‘हिंदुओं को नौकरी नहीं देता है हमदर्द’: हरियाणा में महापंचायत, कहा- भर्तियों में 50% हिस्सा दो, वरना लगाएँगे ताला

हरियाणा में हुई महापंचायत के बाद दवा कम्पनी हमदर्द (Hamdard) में हिन्दुओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की माँग की गई है। माँग पूरी न होने पर मानेसर स्थित कम्पनी को बंद करवाने का एलान किया गया है। 7 जुलाई 2022 को हुई पंचायत में हमदर्द पर नौकरियाँ में हिन्दुओं के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया गया।

कुछ समय पूर्व किसी संस्थान द्वारा किसी मुस्लिम को नौकरी न देने पर छद्दम धर्म-निरपेक्ष और कट्टरपंथियों ने खूब शोर मचाया था, लेकिन हमदर्द पर किसी की आवाज़ नहीं निकलती। इसी सन्दर्भ में स्मरण आता है कि लगभग 18 वर्ष पूर्व हमदर्द ने पोजीशन लाने वाली छात्राओं को शायद 2000 रूपए की छात्रवृति देने की घोषणा करने पर मेरी पुत्री ने अपनी मुस्लिम सहेली के साथ इनका निर्धारित फॉर्म भरा, जिन्हें मैंने स्वयं आसफ अली रोड स्थित कार्यालय में जमा करवा था, लेकिन मुस्लिम छात्रा का स्कूल(रामजस कन्या उच्चतर स्कूल, दरिया गंज) में चेक आ गया, मेरी पुत्री का नहीं आने पर, जब हमदर्द ऑफिस से संपर्क करने पर जवाब मिला कि 'निगम साहब निश्चित तारीख के बाद जमा करवाया होगा।' लेकिन जब उनको बताया कि 'इस छात्रा के साथ जमा करवाया था। देखिए रिसिप्ट।' काफी नोकझोंक भी हुई, जिसे प्रकाशित नहीं कर सकता। लेकिन उस दिन से लेकर आज तक घर में रूहअफजा बंद है। दूसरे, लगभग 40 वर्ष पूर्व पाञ्चजन्य हिंदी साप्ताहिक ने हमदर्द द्वारा अर्जित आय से मुस्लिम संस्थानों को अनुदान देने पर रपट प्रकाशित करने पर Organiser और पाञ्चजन्य साप्ताहिकों को विज्ञापन सूची में ब्लैकलिस्ट कर दिया था, जिस कारण कई वर्षो तक इन साप्ताहिकों को हमदर्द ने विज्ञापन देना बंद कर दिया था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंचायत में स्थानीय ग्रामीण और हिन्दू संगठन के मौजूद लोगों ने अपनी माँगों को लेकर स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मानेसर के पूर्व सरपंच राम अवतार के मुताबिक, हमदर्द की फैक्ट्री स्थानीय हिन्दू किसानों की जमीनों पर बनी है। उसे ट्रस्ट के नाम पर भी काफी छूट मिल रही है।

राम अवतार ने बताया कि इतना सब कुछ होने के बाद भी इस दवा कंपनी में किसी भी स्थानीय हिन्दू को आज तक नौकरी नौकरी नहीं दी गई। इसमें प्रशासन से यह भी माँग की गई कि वो फैक्ट्री में जाकर चेक करे कि वहाँ कितने हिन्दू कर्मचारी काम करते हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में शिकायत की गई है कि किसी योग्य व्यक्ति को भी मात्र स्थानीय हिन्दू होने के नाते मौक़ा नहीं दिया जाता। पंचायत में हमदर्द कम्पनी में होने वाली भर्ती प्रक्रिया की जाँच की माँग भी की गई है।

पंचायत में फैसला किया गया है कि अगर हिन्दुओं को 50 प्रतिशत नौकरी की माँग पर जल्द अमल नहीं किया गया तो फैक्ट्री में ताला लगा दिया जाएगा। इस पंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सजग रहा।

मानेसर के DCP महावीर सिंह के मुताबिक, “पंचायत के दौरान और बाद में लॉ एन्ड आर्डर की स्थिति पूरी तरह से सामान्य रही और हालात पर हमारी पूरी नजर है।” द ट्रिब्यून का दावा है कि हमदर्द के चीफ ऑपरेशन्स यूनिट मैनजर शैलेश तिवारी ने कम्पनी पर लगे तमाम आरोपों को निराधार बताए हुए इसे महज पब्लिसिटी स्टंट बताया है।

कुछ समय पहले हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने हरियाणा में चल रही निजी कंपनियों में हरियाणा के लोगों को 75 प्रतिशत आरक्षण दिलाने का एलान किया था। इसके बाद निजी कंपनियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

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