इतनी हरामखोर न्यायपालिका कैसे हो जाती है कभी कभी हिंदुओं के लिए जबकि वह बहुसंख्यक समुदाय हैं, अगर हिंदू समाज सहनशीलता का त्याग कर दे तो सुप्रीम कोर्ट के साथ वो सब हो सकता है जो आज पाकिस्तान और बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट और वहां के Chief Justices के साथ हो रहा है। चंद्रचूड़ और उनके समेत उनकी बटालियन के सभी 33 जजों को हिंदुओं के प्रति आभार प्रकट करना चाहिए कि वो आप लोगों की मक्कारी सहन कर लेते हैं।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकार के आदेश पर जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस SVN भट्टी ने 22 जुलाई को रोक लगा दी जिसमें केवल यह कहा गया था कांवड़ यात्रा के मार्ग पर ढाबे वाले, रेस्टारेंट और होटल मालिक अपने नाम की पट्टी लगाएंगे। ये किसी समुदाय विशेष के लिए आदेश नहीं थे लेकिन कुछ पाखंडी सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए और मीलॉर्ड का दिमाग चल गया कि मुसलमानों को जबरदस्ती कैसे कर सकते हो नाम लिखने के लिए।
कमाल हो गया, किसी की जाति नहीं पूछ सकते और किसी से नाम लिखने को नहीं कह सकते लेकिन फायदे सबको सारे चाहिए।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
ऐसे मक्कार जजों को आज देखना चाहिए कि पाकिस्तान में क्या हुआ है। वहां के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने “अहमदिया” मुसलमानों के लिए कहा कि अल्पसंख्यक होने के नाते उन्हें भी धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है।
बस इतना फैसला पाकिस्तान के कट्टरपंथियों और पूरे आवाम को पसंद नहीं आ रहा क्योंकि उनकी नज़र में “अहमदिया” तो मुसलमान ही नहीं हैं। आज सुप्रीम कोर्ट में जनता घुस गई और चीफ जस्टिस का “सिर तन से जुदा” करने की मांग होने लगी, एक मौलाना ने तो ऐसा करने वाले को एक करोड़ का इनाम भी घोषित कर दिया।
अब बताओ हमारे मीलॉर्ड, आपको कैसा लगता अगर भारत में 80% हिंदू आपको “अल्पसंख्यकों” के लिए टसुए बहाने के लिए और हिंदुओं का दमन करने के लिए आपके चैंबरों में घुस जाते और “सिर तन से जुदा” करने की कॉल दे देते। ईमानदारी से बताना बेशर्मों, हिंदुओं पर कुठाराघात करके कैसी मौज ले रहे हो, कोई जगह मिल जाए तो डूब के मर जाओ।
बांग्लादेश में देख लो, मोहम्मद यूनुस के शपथ लेने के अगले ही दिन चीफ जस्टिस को त्यागपत्र देने से पहले ही भागना पड़ा क्योंकि उसे शेख हसीना का Loyalist माना गया। ये हैं मुस्लिम कट्टरता जो उनकी कौम में हर जगह मिलेगी। लेकिन आप लोग हिंदुओं का दमन कर रहे हो, उनके इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मान्तरण पर रोक नहीं लगा रहे और Hate Speeches पर केवल हिंदुओं पर ही कार्रवाई करते हो जबकि आग उगलते हैं कट्टर मौलाना और मौलवी जो आये दिन देश के विभाजन की धमकी दे रहे हैं।
मीलॉर्ड याद रखना, आप सलामत हैं और आपकी गद्दी सलामत हैं जब तक हिंदू बहुसंख्यक हैं, और सहनशील है, हिंसक नहीं है, वरना तो आपका हाल भी पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे होने में देर नहीं लगेगी।


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