सुभाष चन्द्र
बांग्लादेश में खुल कर नंगा नाच दिखा कर अमेरिका को अब भारत में आग लगाने की बहुत जल्दी है जबकि वह खुद चुनावों की वजह से संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। भारत में उसके प्रतिनिधि विपक्ष और सरकार में बैठे लोगों से मिल रहे हैं जिन पर भरोसा है मोदी को छोड़ देंगे।
हैदराबाद में अमेरिकी प्रतिनिधि अपनी पार्टी के एकमात्र सांसद ओवैसी के घर जाकर मिली खिचड़ी पकाने के लिए, चंद्रबाबू नायडू पर भी डोरे डाले गए कि किसी तरह वह मोदी का साथ छोड़ दे लेकिन समाचार यह है कि नायडू हिंदुओं के साथ खड़ा हो गया। सुना है चिराग पासवान से भी कोई मिला था और तभी से उसने जातिगत जनगणना का शोर मचाया है। लेकिन अमित शाह को सफाई देने गया था।
मुंह ढक कर एक दर्जन से ज्यादा कथित किसानों को दिल्ली के अमेरिकी दूतावास में बुलाया गया लेकिन भारत के सरकार के जासूसों से छिप नहीं पाए। उसके बाद ही दुम्बा राकेश टिकैत बिखरा था कि दिल्ली में बांग्लादेश बना देंगे।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
उधर जिनपिंग ने मोहम्मद यूनुस को बुला लिया है गोद में बिठाने के लिए और वैसे ही कब्जाने के लिए जैसे पाकिस्तान को कब्जाया हुआ है लेकिन ये दोनों देश नहीं जानते कि जिनपिंग तुम्हारे मुसलमानों की भी वही हालत कर देगा अगर मौका मिला जैसे उसने अपने देश में उइगर मुसलमानों की कर रखी है। मोहम्मद यूनुस ने अंसार उल इस्लाम के आतंकी छोड़ दिए हैं और जमात-ए-इस्लामी से बैन हटा दिया है। अमेरिका का मकसद है एक तरफ से पाकिस्तान भारत पर हमला करे तो दूसरी तरफ से बांग्लादेश करे और चीन दोनों को सहलायेगा।
भारत में गड़बड़ी कराने के लिए अमेरिका/पाकिस्तान/राहुल गांधी के लिए मुस्लिम सबसे बड़ा हथियार हैं और इसलिए ही मुस्लिमों की तरफ से रोज कहीं न कहीं बलवा किया जा रहा है, कभी जयपुर में, कभी उदयपुर में, कभी भीलवाड़ा में और कभी नाशिक में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में निकाले गए जुलुस पर मुसलमानों ने पथराव कर दिया। इतना ही नहीं परसों ओवैसी के शहर हैदराबाद में उसकी पार्टी के लोगों ने 6 मंदिरों को में तोड़फोड़ कर मूर्तियां तोड़ दी और देश भर में ट्रेन दुर्घटनाएं कराने के लिए पाकिस्तान में बैठा आतंकी निर्देश दे रहा है।
उधर SC/ST/OBC समुदायों को भड़काने में लगा है राहुल गांधी लेकिन पूरा इंडी गठबंधन कोलकाता रेप/हत्या पर ममता के साथ है।
अमेरिका में Democrats का कोई भी राष्ट्रपति हो, वह भारत को आगे बढ़ता नहीं देख सकता लेकिन भारत बढ़ता रहेगा। अमेरिका भारत के जिन मुसलमानों पर दाव लगा रहा है, उसे अपने देश में वक्फ बोर्ड बनाने की हिम्मत करनी चाहिए। ब्रिटेन ने मुसलमानों को खुश करने के लिए भारत को तोडा था लेकिन आज खुद ब्रिटेन को कई टुकड़ों में बांटने के लिए तैयार हैं मुस्लिम। यही हाल एक दिन अमेरिका का होना है। अमेरिका को यह भी याद रखना चाहिए कि चीन भी उसके यहां चुनाव के समय बांग्लादेश करने के चक्कर में है। आग भारत में लगाने की कोशिश कर रहा है अमेरिका, कही यह आग उसके घर में न लग जाये।

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