जो निंदनीय काम महाराष्ट्र सरकार ने किया है, यदि वही काम किसी भाजपा शासित राज्य में हुआ होता, संविधान की दुहाई देने वाले चीखते चिल्लाते उस मुख्यमंत्री को पदमुक्त करने की मांग करने महामहिम तक पहुँच जाते। क्योकि राज्यपाल का अनादर अप्रत्यक्ष रूप से महामहिम राष्ट्रपति का अनादर है।
महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और राज्य की उद्धव सरकार के बीच चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों में मनमुटाव एक फिर देखने को मिला। दरअसल, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी आज देहरादून जाने के लिए एक सरकारी चार्टर प्लेन में लगभग 20 मिनट तक बैठे इंतजार करते रहे, लेकिन राज्य की महाविकास अघाड़ी (MVA) उद्धव सरकार ने चार्टर प्लेन की इजाजत नहीं दी। इसके बाद गर्वनर को विमान से उतरना पड़ा।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, “महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राज्य सरकार के प्लेन से आज देहरादून जाना था। मगर जब वह मुंबई एयर पोर्ट पर पहुँचे, तो उनसे कहा गया कि उन्हें प्लेन से देहरादून के लिए उड़ान भरने की इजाजत नहीं दी गई है। इसके बाद उन्होंने कर्शियल फ्लाइट बुक की और फिर देहरादून के लिए रवाना हुए।”
It is an unfortunate incident. Governor is not just a person but a constitutional position. This incident is a black chapter for the state: BJP leader Devendra Fadnavis. #Maharashtra pic.twitter.com/apjUOfPqpI
— ANI (@ANI) February 11, 2021
Today, when Gov Bhagat Singh Koshyari reached Mumbai Airport & boarded govt plane. Governor was informed that permission for use of aircraft had not been received. Tickets were booked on a commercial aircraft immediately & he left for Dehradun: Maharashtra Governor's Office
— ANI (@ANI) February 11, 2021
Governor kahi bhi jae govt plane se hi jata hai. I don't understand the logic!! If he wishes to visit his friend in mumbai should he go by taxi?
— Mandar Patwardhan (@VmMandar) February 11, 2021
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते रविवार उत्तराखंड में हुई त्रासदी का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी उत्तराखंड जाना चाहते थे। इसके लिए वह राज्य सरकार के विमान की सवारी करने वाले थे। जिसके मद्देनजर गर्वनर हाउस ने एक हफ्ते पहले ही राज्यपाल की देहरादून यात्रा की जानकारी राज्य सरकार को दी थी।
जब राज्यपाल विमान में सवार होने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुँचे तो लगभग आधे घंटे तक राज्यपाल सामान्य प्रशासन विभाग के संपर्क में थे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। वहीं जब उनको विमान में यात्रा करने की अनुमति नहीं मिली तो फिर उन्होंने प्राईवेट एयरलाइंस से टिकट बुक करके मुंबई से देहरादून रवाना हुए।
सरकारी चार्टर्ड प्लेन के इस्तेमाल की इजाजत मुख्यमंत्री के अंतगर्त आने वाले सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा दी जाती है।
राज्यपाल को यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का मामला गर्मा गया है। जिस पर नाराज भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने कहा, “यह बदला लेने की अधिकता है। मैंने कभी ऐसी प्रतिशोधी सरकार नहीं देखी। राज्यपाल एक संवैधानिक पद है, उसकी गरिमा को बनाए रखना चाहिए। ठाकरे सरकार ने रीति-रिवाजों और परंपराओं पर हमला किया है।”
इससे पहले भी कई मौके पर भगत सिंह कोश्यारी और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखी गई है।

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