मुख्य चुनाव आयुक्त और विशेष गहन पुनरावलोकन (एसआईआर) के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन संयोग नहीं, बल्कि खतरनाक प्रयोग है। एक तरफ राहुल गांधी देश के भीतर रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ विदेशी मल्टीनेशनल कंपनी ‘स्टारलिंक’ के लाइसेंस में हो रही देरी पर अमेरिकी अरबपति एलन मस्क के सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कांग्रेस पहले एलन मस्क के ‘स्टारलिंक’ का विरोध करती थी, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार को घेरने, राजनीतिक लाभ और सरकार विरोधी नैरेटिव को धार देने के लिए राहुल गांधी इसका स्वागत कर रहे हैं, भले ही देश में किसी विदेशी हस्ती या बाहरी कंपनी का हस्तक्षेप क्यों न शामिल हो। विदेश मामलों के जानकार और कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बयान से असहज महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी के स्टैंड में अचानक आया यह बदलाव किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश और गठजोड़ की ओर इशारा कर रहा है।
एलन मस्क को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस के भीतर असहजता के सुर ! सूत्रों के हवाले से खबर विदेश मामलों के जानकार कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बयान से असहज! विदेश नीति और कूटनीति के जानकार कांग्रेस नेताओं ने जताई राहुल के बयान से असहमति घरेलू उद्योगपतियों और आर्थिक मुद्दों की बहस को देश के भीतर ही रखने की वकालत वैश्विक मंच के चर्चित उद्योगपतियों पर गैर-जरूरी बयानों से बचने की पार्टी में सुगबुगाहट Watch : https://t.co/lAi4Z9xQd8 #ElonMusk #Congress #RahulGandhi #Bharat24Digital @shukladeepali15 @INCIndia @RahulGandhi @elonmusk
— Bharat 24 - Vision Of New India (@Bharat24Liv) October 9, 2026
क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?- एलन मस्क
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 8 अक्टूबर को दिल्ली की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एलन मस्क के एक पोस्ट ने खलबली मचा दी। मस्क का पोस्ट उसी टूलकिट का हिस्सा था, जिसे विदेशी ताकतें भारत में लागू करने की कोशिश कर रही हैं। एक भारतीय यूजर डॉ. अनुरूद्ध ने X पर एक पोस्ट में लिखा था कि क्या सरकार भारतीय सिटिजन को छोड़ कर क्रोनी कैपिटिलिज्म को बचा रही है? इसी पोस्ट को कोट करते हुए एलन मस्क ने X पर जवाब दिया, ‘Starlink को 165 देशों में लाइसेंस मिला हुआ है और पांच साल तक हर कंप्पलायंस पूरा करने के बावजूद भारत में उन्हें लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा? क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? मस्क के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भारतीयों पर अपना “monopolistic chokehold” बनाया रखा जा सके। मस्क ने इसे भारतीय जनता के साथ “crime” तक बताया। इसके जवाब में भारत सरकार ने साफ कहा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए बनाई गई उसकी रेगुलेटरी व्यवस्था किसी कंपनी के साथ भेदभाव नहीं करती।
Starlink is licensed in over 165 countries and has spent five years complying with every single law and requirement of the government of India, so why still no license? Is Ambani the real boss of India?
— Elon Musk (@elonmusk) October 8, 2026
राहुल ने कहा, ‘भारत में आपका स्वागत है, एलन’
एलन मस्क के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, ‘भारत में आपका स्वागत है, एलन। तब तक इंतजार करें जब तक आप दूसरे व्यक्ति को नहीं खोज लेते।’ राहुल के इस बयान पर एलन मस्क ने प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने लिखा, ‘थैंक्यू राहुल। ये वाकई परेशान करने वाला है।’ जब एक विदेशी व्यापारी द्वारा अपने प्रतिस्पर्धी भारतीय व्यापारी पर सवाल उठाया जाता है,तो एक भारतीय का कर्तव्य है कि वो अपने भारतीय व्यापारी का समर्थन करें। लेकिन समर्थन देने के बजाए एक ऐसे विदेशी व्यापारी का स्वागत करना हैरान करने वाला है। भारत की सुरक्षा और भारतीय व्यापारियों के हितों की अनदेखी कर समर्थन करने से स्पष्ट है कि राहुल गांधी का एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन सिर्फ बहाना है। उनका मकसद अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए विदेशी कंपनियों और ताकतों के लिए लॉबिंग करना है।
Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2026
अमेरिका में भारतीय आईटी कंपनियों पर सख्त फैसला
जब एलन मस्क और राहुल गांधी ‘X’ पर एक-दूसरे का समर्थन कर रहे थे। इसी दौरान अमेरिका की ट्रंप सरकार के फैसले ने दोनों को बेनकाब कर दिया। अमेरिकी प्रशासन ने आठ बड़ी आईटी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम (PERM) से निलंबित कर दिया। इनमें भारत से जुड़ी टेक कंपनियां कॉग्निजेंट (Cognizant), इंफोसिस (Infosys), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), विप्रो (Wipro) और एचसीएल (HCL) शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद इन कंपनियों से जुड़े नए परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम एप्लीकेशन पर रोक लगेगी। पहले से पेंडिंग एप्लीकेशन पर भी फिलहाल कार्रवाई नहीं होगी। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन विदेशी पेशेवरों को नौकरी देने वाली कंपनियों की जांच तेज कर रहा है। ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि कुछ कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए वीजा सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रही हैं और इससे अमेरिकी पेशेवरों के रोजगार पर असर पड़ रहा है।
ट्रंप प्रशासन ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया ◆ अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट ने इन्फोसिस, TCS, विप्रो और HCL समेत 8 बड़ी आईटी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है #DonaldTrump | Donald Trump | #TCS | Wipro | #HCL https://t.co/by4RE0OBcS
— News24 (@news24tvchannel) October 9, 2026
राहुल गांधी की भारतीय आईटी कंपनियों पर चुप्पी
ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से सबसे बड़ा सवाल उन भारतीय कर्मचारियों को लेकर है, जो H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और जिनकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया इन कंपनियों के जरिए आगे बढ़ रही है। अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने माइक्रोसॉफ्ट को PERM ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से निलंबित किए जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे कानूनी तरीके से अमेरिका आने वाले प्रवासियों पर हमला बताया। डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता जयपाल ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदम से अमेरिका की इनोवेशन कैपेसिटी कमजोर हो सकती है और प्रवासी कामगारों को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन ट्रंप प्रशासन के इस फैसले पर एलन मस्क का भारत में स्वागत करने के लिए तैयार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौन है। उन्हें भारतीय आईटी कंपनियों और प्रोफेशनल्स की चिंता नहीं है। उन्हें तो बस किसी तरह तरह से केंद्र की सत्ता चाहिए, चाहे उसके लिए विदेशी ताकतों की मदद क्यों न लेनी पड़े।
पहले विरोध और अब समर्थन, कांग्रेस का अचानक यू-टर्न
पहले कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने का हवाला देकर स्टारलिंक का विरोध किया था, लेकिन अब राहुल गांधी मस्क के बयान का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर ट्रंप के दबाव में आने का आरोप लगाया था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मार्च 2025 में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और भारतीय टेलीकॉम कंपनियों (जियो और एयरटेल) के बीच हुई डील और केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बंद करने का अधिकार किसके पास होगा—स्टारलिंक के पास या उसकी भारतीय साझीदार कंपनियों के पास। उन्होंने यह आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने और उनका समर्थन पाने के लिए जल्दबाजी में स्टारलिंक को भारत में लाने का रास्ता साफ किया है। लेकिन अब कांग्रेस के अचानक यू-टर्न से सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस देश के लोग मूर्ख नहीं हैं… पिछले साल यही कांग्रेस स्टारलिंक का विरोध कर रही थी… और मोदी जी पर ट्रंप के दबाव में आने का आरोप लगा रही थी… आज समर्थन में खड़ी है… एलन मस्क के कल के ट्वीट से स्पष्ट हो गया कि मोदी पर अमेरिकी दबाव का आरोप झूठा था… वहीं, ये भी स्पष्ट हो चुका है… राहुल गांधी, अमेरिकी दबाव में ही ‘रिजीम चेंज’ के लिए ये आंदोलन कर रहा है… पिछले साल कांग्रेस प्रवक्ता ने क्या कहा था, सुनिए!
— Arvind Mohan Singh (@ArvindSinghUp) October 9, 2026
जयराम रमेश ने टेस्ला पर भी उठाया था सवाल
कांग्रेस ने स्टारलिंक का विरोध करते हुए भारत के महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विदेशी नियंत्रण और सख्त नियामक जांच की जरूरत पर जोर दिया था। हालांकि इससे पहले कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारत में टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) पर भी सवाल उठाया था। जब एलन मस्क ने 21 अप्रैल 2024 को अपनी भारत यात्रा टाली तो जयराम रमेश ने बीजेपी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि एलन मस्क एक निवर्तमान प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आ रहे थे। कांग्रेस नेता ने पोस्ट किया कि उन्होंने भी अब दीवार पर लिखी इबारत पढ़ ली है और अपनी यात्रा टालने का फैसला किया है। भारत के प्रधानमंत्री जल्द ही उनका स्वागत करेंगे और भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को और भी अधिक आक्रामक तरीके से बढ़ावा देगी।
It was odd that @elonmusk was coming all the way to India to meet an outgoing Prime Minister. He too has now read the writing on the wall and decided to put off his visit. INDIA’s PM will welcome him soon, and the INDIA Government will promote electric vehicles even more aggressively - I myself am a user of one!
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) April 20, 2024
राहुल गांधी के “गले की फांस” बना एलन मस्क का समर्थन
स्टारलिंक और टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता भूल गए कि उनका यह यह सवाल उनके दोहरे चरित्र को बेनकाब कर देगा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लगा कि अमेरिकी व्यापारी तो असल में उसी लाइन पर भारत सरकार के खिलाफ बैटिंग कर रहे हैं, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के लिए वह अबतक सियासी हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी का एलन मस्क का समर्थन उनके खुद के राजनीतिक बयानों के विरोधाभास और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों के कारण उनके लिए “गले की फांस” बन गया है। उनकी चौतरफा आलोचना हो रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी एक विदेशी अरबपति के व्यावसायिक हितों का समर्थन भारतीय कंपनियों और भारत के राष्ट्रीय नियामक ढांचे के खिलाफ कर रहे हैं। बीजेपी नेता राम माधव ने कहा कि भारत कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है जहां किसी विदेशी कंपनी के दबाव में आकर बिना सुरक्षा जांच के स्पेक्ट्रम आवंटित कर दिया जाए।
राम माधव का Elon Musk को दोटूक जवाब: भारत कोई 'Banana Republic' नहीं, Starlink पर सही समय पर फैसला Ram Madhav, Elon Musk, Starlink India, Ram Madhav Statement, Elon Musk India, Starlink News, Starlink India News, BJP Leader Ram Madhav, Satellite Internet India, India Government Decision, Banana Republic Remark, भारत में Starlink, राम माधव बयान, एलन मस्क, बीजेपी न्यूज, भारत सरकार, टेक्नोलॉजी न्यूज #RamMadhav #ElonMusk #Starlink #StarlinkIndia #BJP #IndiaNews #SatelliteInternet #BreakingNews @rammadhav_ @elonmusk @Starlink @BJP4India @PMOIndia @DoT_India @TRAI #Jantv_pks
— JAN TV (@JANTV2012) October 9, 2026










