रेडिट ग्रुप पर हिंदू महिलाओं की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई
सोशल मीडिया पर तस्वीरों को फोटोशॉप करके दुरुपयोग करने की खबरें लगातार आती रहती हैं। हालिया मामले में अंकिता नाम की एक महिला ने उनकी तस्वीरों को एडिट करके पोस्ट करने का आरोप लगाया है। अंकिता भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने रेडिट ग्रुप ‘I_AM_Bengaalan’ के एक पोस्ट के स्क्रीनशॉट के साथ एक ट्वीट किया। जिसमें उनकी तस्वीर का दुरुपयोग किया गया है।
(वैसे सोशल मीडिया पर फोटोशॉप का दुरूपयोग होना कोई नई बात नहीं, फेसबुक पर किसी नाम से होती हैं और व्हाट्सअप पर किसी अन्य नाम से। सामने वाले की उम्र देखे बिना वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक अवस्था में आकर, सामने वाले की फोटो ले लेकर उसे ब्लैकमेल करने का प्रयास किया जाता है, जो चुंगल में फंस गया, बिना कुछ किए हज़ारों रूपए बर्बाद होने की स्थिति आ जाती है। सरकार को ऐसे ब्लैकमेलर को संज्ञान में लेकर कार्यवाही करनी चाहिए। )
उन्होंने रविवार (24 जनवरी 2022) को ट्वीट करते हुए लिखा, “सोशल मीडिया पर मेरी तस्वीर का दुरुपयोग किया जा रहा है। मुझे डर लग रहा है। जिसका पोस्टिंग प्रूफ रेडिट पर मिला। राधा शेख नाम के एक शख्स ने मेरी तस्वीर को एडिट किया और फिर घटिया कमेंट्स के साथ पोस्ट किया। मैं इस मामले को देखने के लिए एनसीडब्ल्यू, रेखा शर्मा, कोलकाता पुलिस से अनुरोध करती हूँ।”
अंकिता की पोस्ट का स्क्रीनशॉट (साभार: Twitter)तस्वीर पोस्ट करने वाले यूजर ने ट्विटर पर स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद पोस्ट और उसकी प्रोफाइल को डिलीट कर दिया।
ऑपइंडिया ने फिर उस समूह की तहकीकात की, जिसमें अपमानजनक तस्वीर पोस्ट की गई थी। इसमें ग्रुप के बारे में लिखा गया है, “मैं बंगाली हिंदू लड़की हूँ जो मुस्लिम बीबीसी पर आकर्षित हुई है।” समूह अत्यधिक आपत्तिजनक पोस्ट और हिंदू महिलाओं की बेतरतीब ढंग से चुनी गई तस्वीरों से भरा पड़ा है।
रेडिट पर समूह का स्क्रीनशॉट (साभार: Reddit)एक पोस्ट में, सोशल मीडिया अकाउंट से ली गई एक तस्वीर को इस कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था, “तुम्हारी माँ के इस तरह से भीख माँगने के बाद सलीम काफी सही था…सिर्फ साड़ी ऊपर करके ही चो****उसने ब्लाउज और ब्रा फाड़ दिया बीच में से ताकि शर्मा जी के रिकॉर्डिंग में तेरी माँ टॉपलेस और 18 साल के मुस्लिम लड़के साथ fuc*** वायरल बनी।”
साभार: Reddit (प्राइवेसी बनाए रखने के लिए ऑपइंडिया द्वारा एडिट की गई तस्वीर)एक अन्य पोस्ट भी एक हिंदू लड़की की तस्वीर की तरह लग रही थी जिसे शायद किसी सोशल मीडिया अकाउंट से लिया गया था। कैप्शन में लिखा है, “कमेंट में बताओ सोनिया की माँ को अब्दुल कहाँ ले गया है और अभी तक वो वापस क्यों नहीं आई?”
साभार: Reddit (प्राइवेसी बनाए रखने के लिए ऑपइंडिया द्वारा एडिट की गई तस्वीर)समूह के यूजर्स ने मॉडल और अभिनेत्रियों की तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया। एक अन्य पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “आपकी बहन को लगा कि वह धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया से गुजर रही है, लेकिन वह वसीम से बहुत प्यार करती थी और कुछ भी करने के लिए तैयार थी… वह उस लड़के को नहीं जानती, जिसके बारे में वह सोचती है कि मौलाना है, वह सिर्फ एक दलाल है और वह उसके वेश्यालय की हरंदी (Hrandi) की माँग में सबसे नई है। वसीम पहले ही दूसरी लड़कियों के पास जा चुका है।”
साभार: Redditसबसे चौंकाने वाली पोस्ट में, एक महिला की नग्न तस्वीर को कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था, “बहन ने आखिरकार अपना असली रंग दिखाया।” तस्वीर पर लिखा है, “मुझे आतिफ बताओ, आप किसके कमरे में रात बिताना चाहेंगे।”
साभार: Redditएक अन्य पोस्ट में कैप्शन में लिखा है, “मेरी माँ ‘मुस्लिम स्टड्स’ को दिखाना चाहती हैं कि वह कितनी मजहबी हैं। कभी-कभी जब वह उस मंदिर में जाती है तो घर बहुत देर से आती है। शायद, मुझे लगता है कि ‘मुस्लिम स्टड्स’ को प्रज्वलित करने के लिए कुछ अतिरिक्त पूजा कर रही हैं।”
साभार: Redditग्रुप में #hslut4mstud या “Hindu sl*t for Muslim stud” हैशटेग का इस्तेमाल किया गया है।
समूह में एक चैट का एक सेक्शन (साभार: Reddit)ऑपइंडिया ने पहले बताया था कि रेडिट एक मंच के रूप में नीच और कट्टर प्रचार के साथ-साथ जिहाद को आगे बढ़ाने के लिए भी काम कर रहा है। रेडिट पर सांप्रदायिक तनाव और कलह पैदा करने के इरादे से अश्लील सामग्री नियमित रूप से साझा की जाती है। अश्लील तस्वीरें अक्सर ‘हिंदू महिलाओं को मुस्लिम पुरुषों की लालसा’ दिखाती हैं।
कई, ऐसे कई पोस्ट ट्विटर पर भी एक ही हैशटैग के साथ पोस्ट किए गए हैं, जिसमें मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं का यौन शोषण किया जाता है।
पीड़ित द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से मदद के लिए पहुँचने के बावजूद अब तक अधिकारियों ने उपरोक्त उत्पीड़न में हस्तक्षेप नहीं किया है। हालाँकि, इस सम्बन्ध में पुलिस-प्रशासन वैसी सक्रियता नहीं दिखा रहा है, जैसी उसने ‘बुल्ली बाई’ या ‘सुल्ली डील्स’ जैसे मामलों में दिखाया था। इससे पहले भी हिन्दू महिलाओं के अश्लील चित्रण की बातें सामने आई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न तो मीडिया इसे उठाता है और न ही तथाकथित एक्टिविस्ट्स इस पर आवाज़ उठाते हैं।(साभार)
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