ईसाई समाज की घटिया सोच, जो वक़्फ़ बोर्ड उन्हें उजाड़ रहा है, उसी के साथ खड़े हो गए; ईसाई-मुस्लिम गठजोड़ देश को हिंदुओं को निशाने पर रखता है

सुभाष चन्द्र

आज अख़बार में एक खबर छपी है जिसमें लिखा है- “विपक्ष के ईसाई सांसदों ने कहा, वक़्फ़ पर मुसलमानों के साथ रहें”

भारत में कैथोलिक ईसाईयों की सर्वोच्च संस्था “कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ़ इंडिया” (सीबीसीआई) ने 3 दिसंबर को ईसाई सांसदों की बैठक बुलाई थी जिसमे करीब 20 ईसाई सांसदों ने भाग लिया और वे सभी विपक्षी दलों के थे। सीबीसीआई की बैठक में ईसाई सांसदों ने कहा कि ईसाई समुदाय को वक़्फ़ विधेयक पर सैद्धांतिक रूप से अपना रुख अपनाना चाहिए क्योंकि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों को प्रभावित करता है

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इस बैठक में वक़्फ़ संशोधन बिल का विरोध तो करने का फैसला लिया ही गया, साथ में ईसाईयों की सुरक्षा में सांसदों की भूमिका, अल्पसंख्यकों विशेष रूप से ईसाईयों के खिलाफ बढ़ते हमले और ईसाई संस्थानों को निशाना बनाने के लिए FCRA का दुरूपयोग भी बैठक के एजेंडे में था

ईसाईयों पर कथित हमलों की बात सस्ती लोकप्रियता के लिए एक नारा बन चुका है भला ईसाईयों पर कौन हमले करता है जबकि उनका बिशाब George Ponnaiah तो खुलेआम भारत माता और हिंदुओं को गाली बक गया था राहुल के सामने ईसाईयों को लोग रोकते हैं जब उन्हें हिंदुओं को प्रलोभन देकर ईसाई बनाते हुए रंगे हाथ पकड़ते हैं 150 से ज्यादा ईसाई मुल्क हैं आपके फिर हिंदुओं को ईसाई बनाने का ढोंग क्यों करते हो 

एक बात गौर करने वाली है कि देश में ईसाई और मुस्लिम दोनों अपना अपना धर्मान्तरण का धंधा चला रहे हैं गरीब हिंदुओं को प्रलोभन देकर ईसाई बना रही हैं ईसाई मिशनरी और मुस्लिम लव जिहाद और अन्य तरीकों से यह काम कर रहे हैं लेकिन कभी आपने मुस्लिमों को ईसाईयों को मुस्लिम बनाते नहीं देखा होगा और कथित तौर पर “गरीब मुसलमानों” को ईसाई मिशनरी ईसाई बनाती नहीं मिलेंगी दोनों का निशाना बस हिंदू समाज है जिस FCRA की बात CBCI कर रही है, उसके जरिए ही विदेशों से धर्मान्तरण करने के लिए फंड आता है और ऐसे NGOs को सरकार बंद कर रही है

ये ईसाई सांसद वक़्फ़ पर मुसलमानों का साथ देने की बात करने से पहले भूल गए कि एर्नाकुलम के मुनामबम में ईसाईयों की 400 एकड़ भूमि पर वक्ब बोर्ड ने दावा ठोक दिया है वह जमीन 600 लोगों की हैं जसमें अधिकांश ईसाई हैं इसके खिलाफ Syro-Malabar चर्च ने पिछले महीने 10 नवंबर को पूरे केरल की 1000 चर्चों के साथ एकजुटता मार्च किया था ऐसा कहते हैं All Kerela Catholic Congress ने इसका नेतृत्व किया था और यह संस्था चर्च की आधिकारिक संस्था है 

लेकिन मैंने यह भी पढ़ा है कि कुछ Syro-Malabar Christians and Catholics आपस में एक दूसरे के विरोधी हैं लेकिन CBCI और ईसाई सांसद क्या तब ही वक़्फ़ संशोधन बिल का समर्थन करेंगे  जब वक़्फ़ बोर्ड कैथोलिक और अन्य सभी ईसाईयों की सम्पत्तियाँ हड़प लेगा

अल्पसंख्यकों के नाम पर कैथोलिक संस्था और ईसाई सांसदों का वक़्फ़ संशोधन बिल पर मुसलमानों के साथ खड़े होने का दुष्परिणाम एक दिन उन्हें भी भुगतना पड़ेगा वक़्फ़ बोर्ड तो एक भू-माफिया गुंडों की संस्था है जिसे भंग कर सबसे बढ़िया काम चंद्रबाबू नायडू ने किया है, जो हर राज्य में होना चाहिए 

कुछ मुस्लिम scholars भी वक़्फ़ बोर्ड के विरोध में आवाज़ उठा रहे हैं, एक ने तो यहां तक कहा कि वक़्फ़ बोर्ड की देश भर में सभी संपत्ति सरकार के संपत्ति घोषित कर दी जानी चाहिए क्योंकि वक़्फ़ बोर्ड मुसलमानों के भी हितों को पूरा नहीं कर रहा है

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