नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प को हराने में वही Deep State का toolkit लगा हुआ था। यही वजह थी कि भारत और अमेरिका में इन दोनों को हराने में नारे भी एक ही थे कोई फर्क नहीं था। फिर भी इन दोनों को हराने में सारे षड्यंत्रकारी औंधे मुंह गिरे।
एलन मस्क ने 16 फरवरी को भारत में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए 182 करोड़ (2.1 करोड़ डॉलर) अमेरिका द्वारा देने की बात कही थी लेकिन आज भारत में कांग्रेस और लेफ्ट लिबरल कबाड़ शोर मचा रहा है कि वह पैसा बांग्लादेश को गया था। लेकिन प्रश्न यह पैदा होता है कि वह पैसा भारत में आया ही क्यों, सीधा बांग्लादेश क्यों नहीं गया और आपको कैसे पता कि आया और बांग्लादेश गया? वहां भी तख्तापलट में राहुल गांधी पर आरोप लगाए थे ब्लिट्स के एडिटर ने।
मगर मस्क ने यह भी कहा कि भारत को दी जाने वाली राशि के साथ ही बांग्लादेश में राजनीतिक जमीन को सशक्त बनाने के लिए 2.9 करोड़ डॉलर की सहायता राशि और नेपाल में वित्तीय संघवाद के लिए 3.9 करोड़ डॉलर की राशि भी दी गई जिसे अब बंद कर दिया गया। कांग्रेस क्या कहना चाहती है कि बांग्लादेश को 5 करोड़ डॉलर मिल गया - किसे बेवकूफ बना रहे हो।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि बाइडन मोदी की जगह किसी को निर्वाचित कराना चाहते थे और उसी के लिए धन दिया गया। यह बहुत गंभीर आरोप है क्योंकि अब ट्रंप सत्ता में हैं और रिकॉर्ड को देख कर ही भारत को 182 करोड़ देने की बात कही गई होगी जो साबित करता है कि अमेरिका भारत के चुनावों को प्रभावित कर रहा था।
अभी मस्क के बयान के Fine Prints धीरे धीरे बाहर आएंगे और तब पता चलेगा किसको क्या क्या मिला - ट्रंप ने यह भी कहा भारत को पैसे की जरूरत ही नहीं है चुनावों में मत प्रतिशत बढ़ाने के लिए। भारत को तो जरूरत नहीं है लेकिन विपक्ष को तो जरूरत है पैसों की मोदी को हटाने के लिए। याद कीजिए हर चुनाव में कुछ टीवी चैनल्स पर बताया जाता है कि इस्लामिक देशों से भारतीय मुसलमान केवल वोट डालने आते है, अपने पैसे खर्च करके नहीं बल्कि उनके टिकट का प्रबंध “अज्ञात” द्वारा किया जाता था। अमेरिका से आने वाला धन इसी काम में प्रयोग होता होगा जिससे मोदी को हटाया जा सके।
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आज किसी कांग्रेस नेता ने कहा है कि पैसा अगर आया होगा तो स्टेट बैंक के जरिए आया होगा, वहां जांच करा लीजिए। बड़े श्याणे हो, ये पैसा स्टेट बैंक से क्यों आएगा क्योंकि ये तो नंबर दो का पैसा है जो किसी नंबर दो के मार्ग से आया होगा। अभी इसमें बहुत लोग लपेटे में आएंगे क्योंकि ऐसा कहा गया है कि ट्रंप ने मोदी को सभी जानकारी देने की बात कही है। बड़े बड़े NGO, पत्रकार और मीडिया हाउस फंसेंगे। इसलिए अभी से शोर मचाना शुरू कर दिया है कि यह पैसा बांग्लादेश गया।
एलन मस्क ने भारत और अन्य देशों के बारे में तो बता दिया मगर उसी समंदर से पैसा ट्रंप को हराने के लिए बहाया गया होगा? उसकी राशि तो बहुत भारी भरकम रही होगी लेकिन न मोदी हट सका और न ट्रंप को आने से रोक सके।
ट्रंप ने गैरकानूनी रूप से रह रहे प्रवासियों पर और उनके बच्चों तक पर होने वाले खर्च को भी रोकने का फैसला किया है और दूसरी तरफ भारत में कांग्रेस बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों फूल माला पहनाकर स्वागत करती है और कोर्ट रोहिंग्या घुसपैठियों के बच्चों को शिक्षा का मौलिक अधिकार देने की बात करते हैं। फिर लोग पूछते हैं जो अमेरिका में हो सकता है वह भारत में क्यों नहीं होता जबकि वह यहां होना कोर्ट रोक देते हैं।

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