Showing posts with label #VVPAT. Show all posts
Showing posts with label #VVPAT. Show all posts

पश्चिम बंगाल : EVM-VVPAT की लूट, संदेशखाली और भाँगड़ में बमबाजी: महिलाओं को धमकाकर TMC के गुंडे डलवा रहे वोट

           कहीं हिंसा, कहीं बमबाजी, कहीं ईवीएम की लूट (साभार : X_ANI/PTI/SubhiVishwakarma)
लोकसभा चुनाव 2024 में सातवें और आखिरी चरण का मतदान जारी है। मतदान की शुरुआत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसाओं की खबरें सामने आने लगी हैं। हर बार की तरह इस बार भी टीएमसी कार्यकर्ताओं ने विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हमला किया। कहीं बमबाजी की है, तो कहीं लाठियों का सहारा लिया है। वहीं, दक्षिण 24 परगना जिले में टीएमसी के गुंडों द्वारा धमकाने पर बिफरी भीड़ ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को तलाब के पानी में फेंक दिया। इस बीच, संदेशखाली और भाँगड़ में बम भी चलाए गए हैं।

चुनाव आयोग ने बताया है कि दक्षिण 24 परगना जिले के कुलताई में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को निशाना बनाया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी है कि ‘आज (1 जून 2024) की सुबह 6.40 बजे 19-जयनगर (एससी) पीसी के 129-कुलतली एसी में बेनीमाधवपुर एफपी स्कूल के पास सेक्टर अधिकारी के रिजर्व ईवीएम और कागजात स्थानीय भीड़ द्वारा लूट लिए गए और 1 सीयू, 1 बीयू, 2 वीवीपीएटी मशीनों को एक तालाब के अंदर फेंक दिया गया… सेक्टर अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सेक्टर के तहत सभी छह बूथों में मतदान प्रक्रिया निर्बाध रूप से चल रही है। सेक्टर अधिकारी को नए ईवीएम और कागजात उपलब्ध कराए गए हैं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के कुलतई में बूथ संख्या 40, 41 पर भीड़ द्वारा कथित तौर पर ईवीएम और वीवीपैट मशीन को पानी में फेंक दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मतदाताओं को कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों ने धमकी दी है। इससे गुस्साई भीड़ ने ईवीएम को निशाना बनाया और मशीनों को तालाब में फेंक दिया। हालाँकि यहाँ मशीनों को बदला गया और मतदान का काम जारी है।

पत्रकार सुभी विश्वकर्मा ने 2 जगहों पर बमबारी की घटना की जानकारी दी है। उन्होंने वीडियो भी पोस्ट किए हैं। पहली घटना जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र के भाँगड़ इलाके की है, जहाँ बमबाजी की गई। वहीं, संदेशखाली में भी बमबाजी की वारदात सामने आई है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि अधिकारी महिलाओं और महिला बूथ कार्यकर्ताओं के साथ ही मतदाताओं को टीएमसी के पक्ष में वोटिंग के लिए धमका रहे हैं।

पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। बीजेपी ने पूछा है कि ये बम कहाँ से आ रहे हैं। पश्चिन बंगाल बीजेपी ने एक्स पर लिखा, “सातवें चरण के मतदान में भी टीएमसी का आतंक जारी है। सतुलिया, भांगड़ में बम धमाके हो रहे हैं। ममता बनर्जी, जो जानती हैं कि ये बम कौन बना रहा है, फिर भी ये धमाके होने दे रही हैं। ममता बनर्जी, ये सारे बम कहाँ से आ रहे हैं?”

लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण में सुबह 9 बजे तक 11.31 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में 14.35%, झारखंड में 12.15%, बिहार में 10.58%, चंडीगढ़ में 11.6%, यूपी में 12.94%, ओडिशा में 7.69%, पंजाब में 9.64% और पश्चिम बंगाल में 12.64% मतदान हुआ है।

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 57 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है। जिन सीटों पर आज वोटिंग हो रही है, उसमें पंजाब और यूपी की 13-13 सीटें, पश्चिम बंगाल की 9 सीटें, बिहार की 8 सीटें, ओडिशा की 6 सीटें, हिमाचल प्रदेश की 4 सीटें, झारखंड की 3 सीट और एक चंडीगढ़ सीट शामिल है।

प्रशांत भूषण की याचिका पर सुनवाई बंद होनी चाहिए; सुप्रीम कोर्ट खारिज मामले पर बार बार सुनवाई करके समय और पैसा बर्बाद क्यों कर रही है?

सुभाष चन्द्र

अपने 15 अप्रैल के लेख में मैंने लिखा था कि EVM और VVPAT के उपयोग को चुनौती देने वाली प्रशांत भूषण की याचिका दायर करने के लिए उस पर एक करोड़ जुर्माना लगाना चाहिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट यह मामला सितंबर, 2023 में खारिज कर चुका है और 10 साल में EVM के खिलाफ 40 याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। फिर किस कारण या दबाव में सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सुनवाई कर रही है?

लेखक 
कल सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ के सामने पूछने पर  प्रशांत भूषण ने कहा कि उसकी 3 मांगे हैं 

-बैलेट से चुनाव हो;

-vvpat पर्ची मतदाता को मिले और फिर वह उसे मशीन में डाले; और 

-VVPAT मशीन में पारदर्शी शीशा लगाया जाए जो 2017 में मशीन के Design को बदल कर हटा दिया गया था।

अगर बैलेट से चुनाव के लिए कोर्ट मान जाता है तो बाकि दो मांगे स्वतः ही ख़त्म हो जाएंगी। बैलट से चुनाव कराने के लिए उसने जर्मनी का उदहारण दिया जिस पर जस्टिस दीपांकर दत्ता ने उसे लताड़ा कि वहां की आबादी 6-7 करोड़ है, हमारे यहां फिर पुरानी व्यवस्था में लौटना संभव नहीं लगता। उस चुनाव में क्या होता था, आप भूल गए लेकिन हमें याद है।

प्रशांत भूषण ने EVM और VVPAT में हेरफेर की आशंका जताई। उसने कहा कि वो यह नहीं कह रहे कि हेर फेर किया गया है, हम कह रहे हैं हेरफेर किया जा सकता है। EVM और VVPAT प्रोग्राम पर based चिप होते हैं और इनमे दुर्भावनापूर्ण चिप डाले जा सकते हैं।

इस पर जस्टिस खन्ना ने कहा “मानवीय दखल से समस्या हो सकती है, वरना मशीन गलत result नहीं देगी। मानवीय कमजोरियां हो सकती हैं और पूर्वाग्रह हो सकता है।

मतलब साफ़ है कि खुद प्रशांत भूषण मान रहा है कि अभी तक EVM और VVPAT के उपयोग में कोई हेरफेर नहीं हुई है। अगर ऐसा है तो फिर क्या फितूर है दिमाग में। 

भूषण ने दलील दी ज्यादातर लोग EVM पर भरोसा नहीं करते जो एक प्राइवेट poll में बताया गया है। दत्ता ने पूछा आप कैसे उस पर भरोसा कर सकते हैं। ये ऐसे हो गया कि “आप” पार्टी ने सर्वे करा लिया और पाया कि 90% दिल्ली वाले केजरीवाल की गिरफ़्तारी को गलत मानते हैं, तो क्या इस सर्वे को सही मान कर केजरीवाल को छोड़ दिया जाए। प्रशांत भूषण भी तो वामपंथी होने के साथ पुराना “आपिया” ही है और ऐसी ही उलजुलूल बातें करेगा।

प्रशांत भूषण की याचिका पर अदालत ने चुनाव आयोग को मतदान से लेकर मतगणना तक follow की जाने वाली प्रक्रिया, आंकड़े, EVM मशीन VVPAT आदि की सुरक्षा की व्यवस्था के details देने को कहा।

40 याचिकाएं जो रद्द कर चुका है कोर्ट,  उनमे यह सब नहीं बताया गया होगा। अभी एक और याचिका VVPAT के खिलाफ चल रही है। उसके लिए आयोग ने 458 पेज का हलफनामा दाखिल किया है। ऐसे तो चुनाव के समय में आयोग का काम बढ़ता ही जायेगा ।

प्रशांत भूषण की और जस्टिस खन्ना की बात को ध्यान में रख यह देखना चाहिए कि यहां तो बात हेरफेर की तब हो रही है जब मानव और मशीन शामिल है लेकिन जब दोनों तरफ मानव हो तो फिर तो कुछ भी धांधला हो सकता है। मशीन को बिना किसी मानवीय दखल के perfect बताया है खन्ना जी ने। 

प्रशांत भूषण को यह बताना चाहिए कि यदि उसकी दलील पर चला जाए कि हेरफेर हो सकता है तो यह भी हो सकता है।

-पैसे के दम पर प्रशांत भूषण और  सुप्रीम कोर्ट के कई चर्चित दलाल वकील जजों को पैसा खिला कर अपने हक़ में फैसले कराते हैं क्योंकि दोनों तरफ मानव है। 

-पैसे के दम पर तीस्ता के लिए 3 घंटे में 2 बेंच बन गई और उसे जमानत दे दी गई।

-ऐसा भी तो हो सकता है IMA और विदेशी संस्थांए रामदेव को फ़साने के लिए जजों को पैसा देकर रामदेव को बदनाम कर रहे हैं।

कौन PIL दायर कर सकता है और किस विषय पर हो, इस पर पुनर्विचार होना चाहिए क्योंकि PIL एक  उद्योग बन चुका है।