प्रधानमंत्री मोदी ने आज के अपने संबोधन में जंतर मंतर पर उत्पात करने वाले “कथित छात्रों” को माफ़ कर दिया। मोदी जी का यह सन्देश इंस्टाग्राम पर एक करोड़ लोगों ने Love Emoji से लाइक किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत बड़ा दिल दिखाया वह भी उन बेशर्म “कथित छात्रों” के लिए जो मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ गए। मोदी जी को जब भी विदेश में कोई अवार्ड मिलता है, तो वह हमेशा कहते हैं कि यह सम्मान मेरे लिए नहीं है बल्कि भारत 140 करोड़ लोगों के लिए हैं।
इस तरह देखा जाए तो “गटर Z” के उत्पाती लोगों ने केवल प्रधानमंत्री मोदी को गालियां नहीं दी बल्कि देश के 140 करोड़ लोगों को गालियां दी हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
-बचपन में गलतियां होती हैं;
-गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है;
-लेकिन बच्चों को राह दिखाना कर्तव्य है;
-कुछ शरारती बच्चो ने गलतियां कर दी;
-भद्दी भद्दी गालियां मुझे तो दी, मेरी स्वर्गीय माता जी को गाली दी गई;
-गलतियों से सीखें और आएगी बढ़ें;
-हमारी बेटियां कैसे इस तरह की भाषा बोल सकती हैं;
-मैं उन बच्चों को माफ़ करना चाहता हूँ क्योंकि कभी कभी जीभ दांतो तले आकर कट जाती है तो हम दांत नहीं तोड़ते क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। ये बच्चे भी हमारे हैं।
इन बातों को ध्यान से समझा जाए तो पता चलेगा कि मोदी जी को उन्हें और उनकी स्वर्गीय माता जी को गालियां देने से असहनीय पीड़ा हुई जिसे उन्होंने जता दिया। उन्होंने उत्पाती कथित छात्रों को “गुमराह” और शरारती भी कह दिया। इतना ही नहीं उन बेशर्म लड़कियों को भी आड़े हाथों लिया जिन्होनें मोदी जी को भद्दी भद्दी गालियां दी।
मोदी ने एक तरफ ऐसे उद्दंड “कथित छात्रों” को माफ़ करने की बात की तो उसी दिन अभिजीत दिपके और सौरव दास खुलकर उस रुचिका सिंह के समर्थन में खड़े हो गए जो मोदी जी को अपमानित करने की भाषा बोलने में अग्रणी थी और अब फरार है। जितनी हिम्मत बकवास करने में दिखाई थी, उतनी हिम्मत पुलिस के सामने आने में दिखाए।
मेरी नज़र में ऐसे लोग माफ़ करने योग्य नहीं है। 15-15 साल के लड़के लड़कियां ऐसे गालियां दे रहे थे जैसे किसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हों और उनमे से अब कई माफ़ी मांगते फिर रहे हैं। सबसे बड़ी बात ऐसे बच्चों के एक भी माता पिता ने अपने बच्चों की करतूतों के लिए अफ़सोस प्रकट नहीं किया है। ऐसा नहीं है उन तक उनके बच्चों की हरकतें न पहुंची हों।
जिन लोगों ने भी गालियां देने में मर्यादाएं तोड़ी हैं, उन्हें किसी तरह माफ़ नहीं किया जाना क्योंकि ये लोग कभी मोदी जी के साथ नहीं आने वाले जैसी मोदी जी ने उनसे अपील की है। गालियां देने में एक्सपर्ट थे लेकिन उनमे एक भी ऐसा नहीं है जो कामनवेल्थ खेलों में पदक जीत सके जैसे हमारे खिलाडियों ने जीते हैं।

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