साभार - एक्स/@DrSJaishankar
विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने भारत के रूस से कच्चा तेल खरीदने के फैसले का मजबूती से बचाव किया है और पश्चिमी देशों की आलोचना पर सवाल उठाए हैं। यह पूरा मामला फिनलैंड में आयोजित ‘कुलतारांता टॉक्स’ के दौरान सामने आया, जहाँ उनसे रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत की ऊर्जा नीति को लेकर सवाल पूछे गए। एक पत्रकार ने भारत पर आरोप लगाया कि वह रूस के प्रति ‘ज्यादा सहानुभूतिपूर्ण’ है और वहाँ से तेल खरीदकर उसका समर्थन कर रहा है।
भारत ने क्यों खरीदा रूस से तेल?
इस सवाल के जवाब में जयशंकर ने साफ कहा कि भारत का फैसला पूरी तरह आर्थिक और व्यावहारिक जरूरतों पर आधारित था। उन्होंने कहा, “मैं तेल उसकी कीमत और उपलब्धता के आधार पर खरीदता हूँ।”
उन्होंने समझाया कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जब पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए, तो यूरोप ने मिडिल ईस्ट से तेल खरीदना शुरू कर दिया, जो पहले भारत का पारंपरिक सोर्स था। ऐसे में बाजार की परिस्थितियों के कारण भारत को रूस से सस्ता और अधिक तेल मिलना शुरू हुआ।
"No European country has been attacked with Indian Weapons... So Keep that in Mind"...!!!
— Adarsh Hegde (@adarshahgd) June 11, 2026
I think Europe was not expecting that answer from Minister @DrSJaishankar 👏 pic.twitter.com/2Q7aXyzDj8
जयशंकर ने यह भी बताया कि 2022 में अमेरिका ने खुद भारत से कहा था कि वैश्विक तेल कीमतों को स्थिर रखने के लिए रूस से तेल खरीदा जाए, ताकि महँगाई अचानक न बढ़े। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और इसी आधार पर निर्णय लिया है।
पश्चिमी देशों की दोहरी नीति पर सवाल
Participated in a Panel discussion at Kultaranta Talks with FM Elina Valtonen of Finland, and Assistant FM Lana Nusseibeh of UAE on ‘Emerging Powers and the New Geopolitical Competition https://t.co/S7MQD5wwFc
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) June 11, 2026

