लक्ष्य लेकी, ट्यूलिप शर्मा (फोटो साभार: Instagram)
खुद को अंबेडकरवादी बताने वाले लक्ष्य लेकी सोशल मीडिया पर विवादों में घिर गए हैं। IIM इंदौर से पढ़े और TedX स्पीकर लक्ष्य के खिलाफ क्रिमिनल लॉयर और इन्फ्लुएंसर ट्यूलिप शर्मा ने साइबर शिकायत दर्ज कराई है। उस पर ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत फैलाने, जातिगत गालियाँ देने और महिलाओं को अपमानजनक मैसेज भेजने का आरोप है।ऑपइंडिया से बातचीत में ट्यूलिप ने शिकायत के बारे में कहा कि ऐसा करना जरूरी था, क्योंकि लक्ष्य जैसे लोग एक जगह पर नहीं रुकते, वो लगातार ऐसी हरकतें करते रहते हैं।
लक्ष्य लेकी आईआईएम इंदौर के ग्रेजुएट हैं और टीईडीएक्स स्पीकर भी रह चुके हैं। वे ‘लक्ष्य स्पीक्स’ नाम से इंस्टाग्राम पेज और यूट्यूब चैनल चलाते हैं। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 5 लाख 53 हजार फॉलोअर्स हैं और यूट्यूब पर 14 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर्स।
ट्यूलिप ने भारतनाट्यम और देवदासी पर उसके दावों पर उठाए सवाल, तो लक्ष्य ने ब्राह्मणों को दी गालियाँ
ट्यूलिप शर्मा ने गुरुवार (12 फरवरी 2026) को अपने इंस्टाग्राम हैंडल @_tulipsharma पर एक वीडियो डाला। इसमें उन्होंने बताया कि लक्ष्य लेकी काफी समय से जाति-विरोध के नाम पर ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं। उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि अभिव्यक्ति की आजादी है और इंटरनेट पर नफरत कोई नई बात नहीं। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब कोई विरोधी राय बर्दाश्त न कर सके। वे ऐसे इन्फ्लुएंसर हैं जो अगर कोई उनके पोस्ट पर विरोधी कमेंट करे तो डीएम में आकर गंदी-गंदी बातें करते हैं।
ट्यूलिप ने बताया कि सब कुछ 11 फरवरी को शुरू हुआ जब लक्ष्य लेकी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो डाला। उसमें उन्होंने दावा किया कि भारतनाट्यम को ब्राह्मणों ने हड़प लिया है। उन्होंने कहा कि भारतनाट्यम ब्राह्मणों की सांस्कृतिक चोरी है, असली डांस सदिर अट्टम या दासी अट्टम था जो देवदासियां करती थीं। उनका कहना था कि तमिल ब्राह्मण महिला रुक्मिणी देवी ने उस डांस के सेक्सुअल/इरोटिक हिस्से को हटा दिया, उसे साफ-सुथरा बना दिया, लेकिन ऐसा करते हुए सदिर अट्टम की असली जड़ों से इसे अलग कर दिया।
इसके जवाब में ट्यूलिप शर्मा ने कमेंट किया, “आपकी लॉजिक के मुताबिक, ‘ब्राह्मण’ महिला रुक्मिणी देवी ने देवदासियों के यौन शोषण के चक्र को खत्म कर दिया। अब इसमें समस्या क्या है? एक तरफ आप इसे दमनकारी व्यवस्था मानते हैं, फिर कोई सुधार करे तो भी समस्या है सिर्फ इसलिए कि सुधार करने वाली ‘ब्राह्मण’ है। हंसते हुए। जिंदगी में थोड़ी क्लैरिटी लाओ और व्हाट्सएप नॉलेज पर निर्भर मत रहो।”
लेकिन ट्यूलिप शर्मा के तर्क का तथ्यों से जवाब देने की बजाय लक्ष्य लेकी उनके डीएम में घुस आए और जातिगत गालियाँ देने लगे। अपने दावे के समर्थन में शर्मा ने बातचीत के स्क्रीनशॉट और स्क्रीन रिकॉर्डिंग भी शेयर किए।
ट्यूलिप शर्मा ने बताया कि बात ब्राह्मण लड़कियों की भी नहीं थी, फिर भी लक्ष्य लेकी अपनी ब्राह्मण एक्स गर्लफ्रेंड्स के बारे में डींगें हाँकने लगे। ट्यूलिप ने कहा, “बात ब्राह्मण लड़कियों की नहीं थी लेकिन लक्ष्य लेकी अपनी सारी एक्स को ब्राह्मण बताकर बहस जीतना चाहते थे। पूरी कम्युनिटी की लड़कियों को इस्तेमाल करके बहस जीतना दिखाता है कि वे कितने बड़े जातिवादी हैं।”
लक्ष्य लेकी की ब्राह्मण लड़कियों को ऑब्जेक्ट बनाने वाली सोच को और एक्सपोज करते हुए शर्मा ने बताया कि वो जाति खत्म करने के लिए ‘अंतरजातीय बच्चे’ पैदा करने की बात कर रहा था।
सोर्स: ट्यूलिप शर्मा का वीडियोशर्मा ने वीडियो में कहा, “उनका पूरा प्रोफेशन ही ब्राह्मणों को गालियाँ देने पर टिका है और फिर वे अपनी ब्राह्मण एक्स के बारे में डींग मारते हैं। वे और आगे बढ़कर कहते हैं कि अंतरजातीय बच्चे बनाकर जाति खत्म कर रहे हैं।” शर्मा ने बातचीत का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।
एक वीडियो में लक्ष्य लेकी ने खुद कहा था कि वे अपनी एससी/एसटी कम्युनिटी के बाहर डेट करने की हिम्मत नहीं रखते, लेकिन ट्यूलिप शर्मा की एक फीमेल फॉलोअर के मैसेज बॉक्स में उसने लिखा, “ब्राह्मण गर्लफ्रेंड मुझे ब्लो जॉब देती है, प्रॉब्लम?”
ट्यूलिप शर्मा की इंस्टाग्राम स्टोरी सेकई पब्लिकली शेयर किए गए स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक लक्ष्य लेकी ने ट्यूलिप शर्मा को डीएम में लिखा, “होली चॉप्ड, ब्राह्मण लड़की के लिए तुम बहुत बदसूरत हो।” एक और मैसेज में उन्होंने लिखा, “मेरी गर्लफ्रेंड तुमसे कहीं ज्यादा खूबसूरत है। तुम तो बॉयफ्रेंड वाली भी नहीं लगतीं।”
एक और मैसेज में लक्ष्य ने लिखा, “4 ब्राह्मण एक्स, सब तुमसे ज्यादा खूबसूरत।”
इस बीच ट्यूलिप शर्मा ने अपने फॉलोअर्स को बताया कि उन्होंने आईटी एक्ट और संबंधित बीएनएस सेक्शन के तहत लक्ष्य लेकी के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज करा दी है।
बैकलैश के बीच लक्ष्य लेकी ने दावा किया कि ट्यूलिप शर्मा ने उनके जातिवादी और अपमानजनक मैसेज के जो स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, वे फेक हैं। उनका कहना है कि उन्हें फर्जी केस में फंसाने की कोशिश हो रही है।
एक और वीडियो में लक्ष्य ने फिर दोहराया कि शर्मा के साथ उनकी चैट के सारे स्क्रीनशॉट फेक हैं। इस अंबेडकरवादी जाति एक्टिविस्ट ने विक्टिम कार्ड खेला और खुद की तुलना रोहित वेमुला से कर दी।
लक्ष्य ने कहा कि रोहित वेमुला के साथ भी इसी तरह की तरकीबें इस्तेमाल की गई थीं। लक्ष्य का रोहित वेमुला से अपनी तुलना करना बहुत बेशर्मी भरा था, क्योंकि असल में तेलंगाना पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया था कि वेमुला एससी जाति से नहीं थे।
अक्सर घटिया प्रोपेगेंडा करता रहा है लक्ष्य लेकी
ज्यादातर कथित जाति-विरोधी ‘एक्टिविस्ट्स’ की तरह लक्ष्य लेकी भी जाति श्रेष्ठता के विरोध के नाम पर ब्राह्मणों को निशाना बनाता रहा है। एक वीडियो में उसने कहा कि दूसरे देशों में वेजिटेरियन होते हैं लेकिन भारत में ‘प्योर वेजिटेरियन’ होते हैं। ब्राह्मणों के शाकाहार से जुड़े धार्मिक विश्वास पर हमला करते हुए उसने कहा, “केवल भारत में ही ‘प्योर वेजिटेरियन’ का कॉन्सेप्ट है। क्योंकि यहाँ शाकाहार सिर्फ जानवरों के बारे में नहीं है। ये शुद्धता, श्रेष्ठता और जाति के बारे में है। ये कहने के बारे में है कि मैं भगवान के ज्यादा करीब हूँ और तुम मांस खाने वाले दलित कम हो। वो ब्राह्मणवादी नजरिया तो वीगन लोगों में भी दिखता है जब वे दलित एक्टिविस्ट्स को वीगन न होने पर शर्मिंदा करते हैं।”
लक्ष्य ने ये नैरेटिव फैलाया कि ‘प्योर’ शब्द का मतलब जातिगत श्रेष्ठता या भगवान से ज्यादा निकटता है, जबकि असल में ये सिर्फ शाकाहार में सख्ती को दिखाता है।
जुलाई 2025 में एक पॉडकास्ट में लक्ष्य ने दावा किया कि ब्राह्मणों ने मराठा योद्धा राजा छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ भेदभाव किया। उसका कहना था कि ब्राह्मणों ने शिवाजी की जाति की वजह से उनका राजतिलक करने से इनकार कर दिया था और उन्हें बनारस से पुजारी बुलाने पड़े।
ये दावा कट्टर ‘जाति-विरोधी’ एक्टिविस्ट्स द्वारा गढ़ा गया ब्राह्मण-विरोधी नैरेटिव का हिस्सा है। हकीकत में स्थानीय ब्राह्मणों ने शिवाजी का ताज नहीं ठुकराया था क्योंकि उन्हें उनकी जाति से कोई समस्या थी, बल्कि इसलिए कि उन्हें ऐंद्रेय राजाभिषेक करना नहीं आता था। इसलिए बनारस से गागाभट्ट को बुलाया गया। ध्यान देने वाली बात ये है कि गागाभट्ट भी मराठी ब्राह्मण थे, उनका परिवार महाराष्ट्र के पैठण से था। छत्रपति शिवाजी महाराज के राजतिलक को लेकर विवाद वैदिक रीति बनाम तांत्रिक रीति को लेकर था।
अपने एक एक्स पोस्ट में लक्ष्य ने यादवों को हिंदू धर्म छोड़ने के लिए उकसाया क्योंकि ब्राह्मण और ठाकुर उनके साथ शादी के रिश्ते नहीं जोड़ते। उसने लिखा, “और यादव, अपनी राजनीतिक ताकत और क्षत्रियता के दावों के बावजूद, ठाकुरों और ब्राह्मणों द्वारा बराबर नहीं माने जाते। कोई अंतरजातीय शादी नहीं। कोई सम्मान नहीं। सिर्फ ग्रेडेड इनइक्वालिटी। मेरे यादव भाइयों और बहनों इस जाति पिरामिड का हिस्सा बनने की कोशिश मत करो।”
आश्चर्य की बात नहीं कि लक्ष्य लेकी 2020 के दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित उमर खालिद का फैन है। उन्होंने मुस्लिम विक्टिमहुड का नैरेटिव फैलाया और कन्हैया कुमार के राजनीतिज्ञ बनने की तुलना उमर खालिद के जेल में रहने से की, सिर्फ इसलिए कि खालिद मुस्लिम है।
खालिद की लंबी जेल पर दुख जताते हुए लक्ष्य ने लिखा, “दो स्टूडेंट लीडर्स। एक ही कैंपस। एक जैसे आरोप। लेकिन दो बहुत अलग किस्मत। कन्हैया कुमार आजाद हैं, मुख्यधारा की राजनीति में आ गए। उमर खालिद, एक मुस्लिम, बेल के बिना 5 साल जेल में। ये संयोग नहीं है। भारत में मुस्लिम होने की कीमत है।”
दिलचस्प बात ये है कि लक्ष्य ने कहा कि उमर खालिद ‘मुस्लिम होने की कीमत’ चुका रहा है, जबकि खालिद खुद को नास्तिक बताता रहा है।
इस्लामो-लेफ्टिस्टों द्वारा उमर खालिद के लिए समर्थन और सहानुभूति जुटाने के लिए फैलाए जा रहे झूठे नैरेटिव के विपरीत ऑपइंडिया ने पहले रिपोर्ट किया था कि 2023 और 2024 में 14 स्थगनों में से 7 स्थगन खुद उमर खालिद ने माँगे थे। इसलिए जमानत वापस लेना ‘देरी’ की वजह से नहीं था। जबकि इस्लामी-लेफ्ट इकोसिस्टम ‘अन्याय’ का रोना रोता रहता है, असल में आरोपित के वकील की नाकाम कोशिशों की वजह से खालिद इतने दिनों से जेल में हैं।
दरअसल, भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने भी इस साल कहा था कि असली समस्या कुछ वकीलों और राजनीतिक ग्रुप्स की सोच में है जो अपने केस सिर्फ कुछ खास जजों से सुनवाना चाहते हैं। ऑपइंडिया ने बार-बार रिपोर्ट किया है कि खालिद की लीगल टीम ने फरवरी 2024 में ‘परिस्थितियों में बदलाव’ का हवाला देकर जमानत अर्जी वापस लेने से पहले कम से कम सात बार स्थगन माँगा था।
कई सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट्स के मुताबिक लक्ष्य लेकी ने 1990 के दशक में इस्लामी आतंकवादियों द्वारा कश्मीरी पंडितों के सामूहिक नरसंहार और पलायन का भी मजाक उड़ाया। एक कमेंट के जवाब में लक्ष्य ने लिखा, “कश्मीर ब्राह्मणों का यही हालत था।” एक और में लिखा, “मुझे कुछ नहीं होगा, तुम्हारे कश्मीरी पंडित भाइयों की तरह।”