आखिर ऐसे दुराचारियों और कपटियों को जनता क्यों वोट देती है? या फिर ऐसे लोगों को वोट देने ही दुराचारी और कपटी हैं? केंद्र को ऐसे कपटियों से निपटने का रास्ता निकालना चाहिए। ऐसे नेता समाजसेवा के नाम पर कलंक है।
पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई की तरफ से 24 घंटे में मारने की धमकी देने वाले रामबाबू राय ने बिहार पुलिस से सामने खुलासा किया है कि उसे वह धमकी देने के लिए पप्पू यादव के ही किसी करीबी ने 2 लाख रुपए और राजनीतिक पद देने का भरोसा दिया था। इस धमकी के पीछे उद्देश्य था कि पप्पू यादव को Z श्रेणी की सुरक्षा मिल सके।
पुलिस को रामबाबू राय के पास 2 वीडियो मिले, एक जारी हो गया और दूसरा कुछ दिन बाद होना था। उसे 2000 रुपए की अग्रिम राशि भी दी गई थी।
अब पप्पू यादव कह रहा है कि “हिम्मत है तो सरकार CBI जांच करा ले और अगर उस पर लगे आरोप सिद्ध हुए तो वह त्यागपत्र दे देंगे। मुझे लगातार जेल से भी मारने की धमकी मिल रही हैं, मेरा चरित्र कभी सुरक्षा लेने का नहीं रहा, मैं बिना सुरक्षा महाराष्ट्र गया और दिल्ली में मेरी कोई सुरक्षा नहीं है”। सच्चाई यह है कि पप्पू यादव को वर्तमान में Y श्रेणी की सुरक्षा मिल रही है।
पप्पू यादव ने 24 अक्टूबर, 2024 को जब बिश्नोई की तरफ से धमकी मिली थी, तब अपने लिए Z श्रेणी की सुरक्षा की मांग की थी और यह TV channels पर इंटरव्यू में की थी। 
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उसने कहा था कि सरकार की जिम्मेदारी है मुझे सुरक्षा देने की। यह कथित धमकी पप्पू यादव को तब मिली थी जब उसने कहा था कि उसे यदि कानून इज़ाज़त दे तो वह 24 घंटे में दो टके के बिश्नोई और उसके गिरोह को ख़त्म कर सकता है।
अब सवाल यह उठता है कि सरकार से सुरक्षा मांगने का क्या अधिकार है पप्पू यादव को। क्या बिश्नोई और उसके गिरोह को ख़त्म करने की धमकी उसने सरकार से पूछ कर दी थी, शायद नहीं, तो फिर आपकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार पर कैसे हुई।
पप्पू यादव को पता था कि लॉरेंस बिश्नोई पर किस तरह के आरोप है, सलमान खान उसके निशाने पर है और कई अन्य को भी उसकी तरफ से “प्रसाद वितरण” का निमंत्रण दिया जा चुका है। फिर ऐसे व्यक्ति से उलझने का क्या मतलब था?
सरकार बिश्नोई को अपने तरीके से निपटेगी और तुमने कानून की इज़ाज़त क्यों मांगी बिश्नोई को ख़त्म करने की जबकि बिश्नोई भी बिना किसी कानून के लोगों को शिकार बनाता है। क्या कोई अदालत या उसका कानून आपको अनुमति दे सकता है कि आप बिश्नोई को टपका दो।
अब CBI जांच की मांग कर रहे हैं जाने माने बाहुबली पप्पू यादव। यानी खेल तुमने खेला जैसा रामबाबू राय ने आरोप लगाया और CBI/RAW/IB की जांच चाहिए वह भी हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में।
इस जांच पर जो पैसा खर्च होगा, वो कौन देगा? सरकार हर किसी को मिलने वाली धमकी पर जांच ही कराती रहेगी जबकि उस व्यक्ति की लापरवाही उन धमकियों के लिए जिम्मेदार है। इतना ही नहीं कंगना रनौत को दी गई सुरक्षा पर सवाल उठाकर पप्पू यादव अपनी सुरक्षा की मांग को और पुख्ता कर रहा है।
सरकार को अब सभी नेताओं की सुरक्षा पर पुनर्विचार करना चाहिए। बहुत हैं ऐसे नेता जो राजनीति में गंदा खेल खेलते है और सरकार से सुरक्षा कवच में रहते हैं। राहुल गांधी अपनी सुरक्षा को दरकिनार करके घूमता फिरता है और कल को कोई हादसा हो गया तो दोष मोदी पर लगा दिया जायेगा।
जब बार बार पप्पू यादव कह रहा है कि उसे कोई सुरक्षा नहीं चाहिए तो सरकार को उसकी सुरक्षा वापस ले लेनी चाहिए वह भी फर्जी धमकियों को ध्यान में रख कर। आजकल हर धमकी का बिल बिश्नोई के सिर पर फोड़ा जा रहा है।

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