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समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है पूरी समाजवादी पार्टी; रामगोपाल यादव ने अमित शाह को सौंपी चिट्ठी


उत्तर प्रदेश में चुनाव होने से पहले ही लगता है चुनाव परिणाम घोषित हो गया है। राहुल गाँधी की छत्रसाया में रहने वाली एक और पार्टी अपने अंत की ओर चल पड़ी है। महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस(TMC) में टूट और दल-बदल चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) को लेकर भी बड़ा दावा सामने आया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सपा में जल्द ही बड़ी टूट हो सकती है।

उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को चिट्ठी सौंपी है। खनन घोटाला और गोमती रिवर फ्रंट घोटाला का मास्टरमाइंड कौन है, पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है। महाराष्ट्र बंगाल छोड़िए, समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।”

एक बयान में राम गोपाल यादव ने कहा, “अब यूपी का नंबर है, राम गोपाल जी एक चिट्ठी अमित शाह को थमा दिए हैं और उनसे कह दिए हैं उनसे कि इतने लोगों का नाम है। इन लोगों को अपने पास ले लीजिए, हम लोगों की जान बचाकर रखिएगा।”

राजभर ने अपने बयान में कई घोटालों का भी जिक्र किया है जिसके बाद सियासी हलचल बढ़ना तय माना जा रहा है।

शंकराचार्यजी महाराज का कहना उचित हिन्दुओं बहरूपी हिन्दुओं से सावधान; इस्लामिक गोलबंदी में नहीं फंसे, देखिए वीडियो ; नाम में हिंदू, पर हमदर्द इस्लामी कट्टरपंथियों का: भारत विरोधी ढोंगी Hindu for Human Rights को सुहा नहीं रही लंदन की दीवाली, मुस्लिम मेयर से कहा- हिंदू संगठनों से तोड़ो रिश्ते

                                       VHP और BAPS को लेकर HfHR ने एक पत्र लिखा है
कुछ ही समय पहले पूज्यनीय शंकराचार्य ने ढोंगी हिन्दुओं से सतर्क रहने की बात कही बहुत जल्दी उनकी बात सच होते भी देखी जा रही है। उनके प्रवचनों से विरोधियों की नींद हराम हो रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस्लाम जो गोलबंदी कर रहा है हिन्दुओं को उससे भी सतर्क रहना चाहिए। इसी तरह 1555 में फ्रैंच ज्योतिष नॉस्त्रेदमस ने भविष्यवाणियां की थी जो आज तक शत-प्रतिशत सच हो रही है। 2014 में सत्ता परिवर्तन की बात करते कहा कि 2014 में देश को असली आज़ादी ही नहीं अखंड हिन्दू राष्ट्र और विश्व गुरु बनने की राह पर चलेगा। देख लो बात सच हो रही है।(विस्तार से भविष्यवाणियां पढ़ने के लिए Organiser Weekly 1986/87 का अवलोकन किया जा सकता है)। 

दूसरे, मार्च 7, 1966 को गोहत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधु-संतों से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने पुलिस से गोलियां चलवाकर खून की होली खेलते पार्लियामेंट स्ट्रीट को खून से रंग दिया था तब आचार्य कृपालुजी महाराज ने रोते हुए कहा कि "इन्दिरा जिस तरह गोपाष्टमी के दिन हम निहत्ते साधुओं-संतों से खून की होली खेली है तेरी भी... इसी तरह गोपाष्टमी के दिन. ..(31 अक्टूबर को गोपाष्टमी ही थी) और कांग्रेस को ख़त्म करने से मॉडर्न ड्रेस में एक तपस्वी आएगा।" अगर अभी भी हिन्दू हिन्दुत्व का चोला ओढे घूम रहे हैं, जैसाकि शंकराचार्य जी ने भी कहा है, ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरुरत है। देखिए वीडियो:               

हिंदू और भारत विरोधी अमेरिकी संगठन हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स (HfHR) ने इंग्लैंड की राजधानी लंदन में दिवाली मनाने में खलल डालने की कोशिश की है। HfHR के डायरेक्टर राजीव सिन्हा ने लंदन के मेयर सादिक खान को एक पत्र लिखकर विश्व हिंदू परिषद (VHP), BAPS और चिन्मय मिशन जैसी हिंदू संस्थाओं के साथ ‘सभी संबंध खत्म’ करने को कहा है।

भारत विरोधी ताकतों के साथ हाथ मिलाने के लिए कुख्यात हिंदू विरोधी संगठन HfHR, इस बात से नाराज था कि इन हिंदू संस्थाओं ने 27 अक्टूबर को लंदन के ट्राफलगर स्क्वायर में दिवाली कार्य्रकम के आयोजन में भाग लिया था।

HfHR द्वारा लिखे इस पत्र को एक्स(पहले ट्विटर) पर सुहाग शुक्ला ने साझा किया। इस पत्र हिन्दूस फॉर ह्यूमन राइट्स (HfHR) ने इस बात पर ‘निराशा’ जताई कि VHP और बाकी संस्थाओं ने लंदन के मेयर सादिक खान के कार्यक्रम को आयोजित करने में मदद की थी।

हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स (HfHR) ने लंदन के मेयर से इन हिंदू संगठनों से संबंध तोड़ने और भविष्य में दिवाली समारोह आयोजित करने के लिए नए संगठन तलाशने को कहा है। HfHR ने दावा किया कि यह हिंदू संगठन ”भारत और यूके में हिंदुत्व आंदोलन के लिए एक मुखौटे का काम करते हैं।” 

HfHR का हिन्दू विरोधी इतिहास

हिंदू फॉर ह्यूमन राइट्स (HfHR) के नाम से लग सकता है कि यह हिंदू समुदाय के हित के लिए काम करने वाला कोई हिंदू संगठन है। असल में यह भेड़ की खाल में भेड़िया है। यह संगठन अमेरिका और ब्रिटेन में हिंदू विरोधी गतिविधियों को बढ़ाने में सबसे आगे रहा है।
इसने लगातार खुद को मानवाधिकारों के कथित रक्षक के रूप में पेश किया है, जबकि असल में यह अपना लिबरल एजेंडा चलाता है। इस संगठन को टाइड्स फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से पैसा मिलता है। टाइड्स अमेरिका में हमास के समर्थन वाली रैलियों को भी पैसा देती है। HfHR अक्सर हिन्दुओं के विरोध में ही दिखता है।
टाइड्स फाउंडेशन खुद कई ऐसी गतिविधियों में शामिल रहा है जो वामपंथी और भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाती हैं। विकिपीडिया को लेकर बनाए गए ऑपइंडिया के डोजियर में बताया गया है कि टाइड्स कई भारत विरोधी और हिंदू विरोधी संगठनों को पैसा देता रहा है। यह भारत और हिन्दुओं को बदनाम करते हैं और कट्टरपंथियों को बढ़ावा देते हैं।
HfHR अक्सर अपने एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए हिंदू प्रतीकों का उपयोग करता है। हिंदू विश्वासों को लगातार HfhR नीचा दिखाता रहा है। यह हिन्दू ग्रन्थों की गलत व्याख्या करके प्रश्न उठाने और हिन्दुओं कि छवि खराब में जुटा एक संगठन है।
HfHR का गठन वर्ष 2019 में इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) और ऑर्गनाइजेशन फॉर माइनॉरिटीज ऑफ इंडिया (OFMI) द्वारा किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि इन तीनों संगठनों ने अलायंस फॉर जस्टिस एंड अकाउंटेबिलिटी (AJA) नामक एक और संगठन बनाया था।
द हिंदू में छपे एक लेख के अनुसार, 22 सितंबर, 2019 को पीएम मोदी की ह्यूस्टन यात्रा के खिलाफ़ प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों में AJA सबसे आगे थी। ‘HfHR’ की सह-संस्थापक सुनीता विश्वनाथ ने भी 2019 में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर भारतीय मुसलमानों में दहशत पैदा करने की कोशिश की थी।

कर्नाटक : चुनाव आयोग आंखे खोलो, चुनाव रद्द करो; हजारों महिलाओं की सेक्स वीडियो रिकॉर्डिंग, घर-घर जाकर अश्लील फोटो दिखा वोट न करने की अपील: एक्शन में महिला आयोग

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया (बाएँ) और कर्नाटक महिला आयोग प्रमुख नागालक्ष्मी चौधरी (साभार: Deccan Herald & ET)
कर्नाटक महिला आयोग ने राज्य के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को एक पत्र लिख कर एक मामले में SIT जाँच की माँग की है। कर्नाटक महिला आयोग ने यह जाँच कथित तौर पर हासन में वायरल हो रही सेक्स वीडियो के विषय में करने को कहा है। आयोग ने कहा है कि हासन में बड़े नेता ने महिलाओं से सेक्सुअल फेवर की माँग की और कुछ का रेप तक किया।

कर्नाटक महिला आयोग ने कहा है कि हासन में हजारों महिलाओं सेक्स वीडियो की वीडियो रिकॉर्ड की गई हैं। उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है और इससे समाज का सर शर्म से झुक गया है। आयोग ने कहा है कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया एक SIT बनाकर इस मामले में की जाँच करवाएँ।

कर्नाटक महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने इस पत्र में कहा है कि उनको इन वीडियो के वायरल होने की शिकायत कर्नाटक राज्य महिला दुर्जन्य विरोधी वेदिके नाम की एक संस्था से मिली है। आयोग ने कहा है कि महिलाओं की यह आपत्तिजनक वीडियो पेन ड्राइव के जरिए वायरल की जा रही हैं। महिला आयोग ने एक पत्र कर्नाटक के DGP को भी लिखा है।

दूसरी तरफ हासन के वर्तमान सांसद और जेडीएस नेता प्रज्व्वल रेवन्ना के एक पोलिंग एजेंट ने पुलिस से एक शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है कि जेडीएस सांसद की फर्जी अश्लील वीडियो वायरल की जा रही हैं।

पोलिंग एजेंट तेजस्वी एमजी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके सांसद की अश्लील फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोग हर दरवाजे जा रहे हैं और प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ वोट ना देने की अपील कर रहे हैं। इससे चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। तेजस्वी एमजी ने आरोप लगाया कि नवीन नाम का शख्स कुछ लोगों के साथ मिलकर यह काम कर रहा है।

प्रज्व्व्ल रेवन्ना देश के पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा के पोते और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं। वह 2019 में हासन से सांसद बने थे। इस बार वह फिर इस सीट से ताल ठोंक रहे हैं। इस बार उनको भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है क्योंकि राज्य में दोनों पार्टियों ने गठबंधन किया है। उनका मुकाबला कांग्रेस के श्रेयस एम पटेल से है।

कांग्रेस ने हासन में वायरल हो रहे वीडियो को लेकर एचडी कुमारस्वामी को भी घेरा है। कांग्रेस ने एक ट्वीट में लिखा है, “कुमारस्वामी क्या आप जिस पेन ड्राइव को लम्बे समय से सीक्रेट बना कर रख रहे थे अब बाहर आ गई है? क्या हासन की सड़कों पर घूम रही पेन ड्राइव आपकी है?”

अवलोकन करें:-

क्या चुनाव आयोग कुछ मामलों में लड़खड़ाया हुआ है? कांग्रेस के “Communal Manifesto” और राहुल के बयानों पर स्वतः

कर्नाटक के हासन में शुक्रवार (26 अप्रैल, 2024) को मतदान है। इन कथित सेक्स वीडियो के सामने आने के बाद इनका प्रभाव चुनाव पर भी पड़ सकता है।

सोनिया गाँधी के लिए मदर टेरेसा का संत होना भारत के लिए ‘गौरव’: लेकिन पुरुषोत्तम श्रीराम काल्पनिक

                                                                                    साभार: India Today/Quotage Biography
कांग्रेस ने 11 जनवरी 2024 को एक पत्र जारी करके अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से मना कर दिया। इस समारोह का आयोजन 22 जनवरी 2024 को होना है, जिसमें देश-दुनिया भर से लोग शामिल होंगे। इस समारोह के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी को निमंत्रण पत्र भेजा गया था।

कांग्रेस ने इस निमंत्रण को ठुकरा दिया है और एक पत्र जारी करके प्राण प्रतिष्ठा में ना जाने की वजह बताई है। पत्र में लिखा गया है, “भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है।”

जहाँ कांग्रेस ने इस पत्र में धर्म को निजी विषय बताया है, वहीं सोशल मीडिया पर साल 2016 में लिखा गया सोनिया गाँधी का एक अन्य पत्र वायरल हो रहा है। यह पत्र सोनिया गाँधी ने वेटिकन के पोप फ्रांसिस को लिखा था, जिसमें भारत में दशकों तक रहीं ईसाई नन मदर टेरेसा के संत घोषित करने की प्रक्रिया से संबंधित था। इस पत्र को कांग्रेस  के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से साझा किया गया था।

इस पत्र में सोनिया गाँधी ने लिखा था कि मदर टेरेसा के संतीकरण से भारत में रहने वाले 2 करोड़ ईसाइयों सहित सभी नागरिक इस बात से बहुत गर्वित और प्रसन्न हैं कि पोप और कैथोलिक चर्च द्वारा मदर टेरेसा की आत्मा की पवित्रता, उद्देश्य की पवित्रता और मानवता की सेवा के माध्यम से ईश्वर की सेवा की।

उन्होंने आगे लिखा कि मदर टेरेसा का संत घोषित किया जाने वाला समारोह सभी भारतीयों के लिए उन्हें धन्यवाद देने का अवसर है, क्योंकि उन्होंने भारत में बिताए गए अपने समय में ‘देश के सबसे गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा’ की। उन्होंने आगे लिखा है कि टेरेसा ने अपना जीवन निस्वार्थ सेवा में बिताया और हर किसी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और सीखना चाहिए कि ‘हमारे रोजमर्रा के जीवन में करुणा और प्रेमपूर्वक रहने और दयालुता कैसे दिखाई जाए’।

सोनिया गाँधी ने भी टेरेसा के संतीकरण के इस पवित्र आयोजन के लिए वेटिकन जाने की इच्छा जताई थी। हालाँकि, उन्होंने कहा था वह बीमारी के कारण इस पवित्र आयोजन में नहीं शामिल हो पाएँगी। अपनी जगह उन्होंने कांग्रेस के दो नेताओं- मारग्रेट अल्वा और लुइज़िन्हो फलेइरो को वेटिकन सिटी में आयोजित समारोह में भेजा था।

जो सोनिया गाँधी कल तक पूरे देशवासियों की तरफ से मदर टेरेसा को संत की उपाधि दिए जाने पर ख़ुशी जता रही थीं और ईसाइयों के सबसे बड़े पद पोप को पत्र लिख रहीं थीं, वहीं अब उनकी पार्टी हिन्दुओं के आराध्य के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को निजी मामला बताकर जाने से मना कर रही हैं।

कांग्रेस ने इस पूरे आयोजन को भाजपा और आरएसएस का कार्यक्रम बताया है। अब यह भी प्रश्न उठ रहा है कि यदि सोनिया गाँधी को धार्मिक मामले में राजनीतिक संगठनों का जुड़ा होना पसंद नहीं है तो वह एक ईसाई नन के संतीकरण के आयोजन पर इतना ख़ुशी क्यों थीं और अपनी पार्टी की तरफ से पत्र क्यों लिख रही थीं?

अवलोकन करें:-

मदर टेरेसा की वास्तविकता

मदर टेरेसा को लेकर भी भारतीय जनमानस में कई प्रश्न उठते रहे हैं। मदर टेरेसा पर आरोप है कि वह गरीबों को ईसाइयत में धर्मान्तरित करने का चक्र चलाती थीं। इसके साथ ही वह इलाज के ऐसे तरीकों को बढ़ावा देती थीं, जो कि सही नहीं थे। दरअसल, मदर टेरेसा एक धार्मिक मिशन पर भारत में थीं और उनके काम को कैथोलिक ईसाइयों द्वारा समर्थन मिलता था।

सिसोदिया की चिट्ठी ट्वीट करते ही ट्रोल हो गए केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर अपने करीबी मनीष सिसोदिया की एक चिट्ठी शेयर की। सिसोदिया में चिट्ठी में एक कविता लिखी है। कविता के साथ चिट्ठी में ग्राफिक्स भी बनाया गया है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया की चिट्ठी ट्वीट करते ही आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। लोग सिसोदिया के साथ केजरीवाल पर भी तंज कसने लगे।

लोग केजरीवाल का मजाक उड़ा रहे हैं…