INDI गठबंधन राहुल गाँधी को ढोने के लिए साथी नहीं तैयार, ममता बनर्जी बनना चाहती हैं ‘लीडर’; कांग्रेस को दिखाई जा रही उसकी औकात

                                                                  INDIगठबंधन में गहराती दरार 
महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में INDI गठबंधन की करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस गठबंधन को संभालने की अपनी पुरानी इच्छा फिर से दोहराई है। उन्होंने कहा कि वह INDI गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। हालाँकि, ममता बनर्जी के बयान का कांग्रेस ने विरोध किया है, जबकि समाजवादी पार्टी और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने इसका समर्थन किया है।

साझे की हांड़ी चौराहे के बीच फूट रही है। सत्ता के गलियारों में यह चर्चा बहुत गर्म है कि गठबंधन में शामिल लगभग सभी पार्टियां राहुल गाँधी को ज्यादा ढोने को तैयार नहीं। "खटाखट" के जुमले से 99 सीट लेकर उछलने वाले राहुल गठबंधन ही नहीं कांग्रेस को भी डुबो रहे हैं। अगर गठबंधन नहीं होता और "खटाखट" जुमला नहीं होता कांग्रेस को 30-35 सीट भी मुश्किल से आती। इस कड़वी सच्चाई राहुल ही नहीं पूरी कांग्रेस को समझना होगा।  उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ ने ऐसे ही नहीं कहा था कि 'जितने जल्दी हो राहुल बाबा को अध्यक्ष बनाइए', जहाँ राहुल और प्रियंका रैली करते हैं गठबंधन को नुकसान ही हुआ है। राहुल गठबंधन के नेता नहीं। हर पार्टी गठबंधन से दूरी बना रहे हैं। यानि INDI गठबंधन राहुल गाँधी को ढोने के लिए साथी नहीं तैयार। दूसरे, अर्थों में कहा जाए गठबंधन में शामिल हर पार्टी कांग्रेस को उसकी औकात दिखा रही है। कांग्रेस खासकर गाँधी परिवार से अन्य पार्टियों को बहुत नुकसान हो रहा है। कांग्रेस तो डूब ही रही है अपने साथ दूसरी पार्टियों को भी डुबो रही है। 

राहुल के पास अडानी और अम्बानी के अलावा कोई और मुद्दा ही नहीं रहा, गाज़ा नज़र आता है बांग्लादेश में हिन्दुओं की हो रही हत्याओं पर चुप्पी, क्यों? हरियाणा और महाराष्ट्र में 182 मुस्लिम कट्टरपंथी संगठनों के आगे घुटने टेकना पूरे गठबंधन को खा गया। गालियां EVM को क्यों? क्या जनता को कांग्रेस पागल समझती है? 182 जेहादी संगठनों के आगे घुटने टेकने से हिन्दू भी सचेत हो गया और गठबंधन के विरुद्ध चला गया।                   

एक इंटरव्यू में तृणमूल कांग्रेस(TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने ने ही INDI गठबंधन को बनाया है। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर इस गठबंधन का इसका नेतृत्व करने वाले इसे ठीक से नहीं चला सकते तो उन्हें (ममता को) मौका दें। ममता ने कहा कि वह बंगाल से इस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। बता दें कि गठबंधन का नेतृत्व फिलहाल कांग्रेस कर रही है।

ममता बनर्जी के बयान के बाद विपक्षी गठबंधन में एक फिर से विवाद खड़ा हो गया है। इसके साथ ही ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री बनने की महत्वकांक्षा फिर से जाहिर हो गई है। ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए शिवसेना (UBT) के संजय राउत ने कहा, “हम भी चाहते हैं कि वे विपक्षी INDIA गठबंधन की प्रमुख भागीदार बनें। चाहे वह ममता बनर्जी हों, अरविंद केजरीवाल हों या शिवसेना, हम सभी एक साथ हैं। हम जल्द ही कोलकाता में ममता बनर्जी से बात करने जाएँगे।”

वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता उदयवीर सिंह ने भी ममता बनर्जी के बयान का समर्थन किया। उन्होंने शनिवार (7 दिसंबर 2024) को कहा, “इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से सपा ने 37 सीटें जीतीं। पश्चिम बंगाल में TMC ने 42 सीटों में से 29 सीटें जीतीं। भाजपा को इन दोनों राज्यों में 35 सीटों का नुकसान हुआ। सभी दल सहमत हों तो सपा ममता बनर्जी का समर्थन करेगी।”

उधर, लेफ्ट ने कांग्रेस पर निशाना साधा। वामपंथी नेता डी राजा ने कहा, “कांग्रेस को आत्मचिंतन करने की जरूरत है। हालात I.N.D.I. ब्लॉक की मीटिंग की माँग करते हैं। कांग्रेस ने हरियाणा और महाराष्ट्र चुनावों में गठबंधन के सहयोगियों को समायोजित नहीं किया। अगर कांग्रेस ने I.N.D.I. ब्लॉक के सहयोगियों की बात सुनी होती तो लोकसभा और हरियाणा-महाराष्ट्र चुनाव नतीजे अलग होते।”

ममता बनर्जी के बयान पर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “ममता जी बड़ी नेता हैं, लेकिन राहुल गाँधी के अलावा देश में कोई भी I.N.D.I. गठबंधन का नेतृत्व करने की स्थिति में नहीं है।” वहीं, कांग्रेस की सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि ममता बनर्जी को ऐसा लगता होगा, लेकिन कांग्रेस को ऐसा नहीं लगता है। कांग्रेस के लोग अपनी पार्टी के हिसाब से चलते हैं।

उधर, लालू यादव की पार्टी RJD ने I.N.D.I. गठबंधन को ममता बनर्जी द्वारा बनाए जाने को खारिज कर दिया। RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “बीजेपी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के असली आर्किटेक्ट लालू प्रसाद यादव हैं। उनकी पहल पर पटना में गठबंधन की पहली बैठक हुई थी। इसमें ममता बनर्जी भी शामिल हुई थीं। सभी अपने-अपने राज्यों में बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।”

I.N.D.I. गठबंधन में उठ रहे विरोध के स्वर पर भाजपा ने हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है। वे अब भी राहुल गाँधी को राजनीति का कच्चा खिलाड़ी समझते हैं। भाजपा ने कहा कि विपक्ष में कई लोग ऐसे हैं, जो राहुल गाँधी को राजनीतिक तौर पर विफल मानते हैं।

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “इंडी एलायंस में खानदान अनेक औऱ ख्वाहिश एक है। हर इंसान की अपनी ख्वाहिश है। वे गठबंधन के ही मुखिय़ा बनना चाहते है, क्योंकि उनको पता है कि सरकार में तो कभी आने वाले है नहीं हैं।” जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार की बुनियाद पर जेल से रहकर सरकार चलाने वाले घटक दलों के बीच असहमति है।

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