नाइजीरिया के संचार मंत्री इसा पंतामी
नाइजीरिया के संचार मंत्री इसा अलियू पंतामी (Isa Aliyu Pantami) को लेकर कुछ दिन पहले विदेशी समाचार में खबर चली कि पंतामी के संबंध बोको हरम नाम के आतंकी संगठन से हैं और अमेरिका की खूफिया एजेंसी ने उन्हें अपनी वॉचलिस्ट में रखा हुआ है।
अब यूएस खूफिया एजेंसी की वॉचलिस्ट सार्वजनिक नहीं है, इसलिए उस रिपोर्ट के दावों को खारिज कर दिया गया। साथ ही कई अन्य वेबसाइट्स ने फैक्ट चेक करके बिंदुवार तरीके से बताया कि कैसे रिपोर्ट में लिखी बातें गलत हैं जबकि पंतामी का असलियत में बोको हरम से कोई लेना-देना नहीं है।
In his prior iteration as a Salafist Islamic scholar, Mr Pantami was known for holding hardline Islamist positions that aligned very closely with those of Mr Yusuf and his Jamāʿat Ahl al-Sunnah li-l-Daʿawah wa al-Jihād, aka Boko Haram.
— David Hundeyin (@DavidHundeyin) April 12, 2021
Watch from the 40 minute mark for a treat😬
इसी बीच इसा को लेकर एक बहस और उठी। इसमें दावा किया गया कि इसा पंतामी भले ही बोको हरम से कोई संबंध न रखता हो, मगर वह अलकायदा और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों का खुलकर समर्थन करता है।
And this man is still moving around freely
— Machuks Okonkwor (@MachuksO) April 14, 2021
Nigerians are playing with fire but many are yet to realize it
👇
I support terrorist groups like Taliban, Al-Qaeda, not Boko Haram: Minister Pantami https://t.co/etdlfB6dmr
I don't talk when I don't have facts..
— Mazi Nnamdi Kanu (@MaziNnamdlKanu) April 16, 2021
I still maintain that he is also a supporter of #BokoHaram..
See your communication minister appointed by your #Zoo government to monitor and control your data... pic.twitter.com/zAQnKcOlzR
इस नई बहस का आधार इसा पंतामी के कुछ पुराने बयान हैं। इसमें वह जिहाद को लेकर कह रहा है, “यह जिहाद हर एक आस्तिक के लिए एक दायित्व है, विशेष रूप से नाइजीरिया में।” आगे वह दुआ करते हुए कहता है, “या अल्लाह, तालिबान और अलकायदा को जीत दिलाओ।”
जाहिर है कि कोई भी शख्स इस प्रकार जिहाद का महिमामंडन और आतंकी समूहों की जीत की प्रार्थना बिना इस्लामी कट्टरपंथी हुए नहीं करेगा। शायद यही वजह है कि जब बोको हरम पर सफाई देते हुए नाइजीरिया के मंत्री ने दावा किया कि वह आतंकियों के ख़िलाफ पिछले 15 साल से बोल रहे हैं, उस समय लोगों को उनकी पुरानी बातें याद आ गईं।
2) My lectures against the doctrines and all other evil people have been available for over 15 years, including debates that endangered my life against many criminals in Nigeria. If you can't understand Hausa, get an objective Hausa speaker to translate for you objectively.
— Isa Ali Pantami, PhD (@DrIsaPantami) April 12, 2021
If you sue them, you will spend money on the case, the courts will take forever, but examine criminal libel or Cybercrimes Act and it the Government that will prosecute on behalf of society. The injury they did was not to you alone but to us all. See how @elrufai deals with them
— Arinola Ifeoma Awokoya- Bokoto in Pepper sauce (@iyaboawokoya) April 12, 2021
पीपुल गैजेट की रिपोर्ट में एक 2019 में प्रकाशित एक अकादमिक दस्तावेज ‘डिबेटिंग बोको हरम’ का जिक्र है। इसी का हवाला देकर रिपोर्ट में बताया गया कि एक बार पंतामी ने शांति और समझ के नाम पर अहलुस सुन्ना समुदाय के राजनेताओं और धार्मिक नेताओं को बुलाया, लेकिन बातें जिहाद की हुई और अंत में ये दुआ की गई कि अल्लाह तालीबान और अलकायदा को जीत दिलाए।
Don’t embark on unwinnable war, Ohanaeze tells FG - Punch Newspapers https://t.co/4taL6kQHyf
— Amaka Ekwo (@Amaka_Ekwo) April 16, 2021
The minister was in disagreement with the late Boko Haram leader, schooling him to drop his bad ideology of Western Education.
— codeclock (@Aiibrahim3) April 12, 2021
केवल एक बार ही ऐसा नहीं हुआ, जब इसा ने इस प्रकार खुल कर अलकायदा के लिए बोला, बल्कि साल 2006 में अलकायदा नेता के मरने पर पंतामी ने खेद व्यक्त किया था। इसके अलावा एक समय वह भी था, जब ओसामा बिन लादेन पर विचार पूछे जाने पर पंतामी ने स्वीकारा था कि जब गैर मजहबी मरते हैं तो उन्हें इसकी खुशी होती है… लेकिन शरीया बिना कारण उन्हें मारने की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा था, “हमारा उत्साह हमारे पाक मजहब पर हावी नहीं होना चाहिए।”
बोको हरम से संबंधों पर न्यूज छापे जाने से इसा नाराज थे। उन्होंने कहा था कि कई प्रकाशकों को वह उन्हें अपमानित करने के लिए कोर्ट में ले जाएँगे। हालाँकि, मालूम हो कि कई रिपोर्टस के अनुसार, 48 साल के इस नाइजीरिया मंत्री को लेकर कहा जाता है कि नाइजीरिया की राजनीति में कदम रखने से पहले इसा कई संस्थानों में जाकर नफरत भरी स्पीच देता था। मगर, साल 2019 में इसे संचार मंत्री बनाया गया, जिसके बाद इस पर आरोप लगे कि वह अपने पद का इस्तेमाल कट्टरपंथ फैलाने के लिए करता रहा है।

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