गणतंत्र दिवस पर प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान जमकर बवाल किया गया। उपद्रवियों ने जमकर तोड़फोड़ की और लाल किले (Red Fort) पर अपना झंडा तक फहरा दिया था। दिल्ली पुलिस अब उपद्रवियों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उपद्रव करने वाले 12 लोगों की तस्वीरें जारी की गई हैं और 8 आरोपितों पर इनाम घोषित कर दिया गया है। और अब तक गिरफ्तार आरोपियों को बचाने के लिए पंजाब की कांग्रेस सरकार किस आधार पर वकीलों की फ़ौज खड़ी कर रहे हैं, क्या यह कांग्रेस का दोगलापन नहीं ?
कांग्रेस के इशारे पर नाचने वालों को इन बिंदुओं पर विचार करना होगा:-
1. महात्मा गाँधी के वध के बाद चितपावन ब्राह्मणों का नर संहार किसके राज में हुआ था? जो स्वतन्त्र भारत का सबसे भयंकर नरसंहार था।
2. गौ-हत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों के खून से पार्लियामेंट स्ट्रीट किसके राज में लाल हुई थी?
3. किस पार्टी के राज में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के आंदोलन को किसने कुचला था?
4. चली 300 गोलियों से 29 किसान किस पार्टी के राज में मरे थे?
5. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या उपरांत सिख नरसंहार किस पार्टी के राज में हुआ था?
6. इस्लामिक आतंकवादियों को संरक्षण देने "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम पर निर्दोष साधु/संत और साध्वियों को जेलों में डाल हिन्दुओं को किसके राज में बदनाम किया जा रहा था?
7. नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में सड़क पर आने का आव्हान किसने किया था?
8. आपातकाल में विपक्षियों को जेलों में किसके राज में डाला गया था?
9. आपातकाल में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को वार्षिक इन्क्रीमेंट एवं पदों उन्नत्ति के लिए नसबंदी केस लाने के लिए किस पार्टी के राज में किया गया था? आदि हज़ारों प्रश्न हैं, जिन पर मंथन करना अत्यंत जरुरी है, हर बात के लिए मोदी विरोध उचित नहीं। जनहितों में जिन मुद्दों पर विरोध करना चाहिए, उसमें से एक भी मुद्दे पर किसी में सड़क पर आने का साहस नहीं। क्योकि उस लूट में देश की समस्त पार्टियां शामिल है। इतना ही नहीं, जनता में भी उन मुद्दों पर प्रश्न करने का साहस नहीं।
इन 8 लोगों की तलाश
दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर उपद्रव करने वालों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के 8 आरोपितों पर इनाम घोषित किया है। दीप सिद्धू समेत 4 आरोपितों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम और 4 अन्य आरोपितों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। जानकारी के मुताबिक दीप सिद्धू, जुगराज सिंह, गुरजोत सिंह और गुरजंत सिंह पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। जजबीर सिंह, बूटा सिंह, सुखदेव सिंह और इकबाल सिंह पर 50-50 हजार रुपए इनाम का ऐलान किया है।
एसआईटी की कर रही है जाँच
दिल्ली पुलिस ने उपद्रव में शामिल कई आरोपितों की भी पहचान कर उन पर इनाम की घोषणा की है। जाँच के दौरान दिल्ली पुलिस के पास करीब 5 हजार वीडियो आ चुके हैं। जिनमें से पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है। दिल्ली दंगों को लेकर अब तक पुलिस 44 एफआईआर दर्ज कर चुकी है, वहीं 122 लोगो की गिरफ्तारी हुई है। हालाँकि, दिल्ली में हुए इस उपद्रव को लेकर अभी भी किसी मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी नही हो पाई है। दिल्ली में हुई इस हिंसा की जाँच क्राइम ब्रांच भी कर रही है।
इधर केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच नई दिल्ली की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। इसे लेकर पुलिस से कई प्रकार के सवाल भी पूछे जा रहे हैं।
मंगलवार (फरवरी 02, 2021) को पत्रकारों को संबोधित करते हुए, दिल्ली के पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि वह ये देखकर आश्चर्यचकित हैं कि 26 जनवरी के दिन जब पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेड्स तोड़कर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया, उन पर कम सवाल उठाए गए।

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