Showing posts with label #trolled. Show all posts
Showing posts with label #trolled. Show all posts

दिल्ली विश्वविद्यालय में दलित छात्रा के जवाब से राहुल गाँधी की किरकिरी, Video वायरल


कांग्रेस पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। ताजा प्रकरण एक हिंदू दलित छात्रा से जुड़ा हुआ है जिसके जवाब ने राहुल को ट्रोल कर दिया।

दिल्ली विश्वविद्यालय में मंगलवार (27 मई 2025) को राहुल गाँधी छात्र संगठन को लोगों से चर्चा कर रहे थे। छात्रों के बीच राहुल अपनी पार्टी और खुद को मसीहा साबित करने में लगे हुए थे। उन्होंने कहा, “हमने तेलंगाना राज्य में दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की सूची मँगाई। उसे चेक किया तो पाया कि कोई भी कॉन्ट्रैक्ट दलितों, पिछड़ों या आदिवासियों को नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में आप लोग राजनीति कैसे करेंगे या राजनीति में कैसे आएंगे?”

राहुल गाँधी की बात छात्रा बड़े ध्यान से सुन रही थी। राहुल की बात खत्म होने के तुरंत बाद उसने पलटवार कर दिया। किसी लाग लपेट के उसने राहुल गाँधी से कह दिया, “हम राजनीति कर भी नहीं रहे सर, राजनीति में यूज (इस्तेमाल) हो रहे हैं।”

छात्रा की इस बात से राहुल ने बात पलटते हुए कहा कि वो दूसरी बात है। हालाँकि इतने में ही उनकी अच्छी खासी किरकिरी हो चुकी थी।

सिसोदिया की चिट्ठी ट्वीट करते ही ट्रोल हो गए केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर अपने करीबी मनीष सिसोदिया की एक चिट्ठी शेयर की। सिसोदिया में चिट्ठी में एक कविता लिखी है। कविता के साथ चिट्ठी में ग्राफिक्स भी बनाया गया है। दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम सिसोदिया की चिट्ठी ट्वीट करते ही आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए। लोग सिसोदिया के साथ केजरीवाल पर भी तंज कसने लगे।

लोग केजरीवाल का मजाक उड़ा रहे हैं…


दिल्ली : क्या अरविन्द केजरीवाल अगस्त में 26 जनवरी का भाषण देकर हो गए ट्रोल?


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। केजरीवाल कल, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद आज बता रहे है कि कल मैंने 26 जनवरी का भाषण दिया था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। लोग दिल्ली के सीएम को 26 जनवरी और 15 अगस्त में फर्क नहीं मालूम होने पर तंज कस रहे हैं। यूजर्स उनके भाषण का वीडियो वायरल कर रहे हैं। अगर यही बात किसी मुस्लिम नेता ने बोल दी होती, सभी उस मुस्लिम नेता को मदरसे की पैदाइश बता रहे होते, लेकिन अब हिन्दू केजरीवाल को कौन-से मदरसे की पैदाइश बताओगे? वास्तव में योगी-मोदी विरोध में विपक्ष को नहीं मालूम कि उन्हें कब क्या बोलना है, उसी बौखलाहट में 15 अगस्त को 26 जनवरी बोलना कोई बड़ी बात नहीं। दूसरे, हो सकता है कि केजरीवाल के दिमाग में 26 जनवरी ही घूम रही 
होगी, क्योकि जिस किसान आंदोलन को इन्होने समर्थन दिया था, उन्ही किसानों ने 26 जनवरी को लाल किला पर हंगामा किया था। खैर, आप भी देखिए-