डोनाल्ड ट्रम्प के कंधे बन्दूक रख जॉर्ज सोरोस ने जो खेल खेला है उससे भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को विपक्ष से सतर्क रहने की जरुरत है। श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल और ईरान में हो रहे उपद्रव और विपक्ष के उपद्रव की समानता को गंभीरता से लेना होगा। पत्थरबाजों यानि sleeper cells से भी सख्ती से निपटना होगा। देखिए सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को।
UNO को तत्काल बंद कर देना ही उचित होगा अगर अमेरिका के वेनेजुएला पर कब्ज़ा करने को संघ आंखे बंद करके देखता रहा और महासचिव António Guterres की जुबान को लकवा मार गया जबकि इज़रायल के हमास पर प्रतिकार की निंदा करने में उन्होंने देर नहीं लगाई थी। ऐसे UNO पर हर देश का करोड़ों रुपया खर्च होता है जो करदाता का पैसा होता है और बर्बाद होता है।
डोनाल्ड ट्रंप को वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को हथकड़ी बांध कर ले जाना आधुनिक युग में जंगलीपन और वहशीपन की सबसे बड़ी मिसाल है। ट्रंप पुराने dictators की लिस्ट में शामिल हो गए जैसे मुसोलिनी, हिटलर, सद्दाम हुसैन, Joseph Stalin(Soviet Union), Mao Zedong (China) जो अपनी मर्जी की हुकूमत के लिए दूसरे देशो पर कब्ज़ा किए और कुछ ऐसे थे जो अपने ही देश में तख्तापलट कर सत्ता में बैठ गए।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला में वैकल्पिक सरकार बनने तक अमेरिका वहां का प्रशासन देखेगा। शायद इसलिए ही वहां के विपक्ष की नेता María Corina Machado को नोबेल प्राइज दिया गया कि वो भविष्य में सत्ता पर बैठ सके और मैडम ने कह भी दिया है कि हम सत्ता संभालने के लिए तैयार हैं।
याद कीजिए वह समय जब अमेरिका ने इराक के पास रासायनिक हथियार होने का आरोप लगा कर उस पर हमला कर दिया था जिसमें लाखों लोग मारे गए और सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर मुकदमा चला कर फांसी दे दी गई थी लेकिन कोई रासायनिक हथियार नहीं मिले थे। अब वेनेजुएला में ड्रग्स मिलते हैं या नहीं, कह नहीं सकते लेकिन वामपंथी शासन को जरूर हटा दिया ट्रंप ने।
वैसे भी अधिकांश युद्ध 1980 के बाद रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति होने से समय में ही हुए हैं लेकिन ट्रंप ने दूसरे समृद्ध देशों के लिए एक रास्ता खोल दिया कि अगर कोई देश उनका कहा न माने तो कब्ज़ा कर लो। अब पुतिन कोशिश करेगा कि जेलसंस्की को गिरफ्तार करके उक्रेन पर कब्ज़ा कर रूस में मिला ले और भारत भी पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्ज़ा कर ले तो कुछ गलत नहीं होगा। जब ट्रंप ईसाईयों के लिए नाइजीरिया पर हमला कर सकता है तो भारत को हिंदुओं के लिए बांग्लादेश पर और आतंक की कमर तोड़ने के लिए पाकिस्तान पर कब्ज़ा कर लेना चाहिए, तब ट्रंप को कैसा लगेगा?
जो ट्रंप दुनिया भर में ढोल बजाता रहा कि उसने 8 युद्ध रोक दिए और नोबेल प्राइज उसे ही मिलना चाहिए, वो ही ट्रंप 30 करोड़ आबादी वाले वेनेजुएला पर 30 मिनट में कब्ज़ा कर गया। यानी अमेरिका के लगभग बराबर आबादी वाले देश को निगल गया अमेरिका। 1583 में ब्रिटेन ने कनाडा पर कब्ज़ा किया था और इसलिए सही मायने में अमेरिका वेनजुएला पर कब्ज़ा कर दुनिया को 1000 साल पुराने युग में ले गया।
डोनाल्ड ट्रंप के किए को देखकर चीन भी ताइवान को हड़प सकता है और फिर अमेरिका को बीच में पड़ने का कोई नैतिक अधिकार नहीं होगा। चीन तो South China Sea में आने वाले देशों Vietnam, Philippines, Malaysia, Brunei, Indonesia, Taiwan, and others पर भी कब्ज़ा कर सकता है, क्योंकि UNO तो पूरी तरह Defunct साबित हो गया।
जो नहीं करना चाहिए था, डोनाल्ड ट्रंप वो कर गया लेकिन उसके परिणाम पूरे अमेरिका को भुगतने पड़ेंगे क्योंकि चीन, रूस, ईरान और कुछ यूरोपीय देश भी वेनेजुएला मामले में पड़ सकते है जो विश्व युद्ध का रूप ले सकता है।

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