महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से हालात बदतर हैं। स्वास्थ्य सेवा चरमराई हुई है। लेकिन, राज्य की सत्ताधारी महाविकास अघाड़ी के नेताओं की अकड़ में कोई कमी नहीं है। हाल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जब सत्ताधारी गठबंधन के नेता कोरोना फ्रंटलाइन वॉरियर्स को धमकाते नजर आए हैं।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के कार्पोरेटर बंटी शेलके पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले के साथ नागपुर के नगर पालिका निगम के कार्यालय पहुँचे और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें धमकाया। अपने आपत्तिजनक आचरण के लिए कर्मचारियों की अक्षमता को वजह बताने वाले शेलके ने एक विवादित बयान भी दिया।
#NewsAlert | Heath infra 'crisis' in Nagpur: Congress corporator storms Municipal Corporation office; says people of that office should be burned. Incident happened when PCC chief Nana Patole was along with the Congress corporator.
— TIMES NOW (@TimesNow) April 28, 2021
Aruneel with details. pic.twitter.com/Lm9nGTgxFc
महिला मरीज को हाथों में उठाकर दौड़े जींद के डिप्टी सिविल सर्जन डॉक्टर रमेश पांचाल.
— Awanish Sharan (@AwanishSharan) April 27, 2021
भगवान यहाँ भी हैं.🙏 pic.twitter.com/HFIc2MvMJR
महाराष्ट्र के अस्पतालों में एक के बाद एक आग लगे जा रही है... मुझे यकीन है कि "ईमानदार" पत्रकार इस मुद्दे पर काफी आवाज़ उठा रहे होंगे कि ऐसे कैसे हर दिन आग लग सकती है?
— richa anirudh (@richaanirudh) April 28, 2021
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पटोले की मौजूदगी में, शेलके ने कहा कि अक्षमता के लिए कर्मचारियों को ‘जिंदा जला दिया जाना चाहिए।’ अब देखना ये है कि ऐसे मुश्किल समय में कांग्रेस कॉर्पोरेटर पर दुर्व्यवहार और कथित तौर पर काम में व्यवधान डालने की कोशिशों के लिए कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।
पिछले सप्ताह इसी तरह एक कोविड हॉस्पिटल में शिवसेना पार्षद संध्या दोषी ने हंगामा खड़ा कर दिया था। अपने रसूख का अनुचित फायदा नहीं मिलने पर वह बिफर गईं थी। इतना ही नहीं उनके साथ अस्पताल में आए शख्स ने मास्क तक नहीं पहन रखा था।
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