फिल्म, कहानी, कॉर्टून, कॉमेडी, फोटो या पेंटिंग के माध्यम से हिंदू धर्म का मजाक उड़ाया जाता रहा है। हाल ही में वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में भी कट्टरपंथियों ने शिवलिंग का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। लेकिन दूसरे की आस्था और धर्म का मजाक उड़ाने वाले खुद अपने धर्म के बारे में एक शब्द भी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं। अपने धर्म के खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं होते। अपने धर्म के बारे में कुछ भी कहे जाने पर बौखला जाते हैं और हिंसा का रास्ता अपना लेते हैं।
क्या केंद्र में भाजपा सरकार हिन्दू देवी-देवताओं की नग्न पेंटिंग करने वाले एम.एफ.हुसैन को कांग्रेस सरकार द्वारा दिया गया पदमश्री वापस लेगी? क्या भाजपा सरकार शादाब द्वारा सड़क पर लगे खम्बों को शिवलिंग बताने पर कब कार्यवाही करेगी? शिवलिंग को अपमानित करने वालों की एक लम्बी सूची है।
मुस्लिम देशों ने मुसलमानों की राह और मुश्किल कर दी है। अब कोई उन पर भारत में या यूरोपीय देशों और अमेरिका में विश्वास नहीं कर पाएगा। वैसे भी मुस्लिम देशों के पास न तो कोई आधुनिक टेक्नोलॉजी है न कोई आधुनिक विचार. ऐसे में ये मुस्लिम देश दुनिया का कुछ नहीं बिगाड़ सकते बल्कि अपने लोगों को ही परेशानी में डाल रहे हैं। आधुनिक विचार वाले मुसलामानों को इससे बहुत नुकसान होने वाला है। बिना सोचे समझे मुस्लिम देशों ने गैर मुस्लिम देशों और उनके लोगों को संगठित कर रहे हैं। अब आने वाले समय में मुस्लिम देशों की ये हरकत कई देशों में इस्लाम के खिलाफ कानून बनाने को मजबूर करेगी। हालांकि चीन, फ्रांस जैसे देशों ने इस्लाम की कुरीतियों के खिलाफ कानून बना दिए हैं..अब बाकी देश भी तेजी से ऐसे कानून बनाएंगे।
मुल्ला शिवलिंग का मजाक उड़ा रहा था..नूपुर शर्मा ने मुल्ला की किसी किताब में लिखी बात को दोहराया सिर्फ..मुल्ला के शिवलिंग अपमान पर किसी मुस्लिम देश ने कुछ नहीं बोला, क्यों?
लेकिन उस बात को किसी पैग़म्बर का अपमान बताकर नूपुर शर्मा को दोषी ठहरा दिया...ऐसा करके ही ये लोग ईशनिंदा बताकर लोगों का कत्ल कर रहे हैं।
इससे न सिर्फ भारत बल्कि दुनियाभर में मुसलमानों और इस्लाम पर दूसरे लोगों का बचा विश्वास भी खत्म हो रहा है, जिसे न मुसलमान समझ रहा है और न ही गंगा जमुनी तहजीब जैसे भ्रमित नारे लगाने वाले छद्दम धर्म-निरपेक्षी। इन सबको समझ उस समय आएगी, जब कारवां गुजर चुका होगा।
यूरोप, अमरीका, भारत और पूर्वी एशियाई देशों में लोग पहले ही मुसलमानों को शक की नज़र से देखते थे। अब इन देशों में मुसलमानों के डर से और भी लोग परेशान होंगे और फिर मुसलमान कहेंगे कि हमारे साथ बुरा बर्ताव हो रहा है।
इसी तरह के एक मामले में एक चैनल में शिवलिंग को फव्वारा बताए जाने पर नूपुर शर्मा ने सवाल किया कि जैसे लोग बार-बार उनके भगवान का मजाक उड़ा रहे हैं, वैसे ही वो भी दूसरे धर्मों का भी मजाक उड़ा सकती हैं। इसके बाद नूपुर ने जो कुछ भी कहा, उसे मुस्लिम मौलाना और भगोड़ा जाकिर नाइक भी कह चुका है। इसको लेकर नूपुर शर्मा को रेप, जान से मारने और सिर कलम करने की धमकियां दी जाने लगी। ये इतना पर ही नहीं रुका भारत से बाहर भी इसको लेकर गुस्सा भड़क उठा। कतर, ईरान, कुवैत सहित कई मुस्लिम देशों नें भारत के प्रति गुस्सा देखने को मिला। आखिर में बीजेपी को नूपुर शर्मा को सस्पेंड करना पड़ा। इसको लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स सवाल कर रहे हैं कि वे जो शुरू से हिंदू धर्म और शिवलिंग का मजाक उड़ाते आए हैं आखिर उन पर कार्रवाई कब?
Islamist Zakir Naik says the same about Aisha's age, which was said by @NupurSharmaBJP. Watch this video where Zakir Naik is quoting Bukhari's Hadith and claims that Aisha was 6 yrs old when she married Prophet. Will the OIC speak against Zakir Naik? 1/2 pic.twitter.com/CPc4r12tJe
— Vivek Bansal (@ivivekbansal) June 6, 2022
Any action against him ? 🤔 https://t.co/Of5z794muD
— Prof Maithun (@Being_Humor) June 6, 2022
China imports 47% oil needs from Middle East. 5 lakh Chinese work there.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) June 6, 2022
We all know what China is doing to Uyghur MusIims. Even editing their holy book. Instead of opposing, 37 mostly MusIim nations incl Kuwait, Saudi, Pak backed China's action in UN.
Where are we going wrong?
BJP suspends Nupur Sharma: I am sad, disgusted, and worried
— Nupur J Sharma (@UnSubtleDesi) June 6, 2022
My article. Where I pour my heart out about @NupurSharmaBJP’s suspension. https://t.co/lkIjtAcgKd
Kashmiri Hindus should forget and forgive all that but we will never forgive Nupur Sharma for her statement.
— Varun Kumar Rana (@VarunKrRana) June 6, 2022
- Farhan Akhtar and 785 others
Shouldn't India be summoning Qatar ambassador? https://t.co/PaHX4JqAyk
— Vikas Saraswat (@VikasSaraswat) June 6, 2022
Qatar, which had given citizenship to MF Hussain after painting nude Hindu Goddesses, gets upset at alleged blasphemy against Prophet Muhammad in India
— Nilesh Mishra (@official_nippu) June 6, 2022
Not only Qatar Airways but every thing of qatar to be boycott.@DivyaSoti#BoycottQatarAirways
https://t.co/JD9FRSQrs2
हिंदू द्रोही देश द्रोही MF Hussain से प्यार और नूपुर शर्मा पर चीत्कार..!!
— विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal) June 6, 2022
वाह री कतर सरकार..#BycottQatarAirways
तेल के अलावा सिर्फ एयरवेज ही है इनके पास यदि 130 करोड़ भारतीयों ने कतर का बॉयकॉट कर दिया तो तेल निकल जाएगा।#BycottQatarAirways
— पं नेतन्याहू मिश्रा TPN (@Netan_IND) June 6, 2022
MF Hussain made nude paintings of Hindu Godesses.
— Nitin Gupta (@Nitin_Rivaldo) June 5, 2022
Qatar granted him citizenship. @NupurSharmaBJP quoted facts about Muhammad from Hadith.
Vishwagurus bent over backwards to appease Qatar!
Phata poster nikla j!hadi pic.twitter.com/VfPVdJ7Xh1
— Shambhav Sharma (@shambhav15) June 6, 2022
नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल ने एक धर्म विशेष के ख़िलाफ़ बोला उन्हें मारने की धमकी मिली, पार्टी ने बाहर भी कर दिया लेकिन देश और बाहर से जो लगातार “शिवलिंग” का मज़ाक़ बना रहे हैं अपशब्द कह रहे हैं उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई होगी?
— Rohit Ranjan (@irohitr) June 5, 2022
Real politik led to suspension of Nupur Sharma. I can understand and agree.
— Abhishek Dwivedi (@Rezang_La) June 5, 2022
But what led to your muted action on insults to Shivling? Why couldn't you arrest every single person who mocked our God?
शिवलिंग को फ़व्वारा बता रहे, बेशर्म कुल्ले कर रहे थे.. एक सरफ़राज ने कहा के शिवलिंग होता भी तो तोड़ देते.. कार्यवायी @NupurSharmaBJP जी पे हुई.. क्या हिंदुओं की आस्था का भी ख़याल है किसी को #NupurSharma #IsupportNupurSharma
— Vinay Chaudhry (@VinayChaudhry4) June 5, 2022
MF हुसैन ने हिन्दू देवी देवताओं और भारत माता की नग्न पेंटिंग बनाई
— Major Surendra Poonia (@MajorPoonia) June 6, 2022
भारत के तथाकथित अल्पसंख्यक समुदाय और LeLi गैंग ने उसका विरोध नहीं किया
क्यों ?
भारत माँ तो सबकी है ना ?
कांग्रेस ने देवी देवताओं की नंगी तस्वीर बनाने वाले को पद्म विभूषण पुरस्कार दिया
FoS/FoE बस कुछ को ही क्यों है
— Proud Indian 🇮🇳 (@proudindian247) June 6, 2022
Qatar refuses asylum to Uighur Muslims
— Monica Verma (@TrulyMonica) June 6, 2022
Saudi Arabia detains Uighurs on Hajj and reports them to China
UAE officials collects their Biometric Data to supply to China
Together Arab World writes letters to UN supporting China’s action in Xinjiang
‘Ummah’ applies only to India?
सदियों तक दूसरे धर्म स्थल को नुकसान पहुंचाने वाले खास समुदाय के लोग आज भी दूसरे धर्म के बारे में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कुछ भी बोल-लिख देते हैं, लेकिन जब अपनी बात आती है तो मरने-मारने पर आतुर हो जाते हैं।
अगर पिछले कुछ वर्षों को ही देखा जाए तो ऑप इंडिया के अनुसार कुछ साल पहले फ्रांस में शार्ली ऐब्दो पत्रिका में पैगंबर मुहम्मद का कार्टून छापने पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने दुनिया भर में प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई लोगों की हत्या तक कर दी गई थी। साल 2012 में अमेरिका में इनोसेंस ऑफ मुस्लिम नामक फिल्म को लेकर भी काफी बवाल हुआ था। लोग सड़कों पर आ गए थे। कई देशों में अमेरिकी दूतावास पर हमला हुआ था और प्रदर्शनकारियों ने जमकर तोड़फोड़ की थी। लीबिया के बेनगाजी में अमेरिकी राजदूत समेत चार लोगों की मौत भी हुई थी।
पैगंबर मोहम्मद के नाम पर पश्चिम बंगाल के मालदा में साल 2016 में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इसके बाद 2017 में राज्य के बशीरहाट में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हिंसा भड़क उठी थी, जिससे भारी नुकसान हुआ था। इसके एक साल बाद 2018 में उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए थे।
साल 2019 में बांग्लादेश के बोरानुद्दीन शहर में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हुई हिंसा चार लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। इसी साल 18 अक्तूबर को एक टिप्पणी के लिए हिंदू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की लखनऊ में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इतना ही नहीं साल 2020 में कांग्रेस नेता के भतीजे की टिप्पणी को लेकर कर्नाटक के बेंगलुरु में कट्टरपंथियों की भीड़ ने थाने के घेरकर दर्जनों गाड़ियों में आग लगा दी थी। पिछले साल 2021 में ही पाकिस्तान के सियालकोट में एक श्रीलंकाई नागरिक को उग्र इस्लामी भीड़ ने जलाकर मार डाला था। इसी साल 17 दिसंबर, 2021 को पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में यवतमाल के उमरखेड़ में भारी हिंसा और आगजनी की गई थी।
हाल ही में 25 जनवरी, 2022 को गुजरात के धंधुका में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर किशन भरवाड की हत्या कर दी गई। बाद में पता चला कि इस हत्या के लिए एक मौलवी ने भीड़ को भड़काया था। ये तो पिछले कुछ दिनों की बात है। अगर पीछे जाएंगे तो इस तरह के सैकड़ों मामले आपके सामने आ जाएंगे। साल 2000 में न्यू इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने 700 साल पुरानी एक किताब से एक कोट लेकर अपना आर्टिकल लिखा था। जिसके बेंगलुरु में हजारों की भीड़ ने अखबार के दफ्तर को घेर लिया। अखबार के माफी मांगने के बाद मामला शांत हुआ था। इसी तरह साल 1986 में डेक्कन हेराल्ड की एक छोटी सी स्टोरी के कारण साम्प्रदायिक हिंसा भड़क गई और 17 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।
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