जम्मू-कश्मीर में गैर-कश्मीरियों को मारने के नाम पर उत्तर प्रदेश -बिहार के प्रवासियों को लगातार निशाना बनाने का काम हो रहा है। ऐसे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि अगर हालात में बदलाव न हो पा रहा हो तो सब ठीक करने की जिम्मेदारी बिहारियों को दे दी जाए और फिर सुधार नहीं हुआ तो बोलें।
जीतन राम मांझी कहते हैं, “कश्मीर में लगातार हमारे निहत्थे बिहारी भाइयों की हत्या की जा रही है जिससे मन व्यथित है। अगर हालात में बदलाव नहीं हो पा रहे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह है कि वो कश्मीर को सुधारने की जिम्मेदारी हम बिहारियों पर छोड़ दीजिए 15 दिन में सुधार नहीं दिया तो कहिएगा।”
कश्मीर में लगातार हमारे निहत्थे बिहारी भाईयों की हत्या की जा रहीं है जिससे मन व्यथित है।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) October 18, 2021
अगर हालात में बदलाव नहीं हो पा रहें तो प्रधानमंत्री .@narendramodi जी,@AmitShah जी से आग्रह है,कश्मीर को सुधारने की जिम्मेवारी हम बिहारियों पर छोड दिजिए 15 दिन में सुधार नहीं दिया तो कहिएगा।
कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा आज फिर बिहार के दो श्रमवीरों को मौत के घाट उतारने की दुखद खबर सुन मर्माहत हूँ।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 17, 2021
यह डबल इंजन सरकार की इंटेलिजेंस व सिक्योरिटी फ़ेल्योर है। नीतीश जी की गलत नीतियों की वजह से रोज़ी-रोटी के लिए पलायन करने वाले श्रमिकों को अब जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
हालाँकि मांझी के उस बयान का उपहास करने वालों को शायद यह नहीं मालूम कि जनता में कश्मीरियों के लिए क्या चल रहा है। कल तक जिस जनता ने कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनकी महिलाओं के बलात्कार को हल्के में लिए हुए थे, आज उसी जनता में यह धारणा घर कर रही है कि किसी कश्मीरी को कश्मीर से बाहर किसी भी तरह का कोई काम न दो; ये कश्मीर से बाहर कपडा थोक बाजार से शॉल, लोई और गर्म गाउन खरीद कश्मीरी बताकर गली-कूचों और कॉलोनियों में गैर-कश्मीरियों को बेवकूफ बनाकर खूब नोट बनाकर कश्मीर जाते हैं। यानि किसी कश्मीरी से माल मत खरीदो। जो कश्मीरियों के लिए आर्थिक स्थिति उत्पन्न कर सकती है।
जम्मू-कश्मीर में बीते 2 दिन में 4 गैर-कश्मीरियों पर हमला हुआ है। इनमें 3 की मौत हो गई और 1 घायल है। 17 अक्टूबर को राजा ऋषि देव और जोगिंदर ऋषिदेव को गोली मारी गई थी। अब इन्हीं की दादी दुलारी देवी ने टाइम्स नाऊ से बात की है।
Two labourers from Bihar were gunned down by terrorists in #JammuAndKashmir's Kulgam yesterday.
— TIMES NOW (@TimesNow) October 18, 2021
Listen in. pic.twitter.com/lc4w9MqjJ4
Gunning down by Pak terrorists in Kashmir has become like burning crackers during festivals.
— Govardhan K. Shetty (@GovardhanKShet1) October 18, 2021
राजा ऋषिदेव की दादी ने बताया कि राजा का चचेरा भाई अरविंद भी कश्मीर में उसी जगह काम करता था। जो कुछ दिन पहले अपने घर लौट आया था जबकि राजा वहीं रुका था क्योंकि उसे अपने ठेकेदार से कुछ पैसे क्लियर करने थे। राजा और अरविंद दोनों एक ही ठेकेदार के पास काम करते थे।
वहीं जोगिंदर की पत्नी कहती हैं कि जोगिंदर जिस कॉन्ट्रैक्टर के पास रहते थे उसने उन्हें 4 महीने से पैसे नहीं दिए हुए थे। इसीलिए उनके पति जोगिंदर कश्मीर की जगह दिल्ली जाकर मजदूरी करने की योजना बना रहे थे। लेकिन 17 अक्टूबर को यूएलएफ के आतंकियों ने उनकी गोली मार हत्या कर दी।
बिहार से आए दोनों मजदूरों की हत्या 17 अक्टूबर को हुई थी। इसकी जिम्मेदारी यूएलएफ ने ली। उनका कहना था कि बाकी सभी गैर-कश्मीरी अब कश्मीर की जमीन को छोड़ें वरना उनकी जान ले ली जाएगी। यूएलएफ ने धमकी देते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं किया तो आगे आने वाले समय में वह राजनेताओं और पुलिस के परिजनों को निशाना बनाएँगे।

No comments:
Post a Comment