वर्तमान संसद में कितने आपराधिक छवि वाले सांसद हैं, चुनाव आयोग को स्पष्ट करना चाहिए और किस कारण उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत दी गयी? क्या संसद को अखाडा बनाने में क्या चुनाव आयोग अपनी गुप्त भूमिका निभा रहा है? दूसरे, जनता भी कसूरवार है जो ऐसे उम्मीदवारों को वोट देती है। जब आपराधिक छवि वालों जनता ही अपनी भलाई देखती है तो ऐसे लोगों से बड़ा पागल, बुद्धिहीन और अंधा(सूरदास कहना महान कवि का अपमान होगा) भारत के अलावा दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलेगा।
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और उनके सहयोगी अमित यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। उनके खिलाफ फोन पर रंगदारी माँगने के आरोप में मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। बताया जा रहा है कि पप्पू यादव के सहयोगी अमित यादव ने एक कारोबारी से फोन पर 1 करोड़ रुपए की डिमाँड की थी, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते 4 जून 2024 को फर्नीचर व्यवसाई के मोबाइल पर पप्पू यादव के करीबी अमित यादव ने धमकी दी कि 5 साल पूर्णिया में रहना है तो एक करोड़ रूपए देने होंगे। अगर 1 करोड़ नहीं दिए गए, तो उन्हें पूर्णिया छोड़कर जाना पड़ेगा। यही नहीं, उन्हें जान से भी मारने की धमकी दी गई है। इस शिकायत के आधार पर सांसद पप्पू यादव और अमित यादव के खिलाफ मुफस्सिल थाना कांड संख्या 93/2024 दिनांक 10.06.2024 धारा-385/504/506/34 भादवि में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है।
पूर्णिया के एसपी ने दी जानकारी
मुफ्फसील थाना अन्तर्गत एक फर्नीचर व्यवसायी से रंगदारी मांगने के आरोप में अमीत यादव एवं माननीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के विरुद्ध मुफ्फसील थाना में कांड दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। @bihar_police @BiharHomeDept @IPRD_Bihar pic.twitter.com/Le5rcSEmKU
— Purnea Police (@PurneaSp) June 10, 2024
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