जब से कोरोना ने देश में डेरा डाला है, विपक्ष सत्ता पक्ष पर आरोपों के तीर छोड़ने से बाज़ नहीं आ रहा। जब जनसेवा का दम भरने वाले संकट के समय भी एक साथ खड़े होकर जनहित की बात नहीं कर सकते, ये जनता का क्या भला करेंगे। जनता की चिन्ता तो इन्हें तब होगी, जब अपनी अय्याशी से फुर्सत मिले।
एक समय था, जब जनसेवा भाव से जनता की परेशानियों को दूर करने लोग राजनीती में आते थे, परन्तु आज जनसेवा के नाम पर जनता और सरकारी खजाने को लूटकर खाने वाले राजनीती में आ रहे हैं और मुर्ख जनता इन शाही लुटेरों को अपना हितैषी मान इनकी जनसभाओं में जाती है और इनके लच्छेदार भाषण के मकरजाल में फंस इनको अपना वोट दे आती है।
देश को मास्क पहनने और दो गज की दूरी बनाए रखने की शिक्षा देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों में सब नदारद।
छत्तीसगढ़ में कोरोना बेकाबू हो चुका है। कोरोना संक्रमण की वजह से लोग मर रहे हैं। राज्य में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कोरोना मरीजों के शवों की अंतिम यात्रा भी सम्मानजनक तरीके से नहीं हो पा रही है। उन्हें एंबुलेंस तक नसीब नहींं हो रहा है। शवों को कूडा गाड़ी से श्मशान लाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बघेल सरकार लोगों की जान बचाने की जगह असम में कांग्रेस सरकार बनाने और बचाने के खेल में लगी है। असम से आए कांग्रेस नेताओं और प्रत्याशियों की आवाभगत की जा रही है। सरकारी खर्च पर उनके अय्याशी की पूरी व्यवस्था की गई है।
ये छत्तीसगढ़ है @sardanarohit जी यहां शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस नही है!
— कमल साहु (छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ) (@Kamal_Sahu_IND) April 16, 2021
लेकिन....
असम के प्रत्याशी के लिए अय्याशी का पूरा बंदोबस्त है सरकारी खर्च में!
शराब,बकरा,चखना,AC रेस्ट हाउस आलमपनाह की शराबी सरकार से और क्या उम्मीद रखे अब जनता।@bhupeshbaghel @BJP4CGState @TS_SinghDeo https://t.co/6yMRhUWmjL pic.twitter.com/kn7QmO4VP0
असम के नेताओं का स्वागत-सत्कार किस तरह किया जा रहा है। इसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। बस्तर में ये नेता बकरा, भात और शराब का लुत्फ उठाते देखे गए। कर्फ्यू के बीच भी इनके काफिलों पर कोई रोकटोक नहीं है। सरकारी रेस्ट हाउस में ठहरे इन उम्मीदवारों की आवभगत में पूरा सरकारी अमला लगा हुआ था। जगदलपुर के सरकारी रेस्ट हाउस में मेज पर रखी बोतलें सब कुछ बयां कर रही हैं।
ये अंधभक्ति छोड़िये चाहे bjp शाषित राज्य हो या Congres शाषित सब जगह लोग कोरोना से मर रहे हैं हॉस्पिटल में क्या हो रहा है किसी भी मंत्री को परवाह नही है मध्यप्रदेश में भी तो बुरी हालत है यहाँ नेता दमोह चुनाव में व्यस्त है देश के गृह मंत्री को कोरोना की नही चुनाव की चिंता है
— Madan Raut (@madanraut02) April 16, 2021
इन नेताओं की गाड़ियों का काफिला पूरे बस्तर में बिना रोक-टोक घूमती रही। सरकार ने इस काफिले को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करवाई। उनकी निगरानी में ये काफिला रायपुर की ओर रवाना हो गया।
लॉकडाउन में प्रदेश की जनता राशन और सब्जी के लिए जूझ रही है और @INCChhattisgarh के नेता असम से आये कांग्रेस के महेमानो को चित्रकूट के शासकीय विश्राम गृह में मांस-मंदिरा परोस रहें हैं। pic.twitter.com/R0PatVYzrj
— राकेश सिंह भारतीय (@Real_Rakesh2020) April 16, 2021
छत्तीसगढ़ के नेताओं ने चित्रकूट में कांग्रेस के नेताओं को पार्टी दी वीआईपी पार्टी रही
— Uttam Mishra (@uttammisra4) April 16, 2021
— Sambhavi Sao (@SambhaviSao) April 16, 2021
इटली में अब तक एक हजार फादर मर चुके हैं वो भारत में यह कहकर धर्म परिवर्तन कराते थे कि प्रभु यीशु तुम्हारे सारे रोगों को मिटा देंगे।।
— Avinash Gehlot (@AvinashGehlot_) April 16, 2021
असम कांग्रेस गठबंधन के आठ उम्मीदवारों के साथ 22 नेता भी रायपुर पहुंचे हैं। इन नेताओं को नया रायपुर के एक निजी होटल में ठहराया गया है। कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के उम्मीदवारों को जोड़तोड़ से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ लाया गया है। इससे पहले कांग्रेस और बदरूद्दीन अजमल की पार्टी के 22 उम्मीदवारों को जयपुर भेजा गया था। ऐसे में कुल 30 उम्मीदवार असम से बाहर सुरक्षित ठिकानों पर भेजे जा चुके हैं।
रायपुर पहुंचे उम्मीदवारों के साथ कांग्रेस संगठन के करीबी नेताओं को तैनात किया गया है। इन उम्मीदवारों को मतगणना से एक दिन पहले असम रवाना किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो निजी होटल में पूरी सुविधा के साथ उम्मीदवारों को ठहराया गया है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी प्रदेश में चुनाव परिणाम आने से पहले ही उम्मीदवारों को सुरक्षित ठिकाने पर भेजा जा रहा है। असम में कांग्रेस, एआइयूडीएफ, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट सहित आठ दल मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं।

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