टॉड स्टार्न्स (साभार: फॉक्स न्यूज)
अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर 26 अगस्त 2021 को आत्मघाती हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। इस खबर के सामने आने के बाद अमेरिकी स्तंभकार और रेडियो होस्ट टॉड स्टार्नस (Todd Starnes) ने अफगानों के नरसंहार की बात कही। उन्होंने कहा कि हर अमेरिकी जिंदगी के लिए अफगानिस्तान के एक शहर का नामोनिशान मिटा दिया जाना चाहिए।
यदि किसी भारतीय की मौत पर किसी भारतीय ने ऐसी टिप्पणी कर दी होती, समस्त छद्दम देशप्रेमी उस होस्ट के विरुद्ध हंगामा कर, उसकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे होते। क्योकि जो पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों पर सर्जिकल और एयर स्ट्राइक करने पर शोर मचा सकते हैं, अमेरिकन रेडियो होस्ट की तरह ट्वीट करने पर चुप बैठना असंभव था।
स्टार्न्स ने ट्वीट किया, “हर एक अमेरिकी की जिंदगी के लिए अफगानिस्तान के एक शहर का नामोंनिशान मिटा दिया जाना चाहिए।” हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि लाखों अफगान पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अंधाधुंध हत्या के बिना यह कैसे संभव हो सकेगा।
हालाँकि अफगानों के नरसंहार को लेकर की गई इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर स्टार्न्स की कड़ी आलोचना हुई।
स्टार्न्स ने आलोचना के बाद नरसंहार वाले ट्वीट को हटा लिया। लेकिन, उन्होंने इस मुद्दे पर जो स्पष्टीकरण दिया वह अभी भी उनके प्रोफाइल पर बना हुआ है। उनका यह स्पष्टीकरण इन हालातों को बेहतर नहीं बनाता है, बल्कि इससे यह और भी विचित्र लगता है।
Just Todd Starnes advocating for crimes against humanity. pic.twitter.com/fD2rJ3atAM
— Eyes on the Right (@EyesOnTheRight) August 26, 2021
Prrrretty sure we already did that, bro. pic.twitter.com/9XSsHsFypA
— Sam Riegel (@samriegel) August 26, 2021
That escalated quickly pic.twitter.com/856344LRcv
— Ron Coleman (@RonColeman) August 26, 2021
Posted less than an hour apart pic.twitter.com/znmJxKMatK
— Zoë 🩸🦷 (@twodotsknowwhy) August 26, 2021
दरअसल अमेरिकन रेडियो होस्ट ने कहा, “अगर आप तालिबान को उसी की जुबान में जवाब नहीं देंगे तो ये कत्लेआम जारी रहेगा।” यह स्पष्ट नहीं है कि किसी अप्रासंगिक रेडियो होस्ट के ट्वीट का तालिबान पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह किसी भी तरह से तालिबानियों को प्रभावित नहीं कर सकता है। दूसरे, नरसंहार करने की धमकी देना सार्वजनिक तौर पर किसी भी रूप स्वीकार्य नहीं है।
इस बीच, रिपब्लिकन सीनेटरों और प्रतिनिधियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन से देश के कमांडर-इन-चीफ के पद से इस्तीफा देने की माँग भी की है। 26 अगस्त को काबुल बम विस्फोट में 13 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के बाद उनके इस्तीफे की माँग की गई है।



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