‘मोदी सत्यानाशी, जहाँ जाते हैं सत्यानाश करते हैं’: दिग्विजय सिं​ह, कांग्रेस नेता

कांग्रेस के DNA में ही हिन्दुत्व विरोध इतना अधिक भरा हुआ है कि जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। जिन इस्लामिक आतंकवादियों को संरक्षण देने  कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" की माला जपते हिन्दू विरोधी पुस्तक का विमोचन करते हैं, फिर वही दिग्विजय चुनाव जीतने के लिए हवन का आयोजन करते हैं, आखिर ये सब स्वांग किस लिए, सिर्फ कुर्सी के लिए? क्या इनका अपना कोई धर्म नहीं? आतंकवादी ओसामा को "ओसामा जी" कहकर सम्बोधित करते गर्व महसूस करने वाले दिग्विजय से देशहित तो क्या हिन्दुत्व की क्या कल्पना की जा सकती है। 

मोदी का विरोध करने का भी कोई मौका नहीं चूकते। गोधरा दंगे के बाद से कांग्रेस ने क्या-क्या लांछन नहीं लगाए, जनता को सब मालूम है। जबकि गुजरात में दंगों का इतिहास भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन गोधरा दंगे को सख्ती से कुचलने के ही कारण बहुत ही अल्प समय में गुजरात शांत हुआ। गोधरा से पूर्व होने वाले दंगे, कांग्रेस और मोदी विरोधी बताएं कि कितने दिनों तक चलते थे?

इतना ही नहीं, 7 नवंबर 1966 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी द्वारा गौ-हत्या का विरोध कर रहे निहत्ते साधुओं पर गोलियां चलवाकर खून से पार्लियामेंट स्ट्रीट को लाल करने पर क्यों नहीं इंदिरा के खिलाफ आवाज़ निकली?      
मध्य प्रदेश के गुना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिं​ह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। दिग्विजय सिं​ह ने 26 जून 2021 को केंद्र सरकार को महँगाई और बेरोजगारी पर घेरते हुए कहा, ”मोदी सरकार के राज में ईंधन के दाम 100 रुपए के ऊपर जा चुके हैं। रसोई गैस की कीमत का भी कोई हिसाब नहीं है।”

राज्यसभा सांसद ने कहा, ”मैंने तो पहले ही कहा था कि नरेंद्र मोदी सत्यानाशी है और इनकी कुंडली में है कि यह जहाँ जाएँगे वहाँ सत्यानाश करेंगे। फिर भी मोदी के अंधभक्त उनका नाम जपते रहते हैं और हर-हर मोदी घर-घर मोदी में लगे रहते हैं।”

दिग्विजय ने आगे कहा, ”देश के हालात ऐसे हो गए हैं और मोदी-मोदी करिए। मोदी इस तरह देश का सत्यानाश भी कर देंगे।” वहीं, राज्य में कोरोना वायरस से हो रही मौतों के लिए भी ​कॉन्ग्रेस नेता ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा। दिग्विजय ने कहा कि राज्य के अलग-अलग जिलों में कोरोना वायरस से हो रही मौतों को लेकर झूठ फैलाया जा रहा है।

बीते दिनों दिग्विजय सिंह का क्लब हाउस चैट का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस ऑडियो में दिग्विजय ने पाकिस्तानी पत्रकार से मोदी सरकार के अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के फैसले पर विचार करने का वादा किया था। अनुच्छेद-370, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर को स्वतंत्रता के बाद भी शेष भारत से अलग रखा गया, जिसके दम पर कांग्रेस या अन्य सरकारों ने वहाँ तनावपूर्ण माहौल पैदा किया। घाटी में हिन्दुओं का नरसंहार हुआ।

दिग्विजय ने कहा था कि वे कश्मीरी पंडित ही थे, जिन्हें नौकरियों में आरक्षण मिला। यानी इससे उनका मतलब था कि राज्य के मुसलमानों द्वारा घाटी के हिन्दुओं के साथ अच्छा व्यवहार किया गया था? जबकि सच्चाई यह है कि मुस्लिम कट्टरपंथी और जिहादियों ने हिन्दू महिलाओं के साथ बलात्कार, हत्या और कश्मीर में नरसंहार कर उन्हें भगा दिया ​था।

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