नूपुर शर्मा की जीभ काटने पर मेवात के इस्लामवादी ने रखे 2 करोड़ रुपए
सड़क पर लोग एक नूपुर शर्मा के ही पीछे पड़े हैं, इन्हें नहीं मालूम की यूट्यूब पर अनेकों नूपुर आकर हदीस ही नहीं कुरान की आयतों को दिखाकर उनका मतलब भी बता रहे हैं। चर्चाओं में कोई नूपुर को कसूरवार नहीं मान रहा, विपरीत इसके संक्षेप में इतना ही कहना कि उनका मत है कि blasphemy के दोषी 'सर को तन से अलग' करने का नारा लगाने और उनको समर्थन देने वाले हैं, जो इस्लामिक असूलों का खुलेआम मजाक बना रहे हैं, और सारे उलेमा और मौलाना चुप बैठे हैं। फिर तस्लीम रहमानी जिसके उकसाने पर नूपुर ने इस्लामिक किताब का हवाला दिया, किताब में लिखा blasphemy कैसे हो गया? सरकार को रहमानी की जाँच कर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए। दूसरे, नूपुर का विरोध करने का असली मकसद यह है कि हमारी छुपी बातें गैर-मुस्लिमों को क्यों मालूम हो और इस उपद्रव का मकसद यह है कि इस्लामिक सच्चाई बोलने का कोई दूसरा गैर-मुस्लिम हिम्मत न करने पाए। पहली बार सुना कि इतिहास सीखने के लिए होता है, 'रंगीला रसूल' के लेखक महाशय राजपाल की हत्या करने वाले कौन थे अहमदिया और पाकिस्तान में उन्ही की क्या दुर्दशा हो रही है। दूसरे, मुगलों ने हिन्दुओं पर अत्याचार किये, क्या हुआ हिन्दुत्व तो आज भी है, भारत को छोड़, कहीं उनका नामलेवा नहीं।
बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा की लगातार हत्या की धमकी मिल रही है। हरियाणा के मेवात में एक इस्लामवादी ने नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को 2 करोड़ रुपए देने की बात कही है। यह धमकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की उस टिप्पणी के बाद दी गई है, जिसमें उन्होंने नूपुर शर्मा को कन्हैया लाल की क्रूर हत्या सहित देश भर में इस्लामवादियों द्वारा की गई हिंसा के लिए दोषी ठहराया था। नूपुर की जीभ की कीमत लगाने वाला अच्छी तरह जानता है कि अगर लालच में आकर कोई सफल हो भी गया तो एक पैसा नहीं मिलने वाला क्योकि उसकी जिन्दगी जेल में कटेगी।
6 जुलाई को वायरल हुए वीडियो में मेवात में एक इस्लामवादी किसी पत्रकार से बात करते हुए नजर आ रहा है। इस्लामवादी ने इस वीडियो में कहा, “मैं यह पूरे मेवात की ओर से कह रहा हूँ। अगर कोई नूपुर शर्मा की जीभ काटकर मेरे पास लाता है, तो उसे 2 करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा। 2 करोड़ रुपए पूरी मेवात और मैं दूँगा।” इसके बाद वह पत्रकार पर चिल्लाता है और कहता है, “तू काट कर ले आ नूपुर शर्मा की जीभ, 2 करोड़ रुपए का ऑफर तू ले ले पत्रकार।”
#itshappening #Trending #BreakingNews Tension in #Mewat as a video of man announcing reward on slashing @NupurSharmaBJP 's tongue goes viral. @nuhpolice gets in action to identify accused. #NupurSharma #NupurSharmaControversy @VHPDigital @bajrangdalmewat pic.twitter.com/6C064Z79qO
— Sumedha Sharma (@sumedhasharma86) July 6, 2022
Has he been arrested n charged yet? All this arose because of Kant n Pardiawala loose tongues n intemperate n insensible comments . Why are they still sitting as judges when they are clearly unfit to do so?
— v c s vardan (@vcsvardan1) July 7, 2022
इनाम की घोषणा वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बवाल मच गया। हालाँकि, पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए जाँच शुरू कर दी है। मेवात पुलिस वीडियो क्लिप की जाँच के साथ ही आरोपितों के बारे में भी पता लगा रही है। नूंह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा, “मामला हमारे पास अभी पहुँचा है। हम आरोपितों की पहचान करने के लिए जाँच कर रहे हैं। हम लोगों से इस तरह के वीडियो और सांप्रदायिक चीजों को न फैलाने की अपील करते हैं।”
शिवम भाई ने आज वारिस पठान की लंका लगा दी,
— आनन्द पाल हरदोई (@AnandPa36870420) July 4, 2022
यह होता है तो मुंह तोड जवाब देना
बहुत बढ़िया और शिवम भाई इन दोगलो को ऐसे ही जवाब देना चाहिए 🙏🏻 pic.twitter.com/BJXupEw4Y5
वीडियो में दिख रहे इस्लामवादी की ये धमकी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, “जिस तरह से उन्होंने (नूपुर शर्मा) पूरे देश में भावनाओं को भड़काया है … देश में जो हो रहा है उसके लिए यह महिला अकेले जिम्मेदार है।” हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत ने यह टिप्पणी मौखिक की थी और अपने औपचारिक लिखित आदेश में इसे शामिल नहीं किया था। फिर भी जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पारदीवाला की अवकाश पीठ ने सुनवाई करते हुए हिंसा के लिए पूरी तरह नूपुर शर्मा को दोषी ठहराया था।
इससे पहले 8 जून, 2022 को भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर ने नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। यही नहीं भीम सेना ने कानपुर में हुई हिंसा में मुस्लिम दंगाइयों का बचाव करते हुए नूपुर शर्मा पर ही घटना का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाया था।
अवलोकन करें:-
भीम सेना के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल तंवर ने कहा था, “नूपुर शर्मा ने नबी का अपमान किया है, जिससे करोड़ों मुस्लिम समुदाय के लोग आहत हुए हैं।” यही नहीं इस मामले में सीधा मोदी पर आरोप लगाते हुए भीम सेना के संस्थापक ने कहा था कि मोदी सरकार जान-बूझकर नूपुर शर्मा को गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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