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पौराणिक गाथा : पुरी में जगन्नाथ जी ने राम भक्त हनुमान को स्वर्ण जंजीर में बांधकर अपराधी की तरह क्यों रखा है?
क्या राघव चड्ढा भी बीजेपी में शामिल होकर साबिर अली, नरेश अग्रवाल और शहजाद अली आदि की तरह भीड़ में गुम हो जाएंगे?
उत्तर प्रदेश की सियासत के एक बड़े माहिर खिलाड़ी हुआ करते थे, नरेश अग्रवाल। हरदोई जिले में नरेश अग्रवाल के परिवार का खासा दबदबा माना जाता था। जिला पंचायत, नगर पालिका से लेकर हरदोई विधानसभा तक, 40 साल तक उनका कब्ज़ा रहा है। कहने को तो वो खाँटी सपाई थे मगर प्रदेश में सरकार किसी की भी रही हो, नरेश अग्रवाल का जलवा हमेशा बरकार रहा।
वाकई राहुल गाँधी Leader of Opposition नहीं Leader of Propaganda है पुलिस ने किया सचेत ; अगर यही काम किसी और ने किया होता क्या पुलिस गिरफ्तार करने की बजाए सचेत कर छोड़ देती?
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में हुई एक घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। गाजीपुर पुलिस ने राहुल के आरोपों का खंडन करते हुए उन्हें फैक्ट चेक किया है। पुलिस ने अपील की है कि वे बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएँ।
अगर यही गलत बयानी किसी आम नागरिक ने की होती क्या पुलिस उसको अफवाह फ़ैलाने के जुल्म में गिरफ्तार नहीं करती? फिर राहुल को क्यों नहीं? क्या देश में नेताओं और आम नागरिकों के लिए दो कानून हैं? अगर राहुल के प्रोपेगंडा से वहां दंगा हो गया होता क्या तब भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी होती?
साभार: सोशल मीडिया IHateAAPParty, अप्रैल 26, 2026
दरअसल राहुल गाँधी ने दावा किया था कि गाजीपुर में विश्वकर्मा समुदाय की एक बेटी के साथ रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई और परिवार को FIR दर्ज कराने से रोकने के लिए धमकियाँ दी गईं। राहुल गाँधी ने कहा कि हर बार पीड़ित कमजोर वर्ग से होता है, अपराधियों को संरक्षण मिलता है और सत्ता में बैठे लोग चुप रहते हैं।
राहुल गाँधी ने लिखा, “जिस देश और प्रदेश में माँ-बाप को अपनी बेटी की FIR लिखवाने के लिए भीख माँगनी पड़े, उस देश की सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। मोदी जी, मुख्यमंत्री जी जवाब दीजिए आपके राज में बेटियाँ इतनी असुरक्षित क्यों हैं?” गाजीपुर पुलिस ने राहुल गाँधी के आरोपों को तथ्यहीन और भ्रामक बताते हुए खारिज किया है।
कृपया सही तथ्यों से संज्ञानित हों
— Ghazipur Police (@ghazipurpolice) April 25, 2026
दिनांक 15.4.2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है ।
प्रकरण में मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज एफआईआर में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है।
मृतका के पीएम में भी कोई… https://t.co/ZbwIPG7Pal
गाजीपुर पुलिस ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “कृपया सही तथ्यों से संज्ञानित हों। 15 अप्रैल 2026 की सुबह 5:44 बजे मृतका के पिता ने डायल 112 पर कॉल करके बताया था कि लड़की ने पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली है।” पुलिस ने आगे लिखा, “प्रकरण में मृतका के पिता की तहरीर पर दर्ज FIR में भी रेप का कोई उल्लेख नहीं है। मृतका के पीएम में भी कोई बलात्कार संबंधी तथ्य नहीं आया है।”
पुलिस ने राहुल गाँधी को आगाह करते हुए कहा कि कृपया कोई ऐसी असत्यापित, तथ्यहीन एवं भ्रामक अफवाह ना फैलाएँ जिससे समाज में शांति भंग हो। पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में हत्या के एक आरोपित समेत पथराव करने वाले 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और आगे की कार्रवाई जारी है।
डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास विफल
आज सुबह के समाचारों के अनुसार वाशिंगटन DC के हिल्टन होटल में राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला हुआ। वे, उनकी पत्नी और वाईस प्रेजिडेंट जे दी वन्स सुरक्षित हैं।
हमलावर जो कैलिफोर्निया का है गिरफ्तार कर लिया गया और उससे पूछताछ हो रही है।
उसका नाम कोल थॉमस एलेन बताया गया है और उसने होटल की किचन से गोलीबारी की।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सुरक्षाकर्मियों की तारीफ की है और कहा है उन्होंने बहुत अच्छा काम किया।
हमलावर का उद्देश्य क्या था ये जांच के बाद पता चलेगा। अभी अटकलें लगाना उचित नहीं है।
ट्रंप ने कहा है हमले का ईरान से कुछ लेना देना नहीं है।
बाल-बाल बचे ट्रंप, वॉशिंगटन हिल्टन होटल में डिनर के दौरान फायरिंग: हमलावर की तस्वीर आई सामने; इसी होटल में 45 साल पहले रोनाल्ड रीगन पर भी हुआ था जानलेवा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और हमलावर
जबसे डोनाल्ड ट्रम्प चुनावी मैदान में उतरे तभी से इनके विरोधी इन पर जानलेवा हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। चुनावी प्रचार में हुए हमले में भी बाल-बाल बचे थे तब गोली इनके कान पर लगी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर बाल-बाल बच गए हैं। जब व्हाइट हाउस के पत्रकारों के साथ आयोजित डिनर कार्यक्रम के दौरान अचानक एक शख्स ने कमरे के बाहर अचानक फायरिंग कर दी जिसके बाद ट्रंप को बाहर निकाला गया है। यह कार्यक्रम वॉशिंगटन हिल्टन होटल में चल रहा था।
फायरिंग की आवाज के बीच सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स तुरंत हरकत में आए और राष्ट्रपति ट्रंप को कड़े सुरक्षा घेरे में लेकर कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल पूरे इलाके को सील कर दिया। घटना के समय अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप कैबिनेट के कई वरिष्ठ सदस्य भी वहाँ मौजूद थे और उन्हें भी एहतियातन तुरंत बाहर ले जाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
TRUMP RUSHED FROM STAGE AS SHOTS RING OUT
— RT (@RT_com) April 26, 2026
SHOOTER KILLED pic.twitter.com/ZZ4elIocQ6
ट्रंप ने हमलावर की एक तस्वीर भी अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर शेयर की है। हमलावर की पहचान 31 साल के कोल टॉमस ऐलन के रूप में हुई है और वो कैलिफॉर्निया का रहने वाला बताया जा रहा है।
ट्रंप द्वारा शेयर की गई तस्वीरपवन खेड़ा सुप्रीम कोर्ट जाए, उसके पहले दबोच लेना चाहिए, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने Custodial Interrogation की अनुमति दे दी है
गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया ने कल पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत की अर्जी ख़ारिज करते हुए कहा कि उसका Custodial Interrogation आवश्यक है यह पता लगाने के लिए कि किसने उसे झूठे दस्तावेज़ दिए जिनमें आरोप लगाया गया कि CM हिमंता बिश्वा सरमा की पत्नी के पास 3 पासपोर्ट हैं और अमेरिका में एक कंपनी है।
खेड़ा ने चुनाव के नाजुक समय पर hit and run वाली ओछी हरकत की है उसके लिए जल्दी से जल्दी इसको हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करनी चाहिए। अरविन्द केजरीवाल की ओछी हरकत को कांग्रेस भी कर रही है।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
खेड़ा ने कोर्ट में कहा था कि वे दस्तावेज़ उसे उसके साथियों ने दिए, इस पर ही कोर्ट ने कहा कि “इसलिए ही हिरासत में पूछताछ जरूरी है यह पता लगाने के लिए कि वो किन साथियों की बात कर रहे हैं और उनसे दस्तावेज़ किसने प्राप्त किये”। कोर्ट ने कहा कि खेड़ा पुलिस जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं जबकि उस पर आरोप BNS के section 339 के अंतर्गत आते है (possession of forged documents)।
खेड़ा ने रिंकी भुइया पर जोर शोर से आरोप तो लगा दिए और अब कह रहा है कि उसके पब्लिक में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान उस पर क्रिमिनल केस दर्ज किया गया। उसने कहा कि “FIR was registered to satisfy ulterior motive/political vendetta of the complainant who is the wife of the Assam CM”.
और ड्रामेबाजी देखिए, वो कह रहा है कि “the petitioner (वो खुद), being a prominent political figure and spokesperson, has been targeted for statement made in discharge of his public duties and impugned FIR constitutes an abuse of process of law, aimed at harassment and intimidation and in furtherance of such ulterior motive, particularly at the instance of complainant who is closely associated to the incumbent CM of the state of Assam".
प्रेस कॉन्फ्रेंस में झूठे दस्तावेजों के आधार पर किसी महिला पर बेबुनियाद आरोप लगाना खेड़ा की कौन से पब्लिक ड्यूटी है और अगर आरोप लगाए हैं तो उन्हें सिद्ध भी करे। तुम अगर आरोप नहीं लगाते तो केस भी दर्ज नहीं होता और केस दर्ज किया गया है तो वो Political Vendetaa कैसे हो गया। और रिंकी भुइया का Ulterior Motive क्या हो सकता है? तुम तो उसकी इज़्ज़त पब्लिक में उतार दो और वो FIR भी दर्ज नहीं करा सकती।
गुवाहाटी हाई कोर्ट के आदेश बिल्कुल स्पष्ट हैं खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए।
आज जयराम रमेश ने कहा है कि “पूरी भारतीय कांग्रेस अपने मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा के साथ पूरी मजबूती से एकजुट खड़ी है।गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया चल रही है। हमें विश्वास है कि धमकी/डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी”।
अब डराना धमकाना याद आ रहा है लेकिन जब नहीं सोचा कि मिथ्या आरोप लगाने का परिणाम क्या हो सकता है? राहुल गांधी तो चुनाव आयोग के आयुक्तों को अभी ही डरा रहा है कि आपको रिटायर होने के बाद भी हम नहीं छोड़ेंगे।
सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले खेड़ा को दबोच लेना चाहिए। ऐसा न हो सुप्रीम कोर्ट Coercive Action पर रोक लगा दे।
‘See my Banana’: प्राइवेट पार्ट की फोटो भेज हिंदू लड़की से बोला अशरफ सिद्दीकी, जिहादी का सपा कनेक्शन आया सामने
आरोपित अशरफ सिद्दीकी का निकला सपा कनेक्शन (साभार : Organiser)
मुंबई के एग्रीपाड़ा इलाके में एक 19 साल की हिंदू लड़की को उसके पूर्व मुस्लिम सहकर्मी ने अश्लील मैसेज, वीडियो और गंदी बातों से मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में आरोपित अशरफ सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपित समाजवादी पार्टी की पार्षद इरम सिद्दीकी का भतीजा है।
व्हाट्सएप ग्रुप से नंबर चोरी कर शुरू की गंदी बातें
पीड़िता महालक्ष्मी स्थित पिरामल कंस्ट्रक्शन में टेलीकॉलर का काम करती थी। नौकरी छोड़ने के बाद, आरोपित अशरफ सिद्दीकी ने कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप से उसका नंबर निकाल लिया। 21 अप्रैल 2026 को उसने मैसेज कर अपनी पहचान ‘अशरफ पिरामल वाला’ के तौर पर दी।
शुरुआत में उसने लड़की को ‘क्यूट’ बताया, लेकिन जल्द ही वह अपनी औकात पर आ गया। उसने करीब एक घंटे तक लड़की से व्हाट्सएप कॉल पर बात की और बेहद गंदी माँगें रखीं। पीड़िता ने पड़ोसी के फोन से कॉल रिकॉर्ड कर ली, जिसमें अशरफ उसे ‘लव फ्रेंडशिप’ करने, लॉज चलने और शारीरिक संबंध (Sex) बनाने के लिए मजबूर कर रहा था। उसने फोन पर ओरल सेक्स जैसी घिनौनी बातें भी कीं।
Mumbai, Maharashtra: A 19-year-old woman from the Agripada area in Mumbai has filed an FIR alleging harassment by her colleague, who has been arrested by Agripada Police.
— IANS (@ians_india) April 24, 2026
The Victim says, "I was working there as a telecaller. I used to do calling work. We got to know each other… pic.twitter.com/rClBAZtLGH
प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजी और कहा- ‘See my banana’
‘हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़के पसंद हैं’
पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपित ने कंपनी के डेटा का गलत इस्तेमाल कर कई हिंदू लड़कियों के नंबर निकाले थे। जब पीड़िता ने अपनी अन्य सहेलियों से बात की, तो पता चला कि अशरफ उन्हें भी ऐसे ही अश्लील मैसेज भेज चुका था, जिसके बाद उन्होंने उसे ब्लॉक कर दिया था।
Mumbai, Maharashtra: Victim's father says, "...For the last three days, she was being harassed, sending adult videos, making obscene remarks, repeatedly forcing her to go to a lodge... This is in Mahalaxmi Piramal. People were working there as telecallers. Ashraf Siddiqui is the… pic.twitter.com/91H3ude4lY
— IANS (@ians_india) April 24, 2026
पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक कनेक्शन
एग्रीपाड़ा पुलिस ने 23 अप्रैल 2026 को मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR (नंबर 187/2026) दर्ज की। आरोपित पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 78(2), 79 और आईटी एक्ट की धारा 67(A) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
आरोपित के परिवार से जुड़े साजिद सिद्दीकी ने कहा है कि पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्डिंग और चैट की जाँच कर रही है ताकि आरोपित को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
एअर इंडिया में हिन्दू कर्मियों के बिंदी-सिंदूर-तिलक-मंगल सूत्र पर रोक, वायरल हुआ ग्रूमिंग पॉलिसी का डॉक्यूमेंट
लेन्सकार्ट कंपनी में ड्रेस कोड को लेकर छिड़े विवाद के बाद अब एअर इंडिया की ड्रेसिंग पॉलिसी पर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि एअर इंडिया के केबिन क्रू हैंडबुक में बिंदी, सिंदूर, तिलक और कलावा जैसे हिंदू धर्म के चिन्हों पर रोक लगाई गई। इसको लेकर इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है और कई लोग इसे हिंदू पहचान छीनने से जोड़ रहे हैं।
It appears that this problem runs much deeper.
— Pranav Mahajan (@pranavmahajan) April 18, 2026
Here are some pictures from the Air India Cabin Crew Handbook. Bindi, Sindoor, Tilak etc not allowed.
Why are they doing this so blatantly?#SocietyFromStreet pic.twitter.com/uqVRbXBwwF
एक ‘एक्स’ यूजर ने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें ऐसे नियम बताए गए हैं। इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर एक भारतीय एयरलाइन अपने कर्मचारियों की धार्मिक पहचान को क्यों सीमित कर रही है। कुछ यूजर्स ने इसे वेस्टर्न स्टैंडर्ड का असर बताया, तो कुछ ने कहा कि ज्यादातर कॉर्पोरेट में ऐसे नियम होते हैं।
हालाँकि, एअर इंडिया ने इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया कि कर्मचारी बिंदी पहन सकते हैं और जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, वे पुराने मैनुअल की हैं जो अब लागू नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी है, जहाँ लोग धार्मिक स्वतंत्रता, कॉर्पोरेट नियम और समानता जैसे मुद्दों पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
दंगा नियंत्रण कानून : हिंदुओं के विनाश वाला काला बिल जिसे काँग्रेस ने दो बार 2005 और 2011मे संसद मे पेश किया, परन्तु आज भी यह पेंडिंग है, सुनिए वीडियो
नीदरलैंड के नेता गीर्ट विल्डर्स के भाषण का हिंदी अनुवाद
कुछ समय पहले विल्डर्स ने अमेरिका में भाषण दिया। उसकी बातें अमेरिका ही नहीं भारत और अन्य लोकतांत्रिक देशों के लिए आज भी प्रासंगिक हैं। जो उन्होंने कहा वह मैंने इंस्टाग्राम पर उनके भाषण से लिया है।
जिस अमेरिकी सांसद ने भारत को “नरक” कहा, ये बातें उसे जरूर सुननी चाहिए क्योंकि विल्डर्स अमेरिका के जल्द ही नरक बनने की चेतावनी दे रहे हैं।
“वे जो कुछ आपसे कहते हैं, उसका हर शब्द गंभीरता से लीजिए और उन्हें शाब्दिक रूप से समझिए।
क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करेंगे, तो यही होने वाला है।
वे करेंगे — और मैं बढ़ा-चढ़ाकर नहीं कह रहा हूँ — वे आपके समाज को जला देंगे। वे आपकी सड़कों के बीचों-बीच स्वयं को विस्फोट से उड़ा देंगे।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
मेरे मित्रों, संयुक्त राज्य अमेरिका में 2700 से अधिक मस्जिदें बन चुकी हैं, जिनमें से 300 तो यहीं टेक्सास में हैं। और उन प्रत्येक मीनारों को क्षेत्र पर दावे के रूप में देखा जाता है, और हर अज़ान (Prayer) को विजय के संकेत के रूप में।
हर वर्ष दर्जनों नई मस्जिदें बनाई जा रही हैं, और केवल प्रार्थना स्थल के रूप में नहीं, जैसा हमने देखा है, बल्कि इस्लाम की विजय और दूसरों को पीछे हटाने की निशानी के रूप में। और मैं आपसे पूछता हूँ, यह सब यहाँ कैसे पहुँचा?
वे, मुझे यह कहते हुए दुख है, आपके मुख्य द्वार से अंदर आए। लेकिन यह द्वार खुला किसने रखा? कट्टर वामपंथ ने, जिसमें आपके राष्ट्रपति, आपके पूर्व राष्ट्रपति ओबामा भी शामिल थे।
वे जागरूक अभिजात वर्ग, जो अपनी स्वतंत्रता से अधिक अपनी विरासत से घृणा करते हैं।
उन्होंने इस्लाम के साथ आत्मघाती समझौता कर लिया है। उन्होंने भेड़िए को बच्चों के कक्ष में बुला लिया और बच्चों को सहिष्णु बनना सिखाया। उन्होंने आपके बच्चों को अपने इतिहास पर शर्म करना सिखाया, जबकि उन लोगों का स्वागत किया जो उसे समाप्त करना चाहते हैं।
जैसा कि चार्ली ने सही कहा, और मैं उद्धृत करता हूँ चार्ली को:
“इस्लाम एक तलवार है, जिसका उपयोग वामपंथ अमेरिका का गला काटने के लिए कर रहा है”।
कांग्रेस के नेता आते हैं, तब तक तो ठीक था, अब “आप” के भी आ रहे, ये तो कमाल है; कहीं ये शराब घोटाले में तो नहीं शामिल थे?
केजरीवाल ने, जब से उसकी “आम आदमी पार्टी” बनी, तब से वह संस्थापक सदस्यों को मिलाकर 25 से ज्यादा नेताओं को या तो निकाल चुका था या उन्हें निकलने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन आज एक ही बार में उसके 7 राज्यसभा सांसदों पार्टी छोड़ कर केजरीवाल को ऐसा झटका दिया कि उसकी कमर तोड़ दी। और उससे भी बड़ी बात ये सारे भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस से नेता भाजपा में आ रहे थे, तब तक तो ठीक था लेकिन 10 में से 7 “आप” राज्यसभा सांसद भाजपा में आ गए, ये तो कमाल है। केजरीवाल ममता से कह रहा था कि अबकी बार भी आप ही जीतेंगी और मोदी की हार होगी लेकिन यहां उसका काफिला उसके अपनों ने ही लूट लिया। आ तो गए हैं लेकिन मंत्री शायद ही कोई बन पाए।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
वैसे ये आने वाले लोगों में कुछ को छोड़ कर, सब केजरीवाल के पाप में भागीदार रहे हैं। राघव चढ़ा भी कोई दूध का धुला नहीं है। हरभजन सिंह एक ऐसा व्यक्ति था जिसके “आप” में जाने पर मैं हैरान था लेकिन अब वह भी निकल आया। अशोक मित्तल पर अभी कुछ दिन पहले ED का छापा पड़ा था। उसके लिए कह सकते हैं कि वो डर कर निकला लेकिन ऐसा अन्य के साथ तो नहीं था।
10 में 7 सांसदों का एक साथ निकलना कोई छोटी बात नहीं है। इसके लिए अत्यधिक गुप्त रणनीति बनाई गई होगी जिसमें हो सकता है भाजपा का भी कोई नेता शामिल रहा होगा।
7 सदस्यों के एक साथ निकलने ने उन्हें दल बदल कानून से बचाव मिल गया लेकिन संजय सिंह केवल 3 के लिए कह रहा है (जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे) कि उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए और इसके लिए वो सभापति को पत्र लिखेगा। और सभापति न माने तो हाई कोर्ट, सुप्रीम चले जाना लेकिन सिंघवी की फीस कहां से दोगे?
अन्ना हजारे के आंदोलन से निकली “भ्रष्टों” की पार्टी ने दिल से जनता को लूटा और अब खुद टूट गई। ये अन्ना हजारे को बता कर पार्टी नहीं बनाए थे लेकिन अन्ना के दिल में अभी भी केजरीवाल के लिए दर्द है जो उनके आज के बयान से प्रकट हो रहा है।
उन्होंने 2 विपरीत बातें कही हैं - पहली, निजी हितों के लिए इन 7 ने पार्टी छोड़ी होगी; और दूसरी बात, पार्टी में दोष होगा, तब ही पार्टी छोड़ी”। केजरीवाल के सत्ता से बाहर होने के बाद ये लोग क्या निजी हित साध रहे होंगे, यह कह कर क्यों केजरीवाल का बचाव कर रहे हो अन्ना जी। और पार्टी की किस कमी की बात कर रहे हो जब आप के केजरीवाल के हर भ्रष्टाचार पर आप खामोश रहे।
एक बार भगवंत मान सरकार और निपट जाए, फिर केजरीवाल का “मुफ्त” के हवाई जहाजों में घूमने की मौज मस्ती ख़त्म। लोगो को “मुफ्त” के रेवड़ियां बांटता था और खुद “मुफ्त” की रेवाड़ी खा रहा है भगवंत मान के हवाई जहाजों में सैर सपाटा करके।
केजरीवाल के 10 में से 7 राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल
आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वे अकेले नहीं, बल्कि राज्यसभा में ‘AAP’ के दो-तिहाई सांसदों के गुट के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं।
राघव चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा था, लेकिन अब यह अपने बुनियादी मूल्यों और नैतिकता से पूरी तरह भटक चुकी है। राघव चड्ढा ने खुद को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ बताते हुए कहा कि पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है।
Addressing a press conference with Sandeep Pathak and Ashok Mittal, AAP MP Raghav Chadha says, "We have decided that we, the 2/3rd members belonging to the AAP in Rajya Sabha, exercise the provisions of the Constitution of India and merge ourselves with the BJP." pic.twitter.com/Y5BQICeFmz
— ANI (@ANI) April 24, 2026
राघव चड्ढा के साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक और अशोक मित्तल जैसे प्रमुख सांसदों ने भी समर्थन के संकेत दिए हैं। राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसदों में से 7 के साथ होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि वे संविधान के प्रावधानों के तहत यह कदम उठा रहे हैं।
राघव चड्ढा के इस फैसले से आम आदमी पार्टी के भीतर एक बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है, जो आने वाले समय में दिल्ली की सत्ता समीकरणों को बदल सकता है।
आत्मघाती इतिहास और वर्तमान का धैर्य क्यों बंधे हैं मोदी-शाह के हाथ? क्योकि हिन्दुओं से कही ज्यादा समझदार मुसलमान है जो बीजेपी को हराने एकजुट वोट देता है लेकिन हिन्दू आरक्षण और सेकुलरिज्म के नशे में जातिगत सियासत में डूबा रहता है
बंगाल के प्रथम चरण के चुनाव के लिए चुनाव आयोग, सुरक्षाबल, केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट बधाई के पात्र हैं
बंगाल में प्रथम चरण के चुनाव में रिकॉर्ड 92.88 % छुटपुट घटनाओं को छोड़ कर शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग (खासकर ज्ञानेश कुमार जी), सुरक्षा बल और केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट बधाई के पात्र हैं।
वास्तव में तत्कालीन चुनाव आयुक्त TN Seshan ने जो गति चुनाव आयोग को दी उसे वर्तमान आयुक्त ने कहीं आगे बढ़ा दिया। शेषन से ज्यादा विरोध ज्ञानेश का हुआ। लेकिन अपनी सीमाओं में रहते हर काम को बखूबी निभा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने जिस तरह SIR का काम संभाला और सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आयोग को पूरा समर्थन मिला उसने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है चुनाव में। आयोग ने केंद्र सरकार से जितने भी सुरक्षा बल मांगे शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए वे उसे मिले।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
CAPF की 2500 कंपनियां तैनात की गई और एक कंपनी में 100 से 110 सुरक्षाकर्मी होते हैं, मतलब कुल मिलाकर 2.5 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। शायद इसलिए ही 92.88% रिकॉर्ड मतदान हुआ जो पिछले चुनाव के 82.30% से 10% ज्यादा है। इसका श्रेय आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुरक्षाबलों, मोदी सरकार एवं सुप्रीम कोर्ट को भी जाता है।
सुरक्षाबलों की वजह से मतदाता भयमुक्त होकर मतदान कर सके।
अभी दूसरे चरण का चुनाव होना शेष है लेकिन पिछले चुनावों से तुलना की जाए तो हम देखते हैं ममता को 2016 के मुकाबले 2021 में मात्र 3.11% वोट ज्यादा मिले थे (यानी 48.02%) और सीट बढ़ी थी केवल 4। दूसरी तरफ भाजपा को 2016 के मुकाबले 2021 में 28% वोट ज्यादा मिले थे (यानी 38.15%) लेकिन सीट बढ़ी थी 74 (3 से 77 हो गई)।
2011 में 84.33% मतदान भी रिकॉर्ड था और ममता CPM को हटा कर सत्ता में आई थी। अब रिकॉर्ड मतदान के बाद भाजपा भी ममता को सत्ता से हटा कर सत्ता में आ सकती है।
अगर दूसरे चरण में भी यही स्थिति रहती है और भाजपा के वोट 38% से 6-7% भी बढ़ गए तो सत्ता की चाबी उसके हाथ में होगी। एक फैक्टर और नज़र आया है कि हुमायूँ कबीर का जिस तरह टकराव हुआ है TMC के साथ, उसे देख कर लगता है मुस्लिम वोट निश्चित रूप से बंटा है, जबकि हिंदू वोट एकजुट हुआ है। SIR में 91 लाख वोट कटने से ममता का वोट गिरना तय है लेकिन कितना गिरेगा यह समय ही बताएगा।
चुनाव आयोग के काम में कोलकाता हाई कोर्ट की तरफ से वोटिंग के एक दिन पहले अड़ंगा लगाया गया जब कोर्ट ने आयोग द्वारा चुनाव में गड़बड़ी फ़ैलाने वाले 800 संदिघ्द लोगो के लिए आदेश पर रोक लगा दी और सुनवाई की तारीख 30 जून तक के लिए उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। उससे क्या फर्क पड़ना था जब भारी सुरक्षाबल तैनात हैं। 30 जून का क्या मतलब है जब चुनाव 29 अप्रैल को संपन्न हो जाना है।
कुल मिलाकर अनुमान यही लगाया जा सकता है बंगाल से ममता की विदाई तय है।
पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से बड़ा झटका, अंतरिम जमानत याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट के बाद अब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने खेड़ा की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है।
दरअसल, पवन खेड़ा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिंकी सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियाँ होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद रिंकी सरमा ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया।
मामले की सुनवाई के दौरान खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह ज्यादा से ज्यादा मानहानि का मामला है और उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई आशंका नहीं है, इसलिए गिरफ्तारी से राहत दी जानी चाहिए। वहीं, असम सरकार की तरफ से महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और इसमें जालसाजी जैसे आरोप शामिल हैं।
अवलोकन करें:-
करीब तीन घंटे चली बहस के बाद जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था जिसे अब सुनाते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद पवन खेड़ा की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है।




