अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित कांग्रेस नेता उदित राज ने तालिबान के विरुद्ध पार्टी से अलग बयान देकर छद्दम धर्म-निरपेक्षों में खलबली मचा दी है। वैसे भी तालिबान वर्तमान पीढ़ी के लिए मुग़ल आतताइयों के उस इतिहास को जीवंत कर रहा है, जिसे अपनी कुर्सी की खातिर तुष्टिकरण पुजारी और छद्दम धर्म-निरपेक्षों से छुपाकर उन्हें महान बता दिया। मुग़ल आतताइयों के हमलों के समय हिन्दू महिलाओं की यही स्थिति थी, जो आज अफगानिस्तान में मुस्लिम महिलाओं की हो रही है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा, धर्म के आड़ में जितना अन्याय व भृष्टाचार दुनिया में हुआ उतना किसी और कारण से नही। तालिबानी लड़कियों–महिलाओं को चिकन व मीट समझते हैं। जवान लड़की शायद ही बची हों जिसको उठाकर हबस का शिकार न बना रहे हो।
धर्म के आड़ में जितना अन्याय व भृष्टाचार दुनिया में हुआ उतना किसी और कारण से नही। तालिबानी लड़कियों - महिलायों को चिकन व मीट समझते हैं। जवान लड़की शायद ही बची हों जिसको उठाकर हबस का शिकार न बना रहे हो।@INCIndia
— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) August 18, 2021
क्या #Afghanistan मसले पर अभी तक तथाकथित गांधी परिवार से किसी ने कुछ बोला?
— मुंगेरीलाल (सुmit) 🇮🇳 (@friendlysumit) August 18, 2021
नहीं.. पर हमारे Lord #UditRaj ने #तालिबान की पुरजोर निंदा की।
इसलिए कहते हैं कुर्सी भले विरासत में मिल जाए Talent नहीं मिलता...#UditRajForCongressPresident
आइए उदित राज जी के समर्थन में आवाज उठाएँ.. pic.twitter.com/uttv86VTZi
एक अन्य ट्वीट में उदित राज ने दो तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, आज हमारें यहाँ धर्मनिरपेक्षता गाली हो गई है और पाखंड व झूठ राष्ट्रवाद। बाई ओर की फ़ोटो धर्मनिरपेक्ष अफ़ग़ान को दर्शाती है और दाईं कट्टरता की। उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा, धर्मान्धता क्या है अफगानिस्तान को देखकर समझा जा सकता। कुछ हद तक भारत उस ओर बढ़ चुका है। अब भी संभलने का समय है। इससे सबको लड़ना पड़ेगा केवल राजनैतिक दल पर नही छोड़ा जा सकता है। इस नफरत की आग में हिन्दू-मुस्लिम सब जल जाएंगे।
ये है 1960 के दशक का अफगानिस्तान के कॉलेज का दृश्य लेकिन धरमान्धता ने आज कहाँ पहुँचा दिया। आज वहाँ महिलाएँ ग़ुलामी व बुर्का में क़ैद हो गई हैं।भारत भी इसी ओर बढ़ रहा है। pic.twitter.com/ioDMJ6wwP9
— Dr. Udit Raj (@Dr_Uditraj) August 14, 2021
जब इंसान सारी जिंदगी गुलामी में काटता है तो उसे आज़ादी अच्छी नहीं लगती। लेटरबॉक्स बन कर जीना आपको मुबारक़। अल्लाह करे आपका शौहर 4 शादियाँ करे, पांचवीं करने के लिए आपको तलाक़ दे और फिर आपका हलाला करवा के आपको फिर ले आये और आप हमें यहाँ बैठकर मज़हबी क़ैद की खूबियां गिनाएँ। आमीन।
— siddhartha bhandari (@tirchhinazar) August 16, 2021
Bhai Burkha kaun pahan raha hai???
— Hindustani (@dev62137969) August 14, 2021
Hindu Women????
Hope @RanaAyyub @khanumarfa @SharjeelUsmani @_sabanaqvi @asadowaisi are Ok with this statement and will not make it communal.
Baaki Udit Ji agar tweet delete kiya to 2 B@@p ke.
एक और हादसे के लिए तैयार रहिए । पाकिस्तान तालिबान को भारत के विरुद्ध प्रयोग करेगा । तुष्टिकरण वाली गद्दार पार्टियां भी मोदी को हटाने के लिए तालिबान और पाकिस्तान का साथ देंगी ।अगर दुर्भाग्य से non BJP Govt केंद्र में आ जाती है तो तालिबान का काम और भी आसान हो जाएगा इसलिए साथियों हर हाल में जागते रहिये । आने वाला समय बहुत ही खतरनाक है । सत्ता परिवर्तन का सीधा अर्थ हमारी मौत है ।
ईश्वर की लाठी बड़ी बेआवाज होती है। आज भी गजनी मे शिलालेख है जिस पर लिखा है...
"दुख्तरे हिंदुस्तान नीलामे 2 दीनार"
कभी जिस अफगानिस्तान मे हिन्द की बेटियां दो दो दीनार में नीलाम की गई थीं आज उन्हीं पठानों की बेटियां बिना कोई मोल लूटी जा रही है।
उदित राज ने अफगानिस्तान में वर्षों पहले की स्थिति की तुलना भारत से करने की कोशिश की। उन्होंने अपने ट्वीट में स्कर्ट पहनी कुछ छात्राओं की फोटो पोस्ट की थीं और उनके बारे में लिखा कि यह 1960 के दशक के अफगानिस्तान के कॉलेज का दृश्य है लेकिन धर्मांधता ने आज कहां पहुंचा दिया। उन्होंने आगे लिखा कि आज वहां महिलाएं गुलामी व बुर्का में कैद हो गई हैं और भारत भी इसी ओर बढ़ रहा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, तालिबान ने महिलाओं के लिए सर से पैर के अंगूठे तक बुर्का पहनना अनिवार्य कर दिया है, यही नहीं महिलाओं की शिक्षा के दुश्मन तालिबान ने हेरात की यूनिवर्सिटी से लड़कियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है, काबुल यूनिवर्सिटी में महिलाओं को बगैर पुरूष के घर वापिस जाने से रोक दिया गया है, कंधार में महिला हेल्थ सेंटर बंद कर दिए गए हैं. अगर महिलाएं बिना बुर्के के घर से बाहर निकलेंगी तो तालिबान उन्हें कड़ी सजा देगा, सजा के तौर पर गोली भी मारता है.
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