जनरल नरवणे राहुल के बयान पर आपकी टिप्पणी काफी नहीं है; उसे कोर्ट ले जाएं

सुभाष चन्द्र

राहुल गाँधी LoP नहीं Leader of Propaganda जिसे राहुल की हरकतें खुद ही साबित कर रही हैं, फिर भी जनता इसके मकरजाल में फंस कांग्रेस को वोट देती है उससे महामूर्ख दुनिया में कहीं मिलने वाला नहीं। ये भारत विरोधी विदेशियों के हाथ की कठपुतली है। जब भी विदेश से आता है कोई न कोई प्रोपेगंडा कर संसद को बाधित करता है।  

राहुल गांधी ने जनरल नरवणे का नाम लेकर मुद्दा उछाला था जिस पर एक सप्ताह बाद वे और पेंगुइन बाहर निकले थे और कहा था कि किताब अभी नहीं छपी है वह भी तब, जब दिल्ली पुलिस ने FIR पर कार्रवाई शुरू कर दी थी लेकिन किताब छपी या नहीं छपी, इसमें भी झोल था सबसे बड़ी बात तो यह थी कि वह पुस्तक राहुल गांधी के पास कैसे पहुंची अगर छपी ही नहीं

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अब 15 दिन के बाद जनरल नरवणे ने जो बयान दिया है उसे बताया जा रहा है जैसे उन्होंने बहुत बड़ा तीर मार दिया है
 उन्होंने कहा है कि -

“चीन को एक इंच भी जमीन नहीं दी गई है; हम अज्ञात स्रोतों के हवाले से छपे लेखों पर भरोसा नहीं कर सकते; जब स्थिति स्पष्ट हो जाएगी, तब हम इस मुद्दे पर गहराई से चर्चा कर सकते हैं”

जनरल नरवणे के सम्मान के विरुद्ध कुछ नहीं कहना चाहिए लेकिन वे केवल इतना बयान देकर पतली गली से नहीं निकल सकते राहुल गांधी ने उनके नाम का सहारा लेकर ना केवल मोदी सरकार पर आरोप लगाया बल्कि खुद नरवणे पर भी कीचड़ उछाली और उन पर सवाल उठाते हुए चीन को भूमि सौपने का आरोप लगाया जैसे उसके लिए जनरल नरवणे ही जिम्मेदार थे

आपने कहा कि अज्ञात स्रोतों के हवाले से छपे लेखों पर भरोसा नहीं कर सकते और राहुल गांधी के लिए कहा कि कोई भी कुछ भी बोल सकता है लेकिन आपको यह बताना चाहिए कि जो उस लेख में छपा वो गलत है क्या और जो राहुल गांधी किताब से पढ़ कर बोल रहा था, वह क्या गलत था आपका इस बारे में स्पष्टीकरण ना आना आप पर संदेह पैदा करता है

अगर गलत था तो जनरल नरवणे को राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का केस दायर करना चाहिए जैसे कि लक्ष्मी पुरी ने साकेत गोखले के खिलाफ किया था और उसे घुटनों पर ला दिया था जनरल नरवणे साहेब, राहुल गांधी “कोई भी नहीं है” वो लोकसभा में LoP है और वह आपके खिलाफ मर्यादा तोड़ कर बात नहीं कर सकता वह पहले ही सेना के अपमान और चीन द्वारा 2000 किलोमीटर भूमि हड़पने के आरोप के लिए सुप्रीम कोर्ट से फटकार खाए हुए है और अभी केस सुप्रीम कोर्ट में है ट्रायल की अनुमति के लिए जनरल नरवणे अगर उसे कोर्ट में घसीटते हैं तो कोर्ट उनकी बात की अनदेखी नहीं करेगा राहुल से पूछिए कि 38 हजार वर्गकिलोमीटर भूमि चीन के कब्जे में कैसे है?

दिल्ली पुलिस जैसे जांच कर रही है वैसे तो उसे पूरा करने में कई वर्ष लग जाएंगे वह जांच कर रही है अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया में लीक के digital और financial footprints तलाशने में वहां लीक बाद में तलाश हो सकते हैं पहले पेंगुइन और राहुल के पास पुस्तक कैसे पहुंची उसकी जांच होनी चाहिए सौ बात की एक बात है कि पुस्तक की manuscript केवल नरवणे के पास हो सकती थी या रक्षा मंत्रालय में जब तक रक्षा मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलती, वह manuscript पेंगुइन के पास कैसे पहुंच सकती थी और उसके लिए शक की सुई नरवणे साहेब की तरफ मुड़ती है

पेंगुइन ने कहा कि किताब Officially प्रकाशित नहीं हुई है जिसका मतलब यह भी निकलता है कि किताब छपी तो है लेकिन कंपनी ने आधिकारिक तौर पर प्रकाशित नहीं की है और इसका मतलब यह भी निकलता है कि किताब की प्रतियां चोरी छुपे प्रकाशन कार्यालय से बाहर गई है क्योंकि कंपनी ने खुद कहा है कि “They are pursuing legal remedies against the unauthorized distribution”. इससे साफ है कंपनी मान रही है कि किताब उसकी अनुमति के बिना बाहर निकली है

दरअसल पुलिस की तीन टीमों को पेंगुइन, राहुल गांधी और नरवणे साहेब से अलग अलग एक साथ पूछताछ करनी चाहिए और सभी के जवाबों को फिर से स्पष्टीकरण लेने चाहिए जब तक ठोस परिणाम न सामने आ जाए

देश जानता है आप(कांग्रेस) पहले से ही नंगे हो, फिर कपड़े उतारने की क्या जरूरत थी?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को मेरठ से कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मौका था मेरठ में ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेट्रो सेवा के ऐतिहासिक उद्घाटन का, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के निशाने पर रही दिल्ली की वो घटना, जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिल्ली के ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब वैचारिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और देश के लिए बोझ बन गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी को मेरठ से कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मौका था मेरठ में ‘नमो भारत’ रैपिड रेल और मेट्रो सेवा के ऐतिहासिक उद्घाटन का, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के निशाने पर रही दिल्ली की वो घटना, जिसने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दिल्ली के ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब वैचारिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और देश के लिए बोझ बन गई है।

उन्होंने कहा कि हम उस संस्कृति से आते हैं जहां गांव की शादी में भी पूरा गांव मेहमानों की खातिरदारी में जुट जाता है, लेकिन कांग्रेस अपने ही देश को बदनाम करने पर तुली है। उन्होंने कहा कि जहां पूरा देश मेहमानों के स्वागत में जुटा था, वहीं कांग्रेस देश को बदनाम करने की साजिश रच रही थी।

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष के अन्य दलों और मीडिया को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इस हरकत से उनके साथी दल भी हैरान हैं और उन्होंने इससे किनारा कर लिया है। पीएम ने मीडिया से आग्रह किया कि ‘मोदी ने विपक्ष को धो डाला’ जैसी हेडलाइन न बनाएं, बल्कि सीधे कांग्रेस का नाम लें। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ऐसी हरकतें करती है, तो हेडलाइन ‘विपक्ष’ के नाम से नहीं बल्कि ‘कांग्रेस’ के नाम से बननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘विपक्ष’ शब्द का इस्तेमाल कर मीडिया अनजाने में कांग्रेस के पापों पर पर्दा डाल देता है।

संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस द्वारा संसद में महिला सांसदों को आगे कर विरोध प्रदर्शन करवाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि क्या आप इतने खोखले हो गए हैं कि माताओं-बहनों को इस तरह आगे करना पड़ रहा है? उन्होंने कटाक्ष किया कि अगर प्रधानमंत्री बनना है, तो जनता का दिल जीतना पड़ता है, इस तरह की ओछी हरकतों से कोई नेता नहीं बनता। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अब देश के लिए एक ‘बोझ’ बन चुकी है।

सियासी हमले के बाद तकनीकी उपलब्धि का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि भारत में पहली बार एक ही प्लेटफॉर्म और एक ही ट्रैक पर ‘नमो भारत’ और ‘मेट्रो’ दोनों चलेंगी। इससे दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी कम हो जाएगी। इससे दिल्ली-मेरठ के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। अब लोगों को दिल्ली में महंगे किराए के कमरे लेकर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले देश के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो थी, जबकि आज 25 से ज्यादा शहरों में मेट्रो का जाल बिछ चुका है, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन गया है।
मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, कैंची उद्योग और मुरादाबाद के पीतल उद्योग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने MSMEs के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के विशेष फंड की व्यवस्था की है। अब छोटे कारीगर बिना किसी सीमा के अपना सामान विदेशों में कूरियर कर सकेंगे। उन्होंने चौधरी चरण सिंह जी को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों और छोटे उद्यमियों के विजन को धरातल पर उतार रही है।
उन्होंने कहा कि 10 साल पहले पश्चिमी यूपी की पहचान दंगों, गुंडों और खराब सड़कों से होती थी। सपा राज में अपराधी बेखौफ थे, लेकिन आज योगी जी के राज में वही अपराधी जेलों में दिन काट रहे हैं। आज मेरठ की पहचान ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल और अत्याधुनिक मेट्रो से हो रही है। पीएम मोदी ने दोहराया कि जब तक उत्तर प्रदेश विकसित नहीं होगा, भारत विकसित नहीं हो सकता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर फैक्ट्री जैसे प्रोजेक्ट्स यहां के युवाओं के लिए लाखों रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।




AI समिट में नंगों ने देश को किया बदनाम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (22 फरवरी 2025) को मेरठ में विकास की नई मिसाल पेश की। उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल के पूरे 82 किलोमीटर लंबे फुल स्ट्रेच का भव्य उद्घाटन किया और मेरठ मेट्रो को भी हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री खुद ट्रेन में सवार होकर शताब्दी नगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक सफर किया और वहाँ स्कूली बच्चों तथा दिव्यांग बच्चों से गर्मजोशी से बातचीत की। इस पूरे कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके साथ पूरी तरह मौजूद रहे।

उद्घाटन के बाद मेरठ साउथ स्टेशन पर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य फोकस कांग्रेस पर रखते हुए तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की कनेक्टिविटी कैसे होगी इसका शानदार उदाहरण मेरठ मेट्रो और नमो भारत का एक साथ संचालन है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस की कार्यशैली और भाजपा की कार्यशैली में जमीन-आसमान का अंतर है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, “नमो भारत और मेरठ मेट्रो के एक साथ लोकार्पण में भाजपा की कार्यशैली की झलक है। हमारी कार्यसंस्कृति है कि जिस काम को शुरू किया जाए उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर दिया जाए। इसीलिए अब की परियोजनाएँ पहले की तरह लटकती-भटकती नहीं हैं।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस के राज में परियोजनाएँ फाइलों में गुम हो जाती थीं।

मोदी ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि आज भारत मेट्रो नेटवर्क के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। यूपी में मेरठ समेत कई शहरों में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। लेकिन कांग्रेस-सपा के राज में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट फाइलों में ही गुम जाते थे। मशीनें विदेश से लाई जाती थीं और घोटालों का सिलसिला चलता रहता था। हमने न सिर्फ घोटाले बंद किए बल्कि देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को सबसे ज्यादा घेरा। उन्होंने हाल के दिल्ली एआई समिट का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर के नेता और तकनीकी कंपनियाँ दिल्ली के एआई सम्मेलन में जुटीं। यह भारत का गौरव का पल था लेकिन कॉन्ग्रेस ने इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को अपनी गंदी और नंगी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। समारोह स्थल पर विदेशी अतिथियों के सामने कॉन्ग्रेस के नेता कपड़े उतार कर पहुंच गए।

मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा, “मैं कांग्रेस वालों से पूछता हूँ कि सारा देश जानता है कि आप नंगे हो फिर कपड़े उतारने की जरूरत क्या पड़ी? यह दर्शाता है कि कांग्रेस पूरी तरह वैचारिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भारत की सफलता पच नहीं रही है। कांग्रेस ने देश के एक वैश्विक आयोजन को अपनी राजनीति का मैदान बना दिया जिससे पूरी दुनिया में भारत की छवि खराब हुई।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेताओं को मोदी से नफरत है। ये लोग मेरी कब्र खोदना चाहते हैं। मेरी माँ को गाली देने से उन्हें परहेज नहीं। उन्हें भाजपा से विरोध है एनडीए से विरोध है। अगर आपकी राजनीति यही है तो हम इसको भी सहन कर लेंगे लेकिन कांग्रेस को याद रखना चाहिए था कि एआई सम्मेलन भाजपा का कार्यक्रम नहीं था। यह देश का कार्यक्रम था फिर भी कांग्रेस ने सारी मर्यादाएँ तोड़ दीं। अब पूरे देश में लोग कांग्रेस पर थू-थू कर रहे हैं।

मोदी ने कांग्रेस पर हमले को और तेज करते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग देश की बेईज्जती करने वालों का जयकारा कर रहे हैं। राहुल गाँधी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर आपको प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठना है तो पहले जनता के दिल जीतने पड़ेंगे। महिला सांसदों को आगे करके सीट पर कब्जा करने से प्रधानमंत्री नहीं बन जाते। कांग्रेस अब देश के लिए बोझ बन गई है।

उन्होंने कांग्रेस के सहयोगी दलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की घटना में कांग्रेस के सभी सहयोगी दलों ने भी कांग्रेस की आलोचना करने की हिम्मत की। मैं उन सभी दलों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त करता हूँ। यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस की राजनीति अब उसके अपने सहयोगियों को भी पसंद नहीं आ रही। कांग्रेस पूरी तरह अलग-थलग पड़ चुकी है।

इस पूरे भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कांग्रेस की विफलताओं और नकारात्मक राजनीति को उजागर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की प्रगति नहीं देखना चाहती। जहाँ भाजपा विकास के काम कर रही है वहीं कांग्रेस नंगी राजनीति और बेईज्जती कर रही है।

उत्तर प्रदेश के विकास का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले मेरठ और यूपी अपराध के लिए जाना जाता था। आज यूपी विकास और ब्रह्मोस मिसाइल के लिए जाना जाता है। सपा राज में अपराधी बेखौफ घूमते थे आज योगी सरकार में वे जेल में हैं। कानून व्यवस्था सुधरने से व्यापार बढ़ा है। कल ही सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। डबल इंजन सरकार यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही है।

उद्घाटन के बाद अब सराय काले खाँ से मोदीपुरम तक की यात्रा सिर्फ 55 मिनट में पूरी हो सकेगी। यह भारत की सबसे तेज सेमी हाई-स्पीड रीजनल रैपिड ट्रेन है जो 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इस परियोजना में महिला सशक्तिकरण को विशेष जगह दी गई है। करीब 80 प्रतिशत ड्राइवर महिलाएँ होंगी।

अभी कुछ ही दिन पहले IndiaTV पर पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन ने भी राहुल गाँधी की जमकर धुलाई करते हुए कहा कि "राहुल एक समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए समस्या बन चुके हैं . .."

बंगाल और तमिलनाडु की राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का क्या मतलब है?

सुभाष चन्द्र

चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के 16 मार्च चुनाव की तारीख तय की है। 

इन 37 सीटों में 5-5 सीट तमिलनाडु और बंगाल की हैं 

इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव मार्च/अप्रैल 2026 में होने हैं और जिन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है वो 2 अप्रैल को रिक्त होंगी 

इसलिए विधानसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की इन राज्यों से सीट भरना उचित नहीं है क्योंकि जो आज विधानसभा के सदस्य हैं, वे हो सकता है अगली विधानसभा में ना हों और इस तरह उन्हें  16 मार्च के चुनाव में वोट देने का अधिकार नहीं होना चाहिए

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इसलिए राज्यसभा की दोनों  राज्यों से 10 सीट विधानसभा चुनाव होने तक रिक्त रखी जानी चाहिए

राज्यसभा की सीट कुछ समय तक रिक्त रह सकती हैं जैसे बंगाल से एक सीट 5 जनवरी, 2026 से खाली है शायद इसलिए कि आने वाले चुनाव के साथ उसे भी भर लिया जायेगा यानी ये सीट अप्रैल, 2026 तक खाली रहेगी इस तरह वे 10 भी एक महीने के लिए खाली रखी जा सकती हैं जब तक अगली विधानसभा मई में गठित ना हो जाए

2021 विधानसभा के लिए दोनों राज्यों में चुनाव की घोषणा 26 फरवरी, 2021 को हुई थी और जाहिर है इस वर्ष भी इसी के आसपास घोषणा की जाएगी उसके बाद तमिलनाडु में चुनाव 6 अप्रैल को हुए और बंगाल में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक हुए दोनों राज्यों में चुनाव नतीजे 2 मई, 2021 को घोषित हुए थे

विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा के बाद राज्यसभा का चुनाव इन दोनों राज्यों से 16 मार्च को कराना तकनीकी रूप से सही नहीं होगा लेकिन चुनाव आयोग ऐसा करता रहा है जबकि इस तरह के चुनाव से राज्य का उच्च सदन में सही प्रतिनिधित्व नहीं हो सकता विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद तो विधायकों को तकनीकी रूप से राज्यसभा के चुनाव में वोट देने के लिए अयोग्य माना जाना चाहिए

मुझे समझ नहीं आया अभी तक किसी राजनीतिक दल या संविधान विशेषज्ञ ने इस पर विचार क्यों नहीं किया ऐसे चुनाव को रोकने के लिए तो सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर होनी चाहिए

भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर रोकी बात, SC के फैसले के बाद माहौल को देखते हुए लिया फैसला


भारत ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील पर होने वाली प्रमुख वार्ता स्थगित कर दी है। यह फैसला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया टैरिफ संबंधी आदेश के बाद बदले माहौल को देखते हुए लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह वाशिंगटन में होने वाली यह बैठक अब टाल दी गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका जाने वाला था। वहाँ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीर के साथ अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देना था। दोनों पक्ष अब लेटेस्ट डेवलपमेंट्स का मूल्यांकन करने के बाद आपसी सुविधानुसार नई तारीख तय करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को कहा कि भारत के साथ ट्रेड डील ट्रैक पर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अंतरिम फ्रेमवर्क के तहत तय 18 प्रतिशत टैरिफ चुकाता रहेगा। प्रस्तावित समझौते के तहत भारत ज्यादातर सामानों पर टैरिफ घटाने को तैयार है जबकि अमेरिका अपने जवाबी टैरिफ को 18 प्रतिशत तक लाएगा। हालांकि लोहा, स्टील, तांबा, एल्युमिनियम और ऑटो पार्ट्स पर 50 प्रतिशत टैरिफ बरकरार रहेंगे।

भारतीय अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नजर रखे हुए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “भारत ने अभी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए बातचीत की गुंजाइश है। हम देखेंगे कि अमेरिकी सरकार इस रूलिंग पर क्या रुख अपनाती है। अभी इसके पूरे असर का आकलन करना जल्दबाजी होगी।”
यह स्थगन दोनों देशों द्वारा अंतरिम समझौते के कुछ पहलुओं पर पुनर्विचार करने का संकेत दे रहा है। फिर भी वाशिंगटन से आ रहे बयान बताते हैं कि बातचीत सही दिशा में चल रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने रेसिप्रोकल टैरिफ नीति की कानूनी बुनियाद को प्रभावित किया है। भारत सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहता है ताकि अंतिम डील दोनों के हित में हो।

यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका के व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। दोनों देश आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने और टैरिफ बाधाएँ कम करने पर जोर दे रहे हैं।

भारत-ब्राजील दोस्ती के नए युग का आगाज: 20 बिलियन डॉलर व्यापार लक्ष्य और ग्लोबल साउथ की गूंज


भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए आगामी पांच वर्षों में व्यापार को 20 बिलियन डॉलर के पार ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। 21 फरवरी को नई दिल्ली में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच का व्यापार केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि आपसी विश्वास का प्रतिबिंब है। राष्ट्रपति लूला की इस यात्रा ने न केवल AI Impact Summit की शोभा बढ़ाई, बल्कि रक्षा, ऊर्जा और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक तालमेल को एक नई ऊर्जा भी प्रदान की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों का सहयोग अब केवल द्विपक्षीय लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे ग्लोबल साउथ के भविष्य को दिशा देने वाला है। ऊर्जा सुरक्षा से लेकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक, भारत और ब्राजील एक ऐसी ‘win-win’ पार्टनरशिप की ओर बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक लचीला बनाएगी।

भविष्य की तकनीकों पर विशेष जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत और ब्राजील मिलकर ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक ‘Centre of Excellence’ स्थापित करने पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपर कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने समावेशी विकास का मंत्र देते हुए कहा, “Technology must be inclusive and it must become a bridge for shared progress.” यह बयान दर्शाता है कि दोनों देश तकनीक का उपयोग समाज के हर वर्ग को जोड़ने के लिए करना चाहते हैं।

रक्षा और क्रिटिकल मिनरल के क्षेत्र में हुए समझौते भी इस यात्रा के मुख्य आकर्षण रहे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि ये कदम एक-दूसरे के प्रति भरोसे और रणनीतिक तालमेल का बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ में जो समझौता हुआ है, वो रिजिल्यन्ट सप्लाई चेन के निर्माण में एक बड़ा कदम है।

जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों नेताओं ने ठोस रणनीति साझा की। इथेनॉल ब्लेंडिंग और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री ने ग्लोबल बायो-फ्यूल अलायंस में ब्राजील की सक्रिय भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के जरिए फूड सिक्योरिटी को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि भारत से ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। साथ ही, ब्राजील में आयुर्वेद के विस्तार की योजना है। उन्होंने कहा कि ब्राजील में आयुर्वेद और पारंपरिक मेडिसिन का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि होलिस्टिक हेल्थकेयर को बढ़ावा मिले। यह पहल पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगी। 

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और ब्राजील ने एक सुर में वैश्विक संस्थानों में सुधार की वकालत की। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि जब दो बड़े लोकतंत्र साथ आते हैं, तो दुनिया पर उसका व्यापक असर पड़ता है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत और ब्राजील एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के शत्रु हैं। दोनों देशों ने संवाद और कूटनीति को ही हर समस्या का समाधान माना है।

अंत में राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि मुझे पूरा विश्वास है कि आपकी यह यात्रा हमारी रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगी और आने वाले वर्षों में सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी। उन्होंने कहा कि आपकी यात्रा न केवल व्यापारिक रिश्तों को मजबूती देने वाली साबित हुई है, बल्कि इसने वैश्विक पटल पर विकासशील देशों की स्थिति को और अधिक सशक्त बना दिया है।

उत्तर प्रदेश : 50+ बच्चों से दरिंदगी, 47 देशों में भेजे अश्लील वीडियो-फोटो: बाँदा कोर्ट ने पति-पत्नी को सुनाई फाँसी की सजा, डार्क वेब से चलाते थे नेटवर्क


उत्तर प्रदेश के बाँदा में पॉक्सो कोर्ट ने पति-पत्नी दोनों को बच्चों के यौन शोषण से जुड़े एक मामले में फाँसी की सजा सुनाई है। साल 2020 में उत्तर प्रदेश के चित्रकूट से सामने इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। सरकारी नौकरी में तैनात एक इंजीनियर और उसकी पत्नी गरीब परिवारों के बच्चों को लालच देकर अपने जाल में फँसाते, उनका यौन शोषण करते और अश्लील वीडियो-फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचा करते थे। 5 साल तक चले मुकदमे के बाद कोर्ट ने फाँसी की सजा सुनाई।

सरकारी इंजीनियर और उसकी पत्नी की खौफनाक दुनिया

 बाँदा का रहने वाला रामभवन चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात था। वह अपनी पत्नी दुर्गावती के साथ SDM कॉलोनी में रहता था। दोनों गरीब परिवारों के बच्चों को मोबाइल, खिलौने, पैसे और गेम दिखाने का लालच देकर अपने घर बुलाते थे।

इसके बाद 5 से 16 साल तक के बच्चों के साथ यौन शोषण किया जाता था और लैपटॉप व वेब कैमरे से उनके अश्लील वीडियो व फोटो बनाए जाते थे। विरोध करने पर बच्चों के साथ मारपीट और धमकी दी जाती थी ताकि वे किसी से कुछ न कह सकें।

डार्क वेब से इंटरपोल तक पहुँची दरिंदगी की परतें

अक्टूबर 2020 में इंटरपोल के जरिए CBI को सूचना मिली कि भारत से एक व्यक्ति बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुँचा रहा है। जाँच में तीन मोबाइल नंबर और एक पेन ड्राइव सामने आई, जिसमें 34 बच्चों के वीडियो और सैकड़ों फोटो मौजूद थीं।

तकनीकी जाँच के बाद इन नंबरों को ट्रेस किया गया, तो पूरा मामला रामभवन और उसकी पत्नी तक पहुँच गया। इसके बाद 18 नवंबर 2020 को CBI ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान उनके घर से नकदी, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड, वेब कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

चीन, अमेरिका, अफगानिस्तान समेत 47 देशों में भेजे फोटो-वीडियो

गिरफ्तारी के बाद CBI ने करीब 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें मेडिकल रिपोर्ट, पीड़ित बच्चों के बयान और डिजिटल सबूत शामिल थे। जाँच में सामने आया कि दोनों ने 50 से अधिक बच्चों का शोषण किया था और उनके वीडियो-फोटो चीन, अमेरिका, ब्राजील, अफगानिस्तान समेत 47 देशों में बेचे गए।

इस मामले में 74 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। बच्चों के इलाज की व्यवस्था दिल्ली एम्स में कराई गई। करीब पाँच साल तक चले ट्रायल के दौरान हर सुनवाई ने इस कांड की भयावहता को और उजागर किया। पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में मानते हुए पति-पत्नी दोनों को फाँसी की सजा सुनाई। जज ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि पीड़ित प्रत्येक बच्चे को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए।

अर्धनग्न गुंडे क्यों भेजे कांग्रेस ने, लोकसभा की उन 8 महिलाओं को अर्धनग्न भेजते तो बेहतर होता; पूरे विश्व में कांग्रेस खुद नग्न हो गई; ऐसा किसी देश में नहीं होता होगा जो कांग्रेस ने भारत में किया

सुभाष चन्द्र

गली में कोई अजनबी घुसता है तो एक कुत्ता भौंकता है और उसे देख कर गली के सारे कुत्ते भौंकने लगते हैं। एक विदेशी नस्ल के कुकुर ने भौंका कि “Prime Minister Compromised” तो कांग्रेस के सारे कुकुर भौंकने लगे और 10 कुकुर नंगे हो गए भारत मंडपम के AI सम्मेलन में विघ्न डालने के लिए उन्हें अर्धनग्न भेजने से बेहतर होता राहुल/ प्रियंका लोकसभा की उन 8 महिलाओं को अर्धनग्न भेजते क्योंकि वो जब वहां मोदी पर कीचड़ उछालने के लिए तैयार थी तो यहां तो वैश्विक नेताओं के सामने मोदी को बदनाम करने का अच्छा मौका था

सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका वाड्रा के लिए सबसे ज्यादा शर्म की बात यह है कि इन उपद्रवियों को जनता ही नहीं फर्श सफाई करने वाले कर्मचारी ने फर्श साफ करने वाले पोछे से इन्हे खूब पीटा। आम जनता ने तो जूतों से पीटा। यह कांग्रेस के लिए अच्छा संकेत नहीं। बिकाऊ उपद्रव कर सकते हैं लेकिन कोई देशप्रेमी नहीं, चाहे वह किसी भी वर्ग/समाज का क्यों नहीं हो। कांग्रेस परिवार भारत में नेपाल, बांग्लादेश या फिर श्रीलंका की तरह आग में झोंकने की कोशिश न करे। पुलिस के पहुँचने से पहले जनता द्वारा ही इन उपद्रवियों की पिटाई करना साफ इशारा कर रहा है कि इस तरह की हरकतें होने पर जनता(GenZ) सरकार की बजाए परिवार, नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भारी पड़ने वाला है।         

AI सम्मेलन में 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए जो मोदी के हाथों में हाथ डाल कर गलबहियां कर रहे थे 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसमें 45-59 मंत्री स्तर के थे। 250 बिलियन डॉलर का निवेश होने की उम्मीद है 40 से ज्यादा कंपनियों के अध्यक्षों ने प्रधानमंत्री मोदी से मीटिंग की अकेले मुकेश अंबानी और अडानी ने 100 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की 

और राहुल गांधी/प्रियंका वाड्रा को लगता है कि उन्होंने भारत मंडपम में उत्पात करा कर मोदी की छवि को वैश्विक नेताओं के सामने धूमिल कर दिया वो भूल रहे हैं कि मोदी की छवि पर कांग्रेस के पागलपन से कोई फर्क नहीं पड़ेगा बल्कि कांग्रेस ने दुनिया भर में अपनी छवि भारत की एक गद्दार और सनकी पार्टी की बना ली 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
Youth Congress के अध्यक्ष उदय भानु छिब ने कहा है कि हमारा विरोध प्रधानमंत्री मोदी के भारत के हितों का समझौता करने के खिलाफ था जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील में हुआ। उन्होंने कहा “The PM is Compromised” is not just a slogan, but the anger of millions of unemployed youth. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील में किसानों और जनता के साथ धोखा हुआ है जिससे केवल अमेरिका को फायदा होगा

कुछ वाक्य रटा दिए जाते है और उससे ही नरेटिव/ प्रोपगैंडा चलता है नारा तो जो मर्जी चला दो लेकिन कितना कारगर होगा, क्या कह सकते हैं कांग्रेस को याद होगा राहुल गांधी ने नारा लगाया था “चौकीदार चोर” है क्या हुआ अंजाम, नारा फ्लॉप हो गया

कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि उसके नेता चिदंबरम ने राज्यसभा में खड़े होकर Digital Payment System का कैसे मज़ाक उड़ाया था और आज भारत Digital Payments में एक नंबर पर है कांग्रेस को तकलीफ अब AI से है लेकिन कल कांग्रेस के लोग ही AI का सबसे ज्यादा उपयोग करेंगे और आज भी कर रहे है प्रधानमंत्री मोदी की AI से घटिया फोटो/वीडियो जारी करके क्योंकि इससे ज्यादा ये लोग कुछ नहीं कर सकते, शैतान का दिमाग जो है राहुल और सारे कांग्रेसी नेताओं में

बेरोजगारी की बात तो ऐसे करते हैं कांग्रेसी और विपक्षी दल जैसे 2014 में कांग्रेस सरकार सभी को कलेक्टर बना कर गई थी इसके और अन्य आंकड़े देखिए -

- बेरोजगारी दर 2013 -14 (कांग्रेस के समय में) 4.9% थी जो इस वर्ष 2025 - 26 में  4.1% है;

-2014 में रजिस्टर्ड स्टार्ट अप केवल 400 थे जो आज बढ़ कर 1.5 लाख हैं - उनमे क्या किसी को रोजगार नहीं मिला;

-महिला वर्कफोर्स की भागीदारी 2014 में 23% थी जो 2026 में 37-40% है;

-2014 में औसत महंगाई 10% थी जो अब 2% से -4.0% है;

-2014-15  में प्रति व्यक्ति आय 86,647 रुपये थी जो 2025 - 26 में 2,25,000 है;

-राजकीय कोष घाटा 2009-10 में 10.2% था, जो 2025 -26 में  4.4% है

इतना ही नहीं कांग्रेस सरकार के जाते हुए एक राफेल खरीदने के पैसे नहीं थे जबकि मोदी ने 10 साल में 10 लाख करोड़ से ज्यादा की हथियार और सैन्य साजोसामान खरीदा है और देश में बनाया है 

पुलिस को उनके लोगों को गिरफ्तार करने से पहले जनता को ठीक से हाथ साफ़ करने का मौका देना चाहिए था

भारत पर 18% से घटकर 10% रह जाएगा ट्रंप का टैरिफ: वियतनाम-जापान-साउथ कोरिया पर भी होगा कम, SC के फैसले का


अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक साझेदारों के लिए 10 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान किया। अब अलग-अलग देशों पर लगे टैरिफ शुल्कों में भारी बदलाव देखा जाएगा। वहीं भारत के लिए यह फैसला खुशखबरी लेकर आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद हुआ 18 प्रतिशत टैरिफ घटकर अब 10 प्रतिशत हो जाएगा।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत के टैरिफ से बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के लिए शुल्क दरें फिर से तय की जाएँगी। इसके तहत स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टाइन, दक्षिण कोरिया, यूरोपीय संघ और जापान पर पहले 15 प्रतिशत शु्ल्क लगाया गया था, जिसे अब घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा।

वहीं वियतनाम पर पहले 20 प्रतिशत शुल्क था, जिसे भी कम करके 10 प्रतिशत किया जा रहा है। इसके अलावा ब्रिटेन पर पहले से ही 10 प्रतिशत शुल्क था, इसीलिए उसमें कोई बदलाव नहीं होगा।

भारत के लिए यह फैसला राहत भरा है। अमेरिका अब भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 18 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा। यानी भारत के निर्यात पर लगने वाला शुल्क कम हो जाएगा। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक अहम द्विपक्षीय समझौता हुआ था, और उसके कुछ ही हफ्तों से भीतर व्यापार नियमों में यह एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थी ट्रंप की ग्लोबल टैरिफ

शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तथाकथित ग्लोबल टैरिफ पॉलिसी को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि 1977 का अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) कानून राष्ट्रपति को विदेशी संपत्ति फ्रीज करने, लेन-देन सीमित करने या प्रतिबंध लगाने की शक्ति देता है, लेकिन यह कानून सीधे तौर पर नया टैक्स या स्थायी टैरिफ लगाने की खुली अनुमति नहीं देता।

इसके बाद भी ट्रंप बाज नहीं आए और उन्होंने 10 प्रतिशत अतिरिक्त ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया। 

कांग्रेस का ‘खटाखट’ वसूली मॉडल EXPOSED: पहले मुफ्त का झांसा, अब जनता की जेब पर डाका


चुनाव के समय मंचों से गूंजता वो ‘खटाखट-खटाखट’ का नारा आपको याद है? राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के तमाम दिग्गजों ने वादा किया था कि सरकार बनते ही महिलाओं और युवाओं के खातों में ‘खटाखट’ पैसे आएंगे। लेकिन चुनाव बीतते ही तस्वीर 180 डिग्री बदल गई है। अब पैसे जनता के खाते में आ नहीं रहे, बल्कि टैक्स, सेस और कमीशन के नाम पर जनता की जेब से ‘खटाखट’ काटे जा रहे हैं। राहुल गांधी के उन चुनावी वादों का बोझ अब आम आदमी की कमर तोड़ रहा है। हिमाचल की वादियों से लेकर कर्नाटक के गलियारों तक, कांग्रेस सरकारों का यह पैटर्न बेनकाब हो चुका है: पहले लोकलुभावन वादों से वोट बटोरना, और फिर सत्ता मिलते ही ‘वसूली अभियान’ चलाना!

कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में गारंटियों की ऐसी झड़ी लगाई थी कि लगा था राज्य में विकास की नदियां बहेंगी। लेकिन हुआ क्या? 1 अप्रैल 2026 से एंट्री परमिट की दरों में ऐसी खटाखट बढ़ोतरी की गई कि पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के भी होश उड़ गए। अब पर्यटकों को अपनी गाड़ियों के लिए 170 रुपये तक का मोटा शुल्क देना होगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले से हिमाचल के पर्यटन उद्योग की कमर टूट जाएगी। हैरानी की बात यह है कि जो सरकार चुनाव से पहले रेवड़ियां बांट रही थी, वो अब ‘खजाना खाली है’ का राग अलाप रही है। विपक्ष का सवाल सीधा है- क्या चुनावी रैलियों में गारंटियां बांटते वक्त खजाने का आकलन करना भूल गए थे, या जनता को ठगने की यह सोची-समझी रणनीति थी?

हिमाचल में तो सिर्फ टैक्स बढ़ा है, लेकिन कर्नाटक में तो भ्रष्टाचार का ‘रेट कार्ड’ ही सार्वजनिक हो गया है। राज्य के मंत्री सतीश जारकीहोली के एक शर्मनाक बयान ने पूरी सियासत में आग लगा दी है। उन्होंने सरेआम स्वीकार किया कि ‘सरकारी कामों में कमीशन पहले भी था, अब भी है और आगे भी रहेगा।’ जब मंत्री खुद भ्रष्टाचार को सिस्टम का हिस्सा मान लें, तो समझ लीजिए कि विकास की फाइलें बिना सेवा-शुल्क के नहीं हिलेंगी। कर्नाटक के ठेकेदार अब हजारों करोड़ के बकाया भुगतान के लिए सड़कों पर हैं। आरोप है कि बिना 40 प्रतिशत कमीशन दिए सरकारी बिल पास ही नहीं होते।

विपक्ष अब इसे राहुल गांधी का असली डेवलपमेंट मॉडल बता रहा है, जहां राज्य के विकास के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन गारंटी के नाम पर वसूली और कमीशन का खेल जोरों पर है। पेट्रोल, डीजल और बिजली के बढ़ते दाम इस खटाखट मॉडल की कड़वी सच्चाई हैं।

कांग्रेस इसे राजस्व जुटाना कह सकती है, लेकिन जनता इसे चुनावी ठगी मान रही है। ऐसे में आज बहस सिर्फ टैक्स या कमीशन की नहीं, बल्कि उस भरोसे की है जो चुनावी विज्ञापनों में बेचा गया था। जब जेब से पेट्रोल, बिजली और एंट्री टैक्स के नाम पर पैसे कट रहे हैं, तब आम आदमी को समझ आ रहा है कि राजनीति में मुफ्त का खाना सबसे महंगा पड़ता है।

‘मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन’: AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को लोगों ने पीटा


दिल्ली के भारत मंडप में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को लेकर हंगामा हो रहा है। BJP से लेकर आम लोग और नेटिजन्स तक यूथ कॉन्ग्रेस की इस हरकत पर भड़के हुए हैं। वहीं, पुलिस ने इस मामले में कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। कुछ वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि मौके पर मौजूद आम लोगों ने भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथ लिया है।

यूथ कांग्रेस का शर्टलेस हंगामा

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता AI समिट में प्रवेश करने में सफल रहे। शुक्रवार (20 फरवरी 2026) दोपहर करीब 12:30 बजे हुई इस घटना में प्रदर्शनकारियों ने पहले क्यूआर कोड के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और इसके बाद कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुँच गए। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर अंदर आए थे, जिससे उन पर किसी का विशेष ध्यान नहीं गया।

हाल नंबर 5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचने के बाद उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट हटाकर अचानक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। स्थिति को भांपते हुए सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया, प्रदर्शनकारियों को काबू में लिया और हालात को सामान्य कर दिया।

हिरासत में लिए गए यूथ कांग्रेस के नेता

यूथ कांग्रेस के इस हंगामे के बाद संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य लोगों को पहचान की जा रही है। नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में बिहार के 35 वर्षीय कृष्णा शामिल हैं, जो इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। उनके साथ बिहार के ही 33 वर्षीय कुंदन यादव, जो प्रदेश सचिव हैं, को भी पकड़ा गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अजय कुमार, जो प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, और तेलंगाना के महबूब नगर से नरसिम्हा यादव, जो राष्ट्रीय समन्वयक हैं, भी हिरासत में लिए गए हैं।

BJP ने बोला तीखा हमला

इस प्रदर्शन पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। कई केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बीजेपी प्रवक्ताओं ने यूथ कांग्रेस से लेकर राहुल गाँधी तक को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास बताया है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस ने देश का सम्मान बढ़ाने के बजाय आयोजन में व्यवधान उत्पन्न करने का रास्ता चुना है। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूँ।”

 केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। शिवराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एआई समिट में सिर्फ अपनी शर्ट ही नहीं उतारी, बल्कि यह भी दिखा दिया कि कांग्रेस देश के खिलाफ सोच रखती है। यह देशद्रोह है। यह हमारे देश की छवि के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं सोनिया गाँधी जी और मल्लिकार्जुन खरगे जी से पूछना चाहता हूँ कि क्या उनके लिए राजनीति देश से बड़ी है? क्या उन्होंने देश की प्रतिष्ठा से खेलने के लिए कोई गुप्त समझौता किया है? क्या यही कांग्रेस का असली चेहरा है? जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।”

यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा, “राहुल गाँधी और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े देशद्रोही हैं। जब भी देश आगे बढ़ता है, जब भी देश में खुशी का माहौल होता है, ये उसे बिगाड़ने का काम करते हैं। ये लोग देश के गद्दार हैं। कांग्रेस के लिए मेरे पास सिर्फ तीन शब्द हैं – टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस।” उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन की साजिश राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी की मौजूदगी में, राहुल गाँधी के निवास स्थान पर रची गई थी।

मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन: कुमार विश्वास

कवि कुमार विश्वास ने इस प्रदर्शन पर कांग्रेस पर हमला बोला है। कुमार विश्वास ने X पर लिखा, “एक अंतराष्ट्रीय मंच पर जहाँ विश्व भर के सबसे महनीय मेहमानों के सामने देश अपनी तकनीकी-शक्ति को सिद्ध करने पर जुटा पड़ा है, वहाँ देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ ये नंगा प्रदर्शन वस्तुतः विपक्ष के मुद्दाहीन नंगपन का प्रदर्शन है। दुःखद है कि कांग्रेस जैसी पुरानी व वैचारिक रूप से पकी हुई पार्टी में मुद्दों का इतना भीषण अकाल आ पड़ा है, आपसे न हो पाएगा भाई।”

आम लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पीटा

इस दौरान समिट में मौजूद लोगों से भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झड़प हो गई और सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही वीडियो में दावा किया जा रहा है कि लोगों ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की पिटाई भी की है।

सामने आए एक वीडियो में कुछ लोग कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई करते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

नेटिजन्स और लोगों ने भी लगाई कांग्रेस की क्लास

नेटिजन्स ने भी कांग्रेस के इस हरकत पर जमकर गुस्सा निकाला है। X यूजर्स ने इस हरकत को बेशर्म और वैश्विक मंच पर देश का अपमान करने की कोशिश बताया है। एक X यूजर ने लिखा, “ऋषियों की यज्ञ अग्नि में मांस फेंकते राक्षस”। एक अन्य ने लिखा, “देश के युवाओं को तकनीक, नवाचार और अवसर चाहिए न कि राजनीतिक स्टंट। भारत AI में आगे बढ़ रहा है और यही भविष्य है। यूथ कांग्रेस एक देशद्रोही संगठन है, नीचता की हद होती है।”
एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम जैसे गद्दारों को शर्म आनी चाहिए। देश को बदनाम करने की राजनीति करने वालों को शर्म आनी चाहिए। हर मंच पर भारत की उपलब्धियों को छोटा दिखाना, दुनिया के सामने अपने ही देश की छवि खराब करना। ये स्वस्थ विपक्ष नहीं, राष्ट्र के साथ अन्याय है। इतना अहंकार? शर्म आनी चाहिए।”
कार्यक्रम में शामिल और प्रदर्शन के प्रत्यक्षदर्शी रहे लोगों ने भी यूथ कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “एक विजिटर के रूप में मुझे लगता है कि इस तरह का प्रदर्शन करने के लिए यह सही जगह नहीं है। इससे देश की छवि खराब होती है। जहाँ भारत एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा हो और AI जैसे विषय पर चर्चा हो रही हो, वहाँ विरोध करना ठीक नहीं है। ऐसा प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”
एक अन्य ने कहा, “यह विरोध करने का मंच नहीं है। AI भारत और उसके भविष्य के लिए है। उन्हें यहाँ प्रदर्शन नहीं करना चाहिए था। उन्हें इस मंच की गरिमा को समझना चाहिए।”

विरोध का हक लेकिन क्या ये तरीका सही?

AI समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन कई मायनों में गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे पहली बात यह कार्यक्रम किसी एक राजनीतिक दल का नहीं था बल्कि देश और दुनिया से जुड़े विशेषज्ञों, उद्यमियों और प्रतिनिधियों का मंच था। ऐसे मंच पर हंगामा करना न सिर्फ आयोजन की गरिमा को ठेस पहुँचाता है बल्कि देश की छवि पर भी नकारात्मक असर डालता है।
लोकतंत्र में विरोध करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। लेकिन विरोध का भी एक तरीका और स्थान होता है। यदि किसी मुद्दे पर असहमति है, तो उसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस, शांतिपूर्ण धरना या ज्ञापन जैसे कई वैधानिक और सभ्य रास्ते उपलब्ध हैं। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच अचानक इस तरह प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
इस घटना से सुरक्षा पर भी सवाल उठते हैं। जब कड़ी सुरक्षा के बावजूद लोग अंदर जाकर प्रदर्शन कर दें तो यह चिंता की बात है। इससे आगे होने वाले ऐसे कार्यक्रमों की व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। राजनीति में मतभेद होना सामान्य बात है। अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन हर मंच राजनीति के लिए नहीं होता। AI समिट जैसे कार्यक्रम देश की तरक्की और दुनिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए होते हैं। ऐसे मौके पर विरोध करना अच्छा संदेश नहीं देता।

कांग्रेस को वोट देने वालों डूब मरो, देखो Youth Congress के नाम पर कांग्रेस की गुंडागर्दी का नंगा नाच

फरवरी 20 को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान Youth Congress के गुंडों ने अर्धनग्न होकर जो छिछोड़ापन किया उसे देख कांग्रेस को वोट देने वालों को डूब करना चाहिए। 2014 से लेकर 2026 तक जब भारत में कोई विदेशी मेहमान आता है आन्दोलनजीवी गुंडे सड़क पर आ जाते हैं। तथाकथित किसान आंदोलन में जिन किसानों को महान बताया गया लोकसभा चुनाव में सभी की बुरी तरह जमानत जब्त हुई। दरअसल, कांग्रेस सत्ता से दूर रहने की वजह से उस तरह तड़प रही है जिस तरह बिन पानी मछली।    

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने समिट का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अपने टी-शर्ट उतारकर एआई एक्सपो हॉल में जाकर नारेबाजी शुरू कर दी। इन प्रदर्शनों का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा विरोध रहा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंपैक्ट समिट अभी नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा दुनिया भर में लोगों की भागीदारी और राजनीतिक ध्यान खींच रहा है इस हाई प्रोफाइल इवेंट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने वेन्यू के अंदर शर्ट-लेस होकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए इसी बीच आइए जानते हैं कि ऐसे मामले में क्या सजा हो सकती है और इसे लेकर क्या नियम है

सार्वजनिक काम में रुकावट 

किसी इंटरनेशनल समिट में रुकावट डालने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत नियम लागू हो सकते हैं. भारतीय न्याय संहिता का सेक्शन 221 सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक काम करते समय रुकावट डालने से संबंधित है अगर अधिकारियों को पता चलता है कि विरोध प्रदर्शन से समिट के संचालन या फिर सुरक्षा व्यवस्था में रुकावट आई है तो इस सेक्शन के तहत आरोप लग सकते हैं 

इससे पहले दोपहर बाद करीब 12:30 बजे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्यूआर कोड से एआई समिट में प्रवेश किया। वह हॉल नंबर-5 के लॉबी एरिया में पहुंचे। इसे बाद स्वेटर व जैकेट उतारकर वह प्रदर्शन करने लगे। उनकी टी शर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं, जिस पर इंडिया यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे थे।

अचानक शुरू हुए हंगामे आयोजन स्थल पर हडकंप मच गया। सुरक्षा एजेसियों को हाथ-पांव फूल गए। सरकारी अधिकारियों, इंडस्ट्री के नेताओं और विदेशी डेलीगेट्स की भागीदारी वाले इस हाई-प्रोफाइल इंटरनेशनल इवेंट में इस तरह के प्रदर्शन से रोकने के लिए प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में लिया गया और जगह से दूर ले जाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बाकी की पुलिस पहचान कर रही है।

दिल्ली-एनसीआर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पकड़ने के लिए छापामारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के सिलसिले में पूरे दिल्ली-एनसीआर में रेड की। मंडपम से भागे प्रदर्शनकारियं को पकड़ने के लिए रेड चल रही है। अब तक चार गिरफ्तार हुए हैं।। बाकी को ढूंढने के लिए छापेमारी चल रही है। 15 से ज्यादा वीडियो क्लिप के आधार पर पहचान की जा रही है। पुलिस को पूछताछ में कुछ नाम मिले हैं। कई के फोन स्विच ऑफ हैं।

चुप नहीं बैठेंगे यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता
इस मौके पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि एआई समिट में भारतीय युवा कांग्रेस के साथियों ने स्पष्ट कर दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा। पीएम के खिलाफ लगाया गया नारा सिर्फ एक नारा नहीं, करोड़ों बेरोजगार युवाओं का आक्रोश है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है। इससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है और हम युवाओं की आवाज बुलंद करते रहेंगे।

उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि वह एआई समिट के खिलाफ नहीं हैं। हम भारत के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं। जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते साइन हो रहे हों, युवाओं को बेरोजगार रखकर नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा हो, तो क्या हम खामोश रहें? यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है।

यूथ कांग्रेस का हंगामा देश की छवि खराब करने की कोशिश: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष
प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि जब भारत के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे थे और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की तकनीकी प्रगति का संदेश दुनिया को दिया जा रहा था, तब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय मंच की गरिमा को ठेस पहुंचाई। यह कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति और हताशा का परिणाम है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत की वैश्विक स्तर पर बढ़ती ताकत से विचलित है और इसी कारण ऐसे कृत्य किए जा रहे हैं। ऐसे मंच को बाधित करना राष्ट्रहित के विरुद्ध है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि भारत मंडपम में जारी इंडिया एआई इंपैक्ट समिट भविष्य की दिशा तय कर रहा है। कांग्रेस की तरफ से किया तमाशा बेहद शर्मनाक है। जब भी देश अपनी सामर्थ्य दिखाता है या कोई वैश्विक आयोजन होता है तो कांग्रेस को जैसे मरोड़ उठने लगती है और वह बाधा बनकर खड़ी हो जाती है। सीएम ने कहा कि विदेशी मेहमानों के सामने जो हुडदंग मचाया गया, भारत की साख बिगाड़ने का वह सुनियोजित षडयंत्र है। राहुल गांधी का नकारात्मक नेतृत्व एक सोची-समझी रणनीति के तहत देश की छवि धूमिल करने पर उतारू देता है। इससे हर वह भारतीय शर्मिंदा है, जो देश की प्रगति पर गर्व करता है।

इंडियन यूथ कांग्रेस ने अपने बयान में साफ किया कि यह प्रदर्शन एक ऐसे “कंप्रोमाइजड प्राइम मिनिस्टर यानि समझौता कर चुके प्रधानमंत्री” के खिलाफ था, जिन्होंने भारत की पहचान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में खतरे में डाल दिया। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई और मामला और बीजेपी ने इसे लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला

घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रदर्शन के आयोजन में नरसिम्हा यादव नामक व्यक्ति की अहम भूमिका थी। नरसिम्हा यादव इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने में एक्टिव हैं। उनके नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। नरसिम्हा राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं

प्रदर्शन के दौरान नरसिम्हा यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। विपक्षी दलों ने सरकार की नीति और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं सरकार ने पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पूरे मामले पर एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा जिस शर्मनाक तरीके से कार्यक्रम स्थल पर अनुचित व्यवहार करते हुए हंगामा किया गया है वह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि भारत की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने का प्रयास भी है। मैं कांग्रेस के इस कृत्य की भर्त्सना करता हूं।'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक तरफ भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत मंडपम में कांग्रेस के युवा संगठन ने शर्मनाक काम किया है। पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि को खराब करने का कुत्सित प्रयास किया गया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते है। 

अमेरिका की एक सभा में एक मुस्लिम छात्रा को पैनल सदस्य ने अल्पसंख्यकों के बारे में उत्तर दिया; “मुस्लिमों की शांतिप्रिय Majority; कथित शांतिप्रिय जिहादी मुस्लिमों की Minority के सामने चुप रहती है”

प्रतीकात्मक 
सुभाष चन्द्र

“सलाम अलैकुम, मेरा नाम सबा अहमद है और मैं एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में कानून की छात्रा हूं मैं आपसे यहां कुछ सामान्य सवाल पूछने आई हूँ

मैं जानती हूँ इस्लाम और सभी मुस्लिमों की बुरी छवि प्रस्तुत की जाति है, लेकिन दुनिया में 180 करोड़ मुस्लिम है। अमेरिका में ही 80 लाख से ज्यादा मुस्लिम हैं, लेकिन देख रही हूँ कि उन्हें यहाँ बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया लेकिन मेरा प्रश्न है कि आप एक विचारधारा को हथियारों के बल पर कैसे समाप्त कर सकेंगे? जिसे आप ‘जिहादी विचारधारा’ कहते हैं, वह एक सोच है, आप उससे बिना विचार-विमर्श किए कैसे जीत सकते हैं?”

इसका उत्तर पैनल की सदस्य ने देते हुए कहा:

“बहुत अच्छा सवाल, मुझे ख़ुशी है तुमने इसे पूछा और हमें इसका उत्तर देने का अवसर दिया-

कितनी विचित्र बात है कि हम तो यहाँ बेनग़ाज़ी (ईराक़) में हमारे सैनिकों के मारे जाने पर चर्चा प्रारंभ करने के लिए एकत्र हुए हैं और यहाँ एक भी व्यक्ति ने यह नहीं कहा कि हम मुस्लिमों या इस्लाम के खिलाफ हैं

लेखक 
चर्चित YouTuber 
हम यहाँ चर्चा करने आये हैं कि कैसे 4 अमेरिकियों की नृशंस हत्या की गई और हमारी सरकार क्या कर रही है हम यहाँ मुस्लिमों की आलोचना के लिए नहीं आए थे, ये तुम हो जिसने ‘अधिकतर मुस्लिमों का सवाल उठाया है’ और सवाल उठा ही दिया है तुमने तो मैं भी इसका उत्तर विस्तार से देने जा रही हूँ

आज दुनिया में 120 करोड़ मुस्लिम हैं, सच है कि उनमें से सब कट्टर नहीं हैं, अधिकतर मुस्लिम शांतिप्रिय ही हैं  कुल मुस्लिम जनसंख्या का मात्र 15 से 20 प्रतिशत ही कट्टर जिहादी हैं, और यह मेरा नहीं विश्व की सभी प्रतिष्ठित जांच एजेंसियों का निष्कर्ष है इसका अर्थ यह हुआ कि मुस्लिम जनसंख्या में 75 प्रतिशत मुस्लिम शांतिप्रिय लोग हैं लेकिन कुल 15-20% का मतलब  हुआ 18 से 30 करोड़ विषैले जिहादी, जिनके सर पर पश्चिमी सभ्यता के विनाश का अँधा जूनून सवार है

यह जनसंख्या लगभग अमेरिका की कुल जनसंख्या के बराबर है, तो हमें उन 15 से 20 प्रतिशत कट्टर जिहादियों के बारे में में विचलित क्यों होना चाहिए? 

क्योंकि यही हिंसक कट्टर लोग हत्या करते हैं, लोगों के सर काटते हैं तुम मानव इतिहास का कोई भी पन्ना उठा कर देख लो, सत्य है अधिकतर जर्मन शांतिप्रिय लोग थे, फिर भी हिंसक कट्टर नाज़ियों के कारण 6 करोड़ मनुष्य मारे गए नाजियों के यातना शिविरों में 1.4 करोड़ लोग मार डाले गए, जिनमें 60 लाख यहूदी थे अधिकतर शांतिप्रिय लोग क्या कर पाए? कुछ भी नहीं!

उसी तरह अधिकतर रूसी शांतिप्रिय लोग थे, लेकिन कट्टर वामपंथी रूसियों ने बर्बरतापूर्वक 2 करोड़ लोग मार डाले अधिकतर शांतिप्रिय लोग क्या कर पाए? कुछ भी नहीं!

चीनियों को देखो, अधिकतर चीनी शांतिप्रिय लोग थे, लेकिन नरपिशाच वामपंथी चीनियों ने 7 करोड़ लोग मौत के घाट उतार डाले। अधिकतर शांतिप्रिय लोग क्या कर पाए ? कुछ भी नहीं!

ठीक उसी तरह, द्वितीय विश्व युद्ध से पहले अधिकतर जापानी शांतिप्रिय लोग थे। लेकिन कट्टर जापानी सैनिकों की बंदूकों की नुकीली संगीनों ने दक्षिण-पूर्व एशिया में 1.2 करोड़ लोगों के जिस्म काट डाले अधिकतर शांतिप्रिय लोग क्या कर पाए? कुछ भी नहीं!

11 सितंबर 2001 को अमेरिका में 23 लाख अरब मुस्लिम मौजूद थे जिनमें से अधिकतर शांतिप्रिय ही थे सिर्फ 19 विषैले जिहादियों ने हवाई जहाजों का अपहरण कर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमला किया और 3000 अमेरिकियों को मौत के घाट उतार कर अमेरिका को उसके घुटनों पर ला दिया अधिकतर शांतिप्रिय लोग क्या कर पाए? कुछ भी नहीं!

तो उन ‘अधिकतर शांतिप्रिय’ मुस्लिमों की चर्चा छिड़ी है तो मुझे ख़ुशी है कि आज तुम यहाँ हो लेकिन तुम्हारे अलावा और कितने ‘अधिकतर शांतिप्रिय’ मुस्लिम यहाँ मौजूद हैं? और क्योंकि तुम यहाँ मौजूद इकलौती मुस्लिम प्रतिनिधि हो, तुमने सारा ध्यान अपनी ओर खींच लिया बजाय चर्चा करने के कि हमारी सरकार इस मामले में … मेरा अनुमान है कि तुम एक अमेरिकी नागरिक हो ना? तुम एक अमेरिकी नागरिक हो तो अमेरिकी नागरिक के रूप में इस बात पर चर्चा करने की बजाय कि हमारे 4 सैनिक ईराक़ में क्यों मारे गए और सरकार इस बारे में क्या कर रही है, तुम यहाँ खड़ी होकर ‘अधिकतर शांतिप्रिय मुस्लिमों’ की वकालत कर रही हो?

काश तुम ऐसे 10 ‘शांतिप्रिय मुस्लिम’ अपने साथ लेकर आती और सरकार को जिम्मेदार बनाने पर चर्चा करती समय आ चुका है कि हम आत्मघाती और मनोरोगी ‘धर्मनिरपेक्षता’ तथा ‘आदर्शवाद’ को उठाएं और उसी कचरे के डब्बे में फेंक दें जिसके यह लायक है!!