Showing posts with label #Sandeshkhali. Show all posts
Showing posts with label #Sandeshkhali. Show all posts

TMC नेता मछली फ्राई के बहाने बुलाकर गरीब महिलाओं की लूटता था इज्जत: बांग्लादेश भागते समय रबीउल इस्लाम गिरफ्तार

           TMC नेता रबीउल इस्लाम का करोड़ों का घर, जहाँ लूटता था महिलाओं की इज्जत (साभार : News18)
जैसे-जैसे TMC के सत्ता से बाहर होने के दिन बीत रहे हैं वैसे-वैसे ममता बनर्जी के समय हुई काली करतूतें सामने आने लगी हैं। जिसे देख शंका होती है कि ये जो नेता ममता का साथ छोड़ रहे हैं इसके पीछे बहुत गहरा षड़यंत्र दिखाई पड़ता है। क्योकि जो आज पार्टी को छोड़ अपने आपको दूध का धुला साबित करने की कोशिश कर रहे हैं इन काली करतूतों में इनके भी शामिल होने पर शक होना स्वाभाविक है। इनको मालूम है कि पहले तो ममता की छत्रसाया में चाहे कुछ भी कर लो कोई पूछने वाला नहीं। जिस हिसाब से नेता पार्टी छोड़ रहे हैं उस हिसाब से तो इतनी काली करतूतें नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन हुई, क्यों? क्यों नहीं जिस तरह हिन्दू महिलाओं का बलात्कार हो रहा था, हिन्दू त्यौहारों पर हमले हो रहे थे और हिन्दुओं पर जानलेवा हमले हो रहे थे तब क्यों नहीं पार्टी छोड़ी? तब कहाँ मर गया था इनका जमीर?           

बंगाल में संदेशखाली के विलेन शेख शाहजहाँ के बाद एक और दरिंदा सामने आया है। TMC नेता रबीउल इस्लाम पर महिलाओं को बंधक बनाकर उनका जिस्म लूटने और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने का आरोप है। पुलिस ने इस हैवान को बांग्लादेश भागते समय बॉर्डर पर दबोचा।

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर 24 परगना के देगंगा से इस TMC नेता की काली करतूत बाहर आई है। आरोप है कि रबीउल इस्लाम ने 100 बीघे की जमीन पर अपना एक आलीशान गार्डन हाउस बना रखा था।

वह गरीब महिलाओं को रात के अँधेरे में वहाँ मछली तलने और खाना बनाने के बहाने बुलाता था। वहाँ पहुँचने के बाद महिलाओं को बंधक बना लिया जाता था। फिर रबीउल और उसके गुर्गे उनके साथ अमानवीय अत्याचार करते थे। इलाके में इसका इतना खौफ था कि पीड़ित परिवार डर के मारे मुँह नहीं खोलते थे।

मजदूर से करोड़पति बनने का खूनी सफर

रबीउल इस्लाम के अपराध और रसूख की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। साल 2011 से पहले रबीउल एक साधारण दिहाड़ी मजदूर था। वह दो वक्त की रोटी के लिए तरसता था। लेकिन सत्ता का हाथ मिलते ही वह देगंगा पंचायत समिति में वन एवं भूमि विभाग का बड़ा अफसर बन बैठा। इसके बाद उसने सरकारी पैसों और पेड़ों को लूटकर अपना 10 करोड़ का अय्याशी का अड्डा तैयार किया।

पुलिस को ठेंगा, फिर भागते हुए दबोचा गया

रबीउल ने अपने राजनीतिक रसूख के दम पर लंबे समय तक कानून की धज्जियाँ उड़ाईं। उसके खिलाफ जबरन वसूली और महिला उत्पीड़न के कई केस थाने पहुँचे, लेकिन पुलिस हाथ डालने से डरती थी।

अब जब बीजेपी की सरकार आई, तब जाकर इस हवस के शिकारी पर शिकंजा कसा, और ये डरपोक अंडरग्राउंड हो गया। जान बचाकर सीमा पार बांग्लादेश भागने की फिराक में था। लेकिन बसिरहाट बॉर्डर पर मुस्तैद पुलिस ने उसकी चालाकी फेल कर दी और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया।

पश्चिम बंगाल : EVM-VVPAT की लूट, संदेशखाली और भाँगड़ में बमबाजी: महिलाओं को धमकाकर TMC के गुंडे डलवा रहे वोट

           कहीं हिंसा, कहीं बमबाजी, कहीं ईवीएम की लूट (साभार : X_ANI/PTI/SubhiVishwakarma)
लोकसभा चुनाव 2024 में सातवें और आखिरी चरण का मतदान जारी है। मतदान की शुरुआत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसाओं की खबरें सामने आने लगी हैं। हर बार की तरह इस बार भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हमला किया। कहीं बमबाजी की है, तो कहीं लाठियों का सहारा लिया है। वहीं, दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों द्वारा धमकाने पर बिफरी भीड़ ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को तलाब के पानी में फेंक दिया। इस बीच, संदेशखाली और भाँगड़ में बम भी चलाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने बताया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के कुलताई में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को निशाना बनाया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी है कि ‘आज (1 जून 2024) की सुबह 6.40 बजे 19-जयनगर (एससी) पीसी के 129-कुलतली एसी में बेनीमाधवपुर एफपी स्कूल के पास सेक्टर अधिकारी के रिजर्व ईवीएम और कागजात स्थानीय भीड़ द्वारा लूट लिए गए और 1 सीयू, 1 बीयू, 2 वीवीपीएटी मशीनों को एक तालाब के अंदर फेंक दिया गया… सेक्टर अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेक्टर के तहत सभी छह बूथों में मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चल रही है। सेक्टर अधिकारी को नए ईवीएम और कागजात उपलब्ध कराए गए हैं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के कुलतई में बूथ संख्या 40, 41 पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर ईवीएम और वीवीपैट मशीन को पानी में फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदाताओं को कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने धमकी दी है। इससे गुस्साई भीड़ ने ईवीएम को निशाना बनाया और मशीनों को तालाब में फेंक दिया। हालाँकि यहाँ मशीनों को बदला गया और मतदान का काम जारी है।

पत्रकार सुभी विश्वकर्मा ने 2 जगहों पर बमबारी की घटना की जानकारी दी है। उन्होंने वीडियो भी पोस्ट किए हैं। पहली घटना जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र के भाँगड़ इलाके की है, जहाँ बमबाजी की गई। वहीं, संदेशखाली में भी बमबाजी की वारदात सामने आई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अधिकारी महिलाओं और महिला बूथ कार्यकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं को टीएमसी के पक्ष में वोटिंग के लिए धमका रहे हैं।

पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बीजेपी ने पूछा है कि ये बम कहाँ से आ रहे हैं। पश्चिन बंगाल बीजेपी ने एक्स पर लिखा, “सातवें चरण के मतदान में भी टीएमसी का आतंक जारी है। सतुलिया, भांगड़ में बम धमाके हो रहे हैं। ममता बनर्जी, जो जानती हैं कि ये बम कौन बना रहा है, फिर भी ये धमाके होने दे रही हैं। ममता बनर्जी, ये सारे बम कहाँ से आ रहे हैं?”

लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण में सुबह 9 बजे तक 11.31 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 14.35%, झारखंड में 12.15%, बिहार में 10.58%, चंडीगढ़ में 11.6%, यूपी में 12.94%, ओडिशा में 7.69%, पंजाब में 9.64% और पश्चिम बंगाल में 12.64% मतदान हुआ है।

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 57 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है। जिन सीटों पर आज वोटिंग हो रही है, उसमें पंजाब और यूपी की 13-13 सीटें, पश्चिम बंगाल की 9 सीटें, बिहार की 8 सीटें, ओडिशा की 6 सीटें, हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें, झारखंड की 3 सीट और एक चंडीगढ़ सीट शामिल है।

पश्चिम बंगाल : संदेशखाली में TMC नेता हफीजुल खान के ठिकाने पर CBI को छापे में मिला गोला बारूद और विदेशी पिस्टल: शाहजहाँ शेख का है करीबी; ममता देश को बताओ बारूद क्यों जमा किया जा रहा था?

यह छापेमारी 5 जनवरी के हमले के संबंध में बताई जा रही है (चित्र साभार: HT & India today)
केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को छापेमारी की है। CBI को संदेशखाली में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद हुए हैं। CBI संदेशखाली में ED टीम पर हुए जनवरी, 2025 में हुए हमले की जाँच कर रही है।
अब इस जाँच को रुकवाने के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव आयोग के आगे रोना रोने भागी हैं, लेकिन जो बारूद पकड़ में आ रहा है, उसमे चुनाव आयोग क्या करेगा? ममता कब तक कितने उपद्रवियों को बचाओगी? देश को बताओ कि ये असला किस लिए जमा किया जा रहा था? CBI हर मुस्लिम बहुल क्षेत्र की सघन जाँच करनी चाहिए। अगर आर्मी की मदद की जरुरत पड़े तो मदद लेनी चाहिए। विशेषकर बांग्लादेश से सटे क्षेत्रों की बहुत ही गंभीरता से तलाशी लेनी चाहिए। केंद्र सरकार को इन आरोपियों को मिलने वाली हर सरकारी सुविधा तुरंत वापस ले लेनी चाहिए, जेल में एक समय का नाश्ता/रिफ्रेशमेंट और एक समय का खाना। दामाद की तरह मत पालो इन उपद्रवियों। 

CBI ने संदेशखाली में शाहजहाँ शेख के एक करीबी के घर पर छापेमारी की है जहाँ से उसे बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। बताया जा रहा है कि यहाँ से उसे विदेश में बने हथियार तक बरामद हुए हैं। CBI की टीम केन्द्रीय सुरक्षा बलों के साथ यहाँ पहुँची है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, CBI की टीम संदेशखाली के सर्बेरिया इलाके में छापेमारी करने पहुँची है जहाँ उसने शाहजहाँ के एक करीबी हफीजुल खान के घर से यह हथियार बरामद किए हैं। हफीजुल भी तृणमूल कांग्रेस का नेता बताया जा रहा है।

CBI 5 जनवरी, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर संदेशखाली में हुए हमले के सिलसिले में यह छापेमारी करने पहुँची है। CBI की यह छापेमारी सुबह से ही जारी है। इस मामले में अभी बंगाल सरकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

5 जनवरी, 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम संदेशखाली में पूछताछ करने गई थी। यह टीम राशन घोटाला मामले में शेख शाहजहाँ से पूछताछ करने पहुँची थी। इस दौरान ED और केन्द्रीय सुरक्षा बलों की टीम पर शाहजहाँ के गुंडों ने हमला बोल दिया था।

उनकी गाड़ियाँ तोड़ दी थीं और अधिकारियों को घायल कर दिया था। इस हमले में तीन अधिकारी घायल हो गए थे। ED की टीम काफी मुश्किल से यहाँ से निकल पाई थी। इसके बाद इस हमले के मामले में FIR दर्ज हुई थी।

अवलोकन करें:-

पश्चिमी बंगाल : TMC नेता जिन्ना अली बना रहा था देसी बम, हाथ में ही हो गया ब्लास्ट: बुरी तरह घायल, EC ने

इस हमले के लगभग एक महीने के बाद संदेशखाली का भयावह सच देश के सामने आना चालू हुआ था। पूर्व TMC नेता और स्थानीय दबंग शेख शाहजहाँ और कुछ अन्य नेताओं पर महिलाओं ने यौन शोषण के आरोप लगे थे। इसके अलावा इन पर लोगों की जमीन कब्जाने, मारने पीटने और धमकाने के आरोप भी लगे थे। शेख शाहजहाँ पहले फरार हो गया था लेकिन बाद में वह पकड़ा गया था। वर्तमान में वह केन्द्रीय एजेंसियों की हिरासत में है।

पश्चिम बंगाल : ‘TMC को वोट नहीं दोगे तो उँगली काट देंगे’: संदेशखाली में धमकी के साथ बाँटी जा रही ‘सरकारी साड़ी’

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में स्थितियाँ सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। एक भाजपा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) से जुड़े गुंडों ने उसका घर जलाकर राख कर दिया। TMC कार्यकर्ताओं पर महिलाओं को साड़ी बाँटने और वोट के लिए धमकाने का भी आरोप लगा है।

भाजपा कार्यकर्ता सुब्रत मंडल ने आरोप लगाया है कि TMC कार्यकर्ताओं ने बुधवार (10 अप्रैल, 2024) की रात को उनके खुलना गाँव में स्थित घर को आग लगा दी। इस घटना के बाद घर पूरी तरीके से जल कर राख हो गया। गाँववालों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक देर हो गई और घर का तिनका तिनका जल उठा। हालाँकि, TMC नेताओं ने इस घटना में हाथ होने से इनकार किया है। सुब्रत के घर से सामने आई तस्वीरों से दिखता है कि आगजनी के बाद केवल कुछ बाँस के खम्भे बचे हैं।

TMC नेताओं का कहना है कि इस आगजनी में उनका कोई रोल नहीं है और सुब्रत मंडल के घर में आग पारिवारिक विवाद के चक्कर में लगी है। TMC नेता सुरेश मंडल ने कहा है कि घर पारिवारिक विवाद की वजह से जला और इसे अब साम्प्रदायिक रंग दिया जा रहा है। TMC नेताओं का कहना है कि इस मामले में पुलिस की जाँच से सब सामने आ जाएगा।

आगजनी के कारण घर खोने वाले सुब्रत मंडल ने यह भी आरोप लगाया है कि TMC सरकार ने उन्हें सभी सुविधाओं से वंचित कर रखा है क्योंकि वह भाजपा से जुड़े हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका घर जलाने के पीछे उनका TMC की सदस्यता ना लेना है।

साड़ी बाँट महिलाओं को धमका रहे TMC कार्यकर्ता

जहाँ एक ओर पूरा देश संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार पर चकित है तो वहीं TMC नेताओं की गुंडागर्दी अब भी नहीं रुक रही है। रिपब्लिक बांग्ला ने बताया है कि TMC कार्यकर्ता संदेशखाली में महिलाओं को साड़ी बाँट कर उनसे वोट की माँग कर रहे हैं। महिलाओं को चेताया जा रहा है कि अगर वह TMC को वोट नहीं देती तो उन्हने इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।
TMC कार्यकर्ता संदेशखाली की इन महिलाओं को हरे रंग की साड़ी रात के अँधेरे में बाँट रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह साड़ियाँ भी TMC की तरफ से नहीं खरीदी गई हैं। यह साड़ियाँ पश्चिम बंगाल की आपदा राहत अथॉरिटी द्वारा खरीदी हुई साड़ियाँ हैं। इन्ह्ने बाढ़ में राहत सामग्री के रूप में खरीदा गया था। इन पर स्पष्ट रूप से इस बात की मोहर लगी हुई है। मोहर दिखाती है कि यह साड़ियाँ 2019 में खरीदी गईं थी। इससे साफ़ होता है कि यह पाँच वर्षों से किसी गोदाम में पड़ी हुई थीं और अब वोटरों के लिए निकाली गई हैं।
रिपब्लिक बांग्ला से बात करते हुए संदेशखाली की महिलाओं ने कहा कि TMC कार्यकर्ता रात में उनके पास साड़ियाँ लेकर आते हैं और उनको TMC के चुनाव चिन्ह पर वोट देने को कहते हैं। TMC कार्यकर्ताओं पर महिलाओं ने धमकाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि TMC कार्यकर्ता उनको धमकी देते हैं कि TMC को वोट ना देने पर उनकी उंगलियाँ काट दी जाएँगी, उन्हें मार दिया जाएगा। यह सारा काम अँधेरे में होते हैं।
महिलाओं का आरोप है कि उनके पास आने वाले लोग गुंडे शेख शाहजहाँ के लोग हैं और वह अभी TMC के इस पूर्व नेता से डरते हैं। उनका कहना है कि वह तभी एकदम निश्चित होकर वोट दे सकती हैं जब शाहजहाँ के खिलाफ सही से CBI जाँच हो।
पश्चिम बंगाल के बशीरहाट जिले में पड़ने वाले संदेशखाली से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। कई महिलाओं ने यहाँ के TMC नेता शेख शाहजहाँ और उसके गुंडों पर यौन शोषण, जमीन कब्जाने और मारने पीटने के आरोप लगाए थे। इस मामले में कुछ FIR भी दर्ज हुई थीं। शेख शाहजहाँ को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ ED और सीबीआई दोनों ही एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं।

बंगाल : ममता ने हिन्दू महिलाओं के लिए बना दिया नर्क ; कुँवारी या शादीशुदा… कम उम्र वाली सुंदरी को चुनते हैं, वासना तृप्त होने पर ही छोड़ते है: मीडिया में भी मातम, क्यों? देखिए वीडियो

                      संदेशखाली में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग (फोटो साभार : X_Debjanibhatta20)
आज एक महिला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के होते हुए हिन्दू महिलाओं के लिए बंगाल किसी नर्क से कम नहीं, और ममता खामोश है, क्यों?  यदि यही शोचनीय स्थिति मुस्लिम महिलाओं की होती सभी सियासतखोर चीख-पुकार कर रहे होते। लेकिन हिन्दू महिलाओं की दुर्गति होने पर सब को सांप सूंघ गया, सबके घरों में शायद कोई मातम का माहौल है? वैसे जब से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी है, तभी से 24 परगना सुलग रहा है। जिसकी विस्तृत रपट कुछ वर्ष पूर्व एक हिंदी  पाक्षिक को सम्पादित करते मुख्य समाचार बनाया था। लेकिन आज तक किसी भी पार्टी ने हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ नहीं उठाई, कहीं उनका मुस्लिम वोट बैंक नाराज़ न हो जाए। 

उत्तर 24 परगना के संदेशखाली से टीएमसी गुंडों के भयावह कारनामे सामने आ रहे हैं। यहाँ टीएमसी के गुंडों के लिए रेप और गैंगरेप आम बात है। वो टीएमसी की महिला कार्यकर्ताओं को भी नहीं छोड़ते। मीटिंग में सिर्फ महिलाओं को बुलाते हैं। पति को मरने से बचाना है तो पार्टी के दफ्तर में आना पड़ेगा, वहाँ टीएमसी के गुंडे यौन शोषण करते हैं, लेकिन महिलाओं को चुप रहना पड़ता है। टीएमसी के गुंडे जमीनों पर कब्जा करते हैं, विरोध करने वालों को गैंगरेप की धमकी देते हैं। यही नहीं, उन्हें जो भी महिला पसंद आ गई, उसे वो रात भर उठाकर ‘भोगते’ हैं और मन भर जाने पर सुबह घर भेज देते हैं। पश्चिम बंगाल की पुलिस टीएमसी के गुंडों के लिए सहायक का काम करती है। वो पीड़ितों को ही दबाती है।

ये सब उसी संदेशखाली की पीड़ित महिलाएँ कह रही हैं, जिन्होंने अब इन अत्याचारों के खिलाफ उठ खड़े होने के ऐलान कर दिया है और पूरे संदेश खाली में टीएमसी के फरार नेता और ममता बनर्जी के खास शेख शाहजहाँ और उनके गुर्गों शिबू हाजरा और उत्तम सरदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 8 फरवरी 2024 से संदेशखाली की महिलाएँ अब टीएमसी के गुंडों का सामना लाठी-डंडों के साथ कर रही हैं। इन्हें कंट्रोल करने के लिए 10 फरवरी 2024 को प्रशासन ने धारा-144 तो लगाई, लेकिन टीएमसी गुंडों को अत्याचार करने की पूरी छूट दी। हम मीडिया संस्थानों से उन्हीं पीड़ित महिलाओं की बातचीत सामने रख रहे हैं, जिसमें वो टीएमसी के गुंडों की करतूतों को सामने रख रही हैं।

इसी कड़ी में टीवी9 बांग्ला से बातचीत में संदेशखाली की महिलाओं ने बताया है कि कैसे शिबू हाजरा और उत्तर सरदार की अगुवाई टीएमसी के गुंडों ने लोगों की जमीनों पर कब्जा किए। एक महिला ने बताया कि बीडीओ और स्थानीय पुलिस के जवान टीएमसी के पार्टी काडर की तरह काम करते हैं। यही नहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि टीएमसी के गुंडों को ‘कट मनी’ का भुगतान करना पड़ता है और अगर किसी वजह से ‘कट मनी’ नहीं दे सके, तो फिर टीएमसी के गुंडे उनकी पिटाई करते हैं। बीजेपी सांसद दिलीप घोष ने ये वीडियो एक्स पर शेयर किया है।

एक महिला ने टीवी9 बांग्ला को बताया कि कैसे टीएमसी के गुंडे युवा लड़कों की जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं और उन्हें आपराधिक गतिविधियों में शामिल कर रहे हैं। उसने बताया कि टीएमसी के गुंडे नए और पढ़ाई लिखाई वाले बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करते हैं। महिला ने बताया, “बच्चों से कहा जाता है कि ‘दीदी’ उनका पेट भरती हैं। वो राजनीतिक काम नहीं करेंगे तो खाने के लिए मर जाएँगे। टीएमसी के गुंडे उन बच्चों से विपक्षी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला करवाते हैं, लोगों को परेशान कराते हैं और लूट जैसी वारदात कराते हैं। वो बच्चों को शराब और हथियार देकर बर्बाद कर रहे हैं। वो शाहजहाँ की पसंद की औरतों को उठाने के लिए दबाव डालते हैं।”

रिपब्लिक बांग्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता और उनके गुंडों ने शेख शाहजहाँ, उत्तर सरदार और शिबू हाजरा के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर हमला किया और उनका उत्पीड़न किया, तो पुलिस ने उनका हाथ दिया। एक महिला ने पूरी बात बताते हुए कहा, “हम रात में नींद की एक झपकी तक नहीं ले सके। भारी संख्या में पुलिस वाले बाइकों और कारों पर सवार होकर पहुँचे। वो रात में जोर-जोर से हम सबको धमका रहे थे। हमारे परिवार के मर्द भाग गए थे, क्योंकि उन्हें पुलिस उठा लेती।”

बजरंग दल के कार्यकर्ता की पत्नी ने बताया, “पुलिस हमारे घर में रात 3 बजे घुसी। पुलिस वालों ने मेरे पति को गालियाँ दी और मेरा उत्पीड़न करने की कोशिश की। उन्होंने मेरा पोला (शादीशुदा बंगाली महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला कड़ा) तोड़ दिया। पुलिस ने मेरी बेटी को दूर फेक दिया। वो पुलिस वाले इतने नशे में थे कि वो सही से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।”

संदेशखाली की एक अन्य महिला ने स्थानीय पुलिसकर्मियों की बदतमीजियों के बारे में बताया। एक महिला ने कहा, “पुलिस वाले ने मुझसे पूछा कि मैं दूसरे मर्दों के सोती हूँ? वो कैसे ये सवाल पूछ सकते हैं। मुझे जवाब चाहिए। मैंने क्या गलत किया है कि मुझे ‘मादर**’ जैसी गालियाँ दी गई?” महिला ने आगे बताया, “पुलिस वालों ने मेरे पति को ‘सुवर का बच्चा’ कहा। वो मेरे पति को घसीटकर घर से बाहर ले गए। उन्होंने क्या गलत किया था? हमें न्याय चाहिए। क्या पुलिस वाले किसी को भी इस तरह गालियाँ दे सकते हैं?”

संदेशखाली में एक महिला ने कहा, “टीएमसी के गुंडे हमारे पतियों को जबरदस्ती पकड़ कर अपने साथ ले जाते हैं। वो उनसे काम कराते हैं और पैसे भी नहीं देते। अगर कोई पैसों की माँग करता है, तो उसे बेहरमी के साथ पीटा जाता है।”

एक महिला ने एबीपी आनंदा से बातचीत में कहा, “हम कानून को अपने हाथों में नहीं लेना चाहते। उत्तम सरदार ने हमें डंडे उठाने पर मजबूर कर दिया। वो पिछले 4 साल से हमारा उत्पीड़न कर रहा है। अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। इसी वज से हम यहाँ प्रदर्शन कर रहे है। हम अगर टीएमसी की बैठकों में जाते हैं, तो हमारे पतियों को उठा लिया जाता है। संदेशखाली कभी शांत माहौल वाली जगह हुआ करती थी, लेकिन उसे नष्ट कर दिया गया। हम फिर से संदेशखाली में शांति चाहते हैं।”

संदेशखाली की एक महिला ने ममता बनर्जी को निशाने पर लिया और कहा कि सरकार ने लोखिर भंडार योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को 500 रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 1000 रुपए प्रति माह कर दिया है। क्या सरकार पार्टी की कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के बदले ‘आर्थिक सहायता’ के तौर पर ऐसा कर रही है?

रिपब्लिक बाँग्ला से बात करते हुए पीड़ित महिला ने कहा, “क्या हम अपने सम्मान के बदले पैसे पा रहे हैं? क्या हमें इस लिए पैसे दिए जा रहे हैं कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को रात में ‘कंपनी’ दें? क्या मुख्यमंत्री हमें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए पैसे दे रही हैं?”

संदेशखाली में प्रदर्सन के दौरान एक महिला ने बताया, “तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बाइक पर 20-30 के ग्रुप में आते हैं और वे इलाके की हर महिला की जाँच करते हैं। वे सबसे कम उम्र की और सबसे अच्छी दिखने वाली महिला को चुनते हैं और उसे अपने साथ ले जाते हैं। वह कहती हैं, वे रात-रात भर उसके साथ संबंध बनाते हैं, और उसे तभी छोड़ते हैं जब वे “संतुष्ट” हो जाते हैं।”

महिला शेख शाहजहाँ और उसके आदमियों की ओर से फैलाए गए आतंक और डर को बयान करती है। महिला ने कहा कि “जिस भी महिला पर इन गुंडों की नजर पड़ गई, भले ही वो कुँवारी हो या शादीशुदा, वो उसे उठा ले जाते हैं। यही नहीं, शादीशुदा महिलाओं के पति को भी उसपर कोई हक नहीं होता। बस उन्हें महिला पसंद आनी चाहिए, इसके बाद सबकुछ उनकी मर्जी।” इस बात को वहाँ मौजूद एक महिला ने भी दोहराया।

एबीवी आनंदा से बात करते हुए एक पीड़ित ने बताया, “हम सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। टीएमसी के गुंडों ने हमें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया है। यहाँ तक कि उन्होंने ग्रामीणों द्वारा बनवाई गई कंक्रीट की सड़क को भी नष्ट कर दिया।” एक महिला ने बताया है कि उन्हें पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है।

एक महिला ने रिपब्लिक बाँग्ला के साथ अपनी आपबीती साझा की। महिला ने कहा, “टीएमसी के गुंडों ने मेरी खिड़की तोड़ दी। उन्होंने मेरा हाथ पकड़ खींचा और बाहर को कहा। उन्होंने कहा कि वो उसका (महिला का) गैंगरेप करेंगे। ये सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा था। वहाँ एक और महिला को बाल पकड़ कर खींचा गया और उसकी साड़ी खींचकर अलग कर दी गई। संदेशखाली में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं। वो मेरे पति के सामने ही मुझसे बदतमीजी करते रहे। हम शांति चाहते हैं। मुझे लगता है कि ऐसी जिल्लत भरी जिंदगी जीने से बेहतर है मर जाना।”

एक महिला ने रोते हुए बताया, “टीएमसी के कार्यकर्ता सिर्फ महिलाओं को ही पार्टी में बुलाते हैं और उनका शोषण करते हैं। हमें अपने पतियों की जान बचाने के लिए उनकी बात माननी (यौन उत्पीड़न के लिए हाँ) पड़ती है।” महिला ये बात कहती हुई रो पड़ती है और कहती है कि टीएमसी के गुंडे ये भी नहीं सोचते कि वो पार्टी सपोर्टर है।

संदेशखाली में आखिर चल क्या रहा है?

पश्चिम बंगाल में उत्तर 24 परगना जिला है। यहाँ संदेशखाली नाम की जगह है। इस साल की शुरुआत में इसी जगह के टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ पर रेड करने की गई ईडी की टीम पर जानलेवा हमले हुए थे। यहाँ गुरुवार (8 फरवरी 2024) को केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल को फंड न देने को लेकर टीएमसी नेताओं ने संदेशखाली के त्रिमोहानी बाजार में लोगों के साथ मिलकर रैली निकाली थी। इस रैली में शाहजहाँ शेख के नारे लगाने पर बवाल मच गया।
अवलोकन करें:-
 
बंगाल : महिला मुख्यमंत्री के राज में ‘घर में से महिलाओं को उठा ले जाते हैं TMC के गुंडे, ‘संतुष्ट’ ह
संदेशखाली की महिलाओं और पुरुषों ने लाठी-डंडे लेकर टीएमसी के गुंडों को दौड़ा लिया। इस दौरान दोनों ओर से मारपीट शुरू हो गई। इसके अगले दिन शाहजहाँ शेख के गुंडों ने पलटवार किया, तो ग्रामीणों ने कई जगहों पर उत्पात कर दिया। इस बवाल में कई लोग घायल भी हो गए। इसके बाद ही पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू करने के साथ ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी थी। हालाँकि ऊपर के वीडियो में पीड़ित महिलाएँ उन्हीं अत्याचारों को बयान कर रही हैं, जो इस दौरान महिलाओं ने झेला।