प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज (ALTNews) के को-फाउंडर और हिंदुओं की धार्मिक भावना उकसाने के आरोपित एवं कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) ने एक बार फिर घृणा का प्रदर्शन किया है। यह घृणा है न्यूज एजेंसी के खिलाफ मुस्लिम पुलिसकर्मी की खबर को लेकर।
10 सितंबर 2022 को दिल्ली पुलिस के ASI यूनुस खान ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली थी। इसी खबर को ANI ने ट्वीट कर दी थी। अपने ट्वीट में ANI ने लिखा, “दिल्ली पुलिस के एक ASI यूनुस खान मीरदर्द रोड स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए। उनके शरीर पर कोई चोट नहीं थे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराध शाखा, कमला मार्केट में तैनात यूनुस के परिवार में 2 पत्नियाँ और 10 बच्चे हैं।”
An ASI of Delhi Police, Yunus Khan, was found dead with no injury on his body at his residence on Mirdard Road. Body sent for post-mortem. Posted with Crime Branch, Kamla Market, Yunus is survived by 2 wives & 10 children.
— ANI (@ANI) September 10, 2022
— दलीप पंचोली🇮🇳 (@DalipPancholi) September 11, 2022
इस ट्वीट को देखकर जुबैर भड़क उठे। उन्होंने ANI को प्रोपेगेंडा साइट तक बता दिया। ANI की इस खबर को शेयर करते हुए जुबैर ने लिखा, “उनकी (ASI की) की मौत के बारे में रिपोर्ट करने के बजाय प्रोपेगेंडा न्यूज एजेंसी उनकी पत्नियों और बच्चों की संख्या के बताने में अधिक रुचि रखती है। जैसा कि इस तरह टिप्पणियों और कोट अपेक्षित था।”
Instead of reporting about his death, Propaganda News Agency is more interested in reporting about his wives and the number of children he had. As expected the comments and quote tweets to this. 🤮 https://t.co/MGVZcvwSC9
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) September 10, 2022
— दलीप पंचोली🇮🇳 (@DalipPancholi) September 11, 2022
जब न्यूज एजेंसी ने इस खबर को ट्वीट किया तो सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान मृतक की पत्नी और बच्चों पर गया। लोगों ने देखा कि एक ASI स्तर का अधिकारी दो-दो पत्नियाँ रखा है और सरकार द्वारा परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के बावजूद वह 10 बच्चों का पिता है।
इसके बाद न्यूज एजेंसी के इस ट्वीट पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे। लोगों ने कटाक्ष करना शुरू कर दिया और बताया कि अब सरकार को मृतक की इतने बड़े परिवार का ध्यान रखना चाहिए। इन टिप्पणियों को देखकर ही जुबैर दरअसल असहज महसूस करने लगे, जिसका जिक्र उन्होंने अपने ट्वीट में भी किया है। अंत में उन्होंने खबर को लेकर न्यूज एजेंसी पर ही सवाल उठा दिया।
किसी के मरने की खबर को लेकर मीडिया में ये बताने की रवायत है कि मृतक के बाद उसके परिवार में अब कौन है। ANI भी अपने पहले हर ट्वीट में इस तरह ही खबरों को पेश किया है। आमतौर पर किसी आदमी के मरने के बाद खबर को बताने का यही स्टैंडर्ड तरीका भी है।
Cope.
— Robin_B (@RobinB369) September 10, 2022
It's always done. Nothing new pic.twitter.com/Xp9vp1ZoZk
— Pom (@Adbhooot) September 10, 2022
इस खबर को लेकर जुबैर द्वारा सवाल उठाने पर सोशल मीडिया उन्हें ही घेरने लगे हैं। साथ ही जुबैर की इस एकतरफा सोच पर कटाक्ष भी करने लगे हैं। गोविंद द्विवेदी नाम के यूजर ने जुबैर से पूछा, “आप कैसे कह सकते हैं कि ANI गलत है। वे इसे सरकार के सामने रखना चाहते हैं, ताकि सरकार उनकी (ASI की) मृत्यु के बाद उनके बड़े परिवार के लिए कुछ कर सके।”
The whole news was about his death. The last sentence, as is customary, was about who he was survived with
— Politically Carrot (@Poohlatically_c) September 10, 2022
Just like in Nupur Sharma's case, "the fact checker" is not concerned about facts, he's worried that facts shouldn't come out.
Double dare to fact check what Nupur said
Isne Nupur sharma aur iske kaum ka tasleem ke debate ko cropped kiya aur us video communal angle dekar apne kaum ke tasleem ko side aur Nupur ko blasphemy mein fasa kar uski jaan khatre mein daal di...is jhopdi ke wajeh kai begunah jaane gayi lekin ye ❤de sudhra nahi.
— 🇮🇳 (@YahuMan34) September 11, 2022
तो क्या ये खबर नही है की उसकी दो बीवियां और दस बच्चे थे।वो ASI था,पढ़ा लिखा इंसान था।दो बीबी और दस बच्चों का पालन पोषण उसी को करना था।क्या ऐसा नही हो सकता की आत्महत्या का कारण यही रहा हो की दो बीबी और १० बच्चो की जिम्मेदारी निभाना मुश्किल लग रहा हो।
— VIKRAMADITY (@VIKRAMA37535289) September 11, 2022
foolmanual नाम के एक ट्विटर हैंडल ने सवाल किया, “आपका धर्म जिस चीज की पुरजोर वकालत करता है उस पर आपको शर्म क्यों आती है? अब इतनी हीन भावना क्यों?”

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