मुगल इतिहास पर बात करते हुए राजदीप सरदेसाई और गौरव सावंत
NCERT किताबों में मुगल इतिहास पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में हर न्यूज रूम में इस पर बहस हो रही है। एक पक्ष का कहना है कि स्कूली शिक्षा में मुगलों के बारे में पढ़ाया जाना अनिवार्य होना चाहिए ताकि पता चले कि उन्होंने भारत के लिए कितना कुछ किया। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि मुगलों का इतिहास शिक्षा का हिस्सा हो लेकिन उसे बिन किसी तोड़-मरोड़ के पेश किया जाए ताकि ये पता चले कि मुगलों ने भारत में कितनी तबाही मचाई।
अब यही बहस न्यूजरूम्स तक भी पहुँच गई है। इंडिया टुडे के एंकर व कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई भी ऐसी ही एक चर्चा में शामिल हुए जहाँ उन्होंने अपने ‘प्रोपेगेंडा’ को गोल-मोल करके पेश करने का प्रयास किया। हालाँकि, इस दौरान शो में बैठे एंकर व मैनेजिंग एडिटर गौरव सावंत ने उन्हें जमकर लताड़ लगाई। उन्हें तथ्यों से वाकिफ करवाते हुए बताया कि आखिर किस तरह मुगलों ने भारत में हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा था जिसे इतिहास की किताबों में चालाकी से छिपा दिया गया।
History writing must be left to professional historians not politicians: @sardesairajdeep
— IndiaToday (@IndiaToday) April 7, 2023
Mughal history should never be erased from textbooks: @gauravcsawant
Full show: https://t.co/ypJOhvCOxl#DemocraticNewsroom | @ShivAroor pic.twitter.com/jIFc2G9S64
....खुरासान किसी अन्य को सौंपकर मुगल बादशाह बाबर ने हिन्दुस्तान को आक्रमण करके आ डराया।
— RP Singh National Spokesperson BJP (@rpsinghkhalsa) April 10, 2023
जग के रचयिता ने दोष अपने सिर पर तो नहीं लिया परन्तु मुगल बादशाह बाबर को यमराज बना कर हिन्दुस्तान भेज दिया।
लोगों के साथ इतनी मारकाट हुई कि वे चीत्कार कर उठे.....
इंडिया टुडे के डेमोक्रेटिक न्यूजरूम शो में देख सकते हैं कि राजदीप सरदेसाई कहते हैं, “इतिहास की बातें इतिहासकारों के हाथ में छोड़ दी जानी चाहिए, न कि उसे राजनेताओं को लिखने को देना चाहिए, क्योंकि ऐसा होते ही इतिहास में जहर भर जाता है। आप इतिहास से मुगलों को नहीं मिटा सकते। उन्होंने भारत के बहुलवादी संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया है। आप उन्हें मिटाकर कैसे सिर्फ विलन दिखा सकते हैं। मैं नहीं कहता कि अकबर महान था। मगर कम-से-कम हमारे युवाओं को अकबर के बारे में पढ़ने तो दो। उन्हें देश के अन्य राजाओं के बारे में पढ़ने दो। लेकिन इस प्रकार चुन-चुनकर इतिहास मिटाना ताकि वो राजनैतिक एजेंडे को सूट करे वहाँ मुझे आपत्ति होती है। यही पाकिस्तान ने भी इतिहास के साथ किया था जिस वजह से वहाँ की पीढ़ी भारत पर निशाना साधती रहती है।”


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