CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने जमानत न देने के लिए लोअर कोर्ट के जजों पर जिस तरह भड़ांस निकाली है उस पर प्रतिक्रिया न दी जाए तो यह उचित नहीं होगा। चंद्रचूड़ जी की कुछ बातें बता रही हैं कि वे राजनीति में दखल देने के पूरे मूड में हैं।
चंद्रचूड़ दोष दे रहे हैं लोअर कोर्ट के जजों को कि वे जमानत देने के मामले में रक्षात्मत रहते हैं कि कहीं उनके निर्णय को शक की दृष्टि से न देखा जाए और जिन मामलों में लोअर कोर्ट या हाई कोर्ट से जमानत मिलनी चाहिए, उन्हें नहीं मिलती और फिर उन लोगों को सुप्रीम कोर्ट आना पड़ता है, यह देरी उन लोगों की समस्या और बढ़ा देती है जो मनमाने तरीके से गिरफ्तारियों का सामना कर रहे हैं।
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| लेखक चर्चित YouTuber |
मीलॉर्ड, अगर कोई व्यक्ति मनमाने तरीके से गिरफ़्तारी झेल रहा है और उसे लोअर कोर्ट या हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिलती तो कोई छोटा मोटा आदमी तो आपकी चौखट पर जाने की हिम्मत ही नहीं कर सकता क्योंकि वह कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वकीलों का पेट नहीं भर सकता। जाहिर है आप मनमाने तरीके से गिरफ़्तारी की बात केजरीवाल जैसे धुरंधर की कर रहे हैं जिस पर आपकी कोर्ट पूरी तरह मेहरबान है। आप साफ़ साफ़ कह रहे हैं कि ED/CBI अधिकारी विपक्षी दलों के लोगों को मनमाने तरीके से गिरफ्तार कर रहे हैं क्योंकि न्याय मिलने में देरी होती है लेकिन आप यह नहीं कह रहे कि विपक्ष के नेताओं समेत अन्य लोग भी कुकर्म इसलिए करते हैं कि फैसला होने में जितनी देर लगेगी, उतने दिन तो मौज कर लें।
लोअर कोर्ट के जजों के फैसले शक की दृष्टि से तब देखे जाते हैं जब न्याय बिंदु जैसे जज बिना कागज पढ़े केजरीवाल को जमानत दे दे। सत्य तो यह है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों पर भी शक तब होता है।
जब आप तकनीकि आधार पर देश के साथ गद्दारी के आरोपी News Click के प्रवीर पुरकायस्था को छोड़ते हो;
जब सजायाफ्ता लालू यादव को 11 साल से जमानत और उसकी रहते हो और उसकी किसी अपील पर हाई कोर्ट सुनवाई नहीं करता;
आपने निर्णय दिया था कि राजनेताओं पर Criminal cases 1 साल में ख़त्म हो जाएं, लेकिन हेराल्ड का केस 12 साल से लटक रहा है;
जब आप हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट करने वालों को नेक दिल इंसान मान लेते हैं;
जब आप रोहिंग्याओं को निकाले जाने वाले केस पर 7 साल से सो रहे हैं;
और जब आप 59 कारसेवकों को गोधरा में जिंदा जलाने वालों को भी जमानत पर छोड़ देते है केवल इसलिए कि वो 17 साल जेल में रह चुके है।
मीलॉर्ड, बस एक डाटा निकाल लीजिए कि लोअर कोर्ट में Criminal Cases में कितनों में सजा को High Court और Supreme Court में नहीं पलटा गया। आप तो नया फरमान सुनाते हैं कि Every Sinner Has A Future और बच्चियों के बलात्कारी और हत्यारे की फांसी रोक कर आजीवन कारावास दे देते है तो फिर क्यों न शक करें आपकी निर्णय क्षमता पर और नीयत पर।


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