुम लोगों ने कश्मीर में हिन्दुओं के साथ क्या किया था क्या वो हिंदुओं के लिए मोहब्बत थी या  बर्बरता थी? अगर हर घर में नसरल्लाह है तो फिर मारा भी जाएगा क्योंकि जितने पाकिस्तान भेजता है, सब जहन्नुम भेज दिए जाते हैं

लखनऊ में हड़ताल करने वालों का सम्पूर्ण बहिष्कार कर देना चाहिए एक क़ानून पास होना चाहिए कि जो भी व्यक्ति आतंकी संगठनों के साथ खड़ा हो, चाहे देसी हो या विदेशी संगठन, उनकी नागरिकता छीन कर Deport कर देना चाहिए यह कोई लोकतंत्र नहीं है बल्कि आतंकवाद पर देश की नीति के खिलाफ देश के खिलाफ बगावत है

इज़रायल पर जब हमास ने बर्बरता का नंगा नाच किया, तब आज के यही नपुंसक नेता अब्दुल्ला, महबूबा, राहुल गांधी सब खुश थे, कुछ नहीं बोले और आज भी खुलकर हमास के साथ खड़े हैं लेकिन जब इज़रायल ने ठोका तो सभी मातम मनाते हुए चीतपुकार करने लगे, अनेक देश भी विलाप कर रहे हैं 

लेकिन एक हकीकत को समझना होगा कि इज़रायल अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ रहा है क्योंकि वो अगर इन खूंखार आतंकियों का सामना नहीं करेगा तो वे इज़रायल को दुनिया के नक़्शे से मिटा देंगे जैसे हिटलर ने किया था और ऐसी प्रतिज्ञा वो बार बार करते है और इसके लिए हमास, हिज़्बुल्ला और हूती पर वरदहस्त है ईरान का 

नेतन्याहू ने हिज़्बुल्ला की टॉप लीडरशिप को ख़त्म करने के बाद अब हूती की तरफ रुख किया है और जैसे हिज़्बुल्ला पर धावा बोलते हुए लेबनान की जनता को कहा था कि वे इज़रायल के दुश्मन नहीं हैं, उसी तरह नेतन्याहू ने ईरान की जनता को भी कहा है

“हर दिन आप एक ऐसे शासन को देखते हैं जो आपको दबाता है,

जो लेबनान और गाज़ा की रक्षा करने के बारे में भड़काऊ भाषण देता है,

लेकिन हर दिन वो शासन आपको गहरे अंधकार और युद्ध में धकेलता जा रहा है,

ईरान के अधिकांश लोग जानते हैं कि उनका शासन उनके बारे में परवाह नहीं करता,

अगर शासन आपकी परवाह करता तो वो मध्य पूर्व में निरर्थक युद्धों में अरबों डॉलर बर्बाद करना बंद कर देता वो आपकी जिंदगी सुधारने की शुरुआत करता

कल्पना कीजिए वो अपार दौलत, जो शासन ने परमाणु हथियारों और विदेशी युद्धों पर बर्बाद की, अगर आपके बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आपके देश के बुनियादी ढांचे में लगाईं होती तो क्या होता?

जब ईरान स्वतंत्र होगा और वो क्षण लोगों की सोच से कहीं जल्दी आएगा, सब कुछ बदल जाएगा, हम दोनों प्राचीन लोग यहूदी और फ़ारसी आख़िरकार शांति से रहेंगे

दोनों देश इज़रायल और ईरान शांति से रहेंगे

जब वो दिन आएगा तो आतंकवादी नेटवर्क, जिसे शासन ने 5 महाद्वीपों में बनाया है, दिवालिया और ध्वस्त हो जाएगा”

ऐसी सलाह को अच्छा मित्र ही दे सकता है

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