देश को मिलेगी पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति : द्रौपदी मुर्मू; सरकार ने दी Z+ सुरक्षा, 24 घंटे सुरक्षा में तैनात होंगे CRPF के 16 कमांडो

द्रौपदी मुर्मू 
भारतीय जनता पार्टी ने झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। जेपी नड्डा ने किया ऐलान। 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू 2000 झारखंड के गठन के बाद से पहली ऐसी राज्यपाल थीं, उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया था। उनका जन्म 20 जून, 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले में स्थित बैदापोसी गाँव में हुआ था। वो संथाल जनजाति से ताल्लुक रखती हैं। उनके पति का नाम श्याम चरण मुर्मू है।
भाजपा ने संसदीय दल की बैठक में चर्चा के बाद और उससे पहले NDA के सभी घटक दलों से बात कर के उनके नाम पर मुहर लगाई।

उनके व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो द्रौपदी मुर्मू के दो बेटे और एक बेटी हैं। उनका पिता का नाम बिरंचि नारायण टुडू था। उनका जीवन त्रासदियों और संघर्षों से भरा हुआ है। उनके पति का निधन हो चुका है। उनके दोनों बेटे भी चल बसे। 2000 के दशक की शुरुआत में जब ओडिशा में बीजद-भाजपा ने मिल कर सरकार बनाई थी, तब उन्हें राज्य में कॉमर्स और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय मिला था। फिर उन्होंने मत्स्य पालन और पशुपालन विभाग को सँभाला।

वो ओडिशा की पहली महिला और आदिवासी नेता हैं, जिन्हें राज्यपाल के पद पर नियुक्त किया गया। वो 2000 और 2009 में भाजपा के टिकट पर ओडिशा के मयूरभंज स्थित रायरंगपुर से विधायक चुनी जा चुकी हैं। वो 1997 में वहाँ के नगर पंचायत की काउंसिलर भी रह चुकी हैं। भाजपा ने उन्हें अपने जनजातीय मोर्चे का अध्यक्ष बनाया था। 2015 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल लगभग निर्विवाद रहा।

वह संथल से आती हैं। अगर वह चुनीं जाती हैं तो वह प्रतिभा पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। इससे पहले प्रतिभा पाटिल साल 2007-2012 तक देश की राष्ट्रपति रही थीं। पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर द्रौपदी मुर्मू की तारीफ की। उन्होंने कहा कि- उन्होंने अपना जीवन समाज सेवा और गरीबों, दलितों को सशक्त बनाने में समर्पित किया है।मुझे विश्वास है कि वह हमारे देश के लिए एक महान राष्ट्रपति सिद्ध होंगी।

साल 2007 में ओडिशा विधानसभा द्वारा साल के सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए नीलकंठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें साल 2013 में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में भी नामित किया गया था। वह बीजेपी की ओडिशा इकाई के अनुसूचित जनजाति मोर्चा की उपाध्यक्ष और बाद में अध्यक्ष भी रही। अगर वह जीत हासिल करती हैं तो पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी। उन्हें झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनने का गौरव भी प्राप्त है।

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