अब जनता में चर्चा हो रही है कि आखिर दंगाइयों पर सरकार कब सख्त होगी? क्यों नहीं जेलों में बंद दंगाइयों को केवल एक समय का नाश्ता और एक ही समय का खाना दिया जाता? इन घरों से पत्थर, छुरे,चाकू, तलवार और पेट्रोल बम बरामद हों उन जगहों को कम से कम 10 वर्षों तक के लिए सील करने के साथ-साथ उन्हें मिलने वाली हर सरकारी सुविधा से हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया जाता? इन दंगाइयों के समर्थक दंगे करवाकर देश को आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
Heavy security deployment in Delhi's Jahangirpuri area where a clash broke out yesterday during a religious procession pic.twitter.com/TFkApvrNj3
— ANI (@ANI) April 17, 2022
'हम हिन्दुस्तानी है हमारी कौन सुनेगा? ये रोहिंग्या ने मूर्ति पर पथराव किया, और तिरंगे का अपमान किया '#DelhiRiots victim to @rishav_dhanraj ,@vishalpandeyy_ & @Realchandan21 of @jankibaat1 pic.twitter.com/HdQkS2DjVC
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) April 16, 2022
New visuals of Mob brandishing swords in front of Delhi Police in #Jahangirpuri . pic.twitter.com/SJDrfh2JH9
— Ashish (@aashishNRP) April 16, 2022
उत्तर पश्चिमी जिले में हुई घटना में स्थिति पूरी तरह काबू में है। पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल को #जहांगीरपुरी और अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
— CP Delhi #DilKiPolice (@CPDelhi) April 16, 2022
उच्च पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है की वो इलाके में सघन patrolling करें और हालात पर लगातार नजर रखें।
दिल्ली पुलिस के जिस सब इंस्पेक्टर को गोली लगी है, उनका नाम मेधालाल है। बवाल की सूचना के बाद वह इलाके में पहुँचे थे। आजतक को उन्होंने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुँचे तो उपद्रवियों लगभग एक हजार लोग इकट्ठा हो गए थे। उपद्रवियों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े।
दंगाइयों के उपद्रव के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें हजारों की संख्या वाली भीड़ अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए पुलिस के बेखौफ होकर हाथों में तलवार लहरा रही है। शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी करने के साथ-साथ गाड़ियों में आग लगाने का वीडियो भी सामने आया है।
दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के दौरान शोभा यात्रा पर पथराव, पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल#HanumanJayanti2022 #Delhi @vimalkauushik pic.twitter.com/PU72OIB6Zs
— News24 (@news24tvchannel) April 16, 2022
दिल्ली में कई इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पत्थरबाजी के साथ-साथ तीन राउंड गोलियाँ चलाने की बात भी सामने आई है। फायरिंग में एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी और कई लोग घायल हुए। घायल पुलिसकर्मियों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया है। मॉडल संभालने के लिए जवानों की एक टुकड़ी और भेजी जा रही है। भीड़ को ‘अल्लाहु अकबर’ नारा लगाते हुए भी देखा गया।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा, “दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव पर हुआ पथराव आतंकी हरकत है। बांग्लादेशी घुसपैठियों की बस्ती अब भारत के नागरिकों पर हमले करने की हिम्मत करने लगी है। इनके एक-एक के कागज चेक करके गैर-कानूनी घुसपैठियों को देश से निकालना अब जरूरी हो गया है।” जहाँगीरपुरी उत्तर-पूर्वी दिल्ली में स्थित है।
दिल्ली के जहाँगीर पूरी में हनुमान जन्मोत्सव पर हुआ पथराव आतंकी हरकत है
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) April 16, 2022
बांग्लादेशी घुसपैठियों की बस्ती अब भारत के नागरिकों पर हमलें करने की हिम्मत करने लगी है
इनके एक एक के कागज चेक करके गैर कानूनी घुसपैठियों को देश से निकालना अब जरूरी हो गया है #JahangeerPuri
कश्मीर नरसंहार के दौरान, हिंसा भड़काने के लिए मस्जिद का इस्तेमाल किया गया था। #jahagirpuri में चश्मदीद गवाह ने बताया कि दंगाइयों को एक मस्जिद के ऊपर इकट्ठा किया गया था और उन्होंने हिंसक रूप से हनुमानजयंती शोभा यात्रा जुलूस पर पत्थरों से हमला किया।https://t.co/mMT8KpsHp9
— Saffron Bros. 🇮🇳 (@Saffron_Bros) April 17, 2022
— श्री हेमन्तसिंह मोजावत हल्दीघाटी (@MojawatHemant) April 17, 2022
जहाँगीरपुरी की घटना के बाद लोगों को फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की याद आ गई। वीडियोज में धुएँ के गुब्बार निकलते हुए देखा जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हालात की समीक्षा के निर्देश दे दिए हैं। दिल्ली के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को केंद्र का जिम्मा बताया। भीड़ को हथियार लहराते हुए भी देखा जा सकता है।
वहीं, हिंसा की निंदा करने के बजाए जमीयत उलेमा-ए-हिंद दंगाइयों के बचाव में खुलकर सामने आ गया है। जमीयत के दिल्ली अध्यक्ष मोहम्मद आबिद ने दंगे का दोष हिंदुओं पर मढ़ने की कोशिश करते हुए मुस्लिमों के हमले को सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा कई बार मस्जिद के सामने से गुजरी और फिर वापस आई। इस दौरान लोग उसमें घुसने और झंडा लगाने की कोशिश कर रहे थे।
हालाँकि, आबिद का यह दावा पूरी तरह गलत है। सामने आए वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि शोभा यात्रा में शामिल लोग भगवान का संकीर्तन करते हुए रास्ते थे जा रहे थे। शोभा यात्रा जब मस्जिद के पास पहुँची, उसी दौरान उन मुस्लिमों ने उन पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि शोभा यात्रा शांतिपूर्वक निकल रही थी, इसी दौरान पत्थरबाजी होने लगी।
इस मामले की जाँच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। स्पेशल सेल की कई टीमें जहाँगीरपुरी इलाके में जाकर इलाके की सीसीटीवी फुटेज और अपराधियों की लिस्ट की जाँच कर रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ हो रही है।
उपद्रव के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर से बात कर स्थिति का जायजा लिया था। वहीं, हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। दिल्ली से सटे नोएडा और लखनऊ जैसे संवेदनशील शहरों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया।
इलाके में बांग्लादेशी मुस्लिमों की भारी संख्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहाँगीरपुरी के जिस इलाके में दंगाइयों ने पत्थरबाजी की वहाँ अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम बड़ी संख्या में रहते हैं। सी-ब्लॉक और एच-टू झुग्गी में इनकी आबादी सबसे अधिक है। बी ब्लॉक में भी मुस्लिम आबादी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला सी ब्लॉक के मंगल बाजार और कुशल सिनेमा के बीच हुआ। चारों तरफ से अचानक पत्थरबाजी होने लगी। यहाँ मुस्लिमों की आबादी बहुत अधिक है।

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