देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। दिल्ली में आसमान में स्मॉग की जमती परत के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपाय करने को कहा था। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद अब दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अगले एक सप्ताह तक के लिए स्कूलों को बंद कर दिया है और सभी सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दे दिया गया है।देखिए वीडियो किस तरह स्मोग प्लांट के नाम पर विज्ञापनों पर हज़ारों रूपए बर्बाद कर दिल्ली की जनता को पागल बनाया गया। आखिर कब तक झूठ और मुफ्तखोरी का लालच देकर दिल्ली की जनता को केजरीवाल सरकार ठगती रहेगी? दिल्ली की स्थिति को देखने के बाद दिल्ली से बाहर राज्यों में होने वाले चुनावों के क्या वहां की जनता भी दिल्ली की तरह मूर्ख बनेगी? क्या आम आदमी पार्टी एक भी वोट की हक़दार है? हमेशा अपनी नाकामियों को उपराज्यपाल और केंद्र में मोदी सरकार पर थोपा जाएगा? प्रदुषण की समस्या दिल्ली के बाहर भी है, लेकिन इस मुद्दे पर लगभग सरकारें गंभीर हैं। भारत में, दिल्ली को छोड़, ऐसा कौन-सा राज्य है, जहाँ प्रदुषण के कारण लॉक डाउन किया गया हो? दिल्ली में केवल एक ही नदी यमुना बहती है, वह भी साफ नहीं, पंजाब में तो पांच नदियां बहती हैं, उत्तर प्रदेश में भी गंगा, यमुना, और सरस्वती बहती हैं, क्या वहां भी इन नदियों को गन्दा करने की योजना से चुनाव लड़ते हो?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज शाम घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल सोमवार से एक सप्ताह के लिए बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद रहेंगे लेकिन ऑनलाइन क्लासेस चलेंगी ताकि बच्चों को प्रदूषित हवा में साँस न लेनी पड़े।
For a week from Monday onwards, schools will be physically closed; to continue virtually so that children don't have to breathe polluted air: Delhi CM Arvind Kejriwal pic.twitter.com/JqdSMTQ8jk
— ANI (@ANI) November 13, 2021
Your post is soo good ...
— अनुप कुमार सिंह (@Anoopsi95107502) November 13, 2021
Right
Thanks pic.twitter.com/tkFRShTVMj
— Vinay Kumar 🚩🚩 (@vinayK902) November 13, 2021
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सरकारी कार्यालयों के लिए भी इसी तरह का आदेश जारी किया है। इसके तहत शत-प्रतिशत सरकारी कर्मचारी अपने घरों से काम करेंगे। इसके अलावा केजरीवाल सरकार निजी कार्यालयों को भी यथासंभव वर्क फ्रॉम होम (डब्ल्यूएफएच) करने के लिए एक एडवाइजरी जारी करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर निजी कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम का ऑप्शन दिया था और अब उसी मॉडल को प्रदूषण के लिए अपनाना पड़ेगा।
Govt offices to operate from home (WFH) at 100% capacity for a week. Private offices to be issued an advisory to go for WFH option as much as possible: Delhi CM Arvind Kejriwal pic.twitter.com/6TiPb1B8GD
— ANI (@ANI) November 13, 2021
Solution hai but bahane use bhi zyada hai. Pucho ise ki Haryana aur UP ki sarkar ne kaise Kum karvaliya but Punjab mai deewali Wale din hi Saab se zyada burning ku hui. Pucho toh kahenge ameer farmer's ne subsidies loot li, but unke khilaf protest bhi nahi karna.
— Naman Bhan (@NamanBhan) November 13, 2021
— Ravi Karki (@rmkarki) November 13, 2021
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 14 से 17 तक निर्माण गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2-3 दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन लागू करने के सुझाव के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे शीर्ष अदालत के सामने प्रस्तुत करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हालाँकि इस कदम को फिलहाल लागू नहीं किया जा रहा है, लेकिन यह बहुत बड़ा कदम होगा। अगर प्रदूषण के हालात बदतर होते हैं तो सरकार वही कदम उठाएगी।
#WATCH | There was a suggestion in SC over complete lockdown in Delhi if (pollution) situation turns worse...We're drafting a proposal..which will be discussed with agencies, Centre...If it happens, construction, vehicular movement will have to be stopped:Delhi CM Arvind Kejriwal pic.twitter.com/TipgA0ySOq
— ANI (@ANI) November 13, 2021
What is he acting? He is so fearful to ask punjab govt to ban stubble burning like he used to do in previous years. None had asked punjab govt to action on stubble burning. 40 percent of total pollution is attributed to stubble burning.
— Ronnit (@S24922779Ronnit) November 13, 2021
Center se karwayega! Ad apna chapwayega!
— Rajiv Aiyer (@Rajivaiyer) November 13, 2021
I hope many delhites might remember this!
" Vaccine lagwaya kya!!!"
Gali padi to Bolega court aur center ka dabao tha. ,tarif mili to fir se ad chapwayega!!!🤔🤔🤔
Not possible. Gandhi-Vadra Congress is in Punjab.
— Jaspreet (@jaspreet_s_m) November 13, 2021
Plus, Kejriwal won't speak on stubble burning because of the upcoming Punjab elections.
Yamuna is not under Delhi govt
— Shirshendu Ghoshal 🇮🇳 (@Shiri8580) November 13, 2021
Police is not under Delhi govt
UP,MP ,Punjab all responsible for pollution in Delhi.
That's @ArvindKejriwal @AamAadmiParty 's execuse.
हालाँकि, उससे पहले दिल्ली सरकार केंद्र सरकार, CPCB, SAFAR को विश्वास में लेकर सभी एजेंसियों से चर्चा कर प्रस्ताव तैयार करेगी। केजरीवाल ने कहा कि हालात बिगड़ने पर सभी निजी वाहन, परिवहन, निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों को रोका जा सकता है।
दिल्ली की खराब होती हवा को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता इस हद तक खराब हो गई है कि लोग अब घर पर मास्क पहन रहे हैं। इन हालातों में अदालत ने सरकार से जरूरत पड़ने पर 2-3 दिनों के लिए कंप्लीट लॉकडाउन करने को कहा था।
इसके साथ ही पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाने को जिम्मेदार ठहराने से इनकार करते हुए कहा कि आजकल किसानों को दोष देने का फैशन बन गया है। भले ही दिल्ली की हवा कुछ दिन पहले ही बिगड़ी हो, लेकिन अदालत ने दीवाली के पटाखों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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