अखिलेश यादव बुधवार 3 दिसंबर को लोकसभा में भड़के हैं और बोले कि “संभल की घटना को सोच-समझ कर अंजाम दिया गया। संभल भाईचारे के लिए जाना जाता था लेकिन वहां भाईचारे की हत्या हुई, पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार बताया और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की और सीधा भाजपा पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।
अखिलेश यादव एक तरह से ठीक कह रहे हैं कि यह घटना एक सोची समझी साजिश है लेकिन प्रश्न यह उठता है कि साजिश किसकी है? ये पत्थर क्यों इकट्ठे हुए? हथियार कहाँ से आये? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब तक पकडे गए आरोपियों पर थर्ड डिग्री कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।
अब सुनो मियां अखिलेशुद्दीन-फॉरेंसिक जांच करने वाली टीम को घटनास्थल पर पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री (POF) के बने कारतूसों के 6 खोखे मिल जिनमें 5 चलाए हुए थे। एक जो नहीं चला वो 9MM का था और दूसरे 0.32 बोर के कारतूस पर Made in USA लिखा था और वो misfired था। इनके अलावा 3 कारतूस (जिनमे दो 12 और एक 0.32 बोर) के देसी भी मिले हैं। अखिलेश बताए कि ये असला किसने दिया और किस रास्ते भारत में आया? क्या इस साज़िश में योगी को बदनाम करने अखिलेश ने ही मौइया करवाया। कौन-कौन जेहादी संगठन इस षड़यंत्र में शामिल हैं? इस का खुलासा अखिलेश को ही करना होगा।
![]() |
| लेखक चर्चित YouTuber |
अब पाकिस्तान और अमेरिका के बने कारतूस मिलने का मतलब तो साबित करता है कि यह विदेशी ताकतों के साथ मिलकर साजिश रची गई और रची गई तो उसके पीछे कौन था? क्या संभल में ऐसे लोग बैठे हैं जिसका सीधा संबंध पाकिस्तान और अन्य देशो से है। यह भी हो सकता है कि जो राजनीतिक दल पाकिस्तान से हमदर्दी रखते हैं वे भी इस साजिश में शामिल हों?
अखिलेश तो मरने वाले मुस्लिमों को 5-5 लाख के मुआवजे की घोषणा कर चुके हैं जबकि उनमें से किसी की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई। फिर साजिश की दुर्गंध कहां से महसूस हो सकती है, इसका अनुमान ही लगाया जा सकता है। अखिलेश की समाजवादी पार्टी ने कभी अयोध्या में पुलिस की गोली से मारे गए कारसेवकों को तो कभी कोई मुआवजा नहीं दिया।
विपक्ष को हर तरह से योगी और मोदी सरकार को बदनाम करना है। राहुल गांधी पर्यटन के लिए संभल जाना चाहते थे लेकिन रोक लिए गए। वो कभी बांग्लादेश के हिंदुओं पर हो रही बर्बरता पर नहीं बोलते। यहां तक बांग्लादेश के हिंदुओं की हालत के लिए अखिलेश ने मोदी सरकार को जिम्मेदार बता दिया जबकि बांग्लादेश के आतंकी मोदी को हाथ काटने की धमकी दे रहे हैं।
लेकिन विपक्ष के किसी नेता ने ऐसे किसी आतंकी को जवाब देना जरूरी नहीं समझा। जबकि एक समय जब नवाज़ शरीफ ने मनमोहन सिंह को “देहाती औरत” कहा था, तब मोदी ने उसकी बखिया उधेड़ दी थी कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमारे प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द बोलने की।
संभल में कलेश के बारे में मीडिया में खुल कर आया कि यह तुर्कों और पठानों का आपसी झगड़ा था और संभल के दंगे में उन्होंने अपना हिसाब चुकता कर लिया। फिर उनके झगड़े के पीछे साजिश किसने की? तुर्क और पठान आपस में भाईचारा नहीं निभा सके, फिर अखिलेश किस भाईचारे की बात कर रहे हैं।
पाकिस्तान और अमेरिकी कारतूस मिलने की और दंगे होने की वजह से वहां अब साजिश का पता लगाने के लिए NIA की जांच होनी चाहिए जिससे पता चल सके विदेश से हथियार कैसे आए और क्या कुछ और भी हथियार हैं जो अभी बाहर नहीं आए या उपयोग नहीं हुए।


No comments:
Post a Comment