बीबीसी भारत विरोधी तो है ही वह इस्लामिक आतंकवादी संगठन ISIS का मुखपत्र बन गया। वह साजिश के तहत इस्लामा को बढ़ावा देती और हिंदुओं के खिलाफ विरोध को दिखाती है। वह जानबूझकर हिंदुओं को आतंकवादी कहने वाली राणा अयूब का इंटरव्यू करती है और बीबीसी वर्ल्ड न्यूज में दिखाती है। कर्नाटक में उठे हिजाब मुद्दे के दौरान विरोधस्वरूप कुछ हिंदू युवक भगवा गमछा लेकर पहुंचे थे जिसे राणा अयूब हिंदू आतंकवादी कह रही है। हिंदू लड़कों को आतंकवादी कहकर उनकी हत्या किए जाने को भड़काया था। इस साक्षात्कार के तुरंत बाद, कर्नाटक में मुसलमानों ने हिंदू लड़कों का कत्लेआम किया गया था। ऐसे में तो यही कहा जा सकता है कि IT raids से काम नहीं चलेगा, BBC को भारत में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
ISIS mouthpiece #BBC should be banned in India. Just #ITraids won't do.
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
A thread.
1 ) They allow ghouls to incite murders of Hindu boys by calling them terrorists only for demanding uniforms. Immediately after this interview, Hindu boys were slaughtered in Karnataka. 1/8 pic.twitter.com/x97E8k9lu6
41 कांग्रेस सांसदों ने की थी बीबीसी पर प्रतिबंध लगाने की मांग
बीबीसी पर प्रतिबंध लगाने की मांग कोई नई नहीं है। 14 अगस्त 1975 को 41 कांग्रेस सांसदों ने बीबीसी पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए एक बयान पर हस्ताक्षर किए। जिसमें कहा गया था, “बीबीसी ने भारत को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ा”। लेकिन वायसराय नेहरू ने इसकी अनुमति नहीं दी। अगर बीबीसी पर प्रतिबंध लगता है तो हम 1947 से अधूरे छोड़े गए उपनिवेशवाद को समाप्त करने के एक महत्वपूर्ण कदम को पूरा करेंगे।
8 It's not even new. Congress MPs right after independence had sought to ban BBC but Viceroy Nehru didn't allow it. We will be completing an important step in de-colonisation left incomplete since 1947. Pls share 🙏 pic.twitter.com/52GUqjRbG7
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
बीबीसी कभी ISIS की दुल्हनों पर डॉक्यूमेंट्री नहीं बनाती
बीबीसी बेशर्मी से ब्रिटेन में ISIS की दुल्हनों का बचाव करती है। लेकिन इन लड़कियों का किस तरह ब्रेनवाश किया जाता है और किस तरह वह ISIS के चंगुल में फंस जाती हैं इस पर कभी डॉक्यूमेंट्री नहीं बनाती। कहा जाता है कि इस तरह की पांच लाख काफिर लड़कियां हैं। ISIS की एक दुल्हन की बात भी सुन लीजिए।
3 Faith healing good, Hindu faith healing chee cheee cheee! 3/8 pic.twitter.com/KPhwHFh3ND
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
हिंदू धर्म को लेकर बीबीसी का दोहरा मापदंड
बीबीसी का दोहरा मापदंड देखिए कि ईसाई और इस्लाम धर्म अगर किसी बीमारी और समस्या को ठीक करती है तो वह अच्छा है लेकिन जैसे ही हिंदू धर्म की बात आती है तो वे इस पर सवालिया निशान लगते हैं। अभी बागेश्वर धाम सरकार के मामले में भी इसे देख सकते हैं।
4 Most racist piece of sh1t ever 4/8 pic.twitter.com/RZ6u0Dm6VN
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
बीबीसी का नस्लवादी नजरिया
बीबीसी का नस्लवादी नजरिया देखिए। पश्चिम के लोग अगर गाय को गले लगाते हैं तो वे इसे दुनिया का वेलनेस ट्रेंड बताते हैं। वहीं भारत में जब एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने कहा कि 14 फरवरी को काऊ हग डे मनाया जाए। इस पर बीबीसी कार्टून बनाकर व्यंग्य करती है कि पूरा वीक मनाया जाना चाहिए- काऊ गोबर डे, काऊ मूत्र डे, काऊ मिल्क डे, काऊ घास डे वगैरह।
5 Religious hatred of Kafirs overflowing on every page 5/8 pic.twitter.com/Y9DtKtKnwS
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
हिंदू धर्म के प्रति बीबीसी की नफरत
हिंदू धर्म के प्रति बीबीसी की नफरत का नजारा देखिए कि दिवाली पर वह रिपोर्ट प्रकाशित करती है- शोर और प्रदूषण से मुक्त और शांत हो ऐसी दिवाली। वहीं उसकी दूसरी रिपोर्ट देखिए जिसमें वह लिखता है- नए साल के अवसर हजारों लोख पटाखे छोड़ने लंदन में जुटे। यानी दिवाली पर पटाखे न चले तो अच्छा और वे जब नए साल में पटाखे चलाएं तो अच्छा।
6 Defending Islamic terrorism is official religion of BBC
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
6/8 pic.twitter.com/ynbzw0MKkL
इस्लामिक आतंकवाद का बचाव करना बीबीसी का धर्म
इस्लामिक आतंकवाद का बचाव करना और उसका समर्थन करना बीबीसी ने अपना धर्म बना लिया है। अफगानिस्तान पर एक रिपोर्ट देखिए- तालिबान बिना खून खराबे के शहरों पर कैसे कब्जा कर रहा है? वहीं कश्मीर पर उसकी रिपोर्ट देखिए- भारतीय सेना धर्म के नाम पर लोगों को पीट रही है और प्रताड़ित कर रही है।
7 Every BBC writer is halala product
— Eminent Intellectual (@total_woke_) February 14, 2023
7/8 pic.twitter.com/b1ov7Quwfx
बीबीसी का हर लेखक हलाला प्रोडक्ट
बीबीसी की रिपोर्ट देखने से पता चलता है कि वहां का हर लेखक हलाला प्रोडक्ट है। उसका एजेंडा देखिए, दिवाली पर उसकी रिपोर्ट- दिवालीः घर की सफाई की परंपरा कैसे महिलाओं की मुसीबत बढ़ाती रही है। वहीं होली पर हजारों-लाखों कविताओं में से उसे क्या मिलता है यह भी देखिए- होरी खेलूंगी, कह बिस्मिल्लाह, नाम नबी की रतन चढ़ी, बूंद पड़ी अल्लाह अल्लाह।
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