आयकर (आईटी) विभाग के अधिकारियों ने नोएडा के सेक्टर 50 में एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अफसर राम नारायण सिंह के आवासीय कार्यालय के परिसर में तलाशी ली। इस छापेमारी में अधिकारियों को कई सौ करोड़ की बेहिसाब नकदी मिली।
टाइम्स नाउ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक आईटी अधिकारी रविवार देर शाम सेक्टर-50 पहुंचे और तलाशी अभियान के दौरान नकदी बरामद की। बरामद करेंसी नोट 2,000 रुपये और 500 रुपये के बंडलों में हैं। विभाग ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
#Noida : यूपी में एक बार फिर इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी#itraid pic.twitter.com/b5xr6bK7gR
— Zee Uttar Pradesh Uttarakhand (@ZEEUPUK) January 31, 2022
Noida: I-T officials raid premises of former IPS officer; cash worth several hundred crores recovered#ITRaid #Noida https://t.co/GCTa6MPprA
— IndiaToday (@IndiaToday) February 1, 2022
बताया जा रहा है कि इस अफसर की करीबी समाजवादी पार्टी से रही है। उनका ऑफिस ऐसी जगह पर है, जहां समाजवादी परिवार से जुड़े कई लोगों का आवास है। वैसे इस मसले पर अभी कोई भी कुछ मुंह खोलने को तैयार नहीं है। लेकिन यह बात तो दीगर है कि केंद्रीय एजेन्सियां समाजवादी पार्टी की फाइनान्शियल रिसोर्सेज पर प्रहार करने में जुटी हैं।
कई ऐसे अफ़सर है जो नौकरी करते समय लक्ष्मण रेखा में रहते हैं पर रिटायर होते ही उनके अंदर का कुबेर दिखने लगता है .. पूर्व #IPS सिंह साहेब का ख़ज़ाना तो बस झांकी है https://t.co/8Q2je8j2YA
— पंकज झा (@pankajjha_) February 1, 2022
Close confidant of SP Cheif @yadavakhilesh and Former IPS Ram Narayan Singh way of Samajwad. pic.twitter.com/XaHZFMuBWl
— Sameet Thakkar (@thakkar_sameet) January 31, 2022
Slang, achha hai
— BBGUPTA (@gupta1bb) February 1, 2022
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट में कई करोड़ रुपये की नकदी रखी गई थी। पूर्व आईपीएस अधिकारी कथित तौर पर तहखाने से एक फर्म चलाते थे, जिसमें 650 लॉकर हैं। यह पता लगाने के लिए एक जांच शुरू की गई है कि क्या इसका बेनामी संपत्ति से कोई संबंध है।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में मतदान 10 फरवरी से शुरू होगा। उत्तर प्रदेश में अन्य चरणों में 14, 20, 23, 27 फरवरी, 3 और 7 मार्च को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान होगा।
इसी तरह की एक अन्य घटना में, आईटी विभाग के अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी और जौनपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की। कुछ खुफिया सूचनाएं मिलने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों ने कई ज्वैलर्स के परिसरों पर छापेमारी की और मामले की जांच के लिए एक दर्जन टीमों का गठन किया गया।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईटी अधिकारियों ने सभी टीमों को वाराणसी और जौनपुर में छापेमारी शुरू करने का निर्देश दिया, क्योंकि उन्हें संदेह था कि कुछ जौहरी विधानसभा चुनाव में हवाला के पैसे को पंप कर रहे थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों ने उन ज्वैलर्स की एक सूची भी तैयार की जो कथित तौर पर हवाला के पैसे से लोगों की मदद कर रहे थे। अधिकारियों को संदेह था कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पैसा उपलब्ध कराया जा रहा है।
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