कांग्रेस के “मुग़ल सम्राट” राहुल गांधी ने जुलाई 1 को लोकसभा में सारे हिंदू समाज को जो गाली दी, उस पर गहन विश्लेषण की आवश्यकता है कि आखिर उसने ऐसा कहा क्यों? अपने को हिंदू धार्मिक गुरु के रूप में पेश करते हुए कहा कि जो हर वक्त अपने को हिंदू कहते हैं, वो हिंदू हो ही नहीं सकते, वो हर समय हिंसा, हिंसा, हिंसा करते हैं, नफरत, नफरत, नफरत फैलाते है और असत्य, असत्य और असत्य कहते हैं। जबकि हिंदुस्तान अहिंसा का देश है और हमारे महापुरुष कहते हैं डरो मत और डराओ मत।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
समस्त हिन्दू समाज को आंखे खोलनी चाहिए, अगर अभी भी हिन्दुओं ने अपनी आंखें नहीं खोली और इन सनातन विरोधियों से दूरी नहीं बनाई, अपनी भावी पीढ़ियों को घोर संकट में डाल देंगे। भिगोने में बहुत सारे चावल होते हैं, लेकिन एक या दो चावल देखे जाते हैं कि चावल पका या नहीं। ये सनातन विरोधी इतने समय से हिन्दुओं का अपमान कर रहे उसके बावजूद इनको वोट दे रहे हैं। मुसलमानों को गाली देने की बजाए उनसे मूर्ख हिन्दुओं को सीखना चाहिए कि बीजेपी को हराने एकजुट बीजेपी विरोधियों को वोट दे रहे हैं और जिस दिन हिन्दुओं ने मुसलमानों की तरह एकमुश्त बीजेपी को वोट देना शुरू कर दिया, सनातन विरोधी औंधे मुंह जमीन गिर जायेंगे और किसी की हिन्दुओं को अपमानित करने की हिम्मत नहीं होगी।
भगवान शंकर “अभय” की मुद्रा दिखाते हैं, शांति का पाठ पढ़ाते हैं। गुरु नानक के भी हाथ की बात करता है यह “फर्जी गांधी” लेकिन हिंदुओं को हिंसक कहने वाला कभी शंकर जी और नानक की तरह इस्लाम के अल्लाह के “अभय” का हाथ नहीं दिखाता क्योंकि उसे पता है, उनका कोई अभय नहीं है, उनकी तो तलवार की नोक पर सदियों से हिंदुओं का क़त्ल हुआ है या मुसलमान बनाए गए हैं।
कुछ दिन पहले इस “फर्जी गांधी” ने हिंदू धर्म की “शक्तियों” से लड़ने की और उन्हें ख़त्म करने की बात कही थी। और चुनाव से पहले इस “अहिंसा” के पाखंडी पुजारी ने खुली चुनौती देते हुए कहा था कि चुनाव नतीजों में अगर EVM के खेल से नरेंद्र मोदी की सरकार बनती है तो देश को आग लगा देंगे और आज बात कर रहा नालायक “खजैले” की तरह “अहिंसा” की।
अब जानते हैं राहुल गांधी ने सड़क का “खजैला” बनकर पूरे हिंदुओ को “हिंसक” क्यों कहा? दरअसल 2024 के चुनाव में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने देख लिया कि उन्हें जो कुछ जीत मिली चुनाव में, वह केवल मुसलमानों की वजह से मिली और आगे भी वो दल मुसलमानों पर ही दाव लगाएंगे। राहुल ने कल हिंदुओं को गाली देकर उन्हें साफ़ कहा है कि तुम हिंदू लोग दिमाग से पैदल हो जो हमारे सब कुछ मुसलमानों के लिए करने के बाद भी तुम हमें वोट देते हो।
मजे की बात है कि इंडी ठगबंधन के सभी दलों के सभी हिंदू नेताओं में सन्नाटा छा गया, केवल मीसा भारती ने राहुल का समर्थन किया बाकी अन्य किसी दल ने किसी हिंदू नेता की आवाज़ सुनाई नहीं दी। लगता है सब राहुल “मुग़ल” की सेना के मुस्लिम सिपाही बन चुके हैं।
संसद में राजनीति करने वाले अक्सर कहते हैं कि राजनीतिक मतभेद अलग होते हैं लेकिन हम लोगों के आपस में संबंध मधुर होते हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि भाजपा के सभी नेता संसद के दोनों सदनों के विपक्ष के हिंदू नेताओं का “सामाजिक बहिष्कार” करें। किसी को न प्रणाम करें और न किसी के प्रणाम का उत्तर दें। न उनके साथ कैंटीन में चाय पी जाए, न भोजन किया जाए और न ही उन्हें किसी पारिवारिक समारोह में बुलाया जाए। उन्हें साफ कह दिया जाए कि हम आप जैसे “विकृत” मानसिकता के हिंदुओं से कोई संबंध नहीं रखेंगे।
नई संसद शुरू होने से पहले ही मैंने लिख दिया था कि विपक्ष 10 साल से संसद में हंगामा करता रहा है और वह अगले 5 साल भी करता रहेगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में ऐसा लग रहा था कि जैसे लोकसभा पर “खजैले कुत्तों” का कब्ज़ा हो गया हो जो लगातार भौंकते रहे लेकिन मोदी शेर फिर भी दहाड़ता रहा। मोदी के भाषण के दौरान well में पहुँच हुड़दंग करना एक गहरी साज़िश के तहत हुआ था।


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