मोदी की बात सच साबित हुई, कांग्रेस का ढोंग उजागर, सैम पित्रोदा को फिर बनाया इंडियन ओवरसीज कांग्रेस का अध्यक्ष


जब से सोनिया गाँधी कांग्रेस अध्यक्ष बनी तभी से पार्टी में क्रिश्चियनिटी का अधिक बोलबाला रहा है, जो आज तक चल रहा है। इस कटु सत्य से कोई इंकार नहीं कर सकता। सैम पित्रोदा को निकालना और फिर वापस लेने पर हैरान नहीं होना चाहिए। ये बहुत गहरा राज है। और इसका रहस्योघाटन वही कर सकता/सकती है जो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। भारत में लोकसभा चुनावों के दौर के बीच पश्चिमी मीडिया पूरी तरह से इस प्रयास में लगा हुआ था कि किसी तरह भारतीय वोटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के विरोध में आ जाएँ। पश्चिमी मीडिया में लगातार ऐसे लेख प्रकाशित हो रहे थे, जिनमें दावा किया जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हिन्दू हार्डलाइनर हैं और उनका तीसरा कार्यकाल भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाएगा। भारत विरोधी और हिन्दू विरोधी नैरेटिव चलाने के चक्कर में यह मीडिया हाउस लगातर झूठ परोस रहे थे। हाल ही में CNN ने ऐसा ही एक लेख प्रकाशित किया।

सैम पित्रोदा पर मोदी की बात हुई सच
लोकसभा चुनाव के वक्त NDTV को दिए गए इंटरव्यू में मोदी ने कहा था, “कभी-कभी मुझे लगता है कांग्रेस पार्टी योजना बनाकर ऐसे लोगों के माध्यम से कोई शिगूफे छोड़ती है। वो नेता अपनी मर्जी से कुछ करते होंगे, ऐसा नहीं लगता है। क्योंकि जब हो-हल्ला होता है तो पार्टी से उन्हें कुछ दिनों के लिए निकाल दिया जाता है। बाद में मेन स्ट्रीम में लेकर आ जाते हैं।”

कांग्रेस का यू-टर्न, पित्रोदा को फिर बनाया ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष
सैम पित्रोदा से इस्तीफा लेने वाली कांग्रेस ने यू-टर्न ले लिया है। कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा को एक बार फिर ओवरसीज कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया है। हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अपने विवादित बयानों के बाद 8 मई को पद से इस्तीफा दे दिया था। सैम की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने 26 जून को एक प्रेस रिलीज जारी की। इसमें वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने घोषणा में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा को तत्काल प्रभाव से भारतीय ओवरसीज कांग्रेस का अध्यक्ष फिर से नियुक्त किया है। इसके बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पित्रोदा अब ऐसा कोई बयान नहीं देंगे, जिससे भविष्य में विवाद पैदा होने की गुंजाइश हो।

पित्रोदा ने कहा था- भारत में ईस्ट वाले चीनी, साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं
लोकसभा चुनाव के बीच 8 मई को पित्रोदा का एक वीडियो सामने आया था। इसमें वे कह रहे थे कि भारत में ईस्ट के लोग चाइनीज और साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं। उनके इस बयान से कांग्रेस ने किनारा कर लिया था। विवाद बढ़ने के कुछ देर बाद ही पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसकी जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने दी थी। उन्होंने X पर लिखा था कि पित्रोदा ने अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

पित्रोदा के विरासत टैक्स वाले बयान पर मचा था बवाल
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान ही राहुल गांधी के करीबी कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा ने कहा था कि ‘अमेरिका में विरासत टैक्स लगता है। अगर किसी के पास 100 मिलियन डॉलर की संपत्ति है और जब वह मर जाता है तो वह सिर्फ 45 प्रतिशत अपने बच्चों को दे सकता है। 55 प्रतिशत सरकार ले लेती है। इसमें कहा गया है कि आपने अपनी पीढ़ी में संपत्ति बनाई और अब जा रहे हैं, तो आपको अपनी संपत्ति जनता के लिए छोड़नी चाहिए। पूरी नहीं, आधी ही। ये कानून मुझे अच्छा लगता है। भारत में ऐसा नहीं है। अगर किसी की संपत्ति 10 अरब है और वह मर जाता है, तो उसके बच्चों को 10 अरब मिलते हैं और जनता को कुछ नहीं मिलता। इसलिए इस पर बहस और चर्चा करनी होगी। कांग्रेस पार्टी एक ऐसी नीति बनाएगी, जिससे धन का बांटना बेहतर होगा।’

सैम पित्रोदा अपने बयानों से भारतीय समाज में जहर घोलते रहे हैं। उन्होंने समाज को बांटने और सनातन के अपमान पर कई बयान दिए हैं।

साल 2018 – राम मंदिर पर कहा – ‘मंदिर से रोजगार नहीं मिलेगा’।
साल 2019 – सिख विरोधी दंगों पर बोले थे- ‘हुआ तो हुआ’।
साल 2019 – पुलवामा हमले पर ये बोले थे- ‘पुलवामा जैसे हमले होते रहते हैं’।
साल 2023 – राम मंदिर पर कहा – ‘मंदिरों से समस्याओं का हल नहीं होगा’।
साल 2023 – मिडिल क्लास पर कहा- ‘मिडिल क्लास स्वार्थी नहीं बने’।
साल 2024 – विरासत टैक्स पर कहा – ‘धन का बंटवारा बेहतर होगा’।
साल 2024 – नस्लीय टिप्पणी – भारत में ईस्ट वाले चीनी, साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं।

No comments: