दिल्ली की घोटालेबाज सरकार को हाई कोर्ट ने “दिवालिया” कह दिया; कुकर्म केजरीवाल ने किया, भुगतना पड़ा आतिशी मारलेना को

सुभाष चन्द्र

भाजपा के दिल्ली से 7 सांसदों ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करके मांग की थी कि दिल्ली सरकार को निर्देश दिए जाएं कि वह PM-JAY (आयुष्मान भारत योजना) को लागू करे जो अभी तक नहीं की है। 

इसे बीजेपी और सारी मीडिया का दिवालियापन कहा जाए या दलाली कि राहुल गाँधी और अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ इतने खुलासे होने के बावजूद कोई इन मुद्दों को नहीं उठा रहा, क्यों? जिसको देखो शीश महल की माला जपने में लगा है। यही वजह है कि राहुल और केजरीवाल अपना खेल  बीजेपी को मात देने में लगे हैं।   

दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार गेडेला ने दिल्ली सरकार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि “यह अजीब बात है कि दिल्ली सरकार के पास स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई पैसा नहीं है, फिर भी केंद्र से मिलने वाली मदद लेने से मना कर रही है” अदालत ने कहा:- 

“You are virtually bankrupt .. Your Health Minister and Health Secretary are not talking to each other. In that sort of mess, you are not accepting Central aid” 

लेखक 
चर्चित YouTuber 
Chief Justice manmohan ने कहा:

“You may have a difference of opinion, but in that case you are refusing aid, you have no money actually, (and) are refusing Rs 5 Lakh (health insurance) for the citizens. I am shocked...

केजरीवाल ने CM रहते हुए 2021 में आयुष्मान भारत योजना को लागू करना स्वीकार किया था लेकिन बाद में लागू करने से मना कर दिया केजरीवाल की निर्लज्जता की पराकाष्ठा देखिए कि हाई कोर्ट से इतने सख्त शब्द सुनने के बाद भी कह रहा है कि “ये कार्यक्रम एक बड़ा scam है और दिल्ली में PM-JAY लागू करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि “आप” सरकार एक करोड़ रुपए तक का मुफ्त इलाज हर दिल्लीवासी को दे रही है शायद वह इलाज “मोहल्ला क्लीनिक” में हो रहा है जहां जानवर मौज मस्ती करते हैं

मतलब साफ़ है कि अगर दिल्ली हाई कोर्ट ने योजना लागू करने के निर्देश दे भी दिए तो उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चला जाएगा

एक करोड़ के इलाज की बात फिर दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट में क्यों नहीं कही जब जज साहब दिल्ली सरकार को “दिवालिया” कह रहे थे दिल्ली सरकार ने 70 वर्ष से ज्यादा उम्र के नागरिकों के लिए हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 5 लाख फ्री इलाज की योजना भी लागू नहीं की है

दिल्ली वालों के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता उनके लिए भाजपा लड़ रही है 5 लाख का मुफ्त इलाज दिलाने के लिए लेकिन उनका कुछ भरोसा नहीं 200 यूनिट फ्री बिजली और फ्री पानी के लिए केजरीवाल को ही वोट दे दें

दिल्ली में घोटाले होते रहेंगे तो लोगों को इलाज़ की क्या जरूरत है?

यह योजना दिल्ली के अलावा ओडिशा, तेलंगाना और बंगाल ने भी लागू नहीं की है ओडिशा ने इस वर्ष के अंत तक लागू करने की घोषणा कर दी है लेकिन ममता सरकार का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है सितंबर, 2020 में ममता सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके बताया था कि वह ये योजना क्यों नहीं लागू कर रही लेकिन आज 4 साल बाद भी मामले का कुछ अता पता नहीं है अलबत्ता केजरीवाल के केस रोज रोज सुने जाते रहे हैं ममता का कहना है उसके राज्य में “स्वास्थ्य साथी” योजना चल रही है जो आयुष्मान भारत से बेहतर है लेकिन सुप्रीम कोर्ट को फैसला तो देना चाहिए तेलंगाना के बारे में कुछ जानकारी नहीं है जबकि नोटिस उसे भी जारी हुआ था सुप्रीम कोर्ट से

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