जामा मस्जिद में लड़कियों की एंट्री बैन करने को लेकर बवाल बढ़ता जा रहा है। हाल में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा है कि वो मस्जिद के इमाम को नोटिस भेजेंगीं। वहीं जामा मस्जिद के जनसंपर्क अधिकारी सबीउल्लाह खान की भी इस संबंध में सफाई आई है। जामा मस्जिद में लड़कियों की एंट्री बैन (तस्वीर साभार: आरफा खानम का फेसबुक)
सबीउल्लाह ने मीडिया से बातचीत में बताया, “महिलाओं पर रोक नहीं लगाई गई है। जो अकेली लड़कियाँ यहाँ आती हैं, लड़कों को टाइम देती हैं, यहाँ आकर वीडियोज बनाई जाती हैं, केवल उस चीज को रोकने के लिए इस पर पाबंदी लगाई गई है।”
#WATCH दिल्ली: जामा मस्जिद में अकेली लड़की और लड़कियों के समूह के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 24, 2022
जामा मस्जिद के PRO सबीउल्लाह खान ने कहा, "अकेली लड़कियों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। यह एक धार्मिक स्थल है, इसे देखते हुए निर्णय लिया गया है। इबादत करने वालों के लिए कोई रोक नहीं है।" pic.twitter.com/vzK6qzCjmS
दिल्ली: जामा मस्जिद में अकेली लड़की और लड़कियों के समूह के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। pic.twitter.com/qal7JXLOYY
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अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा, “अगर आप देखेंगे तो अभी भी चारों तरह महिलाएँ मौजूद हैं। परिवार के साथ आएँगी तो कोई दिक्कत नहीं। शादीशुदा जोड़े आएँगे तो भी कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन इस तरह यहाँ अकेले आना, इसे मीटिंग प्वाइंट बनाना, इसे पार्क समझ लेना, टिकटॉक वीडियो बनाना, डांस करना, किसी भी धर्मस्थल के लिए मुनासिब नहीं है। चाहे वो मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारा हो। किसी भी धर्मस्थल का प्रोटोकॉल रखना बहुत जरूरी है। हमारा पाबंदी लगाने का सिर्फ यही मकसद है कि मस्जिद इबादत के लिए है और उसका इस्तेमाल सिर्फ इबादत के लिए किया जाए।"
वीडियो में वह आगे कहते हैं, “अगर कोई यहाँ इबादत करना चाहे तो प्लीज आएँ। उसमें किसी तरह की पाबंदी नहीं है। बस यही कहना है कि मस्जिद का इस्तेमाल मस्जिद की तरह हो।”
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