जितेंदर सिंह शंटी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए थे। 2008 में वो झिलमिल से भाजपा के पार्षद चुने गए थे और 2013 में पहली बार शाहदरा से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे।
उनका समय लावारिश शवों के दाह संस्कार में लगता था और करोना काल में जब परिवार के लोग भी अपनों के शवों का संस्कार करने से दूर रहते थे, तब शंटी उनका दायित्व निभाते थे। उस काल में अनेक लावारिश शव भी आते थे जिनका क्रियाकर्म शंटी करते थे। उस समय में वो 21 दिन तक अपने घर भी नहीं गए थे।
10 अप्रैल, 2024 को शंटी ने X पर एक वाकया पोस्ट किया जिसमें उन्होंने बताया कि करोना के समय में जब वो मध्यरात्रि में एक शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे, तब उन्हें रात के 2.30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ़ोन आया, जो शंटी ने लिखा, उनके लिए Moral Booster था। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें कहा -
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“मैं आपको टेलेविज़न पर देख रहा हूं, आप लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करके बहुत नेक काम कर रहे हैं, पूरा देश आपके साथ है, आप दृढ़ संकल्प के साथ अपना कार्य करते रहे”।
शंटी ने लिखा “This episode served as a huge moral booster for him as his work was being acknowledged and appreciated by the country’s top leader.
I, then realised, how keenly PM Modi watched every incident and how he had an eye for every detail. It was also a great learning experience for me that the person should always stay rooted and grounded despite all the power and might at his command”.
उसके बाद शंटी की निस्वार्थ सेवाओं के लिए 2021 में मोदी सरकार ने उन्हें “पद्मश्री” से सम्मानित किया।
लेकिन मोदी द्वारा दिए गए सम्मान का जितेंदर सिंह शंटी ने क्या सिला दिया, यह अत्यंत दुखद है क्योंकि वह शंटी आज केजरीवाल के चरणों में जाकर बैठ गया जो रात दिन मोदी का अपमान करता है, उन्हें “अनपढ़ और चौथी पास राजा” कहता है। जो केजरीवाल और उसका पूरा गिरोह भ्रष्टाचार की दलदल में धंसा हुआ है, आज मोदी को छोड़ कर शंटी ने उसे अपना आदर्श बना लिया। मोदी के मुकाबले शंटी के केजरीवाल को कितना जमीन से जुड़ा नेता समझ लिया।
इससे ज्यादा चरित्र का पतन नहीं हो सकता। शंटी जी, आपके द्वारा किए गए नेक कार्यों के लिए मैं फिर भी कहता हूं, आप जहां रहे खुश रहें। लेकिन लानत है आप पर, मोदी को दुख देने वाला ज्यादा दिन खुश नहीं रहता, इतना याद रख लेना।


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