यही सत्य है कि “खोजी पत्रकार” होने का दावा करने वाले हमारे अधिकतर पत्रकार किसी खोजी पत्रकारिता में या तो तब रुचि नहीं लेते जब पैसा चढ़ाया गया हो और या जब उन्हें किसी तरह का भय होता है। पैसे का खेल तो हमने केजरीवाल के मामलों में खुल कर देख लिया कि किस तरह केजरीवाल मीडिया की फंडिंग करता है बड़े बड़े मीडिया हाउसेस को अपने इशारों पर नृत्य करवाने के लिए। अब बात करते हैं मीडिया के डर की।
आपको याद होगा कभी 2008 में राहुल गांधी की एक गरीब कलावती के साथ मुलाकात की बहुत चर्चा हुई थी लेकिन उसके बाद क्या हुआ ज्यादा पता नहीं चला, हां एक NGO Sulabh International ने राहुल गांधी से मिलने के बाद उसे 25 लाख का चेक दिया था, जाहिर है राहुल के आदेश पर दिया होगा।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
मोदी ने बताया मीडिया को लगेगा जसुबेन भी कोई कलावती है और उसकी तलाश करेगा लेकिन उनकी मृत्यु 2008 में हो चुकी है।
लेकिन हमारे मीडिया के “खोजी पत्रकारों” को चैन कहां था, एक एक करके सारे चैनल अहमदाबाद पहुंच गए खोजने के लिए कि कोई जसुबेन थी भी या मोदी ऐसे ही हवा बाजी कर गए। सबने एक एक करके रिपोर्ट दी, हमने ढूंढा जसुबेन का ठिकाना और कई दिन तक उसका गुणगान हुआ मीडिया चैनल्स में।
लेकिन जब बांग्लादेश के The Blitz के एडिटर Salahuddin Shoaib Chaudhari ने खुलासा किया कि जोनिता विंची राहुल गांधी की पत्नी है, नोहाक विंची (19 वर्ष) बेटा है और मीनिक विंची (15 वर्ष) बेटी है, लेकिन एक भी कथित “खोजी पत्रकार” ने अभी तक खोजने की जरूरत नहीं समझी कि राहुल का परिवार कहां है?
कम से कम सलाहुद्दीन शोएब चौधरी से उसकी जानकारी की source पूछ कर verify करने कोई तो पत्रकार पता लगाने जा सकता था लेकिन किसी में हिम्मत नहीं है क्योंकि लगता है गांधी परिवार का “भय” है कि भेद खोला तो देश भर में FIR दर्ज करा दी जाएगी और मौका मिलते ही उड़ाया भी जा सकता है।
इसी तरह वर्षों से राहुल गांधी विदेश यात्रा पर जाता है लेकिन अपने गंतव्य से कहीं और ही निकल जाता है। किसी कथित “खोजी पत्रकार” ने पीछा करके पता लगाने की कोशिश नहीं की वह कहां जाता है किससे मिलता है, बस जो कुछ routine ख़बरों में आ जाता है, वही पता चलता है। मीडिया चैनलों से ज्यादा तो सूचना आजकल सोशल मीडिया पर आ जाती है और इसलिए मीडिया भी सोशल मीडिया के सामने फेल हो रहा है।
अवलोकन करें : -
जाने कहाँ गए निर्भीक पत्रकार, सभी कहीं लुप्त हो गए या मोटे दामों में बिक जाते हैं? एक विदेशी पत्रकार खबर दे रहा है जो सत्य ही होगी क्योंकि इतना बड़ा जोखिम वह ले नहीं सकता, परंतु हमारे लोग उसकी सत्यता भी पता नहीं कर सकते? वकील लोग कहते हैं कि The Blitz के सलाहुद्दीन की सूचना पर राहुल से कोर्ट में कोई सवाल नहीं किया जा सकता, फिर सत्य कैसे पता चलेगा क्योंकि यदि परिवार की बात सत्य है तो चुनाव आयोग में गलत सूचना देने के आरोप में सांसदी जा सकती है?
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